ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
Kanalga Telegram’da o‘tish
1 132
Obunachilar
+124 soatlar
-27 kun
+430 kun
Postlar arxiv
1 132
हज़ार आईने तलाश करूं
मुझे वो एक खूबसूरत अक्श नहीं मिलेगा
और मुझे बद्दुआ है किसी की मोहब्बत की
कि मुझे भी ख्वाहिश–ए –शख्स नहीं मिलेगा
1 132
एक रात एक बात लिखूंगा,
खुद को दाग़ ,तुझको साफ लिखूंगा!
हक़ीक़त में तू कभी कभी मिलेगा नहीं,
एक किताब में अपनी मुलाकात लिखूंगा!
~🩷💙
1 132
किसी को जानना हो कहां रहता हूं मैं,
उसे देखे उसकी आंखों में दिखता हूं मैं,
माना के वक़्त का पाबंद नहीं हूं
पर जब भी तुमसे मिलने आऊं
वक़्त से पहले पहुंचता हूं मैं,
मैं तुझ से रूठ भी जाऊं तो रूठ कर कहां जाऊंगा,
एक तू ही तो वो शख्स है जिसे घर समझता हूं मैं,
बात अगर तुम्हारी हो तो ज़मीं पे तिनके सा हूं,
अपनी अनां में वैसे तो पर्वत से ऊंचा दिखता हूं मैं,
सोचता हूं अब उसे भुला दूंगा
यह सोच सोच कर हमेशा उसे याद करता रहता हूं मैं,
ज़िक्र जब उसका होता है तो मेरी आंखों में चमक आ जाती है,
सब मेरे चेहरे से जान जाते हैं उसका क्या लगता हूं मैं।
~⭐🌼🩷
1 132
धन्य: अस्मि भारतत्वेन
अर्थात्
भाग्य है मेरा कि मैं एक भारतीय हूं ।। 🇮🇳
Choose your country , kindness and freedom daily and not for some special days. ❤️
79 वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 💐
1 132
Repost from 💓सुकूँन 🍁
🇮🇳 79वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!🇮🇳
🇮🇳जान से प्यारा हिंदुस्तान 🇮🇳
1 132
मैंने पढ़ी है तुम्हारी वो खामोशी जो किसी और के हक़ से आयी है!
मैंने समझा है उस दर्द को जो मेरे हिस्से में न जाने कैसे आ गया!
वक़्त के सहारे, नदियों के किनारे, कभी किसी शाम,
तुम्हें रूबरू कराऊंगा उस सुकूँन से,
जो आज तक तुमने सिर्फ किताबों के पन्नों पर पाया है!
विरासत में मिले इस प्रेम के बारीक भावों से परिचित रहकर भी तुम्हारा यूं अंजान बनना भी कभी कभी मुझे तुमसे कोसों दूर ले जाता है!
अभिराइट्स⭐️
1 132
बांध लिया खुद को शर्तों के धागों में मैंने
फिर मैं चाहतों भरी नींद कभी सोया ही नहीं
इस कदर पाया है मैंने उसे
कि पाया ही नहीं और कभी खोया ही नहीं 🍂
1 132
थक जाना दुनियां की महफ़िलों से तो!
आवाज देना मैं अकसर अकेला ही रहता हूँ!
~अभिराइट्स
1 132
बेनाम से मोहब्बत भरे खत पड़े हैं संदूक में ,
जो तू हां करदे , तो
नाम लिख दूं ।। 🪄
