Firibgarlarga uchmang! Telemetrio bunday kanallarni topadi va belgilaydi 👉 Belgini ko‘rmoqchi bo‘lsangiz, obuna bo‘ling 👈
काम संहिता🙏
Kanalga Telegram’da o‘tish
सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
Ko'proq ko'rsatish2 477
Obunachilar
Ma'lumot yo'q24 soatlar
+237 kun
+3630 kun
2 878
Post ko'rishlar
~ 53824 soatlar
Ma'lumot yo'q48 soatlar
116.19%
Muloqot nisbati
Ma'lumot yo'q
Kuniga postlar
Postlar arxiv
2 477
सम्भोग का मन में सम्मान होना चाहिए, निंदा नहीं
सम्भोग के प्रति स्वस्थ दृष्टिकोण होना चाहिए
जानना चाहिए कि वह जीवन की अत्यंत अनिवार्यता हैं
सम्भोग ज़रूर एक दिन परिवर्तित होकर ब्रह्मचर्य बन सकता हैं
2 477
♦🌿 आओ क़रीब इतना कि मैं #इज़हार कर लूँ
तुम्हारे #आलिंगन में आकर मैं #प्यार कर लूँ
♦🌿रहे ना कोई भी #दूरी हम दोनों के #बीच में
तुम्हें बाँहों में भर के अपनी मैं #गिरफ़्तार कर लूँ
♦🌿रहने न दूँ कोई भी #ख़्वाहिश अब अधूरी मैं
आज #दिल से प्यार मैं तुमसे #बेशुमार कर लूँ
2 477
अगर पति और पत्नी
काम को, सम्भोग को समझने की चेष्टा करे
तो एक दूसरे के मित्र बन सकते हैं
और एक दूसरे के काम के रूपांतरण में
सहयोगी और साथी हो सकते हैं
2 477
"ओशो" : सहज योग-(प्रवचन-17)
मैं समस्त छिपाव का विरोधी हूँ। मैं चाहता हूँ कि तुम न केवल शारीरिक अर्थों में, मानसिक अर्थों में, आध्यात्मिक अर्थों में सब तलों पर नग्न होने की सामर्थ्य जुटाओ...! तुम जैसे हो वैसे ही अपने को प्रगट करो। छिपाने से कुछ भी न होगा।
फिर छिपाने के पीछे तुम क्या देखते हो? एक तरफ हम छिपाते हैं; लेकिन, देखो जरा कि जो हम छिपाते हैं, उसी को हम और उभार कर दिखाना चाहते हैं। स्त्रियाँ अपने स्तन छिपाती हैं। लेकिन छिपाती हैं या उभारती हैं? स्तनों को उभारने के लिए कितने अंग-वस्त्र ईजाद किये जाते हैं, ताकि स्तन सुडौल मालूम पड़ें, बड़े-बड़े मालूम पड़ें। झीने वस्त्र पहनतीं हैं कि, स्पष्ट दिखाई पड़ें। एक तरफ छिपाने की कोशिश झीने वस्त्रों में, दूसरी तरफ उभारकर दिखला रहीं हैं, उछाल-उछाल कर लुभा रहीं हैं, जैसे आमंत्रित कर रहे हों...!
यूनान और रोम में ठीक इसी तरह की बीमारी अतीत में आदमियों को पैदा हुई थी। वे अपनी जनेंद्रिय पर एक चमड़ा चढ़ा लेते थे। चमड़े की एक खोल पहन लेते थे। ऊपर से वस्त्र पहनते, अंदर चमड़े की खोल जनेंद्रिय पर पहन लेते थे, ताकि वस्त्रों के ऊपर से जनेंद्रिय का बड़ा उभार और रूप दिखाई पड़ता रहे। इसको तुम क्या कहोगे?
स्त्रियों के स्तन के संबंध में भी यही बात है। झूठे स्तन बाजार में बिकते हैं--रबर और फोम के। झूठे नितंब भी बाजार में बिकते हैं। ऊपर से वस्त्र हैं, भीतर झूठे नितंब हैं, झूठे स्तन हैं। एक तरफ छिपाने का खेल चल रहा है, दूसरी तरफ उछाल-उछाल कर दिखाने का...!
2 477
हमारी सेक्सुअलिटी हमारे यौनांग तक सीमित नहीं होती। इसमें हमारे अराउज़ल, ऑर्गैज्म, सोच और सेक्सुअल प्रेफरेंस का भी बहुत बड़ा रोल होता है। शरीर के स्तर पर देखें तो स्त्री और पुरुष में उत्तेजना और ऑर्गैज्म का मामला बिल्कुल अलग होता है। स्त्री का सेक्सुअल अराउज़ल पानी की तरह होता है। जैसे तमाम नदियां सागर में आकर मिलती हैं, वैसे ही एक स्त्री का अराउज़ल हाथ, पैर, कंधे और चेहरे के फिज़िकल स्टिमुलेशन से शुरू होता है। अगर कोई पुरुष जल्दबाज़ी में या अज्ञानता में पहली ही बार में अपनी पार्टनर की वजाइना को छूता है तो वह इमोशनली और सेक्सुअली शट डाउन हो जाएगी। हो सकता है कि वह यौन क्रिया जारी रखे, लेकिन पूरी तरह से मुखर नहीं हो पाएगी। पुरुष की सेक्सुअलिटी आग की तरह होती है। इसलिए अगर सेक्सुअल अराउज़ल के समय पुरुष का यौनांग पहली बार में छुआ जाए तो उसे आनंद की अनुभूति होती है और बुरा नहीं लगता।
2 477
उम्रदराज़ औरतो में बड़ी कशिश ,खिंचाव और आकर्षण महसूस करता हु ।उनके भरे हुए शरीर और आगे पीछे की मादक बड़ी गोलाइयों अनायास ही मन मोह लेती है ।तन मन मे थिरकन पैदा कर देती है।
बड़ी उम्र की ये औरते वास्तव में शरीर से नही मन से प्यासी होती है कारण इनके साथी उन्हें वो सब कुछ नही दे पाते जिसकी ये अपेक्षा करती है, चाहे वो उनकी व्यस्तता वजह हो ,चाहे ढलती उम्र के कारण सेक्स के प्रति रुझान कम होना ।
इन प्यासी नारियो को जब कोई पर पुरुष प्रेम देता है तो ये तन मन से उस से लतर की तरह चिपक जाती है और अपना सर्वस्व निछावर कर देती है।
अब दूसरा पहलू देखे पुरुष को इनके गदराए बदन से खेलने में आनंद आता है और ये अपनी स्वभाबिक कामुक अदाओ और सिसकियों से ज्यादा उत्तेजित कर देती है। बच्चे पैदा होने के कारण इनके आंतरिक शारीरिक अंगों में ऐसे बदलाव आ जाते है जो घर्षण में ज्यादा आनंद देते है और पुरुष को ऐसा चरमसुख देते है कि उसे मोक्ष जैसा प्रतीत होता है।
2 477
इश्क़
कह देना आसान होता है..के मैं इश्क़ में हूँ...
मुझे इश्क़ है तुमसे..मगर इश्क़ करना उतना ही मुश्किल होता है...
शायद मैं आज भी..इश्क़ के बारे में उतना नहीं जानता ..
मगर जितना जानता हूँ वो ये के
जब तक आप सामने वाले को समझते नहीं...
जब तक आपको ये एहसास नहीं होता...
के आपके किस काम से सामने वाला खुश...
और किस काम से खफ़ा हो सकता है...
जब तक आपको दूर रह कर भी
उसके दर्द का एहसास ना हो...
जब तक आप उसके दुख बांटने में सक्षम नहीं...
जब तक उसकी खुशी के लिए
आप टूट जाने को तैयार नहीं...
आप इश्क़ कर ही नहीं सकते...
इश्क़ वो नहीं...
जिसमें आप सिर्फ अपनी खुशी देखें...
इश्क़ वो नहीं..
जिसमें आप आंखों को आँसूं और रतजगे दें...
इश्क़ वो नहीं..
के अगर वो नहीं तो औरों से बतिया लो...
इश्क़ वो नहीं..
जिसमें आप महबूब की खुशी से ज्यादा
किसी और की खुशी देखें...
इश्क़ वो नहीं..
जिसमें आप अपने अहंकार को ले आएं...
इश्क़ वो नहीं जिसमें कोई स्वार्थ हो...
इश्क़ तो वो है..
जो अगर किसी और ने दुख दिया...
तो उसका मैसेज देखते मुस्कुरा देना...
इश्क़ वो है..
अगर दर्द में भी हो तो..उसकी आवाज़ सुनते दर्द भुला देना...
इश्क़ वो है..
जो वो नहीं..तो उसके ख़्यालों में वक़्त बिता देना...
इश्क़ एक रंग है..
ऐसा रंग जो एक बार ही चढ़ता हैं...
फिर लाख कोशिश करो..ना वो रंग छूटता है...
ना कोई और रंग चढ़ता है...
इश्क़ वो है..
के आंखों में जिसका चेहरा बस गया...
फिर कोई और चेहरा नहीं दिखता...
हर तरफ हर पल महसूस होता है तो...
बस वो..सिर्फ वो..हाँ वो..वो ही वो...
इश्क़.........इश्क़.........इश्क़....
2 477
उम्रदराज़ औरतो में बड़ी कशिश ,खिंचाव और आकर्षण महसूस करता हु ।उनके भरे हुए शरीर और आगे पीछे की मादक बड़ी गोलाइयों अनायास ही मन मोह लेती है ।तन मन मे थिरकन पैदा कर देती है।
बड़ी उम्र की ये औरते वास्तव में शरीर से नही मन से प्यासी होती है कारण इनके साथी उन्हें वो सब कुछ नही दे पाते जिसकी ये अपेक्षा करती है, चाहे वो उनकी व्यस्तता वजह हो ,चाहे ढलती उम्र के कारण सेक्स के प्रति रुझान कम होना ।
इन प्यासी नारियो को जब कोई पर पुरुष प्रेम देता है तो ये तन मन से उस से लतर की तरह चिपक जाती है और अपना सर्वस्व निछावर कर देती है।
अब दूसरा पहलू देखे पुरुष को इनके गदराए बदन से खेलने में आनंद आता है और ये अपनी स्वभाबिक कामुक अदाओ और सिसकियों से ज्यादा उत्तेजित कर देती है। बच्चे पैदा होने के कारण इनके आंतरिक शारीरिक अंगों में ऐसे बदलाव आ जाते है जो घर्षण में ज्यादा आनंद देते है और पुरुष को ऐसा चरमसुख देते है कि उसे मोक्ष जैसा प्रतीत होता है।
2 477
She have one of best figure in chubby girls
She have great butts with milky boobs
Simran ahuja
2 477
कोई भी पुरुष कभी भी स्त्री से आकर्षित नही होता है, वह परस्त्री बोले तो दूसरे स्त्री पर अपनी भेड़िया नजर से आकर्षित होता है,क्योंकि अगर स्त्री से आकर्षित होता तो मां,बहन,बेटी,पत्नी घर में भी तो है ही न ! और अगर कोई घटिया पुरुष अपनी मां बहन को भी गलत नजर से देखता है तो ऐसे पुरुष को लिंग काट कर किन्नर बनाओ और उसकी पिछवाड़ा में प्रतिदिन बिना थूक के लिंग डालो।
प्रेम और रिश्ते को कलंकित मत करो , अगर किसी गैर पुरुष या स्त्री से आकृषित होकर संबंध बना लेते हो तो उसे गोपनीय और सम्मानित रखो।
अगर पुरुष हो तो पुरुषार्थ जगाओ
2 477
( स्त्री )
उजालों में
भूल गये सब रूप गुण
मिलन की रात बीती
गल गईं उदात्त भावनाए
अंधेरों के छाया पुरुष को
जरूरत थी
क्षणिक सहचरी की
न कि प्रेम की
और न किसी स्त्री की !!
कवियत्री - विनी
2 477
हेल्थ मॅगजिन के द्वारा सेक्स टिप्स
💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓
1)अपने साथी के भग्नाशय. के आस-पास कुछ खाने के दाने डाले ऒर फिर उसे धिर,धीरे-धीरे खाये, जैसे अंगूर,चॉकलेट आदि
2) उसे बेडरूम. के चादर मे ऎसे लपेट दे जॅसे कोई ब्रेड. रोल ताकि वह अपने हाथों से कुछ ना कर सके ऒर आप जो चाहे करने का मजा ले।
3) अपने पार्टनर के बुब्स. पर इस तरह कोमलता से किस करे कि उसे लगे किसी तितली ने छू लिया हो,
4) अगर आप किसी पब्लिक प्लेस पे हैं अपने Girlfriend. के साथ तो धिरे से उसकी हथेली पर अपने जिभ से छु ले
5) , क ई बार महिलाऎ समझ नही पाती कॊन सी चिज उन्हे उतेजित करती है पहले खुद हि पता लगाए. क ई बार वे जानकर बताने से शरमाती हॅ अतः खुद ही कल्पना करे व एंजाय करे जब सहज लगे तो अपने पार्टनर को बताए.
6) सहवास के पहले हल्का ऒर सुपाच्य भोजन करे यह भी ध्यान रख कि भोजन और सेक्स के बिच कम से कम दो घन्टे का अंतर हो
2 477
स्त्री की सुंदरता देखनी है तो उसकी आँखों में नही आँखों के नीचे बने काले घेरों में देखो
ये घेरे इस बात के साक्षी हैं कि उसकी सुंदरता आरोपित नही है, उसकी सुंदरता रात रात में अपने बच्चे को लोरी सुनाने और उसका बिस्तर बदलने से आई है, उसकी सुंदरता किसी को आंखों में बसाने से आई है
वे लोग बहुत सौभाग्यशाली होते हैं जिन्हें एक स्त्री नींद के बदले अपने नयनों में जगह देती है, उसकी सुंदरता गृहस्थी के पाट में पिसकर आई है, ये आँख के नीचे घिरे काले बादल सींचते हैं हर व्यक्ति को क्या आपने भी इन घेरों में स्नान किया है ?
इन्हें प्रणाम करिए ये नीलकंठ से भी आदरणीय हैं सत्य, शिव और सुंदर है
इन्होंने रात को पीकर सुबह की है.........!!
2 477
लाल रंग तो सदा उत्तेजना का प्रतीक और भड़काऊ रहा है फिर "सांड" हो या पुरुष चुनौती देता ही है। यही कारण है शायद सुहागरात का जोड़ा लाल होता है।
Kontent 18 yoshdan oshgan foydalanuvchilar uchun mavjud
Xizmatga kirish orqali siz 18 yoshdan oshganingizni tasdiqlaysiz.
