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काम संहिता🙏
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सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
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यह संसार सदैव मैथुनरत नही था, पहले मात्र मन की कल्पना से ही संतान उतपन्न हो जाती थी, सम्भोग करने की जरूरत नही था । ब्रह्मा पुत्र और माँ सती के पिता राजा दक्ष पहले व्यक्तित्व थे, जिन्होंने मैथुनीय सृष्टि का आविष्कार किया।
।। नमः शिवाय ।।
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सेक्स: शादी से पहले शादी के बाद ही क्यों?
सेक्स या संभोग एक-दूसरे के प्रति प्रेम, शारीरिक आकर्षण की अभिव्यक्ति हो सकती है। संभोग को शरीर की जरूरत के रूप में भी रखा जा सकता है। वह एक आदिम, मानवीय प्रेरणा है। कुछ इसे तीव्रता से महसूस करते हैं, जबकि अन्य नहीं करते हैं। पुराने समय से, पुरुष और महिला एक-दूसरे के प्रति आकर्षित हुए हैं और यौन संबंध रखते हैं। शादी की अवधारणा मानव इतिहास में बाद के चरण में अस्तित्व में आई। आजकल शादी को यौन संबंध बनाने, यौन संबंध बनाने का एक सामाजिक तरीका माना जाता है। लेकिन शादी से पहले सेक्स करने में कुछ भी गलत नहीं है अगर दोनों पार्टनर एक दूसरे पर सहमत हों और भरोसा करें। लेकिन यह एक जिम्मेदार कार्रवाई है। इसके परिणामों को पहले से ही पता होना चाहिए।
शादी एक सामाजिक रिवाज है। आज भी, कई समुदायों में, पुरुष और महिला एक साथ रहते हैं, एक परिवार होता है, बच्चों को जन्म देते हैं, और फिर जब उनके पास पर्याप्त पैसा होता है, तो शादी कर लेते हैं। इसलिए, शादी से पहले या बाद में युगल की जिम्मेदारी की इच्छा, सहमति और भावना अधिक महत्वपूर्ण है।
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ओरल सेक्स इस तरह से करें जो आपके पार्टनर को देते हैं ऑर्गेज्म
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जर्नल ऑफ सेक्स एंड मैरिटिकल थेरेपी में प्रकाशित शोध में पाया गया कि एक तिहाई महिलाएं सेक्स से पहले ओरल सेक्स का आनंद लेना पसंद करती हैं।
महिलाओं में सेक्स को लेकर कई तरह के ख्याल होते हैं जो पुरुष नहीं जानते हैं। ओरल सेक्स को लेकर महिलाओं के दिमाग या मन में क्या रहता है इसे लेकर भी पुरुषों को पता नहीं रहता है।
2016 में हुए एक शोध मेें यह पाया गया कि 70 प्रतिशत महिलाओं को ओरल सेक्स बहुत ज्यादा पसंद होता है। महिलाओं ने इसके बारे में कहा कि यह चरम सुख से भी ज्यादा आनंद देने वाला होता है। जर्नल ऑफ सेक्स एंड मैरिटिकल थेरेपी में प्रकाशित शोध में पाया गया कि एक तिहाई महिलाएं सेक्स से पहले ओरल सेक्स का आनंद लेना पसंद करती हैं।
ओरल सेक्स से महिलाओं में अतिरिक्त गीलापन होता और उसके बाद सेक्स करना बहेद आराम दायक होता है। ओरल सेक्स अत्यधिक उत्तेजना के साथ अवर्णित आनंद भी प्रदान करता है।
तकिया का करें प्रयोग :-
जब भी आप ओरल सेक्स करना चाहते हैं तो आपके फेस का वजाइना तक ठीक से पहुंचना बहुत जरूरी होता है। पार्टनर के बट के नीचे तकिया रखने से वजाइना और फेस का संपर्क आसानी से हो पाता है। वजाइना ऊपर हो जाने की वजह से क्लिटोरिस तक जीभ आसानी से पहुंचती है और पार्टनर को ज्यादा आनंद मिलता है।
घुटनों और हाथों के बल:-
यह एक तरह से डागी स्टाइल होता है लेकिन इसमें पार्टनर सेक्स करने बजाय आपके साथ ओरल सेक्स करता है। डागी स्टाइल में होने के बाद अपने चेहरे को थोड़ा ऊपर रखें और पैरों को थोड़ा फैला दें। जैसे-जैसे पार्टनर ओरल सेक्स करता है उसी के अनुसार सहयोग करते जाएं एक नया आनंद जरूर देगा।
पोजिशन 69 :-
69 के लिए किसी खास तकनीक की जरूरत नहीं होती है। इसमें दोनों लोग एक साथ, एक-दूसरे को ओरल सेक्स करते हैं। यह सबसे पुरानी तकनीक है और इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि पुरुष और महिला दोनों को एक साथ आनंद मिलता है।
दीवार के सहारे खड़े होकर :-
इस पोजिशन से महिलाओं को बहुत ज्यादा आनंद मिलता है। दीवार के सहारे खड़ी होने के बाद एक पैर को रखने के लिए कुर्सी या टेबल का उपयोग कर सकते हैं। इस पोजिशन की सबसे खास बात यह होती है कि महिला अपने पुरुष साथी को ओरल सेक्स करते हुए कंधों पर जोर देती हुए आनंद लेती है। पुरुष के कंधों पर महिला के हाथों का जोर बताता है कि उसे कितना प्लेजर मिल रहा है।
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शम्भुस्वयम्भुहरयो हरिणेक्षणानां
येनाक्रियन्त सततं गृहकर्मदासाः ॥
वाचामगोचरचरित्रविचित्रिताय
तस्मै नमो भगवते कुसुमायुधाय ॥ १ ॥
जिन्होंने ब्रह्मा, विष्णु और महेश को मृगनयिनी कामिनियों के घर का काम करने के लिए दास बना रखा है, जिनके विचित्र चरित्रों का वर्णन वाणी से नहीं किया जा सकता, उन पुष्पायुध, भगवान् कामदेव को हमारा नमस्कार 🙏।
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वो स्त्री हे वो कुछ भी कर सकती है
इसका मतलब ये नही के व्ही सब करेगी
आप भी उसके हर काम में हाथ बंटाया करे
हार राह में उसका साथ निभाया करे 🙏🙏
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चैनल की सभी महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामनाएँ .. !! साथ ही जो पुरुष हैं और महिला बनकर खाते हैं..
दिलजीत पंडित 🙏🙏
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प्रियत्मा !
तेरे लबों को छु लूँ मै अपने लबों से
थोड़ा नज़दीक तो आ मेरे
वाकिफ़ कराऊँ तुझे
मोहब्बत की गहराइयों से…!!
सुप्रभात 🙏🙏
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प्रियत्मा !
तुम रंडी हो तो मैं कौन हूँ ?????
💐💐💐💐💐💐💐💐😢😢😢😢😢
अभी वासना जागी ,सम्भोग की तीव्र इच्छा जागी ,अभिलाषा सम्भोग की प्रबल थी, रज में वीर्य घुलने के लिए हिलोरेे मार रहा था ,शरीर के सबसे ऊर्जावान अंग मेरे लिंग में तनाव हिमालय की तरह अडिग था ।
मन विस्मित था ,मन तन की वासना की आगोश में तटस्थ था । और इस सुनसान रात में सुनसान राहों पर चल पड़ा रज की उदगम स्थल को ढूढ़ने ।
अरे ये क्या प्रियत्मा अभी कुछ दूर बढ़ा ही हूँ कि एक सुंदर सी यौवन वाली स्त्री सड़क किनारे खड़ी है मानो उसकी आंखें मुझे पुकार रही है कि आओ प्रकाश मेरे जिस्म की गर्मी से तुम अपने जिस्म को ठंडा करो आओ , आओ न !!
मेरे लड़खड़ाते कदम जो कि मेरे तनावभरे लिंग के अधीनस्थ है उसकी ओर बढ़ रहे हैं उत्तेजना मुझे उत्तेजित कर रहा है नजदीक आते ही मेरा ध्यान उस पुरुष पर पड़ा जो उस स्त्री से लड़ रहा है और कह रहा है
" छिनाल साली रंडी पूरा पैसा दिया हूँ ... जैसे कहता हूँ करती रह ... तुम रंडी किसी की नहीं होती "
और वो स्त्री मानो मूर्ति की तरह पोजिशन बदल रही है इंतजार कर रही कि वीर्यपात हो जाय और वो छुटकारा पाए ।
अरे ये क्या ???? मेरे लिंग का तनाव तो गायब है ,बिना सम्भोग की लगता है भोर हुआ पर मेरे विचार अब तनाव में आ गया ।
वो स्त्री रंडी है, किसी की नहीं है पर मैं पुरुष जो सड़क पर शायद वो शौक से नही बल्कि गरीबी से जिस्म बेचती हुई लड़की को सेक्स के लिए पैसे देकर इस रात को घर से छिपकर गया हूँ तो मैं कौन हूँ ? क्या मैं किसीका हूँ???
बस यही सवाल मेरे दिमाग के तनाव और लिंग के झुकाव का कारण है कि वो रंडी है तो मैं कौन हूँ ??? बताओ प्रियत्मा मैं पुरुष रात को पैसे से सेक्स करने वाली की खोजने वाला पुरुष कौन हूँ ?? क्या मैं पुरुष किसी का हूँ ? बताओ तुम मजबूर स्त्री तो रंडी हो पर मैं कौन हूँ ??
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अगर जीवन मे प्रेम नहीं है तो सेक्स से आपका रिश्ता मजबूत नहीं हो सकता है ।
प्रेम और सेक्स पूरक हैं।
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ऐ प्रियत्मा !
सच कहूँ !
सुनो न !
तुम्हारी संजीदगी
सादगी पसंद है मुझे
तुम्हारी सादगी में
झलक दिखती है तुम्हारी
ये मेरी नजर है या
कि फ़िर मेहर है
मेरे रब की मेरे ऊपर
कुछ भी हो, ये निश्चित है,
ईश्वर ने तुम्हे इस दुनिया
में मेरे प्यार के लिए भेजा है
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कामिनी !
तुम जब भी फिंगरिंग करो तो ध्यान रखो उंगली सही से साफ करके नाखून बड़े न हो ताकि आनन्द के पल में जब तेजी से फिंगरिंग करोगी तो जख्म न हो योनि में।
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अच्छी सूरत से ज्यादा मायने अच्छा
स्वभाव रखता है, सूरत तो उम्र के
अनुसार बदल जायेगी पर अच्छा स्वभाव
जीवन भर आपका साथ देगा .
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बहुत ही सुंदर होता है
प्रियत्मा की गलियों का सफर .....
हवाएं दूर तलक
उसके नाम से महकती हैं....
ऐसा पिलाया था कभी
प्रियत्मा ने पैमाने से.....
याद आती हैं उसकी
मधुशाला सी गुलाबी ओठ💋
तबियत आज भी बहकती है....
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हमने ज्ञानियों को परमहंस कहा है। क्यों?
दो कारणों से। एक तो हंस सार को असार से अलग कर लेता है। और दूसरा, हंस सभी दिशाओं में गतिवान है। वह जल में तैर सकता है, जमीन पर चल सकता है, आकाश में उड़ सकता है। उसके स्वातंत्र्य पर कहीं कोई सीमा नहीं है। जमीन हो तो चल लेता है। सागर हो तो तैर लेता है। आकाश हो तो उड़ लेता है। तीनों आयामों में, तीनों डायमेंशन्स में उसके लिए कहीं कोई रुकावट नहीं है। जिस दिन तुम सार और असार को पहचानने लगोगे, उस दिन तुम्हारा स्वातंत्र्य भी इतना ही अपरिसीम हो जाएगा जैसा हंस का। इसलिए हमने ज्ञानियों को परमहंस कहा है।
न जानने से ही बंधें हो। जमीन पर ही ठीक से रहना नहीं आता, पानी पर चलने की तो बात अलग! आकाश में उड़ना तो बहुत दूर! शरीर में ही ठीक से रहना नहीं आता, मन की तो बात अलग, आत्मा की तो बात बहुत दूर!
शरीर यानी जमीन। मन यानी जल। आत्मा यानी आकाश। इसलिए मन जल की तरह तरंगायित। शरीर थिर है पृथ्वी की तरह। सत्तर साल तक डटा रहता है। गिर जाता है उसी पृथ्वी में जिससे बनता है। मन बिलकुल पानी की तरह है। पारे की तरह कहो। छितर-छितर जाता है। आत्मा आकाश की तरह निर्मल है। कितने ही बादल घिरे, कोई बादल धुएं की एक रेखा भी पीछे नहीं छोड़ गया। कितनी ही पृथ्वियां बनीं और खो गयीं। कितने ही चांद-तारे निर्मित हुए और विलीन हो गए। आकाश कूटस्थ है, अपनी जगह, हिलता-डुलता नहीं।
शरीर में ही रहना तुमसे नहीं हो पाता, मन की तो बात अलग। मन में जाते ही चिंता पकड़ती है। विचारों का ऊहापोह पकड़ता है। आत्मा तो फिर बहुत दूर है। क्योंकि आत्मा यानी निर्विचार ध्यान, आत्मा यानी समाधि-आकाश, मुक्त, असीम।
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सेक्स का मजा तभी है जब दोनों स्त्री पुरुष को सैटिस्फैक्शन मिले। अगर आप अपनी पार्टनर को खुश करना चाहते हैं तो सेक्स में कुछ नया आजमाएं। अनुभव कहता है कि कुछ पोजिशन्स हैं जिसमे स्त्रियां जल्दी सन्तुष्ट और इस पोजीशन को पसन्द भी करती हैं।
जिसमे एक पोजीशन है फेस ऑफ। जिसमें आप अपनी पार्टनर को अपनी गोद में बिठा कर सेक्स करते हैं। दोनों का चेहरा एक दूसरे की तरफ होता है। इससे सेक्स के साथ दोनों एक दूसरे को लिप लॉक किस ,बूब्स चूसना, गर्दन ,गाल पर चुम्बन कर सकते हैं ।
महिलाओं को ये इसलिए अच्छी लगती है क्योंकि इसमें उन्हें ज्यादा जोर महसूस होता है।
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