uz
Feedback

Firibgarlarga uchmang! Telemetrio bunday kanallarni topadi va belgilaydi 👉 Belgini ko‘rmoqchi bo‘lsangiz, obuna bo‘ling

⏤͟͟͞͞⍣⃝❤️⃟🔊 ⃟𝗦𝐡𝐚𝐲𝐚𝐫𝐢⍣⃪͜⍣𝕨𝕠𝕣𝕝𝕕 ⃪🤍 ̶͢ ̶꯭𝅥ͦ𝆬 ⃪𝄄𝄀⟶⋆

⏤͟͟͞͞⍣⃝❤️⃟🔊 ⃟𝗦𝐡𝐚𝐲𝐚𝐫𝐢⍣⃪͜⍣𝕨𝕠𝕣𝕝𝕕 ⃪🤍 ̶͢ ̶꯭𝅥ͦ𝆬 ⃪𝄄𝄀⟶⋆

Kanalga Telegram’da o‘tish

❤️‍🔥❤️‍🔥❤️‍🔥 तुम ज़माने के हो हमारे सिवाय हम किसी के नहीं, तुम्हारे हैं ❤️‍🔥❤️‍🔥❤️‍🔥

Ko'proq ko'rsatish
407
Obunachilar
Ma'lumot yo'q24 soatlar
Ma'lumot yo'q7 kun
-130 kun
Postlar arxiv
किसी को पाकर खास होने की गलत फहमी मत पालो वो तुम्हें पाकर भी किसी और खास को तलाश करेगा

दीया मोका रिश्ते सुधारने का हम सुधारना फिर भी नहीं चाहते दिल तो दिया था किसी ने मगर दिवाना बनके रहना हम फिर भी नहीं चाहते ~V~

चल एक बार फिर मिलते हैं, सिर्फ मिलने के लिए नहीं ... मिलते हैं फिर, कभी ना मिलने के लिए...!!

दिल करता है दोस्तों के साथ वक्त गुज़ार लूं, फिर याद आता है— माँ-बाप का कर्ज़ पहले उतार लूं।

वक्त कम है, मगर हौसलों में जान अभी बाकी है, हार मान लें हम? नहीं… ये जिद और उड़ान अभी बाकी है।

कभी तो ख़र्च कर दिया करो खुद को मुझ पर.... यह तसल्ली तो रहे कि मामूली नहीं हैं हम.......

क्या कहे क्या कहर हैं साहब उसकी जुल्फे ही नहीं उसके झुमके भी जहर है साहब

मोहब्बत का दस्तूर निभा रहे थे नऐ साल पर सारे पुराने ख़त जला रहे थे दिल में इतना दर्द समेटे हुए भी ना‌ चाहते हुए मुस्कुरा रहे थे ~v~

महफिल में बुलाकर हंसी उड़ाई जाती है प्यार जातकर बेवफाई की जाती है हम तो बैठ भी जाते फिर भी कद्र इंशान की नहीं पैशो की की जाती है ~V~

मुझ सी बातें मेंरे हमशक्ल नहीं कर सकते, फूल इतनी भी मेंरी नक़्ल नहीं कर सकते।

तुमको मना कर.... कोई गजल सुना कर क्या करना, यूँ बात बढा कर क्या करना.. तुम मेरे थे , तुम मेरे हो , दुनिया को बता कर क्या करना.. तुम साथ निभाओ "" चाहत ""से , कोई रस्म निभा कर क्या करना.. तुम खफा भी अच्छे लगते हो , फिर तुमको मना कर क्या करना..

तेरी हर चीज मुझे प्यारी लगती है__। पर मुझे तेरा वो जाना पसंद नहीं___। और बहुत हसीन है मेरे ख्वाबों की दुनिया____। मुझे अपनी हकीकत में आना पसंद नहीं____🤍🦋

प्यार किया तो उनकी मोहब्बत नज़र आई दर्द हुआ तो पलके उनकी भर आई दो दिलों की धड़कन में एक बात नज़र आई दिल तो उनका धड़का पर आवाज़ इस दिल की आई.

हम न सही हमारी यादें होंगी, वक़्त के सीने में दबी साँसें होंगी.. हम भले ही सामने न हों कभी, पर हर ख़ामोशी में हमारी आहटें होंगी..

हम जो आ जाते हैं यूँ रोज़ मनाने तुम को ये दोस्ती है इसे खुदगर्जी न समझा जाए ।।

बहुत खास थे कभी नजरों में किसी के हम भी मगर नजरों के तकाजे बदलने में देर कहाँ लगती है

बंदिशों में कहाँ मिलता है महोब्बत का सिला ए यारा कभी परिंदों को उड़ाओ और वो लौट आये तो महोब्बत है

आत्मविश्वास हमारा सबसे उत्तम साथी है, बिना इसके घर से ना निकलें। यह जरुरी नहीं कि इससे हमें सफलता मिलेगी, लेकिन चुनौतियों का सामना करने की शक्ति अवश्य मिलेगी।। D✍️

विश्वास हमेशा अपना पर रखनो हुकुम लोगा के काई है कि भी बोल देवे या जद करयो दो विश्वास गलत हुवे नी तो पछताउं सु वापस रिश्ता कोन बने v

जिंदगी में अकेला रहना सीखो यारा जिनको हम अपना मानते हैं वो अक्सर पराए होते हैं ~v~