uz
Feedback

Firibgarlarga uchmang! Telemetrio bunday kanallarni topadi va belgilaydi 👉 Belgini ko‘rmoqchi bo‘lsangiz, obuna bo‘ling

ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜

ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜

Kanalga Telegram’da o‘tish
1 140
Obunachilar
+724 soatlar
+77 kun
+430 kun
Postlar arxiv
एक एक कर हमने रिश्ते खोये बहुत हैं , ठहर जाए कोई दो पल और , हम रोए बहुत हैं , खुदा अब मेरी भी फ़रियाद सुने , कोई शख़्स जो मेरा , हमेशा के लिए बने ।। 💔❤️‍🩹

एक एक कर हमने रिश्ते खोये बहुत हैं ,

सवेरों का मेरे , तू सूरज लागे तू मेरा कुछ ना , होके भी कुछ लागे

तू मेरा कुछ ना , होके भी मेरा लागे 💙

तू मेरा कुछ ना , होके भी मेरा लागे 💙

किसी लम्हें की ... कोई क़ीमत तो नहीं होती... फ़िर भी... मैं जान दे सकता हूँ... अगर तुम एक लम्हा हमारे साथ ... हमारी बनकर चाय पर आओ 🌻😌💜...!!

वो अल्फाजों से अपने मुझे सजाता रहता है हूं न मैं जैसी , वैसी भी दिखाता रहता है मुर्शीद , make-up ज़्यादा नहीं पसंद उसे , जुल्फें खोलना बिखेरना ही वो मुझे सिखाता रहता है ।। 😌💙

हमसे कोई शिकायत ..... ? 👇

सबसे खूबसूरत लगती हूं मैं , जब उसकी मुस्कुराती आंखों में नज़र आती हूं।।😌💙

दुआयें , मन्नतें , धागे , तावीज़ मैंने सब अपना के देख लिया जाने तुम झूठे निकले , या ये क़िस्मत या खुदा ....... 🙂

इक चेहरे पर पागलों की तरह मर मिट जाऊं , अब मेरी ऐसी फितरत नहीं रही मोहब्बत आज भी है तुमसे , मगर वो पहले सी शिद्दत नहीं रही ।। 🙂

नये साल में नयी मोहब्बत करेंगे , किसी के इंतज़ार का , ये महीना आख़िरी हैं।। 😌

खुदा बाद में , आज मोहब्बत को पहले रखते हैं , चल इक तस्वीर में तू और मैं साथ दिखते हैं , ना बना जो साथ तेरा मेरा , चल हम अपने सितारे फिर से लिखते हैं ।। 💙🫴

न मिलेगा तू , जानता था दिल जाने फिर इसे गिला क्यूं है , मन्नत के धागे कहां कहां बांधे थे , ज़रा पूछो , जिन्हे मिला तू है।। ✨🫧

पाप शरीर नहीं करता , विचार करते हैं और गंगा शरीर धोती है विचार नहीं ✨

गलतियां हज़ार की है मैने , पर खुद को बेहतर बनाने की कोशिश जारी है , इस बार नहीं तो क्या हुआ , ऐ जिदंगी ! अगली मेरी बारी है ।।🔥

मायने खो देते हैं वो जवाब जो वक्त पर नहीं मिलते

उसने कहा , इश्क़ में ज़रा वफ़ा तो लाओ मैंने कहा , नींद आ रही है , भले खफा हो जाओ मगर फिलहाल दफा हो जाओ ।। 😂😌

मुझे मेरी हथेलियों में तेरा हाथ चाहिये सुबह की चाय , और शाम का साथ चाहिये दूरियां क़िस्मत की हो या , ज़मीं की , तोड़ दो , जब मंज़िल है एक ही , हमारे रास्ते भी जोड़ दो 🥹🌸

एक समंदर है , जो मेरे काबू में है और एक कतरा है जो मुझसे संभाला नहीं जाता , एक उम्र है , जो गुज़ारनी हैं तेरे बगैर , और एक लम्हा है जो मुझसे गुज़ारा नहीं जाता ।। 🌸🌈