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CGPSC HACKS

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Kanalga Telegram’da o‘tish

📈 Telegram kanali CGPSC HACKS analitikasi

CGPSC HACKS (@cgpschacks) Hind til segmentidagi kanali faol ishtirokchi. Hozirda hamjamiyat 11 424 obunachidan iborat bo'lib, Taʼlim toifasida 17 441-o'rinni va Hindiston mintaqasida 35 237-o'rinni egallagan.

📊 Auditoriya ko‘rsatkichlari va dinamika

невідомо sanasidan buyon loyiha tez o‘sib, 11 424 obunachiga ega bo‘ldi.

11 Iyul, 2026 dagi oxirgi ma’lumotlarga ko‘ra kanal barqaror faollikka ega. Oxirgi 30 kunda obunachilar soni 92 ga, so‘nggi 24 soatda esa 3 ga o‘zgardi va umumiy qamrov yuqori darajada qolmoqda.

  • Tasdiqlash holati: Tasdiqlanmagan
  • Jalb etish (ER): Auditoriya o‘rtacha 41.48% darajada jalb etiladi. Nashrdan keyingi dastlabki 24 soatda kontent odatda umumiy obunachilar sonining 17.99% ini tashkil etuvchi reaksiyalarni to‘playdi.
  • Post qamrovi: Har bir post o‘rtacha 4 739 marta ko‘riladi; birinchi sutkada odatda 2 055 ta ko‘rish yig‘iladi.
  • Reaksiyalar va o‘zaro ta’sir: Auditoriya faol: har bir postga o‘rtacha 13 ta reaksiya keladi.
  • Tematik yo‘nalishlar: Kontent भारत, 2026, जनवरी, रायपुर, संविधान kabi asosiy mavzularga jamlangan.

📝 Tavsif va kontent siyosati

Muallif resursni shaxsiy fikrni ifoda etish maydoni sifatida ta’riflaydi:
@Shekhar_Cgpsc YouTube Link - https://www.youtube.com/@CGPSC-OFFICIAL

Yuqori yangilanish chastotasi (oxirgi ma’lumot 12 Iyul, 2026 da olingan) sababli kanal doimo dolzarb va katta qamrovli bo‘lib qoladi. Analitika auditoriya kontent bilan faol hamkorlik qilishini, uni Taʼlim toifasidagi muhim ta’sir nuqtasiga aylantirishini ko‘rsatadi.

11 424
Obunachilar
+324 soatlar
+497 kunlar
+9230 kunlar
Postlar arxiv
5_6240148423761207165.pdf

cgpsc_current_affairs_12_july_2026.pdf

All the best Guys! Keep faith in your hard work..!
All the best Guys! Keep faith in your hard work..!

cgpsc_current_affairs_v2.pdf

मुख्य परीक्षा देकर बाहर निकलने के बाद अक्सर सुनने को मिलता है-
"बिना पढ़े भी आते, तो इतना ही लिख लेते" लेकिन आज के CGPSC pre ,Mainsका पैटर्न अब वैसा नहीं रहा। केवल वही निकलेगा जो साल भर पढ़ेगा। अब प्रश्न केवल सामान्य जानकारी नहीं पूछते, बल्कि समझ, विश्लेषण, समसामयिक घटनाओं की पकड़ और उत्तर लेखन की गुणवत्ता की परीक्षा लेते हैं। जो अभ्यर्थी पूरे साल लगातार पढ़ते हैं, नोट्स बनाते हैं, करंट अफेयर्स से जुड़े रहते हैं और उत्तर लेखन का अभ्यास करते हैं, वही परीक्षा हॉल में अंतर पैदा करते हैं। परीक्षा के बाद सबको अपना पेपर अच्छा या सामान्य लग सकता है, लेकिन असली अंतर मूल्यांकन में दिखता है। इसलिए किसी की परीक्षा के बाद की राय से अपनी तैयारी का मूल्यांकन मत कीजिए। CGPSC Mains अब निरंतर और गंभीर तैयारी करने वालों की परीक्षा बन चुकी है।

पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के मरणोपरांत सम्मान में राज्य सरकार के निर्णय 📌 'पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई राज्य सम्मान' की स्थापना
पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के मरणोपरांत सम्मान में राज्य सरकार के निर्णय
📌 'पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई राज्य सम्मान' की स्थापना की जाएगी, जिसके माध्यम से लोक कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। 📌 गनियारी (जिला दुर्ग), जो डॉ. तीजन बाई का जन्मस्थान है, को 'कलाग्राम' के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति एवं पंडवानी कला का संरक्षण और संवर्धन हो सके।

छत्तीसगढ़ समसामियिकी
छत्तीसगढ़ समसामियिकी

current_affairs_cgpcs_hacks_v2.pdf

1. गठन के मूल उद्देश्य का उल्लंघन (Deviation from the Core Objective) UPSC का उद्देश्य: पूरे देश की विविधता, राष्ट्रीय नीतियों और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को संभालने वाले अधिकारियों का चयन करना है। इसलिए वहां वर्ल्ड हिस्ट्री या ग्लोबल इकोनॉमी प्रासंगिक है। State PSC का उद्देश्य: राज्य के सुदूर इलाकों (जैसे बस्तर या सरगुजा) में काम करने वाले अधिकारियों को चुनना है। एक डिप्टी कलेक्टर या डीएसपी को अपने सेवाकाल में वर्ल्ड हिस्ट्री से ज्यादा इस बात की जरूरत होती है कि उसे स्थानीय बोलियां (हल्बी, गोंडी, छत्तीसगढ़ी), स्थानीय भू-राजस्व कानून (Land Revenue Laws) और जनजातीय परंपराओं की गहरी समझ हो। 2. स्थानीय युवाओं को नुकसान (Disadvantage to Local Aspirants) वर्तमान सिलेबस में 70-80% छत्तीसगढ़ का होना ही यहां के मूल निवासी छात्रों को एक 'सुरक्षित कवच' (Edge) देता है। अगर छत्तीसगढ़ का वेटेज कम करके पूरी तरह UPSC पैटर्न (वर्ल्ड हिस्ट्री, वर्ल्ड ज्योग्राफी आदि) कर दिया गया, तो दिल्ली, इलाहाबाद या अन्य बड़े राज्यों में रहकर UPSC की तैयारी करने वाले बाहरी राज्यों के छात्र आसानी से CGPSC की सीटें ले जाएंगे। इससे राज्य के युवाओं के रोजगार के अवसर कम होंगे। 3. आर्थिक रूप से पिछड़े और जनजातीय छात्रों पर मार (Economic & Social Barrier) छत्तीसगढ़ एक जनजातीय बहुल (Tribal Dominated) और विकासशील राज्य है, जहां के ग्रामीण और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बच्चे महंगे कोचिंग और संसाधनों को अफोर्ड नहीं कर सकते। UPSC स्तर का सिलेबस होने पर कोचिंग्स की फीस अचानक आसमान छूने लगेगी।दिल्ली जैसे बड़े कोचिंग हब का एकाधिकार (Monopoly) हो जाएगा, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय छात्र इस रेस से बाहर हो जाएंगे। 4. राज्य में 'UPSC स्तर' के बुनियादी ढांचे की कमी (Lack of Guidance & Resources) जैसा कि आपने सही कहा, छत्तीसगढ़ में अभी भी उस स्तर के विशेषज्ञ शिक्षक, मानक पुस्तकें (Standard Books) और अध्ययन सामग्री (Study Material) हिंदी या छत्तीसगढ़ी माध्यम में आसानी से उपलब्ध नहीं हैं, जो यूपीएससी स्तर की तैयारी के लिए जरूरी हैं। ऐसे में अचानक बदलाव करने से राज्य के भीतर एक "रिसोर्स गैप" (संसाधनों की कमी) पैदा हो जाएगा। 5. पुराने छात्रों के साथ अन्याय (Loss to Senior Aspirants) जो छात्र पिछले 3-4 साल से वर्तमान सिलेबस के अनुसार दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, सिलेबस में आमूल-चूल (बड़ा) बदलाव करने से उनकी पूरी मेहनत एक झटके में बेकार हो जाएगी। नए विषयों (जैसे वर्ल्ड हिस्ट्री) को शून्य से शुरू करना उनके मानसिक स्वास्थ्य और उम्र (Age Limit) दोनों के लिहाज से एक बड़ा झटका होगा। 6. प्रशासनिक संवेदनशीलता का अभाव (Lack of Administrative Empathy) छत्तीसगढ़ की 30% से अधिक आबादी जनजातीय है। यदि छत्तीसगढ़ का वेटेज कम कर दिया गया, तो ऐसे अधिकारी चुनकर आ सकते हैं जिन्हें यहां के तीज-त्योहार, परंपराएं, पेसा कानून (PESA Act), या वनाधिकार अधिनियम की व्यावहारिक समझ ही न हो। बिना स्थानीय समझ के कोई भी अधिकारी छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में संवेदनशीलता के साथ न्याय नहीं कर पाएगा।

तीव्रता पर नहीं.. निरंतरता पर ध्यान दीजिए। प्रगति प्रतिदिन अभ्यास करने से आती है।

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Maths and Reasoning.pdf

Mains का syllabus जब change होगा तब होगा .. ज्यादा इंतजार ना करें Core subjects पर पकड़ मजबूत करें – भारतीय संविधान, इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, छत्तीसगढ़, विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी, पर्यावरण और समसामयिक घटनाएँ। ये विषय लगभग हर पैटर्न में महत्वपूर्ण रहते हैं। उत्तर लेखन (Answer Writing) जारी रखें – syllabus बदल जाए, फिर भी विश्लेषणात्मक लेखन की क्षमता सबसे बड़ी ताकत होगी। Current Affairs को Static से जोड़कर पढ़ें – अब अधिकांश राज्य लोक सेवा आयोग अवधारणात्मक और समसामयिक प्रश्न पूछ रहे हैं। Flexible Study Plan रखें – यदि extra कुछ भी जुड़ती हैं, तो उन्हें बाद में आसानी से किया जा सकता है।

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निगम मंडल सूची.pdf3.88 KB

इन सभी 4 पॉइंट्स के परिपेक्ष्य में अपना सुझाव तैयार करके फीडफैक जरूर दें।
इन सभी 4 पॉइंट्स के परिपेक्ष्य में अपना सुझाव तैयार करके फीडफैक जरूर दें।

CGPSC पाठ्यक्रम में संशोधन होने जा रहा है। अभ्यार्थी आयोग को आप सुझाव दे सकते हैं।
CGPSC पाठ्यक्रम में संशोधन होने जा रहा है। अभ्यार्थी आयोग को आप सुझाव दे सकते हैं।

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Sub Auditor Question Paper.pdf12.06 MB

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