BRS study point
Kanalga Telegram’da o‘tish
hi friends - Welcome to BRS study point यहां पर UPPSC , UPSSSC ,SSC ETC..... एग्जाम की प्रिपरेशन कराई जाती है । आप सब लोग चैनल को एक बार जरूर share करे ।
Ko'proq ko'rsatish1 851
Obunachilar
-124 soatlar
-87 kun
-3030 kun
Postlar arxiv
1 851
सोचने से कहाँ मिलते हैं तमन्नाओं के शहर,
चलना भी जरुरी है मंजिल को पाने के लिए ।
आप सभी से अनुरोध है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में उपस्थित हो व विरोध प्रदर्शन के दौरान अनुशासन और शांति बनाए रखें। हमारा उद्देश्य यह है कि आयोग हमारी आवाज़ सुने और भविष्य में ऐसे निर्णय लेने से पहले छात्रों की परेशानियों का ध्यान रखें।
साथ मिलकर, हम यह बदलाव ला सकते हैं!
समय-11 नवंबर , सुबह 11 बजे
स्थान-लोकसेवा आयोग, प्रयागराज
#uppcs_roaro_oneshift
#nonormalisation@brs_study_point
1 851
आदित्य पब्लिकेशन बहुत ही अच्छी बुक है लेकिन उसमें जो MCQ दिया हुआ है उसका उत्तर आपको कई प्रश्न में गलत मिलेगा ।
1 851
'जिस पेड़ के पत्ते झड़ गये हों', उसे 'अपत' कहा जाता है, जबकि 'गिरा हुआ पत्ता' 'प्रपर्ण' कहलाता है। 'अपर्णा' पार्वती को कहा जाता है।
1 851
टीका, व्याख्या तथा दिवाली ये सभी कौमुदी शब्द के समानार्थी शब्द हैं। कौमुदी शब्द के अन्य समानार्थी शब्द इस प्रकार हैं- चाँदनी, विवेचन, ज्योत्स्ना, चन्द्रिका, आदि
1 851
🔊Breaking News:IMD की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश की राजधानी से लेकर यूपी के कोने-कोने में निम्न दाब का क्षेत्र तेजी से सक्रिय हो रहा है, सूचना है कि 10 नवंबर को यह निम्नदाब क्षेत्र चक्रवातीय रूप धारण कर लेगा। विभाग ने सटीक अनुमान लगाते हुए यह भी बताया है कि #No_Normalization नामक यह चक्रवात अपनी पूरी ताकत से 11 नवंबर को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के गेट नंबर 2 और 3 से टकराएगा। इसकी गति मापने के लिए विभाग को विशेष स्केल बनानी पड़ रही है! IMD के मुताबिक, इस चक्रवात में रोष और नाराजगी के अति तीव्र झोंके होंगे और यह आयोग के दरवाजे पर अपनी गहरी छाप छोड़ सकता है! विभाग ने यह भी अनुमान लगाया है कि चक्रवात तब तक कमजोर नहीं पड़ेगा जब तक नॉर्मलाइजेशन हटाने पर कड़ा संकल्प नहीं लिया जाता। इसमें तीव्र दबाव वाले छात्रों की संख्या इतनी ज्यादा होगी कि रोकना मुश्किल हो सकता है! विशेषः हालांकि विभाग ने आश्वस्त किया है कि इस चक्रवात से किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई चिंता नहीं है। चक्रवात का लैंडफाल स्थल ही सबसे सुरक्षित स्थान बताया गया है।
