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काम संहिता🙏
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सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
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पत्नी प्रेमिका प्रेम की प्यासी होती है इसलिए प्रेम से तृप्ति दीजिए उनको सुनिए प्रेम आत्मिक सुख देता है संभोग दैहिक सुख शांति देता है पहले प्रेम सुख शांति दीजिए इससे स्त्री निः वस्त्र नही बल्कि नग्न होगी और जब पूर्ण नग्न हो जाय तब संभोग का सुख दीजिए🔥❤️
#smilechallenge #everyone #followers
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सेक्स क्रोनोलोजी यानी सारगर्भित कामसूत्र!! विस्तार से!!
,, निप्पल को जीभ से हिलाइए, थूक डाल कर चाटिए।
होंठों को चूसिए, पार्टनर के मुंह में जीभ डालिए, उसकी
जीभ को चूसिए,लार बूब्स पर गिरने दीजिए, उसे हल्के से
मर्दिए।
,,जीभ को नीचे लाइए नाभि पर, पार्टनर सिहरन में बाहों में
जकड़ लेंगी।
,, पार्टनर की पीठ पर वाइट काटिए,जीभ दौड़ाइए, योनि को
जीभ से चाटिए, वाइट करिए, योनि गीली हो जाएगी।
,, टांगों के बीच क्लोरिइटस को चाटिए, मदहोश होगी,बाल
खींचेगी, टांगें फैलाएगी, उछाल मारेगी, फास्ट चाटते हुए,
स्तन को दबाते रहिए, उंगलियां पार्टनर के मुंह में डालिए।
,, उसके पांव को जीभ से चाटिए, उंगलियों को चूसिए,जब
योनि पूरी गीली हो जाए, पार्टनर की आंख बंद,नाक खुली,
होंठ फर्रायें, बूब्स उछल रहे हों, गहरी सांस हो तो अपना
लिंग डालिए, उसके बाद सटासट फर्राटे मारिए, मुंह से
सिसकियां और छपाक छपाक की आवाजें सुनाई देंगी, तो
वो सेक्स के लिए आगे बढ़ने को कहेंगी। फिर आगे बढ़ते
जाइऐगा, चरम सुख की अनुभूति की अहसास तक।
,, संकलित किया,,
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#संभोग_कैसे_करें_पढिए_
संभोग करते समय इस बात को याद रखना चाहिए।
कि संभोग में सबसे अधिक आनन्द प्राप्त करने के लिए..
जिस आवेग की आवश्यकता होती है॥
वह तभी प्राप्त हो सकता है।
जब योनि में लिंग निरंतर गतिशील रहे।
इस गति का संबंध हरकत करने से है।
इस स्थिति में लिंग कड़ा और सीधा होकर योनि की दीवारों की मुलायम परतों तथा गद्दियों के सम्पर्क में आ जाता है।
इसके फलस्वरूप पुरुष के लिंग में अधिकाधिक तनाव आ जाता है जिसकी समाप्ति वीर्य स्खलन के साथ होती है॥
संभोग करते समय बहुत से पुरुषों को आशंका रहती है।
कि योनि में उनका लिंग प्रवेश करते ही वे स्खलित हो जाएंगे।
इसी आशंका से भयभीत होकर वे योनि में लिंग डालकर जल्दी-जल्दी हरकत करने लगते हैं।
और इस प्रकार वे बहुत जल्दी स्खलित हो जाते हैं।
संभोग के वास्तविक सुख की प्राप्ति के लिए यह आवश्यक है
कि लिंग का महिला की योनि में पूर्णतया अंदर जाने के बाद स्त्री पुरुष दोनों स्थिर होकर चुम्बन मर्दन आदि करें॥
इसके थोड़ी देर बाद फिर गति आरंभ करें।
जब फिर स्खलन होने की आशंका होने लगे,
तब फिर रुककर चुम्बन आदि में प्रवृत्त हो जाएं,
इससे दोनों को अधिकाधिक आनन्द प्राप्त होगा।
इस स्थिति में स्त्री को चाहिए कि जब पुरुष गति लगाए
तब वह योनि को संकुचित करे॥
जितना अधिक वह संकुचित करेगी?
उतना ही पुरुष का आनन्द बढ़ेगा और वह क्रिया करने लगेगा।
ऐसा करने से स्त्री और पुरुष दोनों को आनन्द आएगा॥
इस भांति रुक-रुककर गति लगाने से स्त्री पूर्ण उत्तेजना की स्थिति में पहुंच जाती है।
उस समय उसकी इच्छा होती है कि अब पुरुष जल्दी-जल्दी गति देकर अपने-आपको और स्त्री दोनों को स्खलित कर दे।
उस समय पुरुष को जल्दी-जल्दी गति लगानी चाहिए,
स्त्री को भी इसमें अपनी ओर से पूरा सहयोग देना चाहिए।
अधिकांश स्त्रियों की यह धारण सही नहीं है।
कि गति लगाना केवल पुरुष का ही काम है।
जब कुछ देर तक स्त्री-पुरुष के यौन अंग एक-दूसरे पर घात-प्रतिघात करते रहते हैं।
तो इस क्रिया से अब तक मस्तिष्क को जो आनन्द मिल रहा था।
वह बढ़ते-बढ़ते इतना अधिक हो जाना हो जाता है।
कि मस्तिष्क इससे अधिक आनन्द बर्दाश्त नहीं कर पाता।
इस समय स्त्री-पुरुष यौन आनन्द की चरम सीमा पर पहुंच चुके होते हैं जिसे चिकित्सा विज्ञान की भाषा में चरमोत्कर्ष कहा जाता है।
ऐसी परिस्थिति में मस्तिष्क अपने आप संभोग क्रिया को समाप्त करने के संकेत देने लगता है॥
पुरुष व स्त्री स्खलित हो जाते हैं।
पुरुष के लिंग से वीर्य निकलता है।
और स्त्री की योनि से पानी की तरह पतला द्रव्य॥
#स्खलन_के_बाद__
संभोग के बाद जब वीर्य स्खलित हो जाता है।
तो अधिकांश पुरुष समझ लेते हैं।
कि अब काम समाप्त हो गया है और सो जाने के अलावा
कोई काम शेष नहीं रह गया है।
अतः उनकी यह बहुत बड़ी भूल है।
स्खलन के साथ ही मैथुन समाप्त नहीं हो जाता।
वीर्य स्खलन का अर्थ केवल इतना है।
कि जिस पहाड़ की चोटी पर आप पहुंचना चाहते थे,
वहां आप पहुंच गये हैं।
अभी चोटी से नीचे भी उतरना है।
नीचे उतरना भी एक कला है॥
जो पुरुष वीर्य स्खलित होने के पश्चात सो जाता है।
या सोने की तैयारी करने लगता है।
वह अपनी संगिनी की भावना को गहरा आघात पहुंचाता है।
उसके मन में यह विचार आ सकता है।
कि उसका साथी केवल अपनी शारीरिक संतुष्टि को महत्त्व देता है।
उसकी भावना की कोई परवाह नहीं करता।
पुरुष का कर्त्तव्य है कि वह स्त्री के मन में ऐसी भावना पैदा न होने दे॥
स्त्री को संतुष्टि तथा आनन्द प्रदान करने के लिए पुरुष को चाहिए कि वह समागम के बाद स्त्री के विभिन्न अंगों का चुम्बन ले,प्रेमपूर्वक आलिंगन करे।
और कुछ समय प्रेमालाप करे।
इन बातों से स्त्री को यह अनुभव होगा कि पुरुष उसे कामवासना की पूर्ति का खिलौना ही नहीं समझता,
वास्तव में वह उससे प्रेम करता है॥
इसके अलावा संभोग के बाद पुरुष का आवेग जिस गति से शांत होता है स्त्री का आवेग उतनी तेजी से शांत नहीं होता।
उसमें काफी समय लगता है।
इसलिए यह आवश्यक है कि पुरुष धीरे-धीरे अपनी प्रणय क्रीड़ाओं से स्त्री को सामान्य दशा में लाए।
जब उसे यह विश्वास हो जाए कि स्त्री का कामोन्माद पूरी तरह से शांत हो गया है।
तो भी उसे उसकी ओर मुंह फेरकर नहीं सोना चाहिए॥
उसे अपनी छाती से तब तक लगाए रखना चाहिए।
तब तक वह सो न जाए।
उसके सोने के बाद ही स्वयं को सोना चाहिए॥
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स्त्रियां सुहागरात की रात कितना भी
सज़ ले
संवर ले अगर उनके बड़े गले का ब्लाउज
उस पर लटकता
हुआ बड़ा सा मंगलसूत्र और नाक में
नथुनी नहीं पहनी
तो हमारे सजने संवरने का कोई मतलब
नहीं निकलता...l
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जिसे लोग प्यार कहते हैं वो सिर्फ बिस्तर पर लाने का एक जरिया होता है अगर मर्द को वो स्त्री एक बार मिल जाए तो फिर प्यार का नशा उतर जाता है। ओर फिर वो आम औरत बन जाती है। यही बात हर लड़का ओर लड़की की जिंदगी में लागू होती है एक बार पा लेने के बाद उनको एक दूसरे में हजारों गलतियां और बुराई नजर आती है। बाकी ओर कुछ नही होता है।🔥❤️
#all #everyone #followers #loveislove
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#महिलाओं की #योनि #चाटने के #फायदे
संभोग के दौरान योनि चाटना स्त्रियों की योनि चाटने से महिला काफी ज्यादा उत्तेजित होती है तथा योनि चाटने से रोगों से मुक्ति पा सकते हैं |
बहुत सारे लोगों का मानना होता है कि योनि चाटना बिल्कुल गलत होता है, क्योंकि उनका मानना होता है कि महिला के योनि में विविध प्रकार के विषैले पदार्थ होते हैं जिसके कारण यह सारे पदार्थ पुरुष के मुंह में जा सकते हैं |
जबकि महिला के योनि में किसी भी प्रकार के विषैले पदार्थ नहीं होते हैं, महिला जब हर रोज अपने शरीर को साफ करती है तब योनि से सारे पदार्थ बाहर निकल जाते हैं | इसलिए योनि चाटना बहुत ही फायदेमंद होता है,
हर एक महिला की ख्वाइश होती है कि उसके पार्टनर ने उसकी योनि को अच्छे से चाटना चाहिए। जब व्यक्ति संभोग करता है तो उन्हें महिलाओं की योनि जरूर चाटनी चाहिए। संभोग करते वक्त महिलाओं की योनि चाटने से उनका आनंद द्विगुणित हो जाता है।
योनि चूसने से महिलाओं को और भी ज्यादा मजा आता है। जब कोई व्यक्ति महिलाओं की योनि चूसता है तो संभोग करने में और भी ज्यादा मजा आता है। महिलाओं को ऐसे लगता है कि उसके पार्टनर ने उसकी योनि बहुत अच्छे से चूस के चाटनी चाहिए।
#योनि चाटने के फायदे :
आयुर्वेद के अनुसार महिलाओं की योनि चाटने से चूसने से हार्मोनल सिस्टम और सेल्स के रोगी ठीक होते है | योनि को चाटने से मानसिक दुर्बलता दूर होती है |
रात में या दिन में नींद ना आने की तकलीफ अनिंद्रा के कुछ लोगों ने यह भी स्वीकार किया है कि महिला कि योनी चाटने से चूसने से और उसका स्त्राव पीने के बाद उनकी अनिद्रा की बीमारी काफी हद तक ठीक हो गई है |
यह सारे फायदे हैं योनि चाटने के बारे में जिस से कि आप कई सारी बीमारियों से मुक्ति पा सकते हैं |
परंतु कुछ और चीजों पर ध्यान जरुर देना चाहिए आपको किसी भी अंजान स्त्री की योनि को चाटने की राय कभी नहीं देनी चाहिए क्योंकि यह जरुरी नहीं है कि वह स्त्री की योनि अच्छी हो ।
योनि से यूरिन का स्त्राव होता है इस यूरिन में काफी गंदे-गंदे बैक्टीरिया से पाए जाते हैं और बैक्टीरिया से आपको हानि भी हो सकती है योनि को साफ रखना काफी आवश्यक है क्योंकि योनि को चाटते समय अगर योनी साफ़ रहेगी तो आपको किसी बीमारी के होने का खतरा नहीं है इसलिए योनि चाटने समय इस चीज का ध्यान जरुर रखें |
अगर व्यक्ति कोई तनाव में होता है तो संभोग करते वक्त व्यक्ति का तनाव पूरी तरह से निकल जाता है। व्यक्ति अगर महिलाओं की योनि चाटता है तो उसका तनाव काफी प्रमाण में कम हो जाता है।🔥
योनि चाटना यह कोई दवाई से कम नहीं होता है। योनि चाटने से बहुत से रोग ठीक हो जाते हैं। जैसे व्यक्ति कोई मानसिक विकार हो तो योनि चूसने से वह बहुत प्रमाण में ठीक हो जाता है। योनि चाटने से व्यक्ति के काफी से रोग और समस्या है कम हो जाते हैं। व्यक्ति का चिड़चिड़ापन व्यक्ति को ज्यादा क्रोध आना या फिर व्यक्ति को किसी प्रकार में मानसिक दुर्बलता होना या फिर कोई मानसिक भय होना इत्यादी रोग और समस्याएं योनि चाटने या फिर उसे चूसने से ठीक हो जाते हैं।
कई व्यक्तियों को रात में या फिर दिन में नींद नहीं आती है। नींद ना आने से उनका तनाव बढ़ जाता है और फिर वह चिड़चिड़ा सा महसूस करते हैं उनके स्वभाव में भी चिड़चिड़ापन आ जाता है। इस अनिद्रा के बीमारी को आप छुड़ाना चाहते हो तो आपने अपने पार्टनर की योनि जरूर चाटनी चाहिए।👅
अपनी जीभ से महिलाओं के योनि को पूरे मज़े से और गहराई तक चाटनी चाहिए। इससे आप के रोग तो ठीक होंगे बल्कि आपके पार्टनर को भी उतना ही ज्यादा मज़ा आएगा। अगर आपके पार्टनर को आप अच्छे से मजा देते हो तो आप को संभोग करने में भी बहुत ज्यादा मजा आता है। योनि चाटने से महिलाएं उनकी चरम आनंद तक पहुंच जाती है।❤️🌹
नोट :- उपरोक्त लेखनी अध्यन पर आधारित है अतः आप अपने विवेकानुसार ही प्रयोग करें ।
#all #followers #everyone #licking
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सुंदर स्तन अनादि काल से हम मर्दों को आकर्षित करते रहे हैं। पता नहीं क्या मिलता है हम मर्दो को स्त्रियों के स्तन में । बात करते समय हमारी नज़र आँखों मे कम स्तन पे ज्यादा होती है। स्त्रियों के अध नंगे स्तन देखकर ही हम शरारती और उत्तेजित हो जाते हैं और कहीं ब्रा हमारे सामने उतार गयी तो स्तन को मसलकर चूसकर वो हाल करते है की स्तन मे दर्द 2 दिन तक होता रहता है।से$क्स के दौरान पुरुष द्वारा स्त्री के स्तनों को छूना,सहलाना,दबाना, मसलना, निप्पल को चूसना, दांतों से धीरे-धीरे काटना, उस पर अपना चेहरा रगड़ना प्यार और से$क्स का सर्वाधिक आनंद प्राप्त करने का जरिया होता है। निप्पल को चाटने और चूसने का काम बारी-बारी से करें।पुरुषों द्वारा इन क्रियाओं के करने से स्त्री को आनंद और उत्तेजना की अनुभूति होती है🌊💧
स्तनों पर पर्याप्त ध्यान देकर, आप बिना किसी जननांग उत्तेजना के अपनी महिला को ऑर्गेज्म प्राप्त करा सकते हैं। महिला के स्तनों को छूने से और चूमने से वह काफी उत्तेजित हो जाती हैं। एक यह भी बड़ा कारण है कि पुरुष सेक्स के दौरान फोरप्ले करते हुए महिलाओं के स्तन चूमते हैं।
से$क्स के दौरान आपके हाथों में इसका अहसास और भी अविश्वसनीय होता है। पुरुषों को स्तन सहलाने बहुत ही अच्छे लगते हैं। जब लोग काउगर्ल पोजीशन में से$क्स कर रहे होते हैं तो उस दौरान है पुरुष का ध्यान महिलाओं के स्तन पर ही होता है। जिससे उत्तेजना बढ़ती है और पुरुष इसका बहुत आनंद भी लेते हैं।💧🔥❤️
#चरित्रहीन #hotshot #highlights #followers #everyone #स्तन
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#स्त्री को तीन चीजे दे दो वो तुम्हारे लिए सब कुछ न्यौछावर कर देगी
#सम्मान
#आजादी
#संभोग
हर स्त्री सम्मान की भूखी होती है स्त्री को बंधन पसंद नही
और बिस्तर पर बेहतरीन संभोग🔥
#all #everyone #followers
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💦💦💦💃एक संस्कारी कामुक स्त्री की योनि पर जो खूबसूरत
दाना होता है... उसे जब एक तगड़ा सांड जब अपने मुँह में भरकर
चूसता है..... तो वो तन जाता है... जब जब मर्द अपनी जीभ की नोक
इस स्त्री के योनी के दाने पर रगड़ता है......तब वो स्त्री धीरे धीरे
वासना से भर कर एक ( ज्वालामुखी) की तरह फटने वाली बनती ही जा
रही होती है... और अगर उस दाने को ज़ोर ज़ोर से एक तेज (रफ्तार ) में
लगातार हमला कर के उसका रसपान करते रहे.... तब वो स्त्री की
ज्वालामुखी फट कर उस मर्द के मुखड़े पर अपने अंदर का मिठा लावा
चीखते हुए अपना फब्बारा की धार छोर देती है।।
💦💦💦💦 🐂🍌🍌Ufffff
💃
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जब कोई पुरुष किसी स्त्री से प्यार करता है तो अपनी थोड़ी सी ख़ुशी ही देता है💕
लेकिन जब कोई स्त्री किसी पुरुष से प्यार करती है
तो अपना सब कुछ न्यौछावर कर देती है
इसका मतलब ये नहीं कि पुरुष प्यार नहीं करता लेकिन स्त्री जब प्यार करती है तो वह इश्क में पागल हो जाती है
पुरुषों के पास और भी जिम्मेदारी होती हैं इसलिए उसका ध्यान और कामों में भी लग जाता है🔥❤️
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स्त्री की चाहत एक सुमद्र के समान होती है एक ऐसा समुंद्र जिसके बूंद बूंद में संस्कार,कामुकता, कामवासना का अनोखा मेल है इस समुन्द्र में हर मर्द तैरना चाहता है समुन्दर की गहराई नापना चाहता है,..लेकिन उस नादान मर्द को कौन समझाए की इसकी गहराई अनन्त है।
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पचास, साठ या फिर
उस से पार की भी औरतें
क्यों बन्दिशें लगा लेती हैं खुद पर
कपड़े ख़रीदने जाती हैं
अब लाल गुलाबी तो अच्छा नहीं लगेगा
इस उम्र में🩷❤️
थोड़े फीके रँग लेने होंगे
सलेटी, भूरा, क्रीम, सफ़ेद
लिपस्टिक तो लगा ही नहीं सकतीं
वह भी लाल
हरगिज़ नहीं
लोग क्या कहेंगे
बूढ़ी घोड़ी लाल लगाम
किस ने बनाया होगा यह ईडियम
किसी मर्द ने
ज़रूरी नहीं
औरत ने भी बनाया हो सकता है
सब से पहले तो औरत ही करती है कमेण्ट
अरे, यह क्या पहना है
सफ़ेद बालों का तो लिहाज़ किया होता
किसी शादी, ब्याह, पार्टी में
बैठे-बैठे पाँव थिरकने भी लग जायेंगे
पर उठ के नाच नहीं सकती
डाँस फ्लोर पे तो
यङ्गस्टर्ज़ का ही राज हो सकता है न
लोग क्या कहेंगे
इस उम्र में तो मन्दिर जाना चाहिए
दान पुन्न करना चाहिए
पायल क्यों पहनी है पाँव में
बेटा पूछता है
अच्छा नहीं लगता
बहू कहती है
अब तो हमारे सजने सँवरने के दिन हैं
और प्यार🫦
प्यार तो हरगिज़ हरगिज़ नहीं हो सकता
इस उम्र में भी कोई प्यार भरी बातें करता है भला
अरे भई, कोई पूछे भला
क्यों नहीं हो सकता
प्यार करने की भी कोई उम्र होती है क्या
प्यार का तो मतलब ही समझते
गुज़र जाती है तमाम उम्र
और क्यों नहीं पहन सकते लाल गुलाबी😘
क्यों नहीं लगा सकते लाल लिपस्टिक
क्यों नहीं लगा सकते ठुमका💃🏻
चुनाव अपना होना चाहिए
दिल करे तो बादामी पहनो,
दिल करे तो नारँगी💥
सेहत इज़ाज़त दे तो नाचो
नहीं तो थिरकने दो पैरों को
कुर्सी पे बैठे हुए
यह बूढ़ी घोड़ी लाल लगाम कह कर💋
नीचा दिखाना छोड़ो
मरने से पहले क्यों मरना
ज़िन्दगी तो ज़िन्दा दिली का नाम है
मुर्दा दिल क्या ख़ाक जिया करते हैं...
🌹🌺🌹🌺🌹🌺🌹🌺🌹
#everyone #goodnight #followers #loveislove
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पढ़िए सुहाग रात पर निधि चौहान की कलम से एक लघु लेख।
सुहागरात क्या होती है और इस दिन कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए? आइए शुरु करते हैं 👇
पता नही लोग सुहागरात के नाम पर कुछ कहने को शरमाते क्यों है ? जबकि यह वो सत्य है जो किसी से छुपा ही नहीं। किसी लड़की के जीवन की वह कालावधि जिसमें उसका पति उस लड़की के साथ पहली बार शारीरिक संबंध स्थापित करता है, सुहागरात कहते है।
इस रात के बाद वह लड़की, एक स्त्री और पति "पुरुष कहलाता है। वास्तव में यह जीवन की सबसे खूबसूरत रात होती है जब नवदंपत्ति रतिक्रिया का आनंद तथा मानव जाति के उद्धार हेतु एक नई पीढ़ी की नीव भी रखते है।
यदि अरेंज्ड मैरिज है और पति पत्नी दोनो ही एक दूसरे से अपरिचित रहे है, अछूते है virgin है.. तो अपना कौमार्य भंग करते समय किसी भी उत्पाद जैसे कंडोम इत्यादि का इस्तेमाल ना करते हुए पूर्णतया प्राकृतिक तरीके से ही संबंध स्थापित करे।
इस समय एक दूसरे को होने वाली पीड़ा से कराहने की आवाज, और आनंद में निकली सिसकारीयां सुहागरात के एक एक पल को जीवन भर के लिए यादगार पल बना देती है। Ejaculation( वीर्य स्खलन) के समय कंडोम वाले विकल्प को चुना जा सकता है ।
मैं तो यही कहूंगी कि अपनी सुहागरात को बढ़चढ़कर रंगीन और यादगार बनाना दोस्तो ! अवसर हर रात मिलेंगे परंतु वो पहली रात (सुहागरात) कभी लौटकर नहीं आती।
✍️,,,,,,,,
लेखन कार्य प्रेम रस, श्रंगार रस
एवं सेक्स विषय पर जागरूकता
#goldenknights #intimatewedding #everyone
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कामसूत्र के अनुसार, स्त्रियों के लिए सबसे अच्छे सेक्स आसन वे होते हैं, जो उसे पूरी तरह संतुष्टि महसूस करा सकते हैं। स्त्री अपने पुरुष साथी की गोद में बैठे, दोनों का चेहरा आमने-सामने हो, जिससे संभोग का आसन बने। इस स्थिति में सेक्स के दौरान पुरुष अपनी महिला साथी के स्तनों, गर्दन, गले, कान के पीछे, होठों पर किस कर सकता है, उसकी पीठ का हल्के हाथों से मसाज कर सकता है, इससे स्त्री को ऑर्गेज्म पाने में आसानी रहती है और वह संतुष्ट भी होती है।
दूसरे सेक्स आसन में, अगर पुरुष अपनी महिला साथी के स्तनों पर अपने शरीर का भार न डालने की सावधानी बरतें, तो पुरुष ऊपर और स्त्री नीचेवाला सेक्स आसन भी सही है। इसके अलावा पुरुष नीचे और स्त्री के ऊपर होने का सेक्स आसन भी स्त्री को संतुष्ट करने के लिए परफेक्ट होता है।
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एक औसत महिला बेड पर कितनी देर टिक सकती है?
वैसे तो ये किसी को पता नहीं होता कि कोई महिला कब तक संतुष्ट हो पाती है। लेकिन अगर एक औसत समय की बात की जाए तो ये बताया जा सकता है।
ज्यादातर पुरुष इस बात से परेशान रहते हैं कि कहीं सेक्स के दौरान वह जल्दी ही ठंडे न पड़ जाएं। इसी के साथ ही पुरुष इस बात को लेकर भी सोचते हैं कि महिलाएं आखिर कितनी देर में संतुष्ट हो जाती हैं? आखिर कितनी देर में महिलाओं के ऑर्गेज्म प्राप्त होता है। लेकिन क्या आप भी यही सोचते हैं ?
अगर हां, तो आज हम आपको बताएंगे कि आखिर महिलाएं कितनी देर में संतुष्ट हो सकती हैं या ऑर्गेज्म प्राप्त कर सकती हैं।
वैसे तो ये किसी को पता नहीं होता कि कोई महिला कब तक संतुष्ट हो पाती है। लेकिन अगर एक औसत समय की बात की जाए तो ये बताया जा सकता है। बहुत सी महिलाएं इस बात से बहुत ज्यादा परेशान रहती हैं कि उनका पार्टनर उन्हें संतुष्ट क्यों नहीं कर पाता। एक महिला हमेशा चाहती है कि उसे सेक्स के दौरान पूरी संतुष्टि प्राप्त हो। अगर ऐसा नहीं होता है तो महिलाएं दूसरे रास्ते भी ढूंढने लग जाती हैं क्योंकि हर कोई यौन संतुष्टि प्राप्त करना चाहता ही है। महिलाओं के लिए भी ये बहुत जरूरी होता है।
क्या कहती है स्टडी
एक स्टडी के अनुसार, ये बात सामने आई है कि एक औसत महिला लगभग 25 मिनट तक संतुष्टि प्राप्त कर सकती है। उन्हें पुरुषों के मुकाबले संतुष्ट होने में ज्यादा समय लगता है। महिलाएं 25 मिनट तक सेक्स कर सकती हैं। हालांकि, इस पूरे 25 मिनट में वह सिर्फ इंटरकोर्स ही नहीं चाहती, बल्कि वह फोरप्ले भी चाहती हैं। महिलाओं को संतुष्टि दिलाने के लिए पुरुषों को फोरप्ले जरूर करना चाहिए। जिससे वह जल्दी संतुष्ट हो जाएंगी। अगर सेक्स के दौरान सिर्फ एक ही पार्टनर संतुष्टि प्राप्त करता है तो वह पूर्ण सेक्स नहीं कहलाया जाता। बल्कि उसे अधूरा सेक्स कहा जाता है।
एक औसत महिला 25 मिनट में संतुष्टि प्राप्त कर पाती है। इसका एक सर्वे अमेरिका और यूके में हुआ था। जहां 18 से 35 साल तक की महिलाओं को चुना गया था। उन महिलाओं का कहना था कि वह लगभग 25 मिनट तक सेक्स चाहती हैं, क्योंकि वह लगभग 25 मिनट में संतुष्ट हो पाती हैं। उन महिलाओं का यह भी कहना था कि सेक्स के दौरान में वो अच्छे से फोरप्ले भी चाहती हैं
पुरुष कितनी देर टिक पाते हैं
अमेरिका में हुए सर्वे के मुताबिक, ज्यादातर पुरुष बेड पर सिर्फ 11 से 14 मिनट तक ही टिक पाते हैं। जिसकी वजह से महिलाओं को पूरी तरह से संतुष्टि नहीं मिल पाती है। हालांकि, इस स्टडी में पुरुषों का कहना था कि समय के साथ-साथ उनकी सेक्स टाइमिंग भी बढ़ रही है। यानी जो लोग शुरुआत में बेड पर कम टिक पाते हैं वह समय के साथ-साथ देर तक सेक्स करने के योग्य हो जाते हैं।
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कैट पोजीशन मिशनरी पोजीशन से मिलती-जुलती है। इस पोजीशन में मेल पार्टनर फीमेल पार्टनर के शरीर पर पूरी तरह लीन होने के बजाय अपने पैर और हाथ के सहारे कैट जैसी पोजीशन में होते हैं। वहीं फीमेल पार्टनर का हिप सरफेस से ऊपर की ओर उठा हुआ होता है।
2. स्पून पोजिशन
स्पून पोजिशन में मेल पार्टनर फीमेल पार्टनर के पीछे कर्ल अप होकर लेटे होते हैं और इसी पोजिशन में पेनिट्रेशन होती है। वहीं बहुत सी महिलाएं इस पोजिशन को पसंद करती हैं, परंतु उनमें से कई महिलाएं हैं, जिन्हें इस पोजिशन में ऑर्गेज़्म प्राप्त करने में परेशानी आती है।
हालांकि, आपको बता दें कि यह पोजिशन ऑर्गेज्म प्राप्त करने के लिए इसलिए बेहतर है क्योंकि इस पोजीशन में सेक्स के दौरान पार्टनर आपकी क्लिटोरिस को आसानी से रब कर पाते हैं और यह ऑर्गेज्म तक पहोचने में आपकी मदद करता है। इसके साथ ही इसमें आप दोनों बिल्कुल रिलैक्स होते हैं, इस पोजीशन में किसी का भार किसी के ऊपर नही होता।
3. पीनर पोजीशन
पीनर पोजीशन के लिए फीमेल पार्टनर को बेड पर उल्टा लेटना है, और मेल पार्टनर उनके ऊपर होंगे। इस पोजीशन में पीछे से इंटरकोर्स होता है। इसमें महिलाएं अपनी क्लिटोरिस को खुद से रब कर सकती हैं। इसके साथ ही मेल पार्टनर के लिए भी क्लिटोरिस रब करना आसान हो जाता है। इतना ही नहीं इस पोजिशन में सेक्स के दौरान क्लिटोरिस खुद ब खुद बेड से रब होती रहती है, तो ऑर्गेज्म तक पहुंचने में आसानी होती है।
4. मिशनरी विद ट्विस्ट पोजिशन
इसमें आपको मिशनरी पोजिशन में ही रहना है, परंतु फीमेल पार्टनर के कमर के नीचे तकिया या फिर किसी भी प्रकार के गद्दे का इस्तेमाल करते हुए कमर को अपलिफ्ट करें। यह आपके पेल्विस को ऊपर उठाने में मदद करेगा और पेनिट्रेशन की स्थिति को भी बेहतर बनाएगा।
इस पोजीशन में पेनिस वेजाइना के हर एरिया तक सही से पहुंच पाता है, और आपको यह समझने में आसानी होगी कि आपका सेंसेटिव हिस्सा कौन सा है।
इसके साथ ही मेल पार्टनर घुटनों के बल या महिला के पैरों को फैलाकर इस पोजीशन को एंजॉय करें, यह काफी बेहतर प्लेजर प्रदान करता है। आप मिशनरी को भी एक और ट्विस्ट दे सकती हैं। इसमें महिलाएं अपने दोनों पैरों को पूरी तरह कॉम्पैक्ट कर लें, यह वेजाइना को टाइट कर देगा और सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म प्राप्त करने में भी मदद करेगा।
इस पोजीशन में सेक्स के दौरान पेनिस वजाइना में पूरी तरह इंसर्ट नहीं होता और पेनिट्रेशन के दौरान पेनिस का निचला हिस्सा और आसपास की स्किन क्लिटोरिस को रब करते हुए एक सेंसेशन पैदा करती हैं। ऐसे में सेक्स के दौरान महिलाओं को काफी ज्यादा प्लेजर मिलता है और वह आसानी से ऑर्गेज्म प्राप्त कर सकती हैं।
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क्लिटोरिस को शामिल करने वाली ये 4 सेक्स पोजीशन हो सकती हैं आपके लिए बेस्ट, ऑर्गेज्म तक पहुंचना होगा आसान
कई शोध यह साबित कर चुके हैं कि महिलाओं को ऑर्गेज़्म तक पहुंचने में पेनिट्रेशन से ज्यादा क्लिटोरिस की भूमिका होती है। इसलिए आप ये पोजिशन ट्राई कर सकती हैं।
सेक्स और प्लेजरेबल सेक्स (Pleasurable sex) में बहुत फर्क है। आंकड़े बताते हैं कि बहुत सारी महिलाएं सेक्स के दौरा ऑर्गेज़्म (Orgasm) तक नहीं पहुंच पाती। तो बहुत सी महिलाएं अपने पार्टनर की खुशी के लिए इसे फेक (Fake orgasm) करती हैं। ये दोनों ही चीजें आपकी मेंटल हेल्थ और बॉन्डिंग को कमजोर कर सकती हैं। इसलिए हेल्दी सेक्स सेशन (Healthy sex session) के लिए जरूरी है उन सभी बातों के बारे में जानना जो इसे सपोर्ट कर सकती हैं। इनमें सेक्स पोजीशन भी एक जरूरी भूमिका अदा करती हैं। आइए जानते हैं उन सेक्स पोजीशन (Sex position to reach orgasm) के बारे में जो आपको बेहतर ऑर्गेज़्म तक पहुंचने में मदद कर सकती हैं।
बॉन्डिंग बढ़ाता है ऑर्गेज़्म
बात यदि सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म प्राप्त करने की की जाए तो, मेल और फीमेल के बीच जो ऑर्गेज्म गैप है उसे पूरा कर पाना पुरुषों के लिए थोड़ा मुश्किल हो जाता है। परंतु यदि आप अपनी सेक्स लाइफ को बेहतर रखना चाहती है, तो अपने पार्टनर के साथ आपका भी ऑर्गेज्म तक पहुंचना बहुत जरूरी है। अक्सर महिलाएं अपने पार्टनर को अच्छा फील कराने के लिए फेक ऑर्गेज्म का ढोंग करती हैं, परंतु अपने शरीर की जरूरतों को भी समझना आपके लिए महत्वपूर्ण है।
कई स्टडी का मानना है, कि ज्यादातर महिलाएं पेनिट्रेशन से नहीं, बल्कि क्लिटोरिस सेंसेशनसे ऑर्गेज्म प्राप्त करती हैं। ऐसे में मेल पार्टनर को सेक्स के दौरान पेनिट्रेशन के साथ-साथ क्लिटोरिस पर भी ध्यान देने की आवश्यकता होती है। महिलाओं का ऑर्गेज्म तक पहुंचना प्लेजर के साथ-साथ उनकी सेहत के लिए भी बहुत जरूरी होता है।
कई स्टडी का मानना है, कि ज्यादातर महिलाएं पेनिट्रेशन से नहीं, बल्कि क्लिटोरिस सेंसेशनसे ऑर्गेज्म प्राप्त करती हैं। ऐसे में मेल पार्टनर को सेक्स के दौरान पेनिट्रेशन के साथ-साथ क्लिटोरिस पर भी ध्यान देने की आवश्यकता होती है। महिलाओं का ऑर्गेज्म तक पहुंचना प्लेजर के साथ-साथ उनकी सेहत के लिए भी बहुत जरूरी होता है।
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क्लिटोरिस को शामिल करने वाली ये 4 सेक्स पोजीशन हो सकती हैं आपके लिए बेस्ट, ऑर्गेज्म तक पहुंचना होगा आसान
कई शोध यह साबित कर चुके हैं कि महिलाओं को ऑर्गेज़्म तक पहुंचने में पेनिट्रेशन से ज्यादा क्लिटोरिस की भूमिका होती है। इसलिए आप ये पोजिशन ट्राई कर सकती हैं।
सेक्स और प्लेजरेबल सेक्स (Pleasurable sex) में बहुत फर्क है। आंकड़े बताते हैं कि बहुत सारी महिलाएं सेक्स के दौरा ऑर्गेज़्म (Orgasm) तक नहीं पहुंच पाती। तो बहुत सी महिलाएं अपने पार्टनर की खुशी के लिए इसे फेक (Fake orgasm) करती हैं। ये दोनों ही चीजें आपकी मेंटल हेल्थ और बॉन्डिंग को कमजोर कर सकती हैं। इसलिए हेल्दी सेक्स सेशन (Healthy sex session) के लिए जरूरी है उन सभी बातों के बारे में जानना जो इसे सपोर्ट कर सकती हैं। इनमें सेक्स पोजीशन भी एक जरूरी भूमिका अदा करती हैं। आइए जानते हैं उन सेक्स पोजीशन (Sex position to reach orgasm) के बारे में जो आपको बेहतर ऑर्गेज़्म तक पहुंचने में मदद कर सकती हैं।
बॉन्डिंग बढ़ाता है ऑर्गेज़्म
बात यदि सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म प्राप्त करने की की जाए तो, मेल और फीमेल के बीच जो ऑर्गेज्म गैप है उसे पूरा कर पाना पुरुषों के लिए थोड़ा मुश्किल हो जाता है। परंतु यदि आप अपनी सेक्स लाइफ को बेहतर रखना चाहती है, तो अपने पार्टनर के साथ आपका भी ऑर्गेज्म तक पहुंचना बहुत जरूरी है। अक्सर महिलाएं अपने पार्टनर को अच्छा फील कराने के लिए फेक ऑर्गेज्म का ढोंग करती हैं, परंतु अपने शरीर की जरूरतों को भी समझना आपके लिए महत्वपूर्ण है।
क्लिटोरिस को शामिल करने वाली ये 4 सेक्स पोजीशन हो सकती हैं आपके लिए बेस्ट
कई स्टडी का मानना है, कि ज्यादातर महिलाएं पेनिट्रेशन से नहीं, बल्कि क्लिटोरिस सेंसेशनसे ऑर्गेज्म प्राप्त करती हैं। ऐसे में मेल पार्टनर को सेक्स के दौरान पेनिट्रेशन के साथ-साथ क्लिटोरिस पर भी ध्यान देने की आवश्यकता होती है। महिलाओं का ऑर्गेज्म तक पहुंचना प्लेजर के साथ-साथ उनकी सेहत के लिए भी बहुत जरूरी होता है।
इसलिए हम कुछ ऐसे सेक्स पोजिशन्स के बारे में बता रहे हैं जो सेक्स के दौरान क्लिटोरिस को इंवॉल्व करते हैं। ताकि महिलाओं को ऑर्गेज्म तक पहुंचने में मदद मिल सके। तो चलिए जानते हैं ऐसे ही 4 पोजिशन के बारे में।
यहां जाने ऑर्गेज्म तक पहुंचने के 4 बेस्ट सेक्स पोजिशन
1. कैट पोजिशन
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शांति मिलती है,ज़ब मेरा गरम गरम लावा उसके अंदर रिसता हे अंदर तो कुछ और ही फीलिंग आती है।
जब वो लावा निकालते 🌊💧वक्त झटके देता हे, उसे महसूस होते है।
एक एक झटके के साथ, मेरे गरमा गर्म लावे 🔥की पिचकारी उसके अंदर महसूस करता hun में।🔥❤️
और फिर शांति, शांति शांति.....
#everyone #followers
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आपने कई बार सुना होगा कि बहुत से लोग सेक्स थेरेपी लेते हैं। लेकिन अगर आपको सेक्स थेरेपी के बारे में नहीं पता है तो आज हम आपको बताएंगे। आखिर सेक्स थेरेपी क्यों ली जाती है और इसे लेने के क्या-क्या फायदे हैं? सबसे पहले तो यह जान लीजिए कि हम कोई भी थेरेपी उस समय लेते हैं जब हम किसी कमी को दूर करना चाहते हैं। सेक्स थेरेपी भी कुछ इसी तरह की होती है। सेक्स थेरेपी एक प्रकार की टॉक थेरेपी है जिसे लोग या पार्टनर्स अपनी यौन समस्या को दूर करने के लिए लेते हैं।
सेक्स थेरेपी क्यों ली जाती है ?
सेक्स थेरेपी को यौन समस्या दूर करने के लिए बनाया गया है। एक चिकित्सक या मनोवैज्ञानिक उस समय इस थेरेपी को लेने की सलाह देता है जब लोग यौन समस्या से जूझ रहे होते हैं। सेक्स थेरेपी का लक्ष्य लोगों को एक संतोषजनक संबंध और आनंददायक यौन जीवन के लिए शारीरिक और भावनात्मक चुनौतियों से पार पाने में मदद करना है।
यौन रोग आम है। वास्तव में, 43 प्रतिशत महिलाएं और 31 प्रतिशत पुरुष अपने जीवनकाल में किसी न किसी प्रकार के यौन रोग का अनुभव करते हैं। इन विकारों में शामिल
हो सकते हैं:
कम कामेच्छा
शीघ्रपतन
नपुंसकता
हत्तोसाहित
अत्यधिक कामेच्छा
कम आत्मविश्वास
यौन उत्तेजना के प्रति प्रतिक्रिया की कमी
कामोन्माद तक पहुंचने में असमर्थता
परेशान करने वाले यौन विचार
घुटनों के दर्द को भूल जाएं
यौन व्यवहार को नियंत्रित करने में असमर्थता
एक संतुष्ट यौन जीवन स्वस्थ और स्वाभाविक है। सेक्सुअल समस्या किसी को भी हो सकती है। लेकिन यह समस्याएं दूर की जा सकती हैं। जब सेक्सुअल डिसफंक्शन होता है, तो यह सेक्स लाइफ को पूरी तरह बर्बाद कर सकता है। इससे रिलेशनशिप पर भी बड़ा प्रभाव पड़ता है। सेक्स थेरेपी आपकी यौन चुनौतियों को दूर करने और आपकी यौन संतुष्टि को बढ़ाने में आपकी मदद कर सकती है।
सेक्स थेरेपी कैसे काम करती है?
सेक्स थेरेपी किसी भी प्रकार की मनोचिकित्सा की तरह है। आप अपने अनुभवों, चिंताओं और भावनाओं के माध्यम से बात करके इस स्थिति का इलाज करते हैं। अपने चिकित्सक के साथ मिलकर, आप भविष्य में अपनी प्रतिक्रियाओं को बेहतर बनाने में मदद करने के लिए मैथुन तंत्र पर काम करते हैं ताकि आप एक स्वस्थ यौन जीवन जी सकें।
आपकी प्रारंभिक नियुक्तियों के दौरान, आपका चिकित्सक या तो आपसे या आपके साथी के साथ मिलकर बात करेगा। चिकित्सक आपकी वर्तमान स्थिति को देखकर आपको इलाज के लिए बताएगा। एक सेक्स थेरेपिस्ट किसी व्यक्ति का पक्ष नहीं लेगा या किसी को सेक्स के लिए नहीं मनाएगा बल्कि एक सिर्फ सेक्स समस्या को समझने में मदद करेगा।
साथ ही इस थेरेपी में सभी अपने कपड़े पहनेंगे। सेक्स थेरेपिस्ट किसी के साथ यौन संबंध नहीं बना रहा होगा या किसी को यह नहीं दिखाएगा कि कैसे सेक्स करना है। प्रत्येक सत्र के साथ, आपका चिकित्सक आपको बेहतर प्रबंधन और आपकी चिंताओं की स्वीकृति की ओर धकेलता रहेगा जो यौन रोग का कारण हो सकता है। यह साफ है की यह थेरेपी इसलिए ही ली जाती है जब कोई व्यक्ति या पार्टनर्स यौन समस्या से जूझ रहे होते हैं।❤️❤️🔥🫦
Kontent 18 yoshdan oshgan foydalanuvchilar uchun mavjud
Xizmatga kirish orqali siz 18 yoshdan oshganingizni tasdiqlaysiz.
