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काम संहिता🙏
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सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
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तुम्हारी उँगलियों का मेरी उँगलियों के बीच समा जाना
इस साथ से बढ़कर नहीं हो सकता है कोई दूसरा खजाना...
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संभोग में फोरप्ले
जानवर से भी सीखो हम इंसान पेंटी खोले डाले वीर्य गिरा और शांत हो गए चाहे स्त्री छटपटाती रहे काम वासना में जलती रहे हमे क्या फर्क परता है अपना पानी गिरा काम खत्म ।
गाय भैंस या कोई जानवर भी पहले योनि को सहलाता है,जीभ से चाटता है योनि से स्राव होता है कई बार देखते होंगे मादा जानवर पेशाब कर देती है तो नर जानवर उसे चाट कर मुंह ऊपर कर लेता है।
यानी ये जानवर प्राकृतिक हैं प्रकृति की नियम का पालन करते हैं फोरप्ले करते हैं और जब पूर्ण रूप से मादा जानवर तैयार हो जाती है फिर लिंग को योनि में डालकर वीर्यपात करते हैं ।
परंतु ध्यान रखो ये जानवर संतति के लिए संभोग करते हैं हस्तमैथुन नही, गुदा मैथुन नही,मुंह में नही,या बिना कामुक हुए मादा को ये संभोग नही करते ।
प्राकृतिक बनाए हम इंसान भी ।
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💕💕 मैथुन - कर्म का पवित्र विधान 💕💕
🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸
🌺 पति अपनी कामना के अनुसार पत्नी को अभिमंत्रित करके जैसी संतान की इच्छा हो, उसके अनुसार खीर आदि भोजन करने के पश्चात उसके साथ शयन करे। यह क्रम समझना चाहिए।
💘 शयन काल में ' अमोऽहमस्मि' इत्यादि मंत्र से पत्नी का आलिंगन करें। इस मंत्र का भाव इस प्रकार है - देवि! मैं प्राण हूँ, तुम वाक हो। मैं साम हूँ, तुम ऋत हो। मैं आकाश हूँ, तुम पृथ्वी हो। अतः आओ हम दोनों दम्पति एक दूसरे का आलिंगन करें। एक साथ रेतस धारण करें। जिससे हमें पुरुषत्व विशिष्ट पुत्र का लाभ हो।
🌺 तत्पश्चात पत्नी के दोनों जांघों को फैलाएं। उस समय यह मंत्र पढ़ना चाहिए - विजिहीथां द्यावापृथिवी इति। हे उरू स्वरूप आकाश और पृथ्वी! तुम दोनों विलग होओ।
💘 इसके बाद पत्नी की योनि में अपना लिंग स्थापित करके उसके मुँह से मुँह मिलाकर अनुलोम क्रम से पत्नी के सम्पूर्ण शरीर का (केशादि पादान्त) तीन बार स्पर्श चुंबन करें। इस मार्जन काल में 'विष्णुर्योतिकलकपयतु' इत्यादि मंत्र का पाठ करें। जिसका भाव इस प्रकार है - प्रिय! सर्व व्यापी भगवान विष्णु तेरी जननेंद्रिय को पुत्र की उत्पत्ति में समर्थ बनावें। भगवान सूर्य तेरे अंगो को विभाग पूर्वक पुष्ट एवं दर्शनीय बनावें। विराट पुरुष भगवान प्रजापति मुझमें अभिन्न रुप में स्थित हों, तुझमे वीर्य का. आधान करें। भगवान घाता मुझमें अभिन्न भाव से स्थित हो तेरे गर्भ का धारण एवं पोषण करें। देवि! जिसकी भूरि भूरि स्तुति की जाती है, वह सिनी वाली (जिसमें चंद्रमा की एक कला शेष रहती है, वह अमावस्या) तुम हो, तुम यह गर्भ धारण करो। देव अश्विनी कुमार (सूर्य और चंद्रमा) अपने किरण रुपी कमलों की माला धारण करके मुझमें अभिन्न रुप में स्थित हो, तुझमें गर्भ का आदान करें। 💕💕
🌹🌹बृहदारण्यकोपनिषद ❤️❤️
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सेक्स: अधकचरा ज्ञान पाकर भ्रांतियां न पालें
युवा पीढ़ी में सेक्स के बारे में जानने की इच्छा सदा बनी रहती है। यह कोई बुरी बात नहीं है लेकिन अक्सर युवा इधर-उधर से अधकचरा ज्ञान प्राप्त कर लेते हैं तथा शिक्षित होने के बावजूद कई अजीब गलतफहमियां व अंधविश्वास पाले रखते हैं। कई बार तो किसी बारे में ठीक से पता न होने पर आत्महत्या की बात भी मन में ले आते हैं। कई युवक-युवतियां आत्महत्या कर लेते हैं। सेक्स के बारे में यहां प्रस्तुत कुछ महत्त्वपूर्ण बातों को जानकर आप तनाव रहित व भयमुक्त रह सकेंगे तथा कोई गलत कदम भी नहीं उठायेंगे।
- जननेन्द्रियों के आकार के बारे में सभी चिंतित रहते हैं लेकिन इनका सेक्स संतुष्टि पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
- स्तन छोटे हों या बड़े, स्तनपान कराने में कोई रूकावट नहीं डालते।
- भारी या बड़े स्तन यह नहीं दर्शाते कि एक औरत को सेक्स के प्रति अधिक रूचि है।
- स्तनपान आप कराती हैं पर आप यह मत समझिए कि आप गर्भधारण नहीं कर सकती।
- स्तनपान कैसे भी कराएं, स्तनों के आकार पर कोई फर्क नहीं पड़ता बल्कि स्तन और भी पुष्ट व सुडौल होते हैं।
- स्तन के चारों ओर बाल होना सामान्य बात है। स्त्रीत्व पर इसका कोई घातक प्रभाव नहीं होता।
- बड़े स्तन होने पर यह जरुरी नहीं कि उसकी प्रजनन क्षमता अधिक हो।
- अधिकतर औरतें स्तनों को प्यार से सहलाने से खास उत्तेजित नहीं होती।
- संभोग (इंटरकोर्स) के बाद तुरंत टायलट जाकर जननांग धो लेने पर भी गर्भधारण हो सकता है। इससे बचा नहीं जा सकता।
- गर्भ निरोधक आपेरशन से औरतें डरती हैं कि वे मोटी हो जाएंगी पर यह सच नहीं है।
- गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन करने से सेक्स के प्रति रूचि कम नहीं होती और न ही संभोग क्रिया पर कोई असर पड़ता है।
- नसबंदी कराने से न तो पुरूष कमजोर होते हैं और न ही उसके वीर्य स्खलन पर कोई प्रभाव पड़ता है।
- औरतें भी हस्तमैथुन करती हैं पर वे प्रेम संबंध स्थापित करने में कमजोर नहीं पड़ती। एक विवाहित व कुंवारी लड़की का हस्तमैथुन करना नार्मल बात है। अधिक हस्तमैथुन करने से कमजोरी या शारीरिक बीमारी का डर नहीं बनता। गर्भधारण के काल में हस्तमैथुन एबॉर्शन का कारण नहीं होता।
- सेक्स संतुष्टि किसी भी रूप में हो या चाहे मैथुन कैसा भी हो पर हो प्यार व सहयोग से। संतुष्टि तभी संभव है।
- औरत के साथ बलात्कार जबरदस्ती किया जा सकता है। उसका चाहना या न चाहना जरूरी नहीं।
- सेक्स पुरूष के अलावा औरत के लिए भी बहुत आवश्यक है।
- एक विवाहित औरत अगर सेक्स संबंधों की पहल करे तो कोई आश्चर्य वाली या बुरी बात नहीं है। अगर वह अपने ढंग से संतुष्टि करना चाहे तो यह भी कोई बुरी बात नहीं है।
- संभोग खड़े रहकर करने पर भी गर्भधारण हो सकता है।
- गर्भवती स्त्री को सेक्स के प्रति गर्भकाल के दौरान रूचि नहीं होती, पर कई स्त्रियां रखती हैं।
- अगर कोई औरत जल्दी उत्तेजित नहीं होती तो इसका अर्थ यह नहीं है कि वह गर्भधारण नहीं कर सकती।
- स्त्रियों का उत्तेजना काल पुरूषों से अधिक लंबा होता है। अगर उन्हें साथी की जिज्ञासानुसार तैयार किया जाए तो जल्दी ही उसे संतुष्टि भी हो जाती है। यह भी जरूरी नहीं कि पुरूष शीघ्र ही संतुष्ट हो जाते हैं। वे चाहें तो सेक्स की चरम सीमा को बढ़ा भी सकते हैं। शीघ्र संतुष्ट होना व देर से होना यह पुरूष के अपने ही हाथ में है।
- औरत की उम्र बढऩे से सेक्स के प्रति अरूचि से संबंध नहीं बशर्ते कि वह हमेशा खुश व चिंतामुक्त रहे।
- एक खास बात, सुहागरात के दौरान योनिविच्छेद (शीलभंग), ब्लींडिग (रक्त आना) जरूरी नहीं। अधिकतर युवक ऐसा न होने पर अपनी पत्नी को चरित्रहीन समझ बैठते हैं व संबंध तक टूट जाते हैं। इस तरह की प्रतिक्रिया होना जरूरी नहीं क्योंकि युवावस्था में खेलकूद का बोझ उठाने पर (शीलभंग) हो जाता है। पढ़े-लिखे होने के बावजूद सेक्स के अधकचरे ज्ञान के कारण युवक-युवतियां कितनी गलत धारणाएं अपने मन में पाले रखते हैं। ये महत्त्वपूर्ण बातें डाक्टरों व अनुभवी लोगों से ही संकलित की हुई हैं। इन्हें आप पढें व पढ़ाएं। मस्त रहें व आत्महत्या का प्रयास कदापि न करें।
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शाकाहार अधिक श्रेष्ठ होता है मांसाहार की तुलना में क्योंकि संभोग की क्षमता में भी श्रेष्ठता का उदाहरण अक्सर घास खाने वाले "सांड और घोड़े" का दिया जाता है ना कि मांसाहारी "सिंह" का।
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प्रेम में पड़ी युवतियां खिल जाती है कमल पुष्प के समान,स्वभाव में आ जाती है चंचलता,अल्हड़पन और मस्ती।उनके होंठ गुलाब की पंखुड़ियों जैसे हर पल मुस्कान से भरे रहते है साथ ही आ जाता है बदलाव तन की बनावट में.. उभर आते है अंग.. यौवन का चरम पर होना मानो संकेत दे रहा कि वह प्रेम में है और खुश है..उनके बोलने में आ जाती है मधुरता..वह पूरी प्रेममय हो जाती है, खोई रहती है सपनों में...वह चाहती है खुलकर जीना।
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कार्य प्रसंग में मंत्री, गृह कार्य में दासी, भोजन कराते वक्त माता, रति प्रसंग में रंभा, धर्म में सानुकूल और क्षमा करने में धरित्री, इन छः गुणों से युक्त पत्नी मिलना दुर्लभ हैं !!!
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🔴स्त्रीत्व को छूना भी एक कला है।
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तुम नंगे हो जाओ, कपडे उतारने की बात नहीं कह रहा हूँ; मन के आवरणों को हटाने की बात कह रहा हूँ। लेकिन जब भी ऐसी कोई बात होती है तो तुम्हारे ख्यालो में स्त्री ही आती है! क्योकि ये बात जानकर तुम हैरान होगे कि तुम्हारी पत्नी भी स्त्री ही है!
तुम रोज उसे बिस्तर पर साथ पाते हो पर फिर भी उसे समझने की, जानने की चाह कभी नही की! अभी तुम्हे स्त्रीत्व तक पहुँचने में देर है; स्त्री को समझने का, उसके तन को जानने का दम चाहिए। अदभुत साहस चाहिए, प्रेम की अनुभूति चाहिए। परम की आकांक्षा चाहिए।
जबकि लोग उसके उभारो की ऊँचाई देखकर गिर जाते हैं। उसकी गहराइयो में ऐसे डूबते हैं कि मरकर के वापस आते हैं। इसलिए जब भी तुम्हें स्त्री के नजदीक जाने का अवसर मिले तो चूकना मत! जरुरी नहीं कि हर बार तुम सेक्स में हो जाओ, कुछ समय ऐसा भी गुजारना; जहाँ तुम शरीर के पार देखने की कोशिश करना; शायद तुम उसके दिल की धडकन सुन सको, शायद तुम उसके स्त्रीत्व को छू सको, और जिस पल तुमने उसके स्त्रीत्व को छू लिया!
तब अचानक से वासना तिरोहित होगी, और प्रेम का आगमन होगा, तुम एक परमसुख की अनुभूति करोगे, एक ऐसा आनंद जो तुम्हे जन्मों जन्मों तक गुदगुदाता रहेगा, तुम मुस्करा उठोगे, खिल जाओगे, और यही खिलावट तुम्हे जीवन के परम सत्ता की अनुभूति देगी, जीवन के परमआनंद से तुम्हारा मिलन होगा।
ओशो♣️
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❣️
प्रेम शब्द की मार्केटिंग कुछ इस तरह से की गई कि लोगों को प्रेम के नाम पर सिर्फ बॉलीवुड एवं विज्ञापन जगत द्वारा प्रदर्शित वासना को ही प्रेम मान लिया गया..!
जबकि प्रेम कोई शब्द नहीं है..कोई प्रदर्शन नहीं है.. यह गहरा भाव है जो मनुष्य के अस्तित्व से जुड़ा हुआ है..!
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वासना उम्र नहीं देखती सरकार,
चेहरा बता देता है प्यास कितनी है।
वैसे बड़े उम्र की स्त्रियां अनुभव बहुत दे जाती है।
उनका शरीर चंचल और कामुक होता है।।
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स्तन , कांख, बांह, गर्दन,नाभी, जांघ,योनि चाटने से ही स्त्री संतुष्टि की चरम पर होती है फिर झटके कम भी पड़े तो संतुष्ट हो जाती है प्रियतमा ।
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संभोग का मतलब होता है स्त्री और पुरुष दोनों को संतुष्ट होना, अधिकतर होता क्या है की जब लिंग में तनाव होता है तो पुरुष बिना फोरप्ले किए,बिना योनि गीला किए लिंग को योनि में घुसाया और 2 मिनट घपाघप करके स्खलन वीर्य का कर देता है जिससे पुरुष तो वीर्य गिरते ही संतुष्ट हो जाता है पर स्त्री की इच्छा तब जागती है और सेक्स करने को।
मगर सेक्स नही होने के कारण वो चिड़चिड़ा हो जाती है डिप्रेस हो जाती है क्योंकि गर्म होती है।
इसलिए पहले खूब फोरप्ले करे जब स्त्री की योनि गीली आंखे बंद, सिसकियां ,निप्पल टाइट ,होठ कांपने लगे , चेहरे का रंग बदल जाए तब जाकर लिंग को घुसाना चाहिए तब कुछ देर के घपाघप से भी स्त्री संतुष्ट हो जाती है।
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#सैक्स_और_संभोग
सैक्स को देखने का हर किसी का अपना अपना एक अलग नजरिया है।
पर पहले मैं आपको बता दूं... सैक्स है क्या?
सैक्स हमारे जीवन में होने वालीं एक आम प्रक्रिया है।
जैसे हम भूख लगने पर खाना खाते हैं,
प्यास लगने पर पानी पीते हैं
वैसे ही सैक्स की इच्छा होने पर सैक्स भी करते हैं।
मानें या ना माने सैक्स हमारे जीवन का एक बहुत ही अहम हिस्सा है।
जहां सैक्स करते रहने से हम डिप्रेशन/तनाव/अवसाद से काफी हद तक निजात पाते हैं
वहीं
सैक्स ना करने से हम अंदर से कुंठित होकर भर जाते हैं,
फर्स्टेटिड हों जातें हैं।
अब सैक्स कैसे करें और कैसे नहीं
ये अपने अपने नजरिए पर निर्भर करता है।
सैक्स एक चर्म सुख है
जो संभोग से बहुत भिन्न है।
सैक्स सिर्फ एक मात्र दैहिक सुख है
जबकि संभोग अध्यात्मिक सुख।
सेक्स:- खुद को खुश करने के लिए एक स्त्री या पुरुष के साथ भोग करने को सशस् कहते हैं, इसमे व्यक्ति स्वार्थी रहता उसे सिर्फ खुद के सुख से मतलब रहता है।
और सम्भोग(sexual intercourse):-
संभोग=सम+भोग
यानि समान रूप से भोगना।
ये वो प्रक्रिया है जिसमें दो लोग देह से ही नहीं अपितु भावनाओं के स्तर पर तन मन और आत्माओं के साथ जुड़ते हैं।
“संभोग प्रेम की वो समाधि हैं
जहां प्रेमी और प्रेमिका एक दूसरे में सरवसर लीन हो जाते हैं।”
जिसके फलस्वरूप इस लीन अवस्था से उत्पत्ति होती हैं
जीवन चक्र प्रजनन की।
ब्रह्मा की बनायी इस श्रष्टी के विस्तार के लिए प्रजनन का होना अति आवश्यक है।
और
“संभोग ही प्रजननता का मूल है।”
प्रेमी द्वारा छुई गयी छुएन किया गया चुम्मन
मानो आत्मा को आनन्द के सागर में डुबो देता है।
संभोग ...भावनाओं के स्तर पर ,
जहां प्रेमी और प्रेमिका
आनन्द के सागर में डुबकी लगाते हैं
जिसमे तन मन और आत्मा आनन्द से तृप्त हो जाती है।।
एक दूसरे से भावनात्मक स्तर पर संभोगिग होना उनके प्रेम को निखारता है।
“ शब्दों में इस घटना या अवस्था को लिख पाना सम्भव ही नहीं है ” 🙏
ये वो एहसास हैं,
जो समुद्र की गहराई से भी गहरा है, जिसमें रोम रोम समा जाता है....!! ✍️
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💘💘 सम्भोग - निवेदन 💘💘
❤️ यभस्व नित्यं यदि शक्तिरस्ति चेत । दिने-दिने गच्छति नाथ यौवनम।
मृताय को दास्यति बान्धवो जनस्तिलोदकैः सार्धमलोमकं भगम ।। ❤️
इस सूक्ति में युवती कामिनी नित्यरतिक्रीडन का निवेदन करती हुई पुरुष के पुंसत्व का भी स्मरण दिलाती है। अर्थात यहाँ एक सुंदरी युवती का पुरुष से कामातुर किंतु चुनौती भरा निवेदन है। वह कहती है, यदि तुम्हारे भीतर पुंस्त्व और शक्ति हो तो तुम मेरे साथ नित्य प्रति दिन संभोग किया करो।
हे नाथ! यौवन दिन प्रति दिन व्यतीत होता जा रहा है। अतः रोज मैथुन करो। और फिर जानते हो, मर जाने के बाद बंधुजन (वंशधर) तिलोदक तो दे देंगे, पर तिलोदक के साथ लोमरहित भग तुम्हें कौन देगा। मैं रस-द्रवित होकर निर्लोम - भग के साथ तुम्हारे लिए उपस्थित हूँ। अतः सम्भोगपूर्वक मेरा भोग करो। ❤️
❤️ एक सुभाषित ❤️
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स्त्री -पुरुष दो अलग नहीं यह तो एक वृत के अधूरे भाग है
जो मिलने पर एक पूर्ण का निर्माण करते है
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#वो_स्त्री_है
१. भोजन के सारे विकल्प पूछने के बाद जो लौकी बनाएं वो स्त्री है ।
२. बस पांच मिनट बोलकर जो एक घंटे में तैयार हो वो स्त्री है ।
३. होटल के मेन्यू की सबसे सस्ती डिश जिसकी मनपसंद हो वो स्त्री है ।
४. सारी अलमारी कपड़ों से भरी हो फिर भी ‘ क्या पहनूं ’ इस सवाल से जूझती रहे वो स्त्री है
५. ‘ मेरे पास पैसे कहां से आयेंगे ’ ये बोलने वाली मुसीबत में सारे पैसे ( स्त्रियों का काला धन ) पति के हाथ में रख दे वो स्त्री है ।
६. बच्चे जो न खाते हो उसको भी घुमा फिरा कर खिला दे वो स्त्री है ।
७. परिस्थिति के अनुसार जो दुर्गा काली सरस्वती हो जाए वो स्त्री है ।
८. जिसके बिना प्रकृति की कल्पना भी अधूरी है वो स्त्री है ।...
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