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काम संहिता🙏
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सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
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अश्लीलता बिन अधूरा है जीवन,
अश्लीलता बिन अधूरा है प्यार,
अश्लीलता बिन अधूरा है स्त्री का चरित्र,
अश्लीलता बिन अधूरा है स्त्री का स्त्रीतत्व
अश्लीलता ही जीवन है
संभोग ही कर्म है
चर्मसुख ही लक्ष्य है
आओ आपने लक्ष्य की ओर चले
अश्लील बन संभोग करे और चर्मसुख का आनंद ले कर मोक्ष की प्रप्ति करें🔥
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चरमसुख: किसे कहते हैं चरमसुख? अक्सर ये लगता है की चरमसुख शारीरिक होता है एक औरत को देर तक सवारी कराना या उसके पैरों को खोल कर देर तक धक्के मारना चरमसुख होता है। पर क्या सच में सच में औरत के लिए सिर्फ यही काफी होता है ?
मुझे लगता है नही.. सिर्फ इतना नहीं ये तो एक वैश्या भी करती है न जाने कितनों के साथ कितनी देर तक पर पर ये चरमसुख नही होता , चरमसुख वो होता है जो मन को शांति दे खुशी दे जिसका असर पूरी जिंदगी रहे । जो मर्द औरत को मानसिक चरमसुख नहीं दे पाता वो शारीरिक कितना भी दे पर औरत के किसी काम का नहीं। अगर आप अपनी पत्नी या दोस्त को मानसिक रूप से खुस रख पाते हैं तो वो खुद अपना शरीर आपकी बाहों में दे देगी और यही उसके लिए चरमसुख होता है फिर चाहे वो आपकी सवारी करे या सिर्फ बातें करके ही रात गुजार दे.. कोई फर्क नहीं पड़ता..
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🌴❤️🌴
एक स्त्री चाहिए जिसके समक्ष ...
मैं सिर्फ़ तन से नहीं
मन से भी नग्न हो सकूँ
उतार फेंकूँ सारे मुखौटे
.
भुला सकूँ पुरुष होने का दम्भ
रो सकूँ ज़ार ज़ार
जिसे कह सकूँ
पुरुष हूँ मगर
पीड़ा अनुभव करता हूँ
.
चाहता हूँ बिल्कुल माँ की तरह
तुम फेर दो हाथ बालों पर गालों पर
पुरूष होते हुए भी
कांँधा चाहिए कभी कभी मुझे भी
.
सिर्फ़ चमकता
दमकता बदन ही नहीं
एक स्त्री चाहिए
जिसे प्रेम करते हुए
पूजा भी कर सकूंँ
.
वासना से नहीं श्रद्धा से
जिसके चरणों को चूम सकूँ
जिसके स्पर्श मात्र से
पुलकित हो उठे रोम रोम मेरा
कर दूंँ पूर्ण समर्पण
.
विगलित हो अस्तित्व मेरा
मैं नारी बन जाऊंँ
वो पुरुष बन जाये
उसमें मैं नज़र आऊँ
वो मुझमें नज़र आये
.
हम शंँकर का अद्वैत हो जायें
एक स्त्री चाहिए
जिसे मैं उस तरह प्रेम कर सकूँ
जिस तरह एक स्त्री प्रेम करती है
सभी_पुरुषों_को_समर्पित
साभार..
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संभोग की तीव्रता इस बात पर निर्भर करती है कि महिला अपनी ऊर्जा में कितनी खुली और बहती है। चरमोत्कर्ष भगशेफ के आसपास स्थानीय हो सकता है या इसमें गर्भाशय ग्रीवा और गर्भ शामिल हो सकते हैं या इसमें पूरा शरीर शामिल हो सकता है। एक महिला जननांग रिलीज के बिना पूरे शरीर के चरमोत्कर्ष का अनुभव करने में भी सक्षम है। और वह चेन ऑर्गेज्म, मल्टीपल ऑर्गेज्म और फीमेल स्खलन (जिसे अमृता के नाम से भी जाना जाता है) में भी सक्षम है।
जहाँ तक मुझे पता है, कामोत्तेजना केवल शुद्ध आनंद और परमानंद की स्थिति है जहाँ समय और मन रुक जाते हैं। यह अनंत काल की झलक प्रदान करता है। यह भगवान / देवी का उपहार है। क्योंकि इस अवस्था को एक महिला के लिए इतने शक्तिशाली रूप से अनुभव किया जा सकता है, कुछ पुरुष इससे डरते हैं या इससे डरते हैं। यह तब महिला कामुकता के आसपास के सभी प्रकार के सिद्धांतों की ओर जाता है और प्रत्येक सिद्धांत महिलाओं को किसी तरह नियंत्रित करने या न करने देने की कोशिश करता है क्योंकि वह अपने पूर्ण विकसित कामोत्तेजक वैभव में है।
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14 फरवरी नजदीक है सफाई पर ध्यान देना प्रेम करना बलात्कार नही । मर्द वो है जो स्त्री को खुशी दे दर्द और गम नही।
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जननांग संभोग होने के लिए तीन भौतिक पहलू हैं जो खेल में आते हैं।
1) क्लिटोरिस और क्लिटोरल नेटवर्क की उत्तेजना।
2) त्रिकास्थि में कामोन्माद के लिए ट्रिगर बिंदु
3) योनि में संकुचन
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भोग क्षणिक नहीं है अगर तुम उसकी समस्त कलाओं से परिचित हो तो उसे पूर्ण चरम तक भोगकर असीम आनंद,सुकून का अनुभव कर सकते हो।
सम्भोग सिर्फ ऊपर चढ़कर दो मिनट उछल कूद मात्र नहीं है। इसे जितना आनंद और धैर्य से करोगे उतना आनंद और चरम सुख प्राप्त होगा
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स्त्री गुड फील होने पर सेक्स करती है
जबकि आदमी फील गुड करने के लिए सेक्स करता है!
जरा फिर से इसे पढ़ें.
ये एक फैक्ट है।
ये पोस्ट न तो नारीवादी है और न ही मर्दवादी है।
इसलिए कृपया यहाँ उधम न मचाएं। 😁
दोनों में से कोई भी गलत नहीं है। केवल एटीट्युड और एप्रोच का अंतर है। 🙃
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स्त्री हरदम तैयार रहती है बिस्तर में झुकने के लिए,
लेकिन शर्त ये है कि सामने वाले के पास ताकत होनी
चाहिए झुकाने के लिए।...🍌🍌💥💥
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लड़की का योनि कैसे चाटें : योनि चाटने के फायदे
योनि चाटने का तरीका ,सावधानियां आदि।।
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बहुत सारे लोग कहते हैं कि योनि चाटना बिल्कुल गलत है, दोस्तों योनि चाटना बिल्कुल भी गलत नहीं है क्योंकि योनि चाटना पूरी तरह से सेक्स करने की प्रक्रिया है। यदि आप लड़की की योनि नहीं चाटते हैं, तो लड़की पूरी तरह से उत्तेजित नहीं होगी। अगर लड़की पूरी तरह से उत्तेजित नहीं होती है तो आप दोनों को सेक्स करते समय कोई मज़ा नहीं आएगा।
सबसे पहले लड़की को फोरप्ले के साथ धीरे धीरे नंगा कर दो। उनके दोनों पैरों को फैला दें। इससे लड़की की योनि साफ देखी जा सकेगी।
अब धीरे से अपने हाथों से उसकी योनि को रगड़ें। कुछ ही समय में लड़की की योनि चिपचिपी हो जाएगी।
अब अपना मुँह लड़की की निप्पल पर रख कर चूसो। धीरे-धीरे अपने मुंह को उसके योनि की तरफ ले जाएं। अब होंठ से उसके योनि पर चुंबन दें । धीरे-धीरे इसके चिपचिपे योनि रस का स्वाद लें।
अब उसके योनि को अपने हाथ से पकड़ कर फैलाओ। अब आपको इसमें लालिमा दिखाई देगी। जहाँ योनि का छेद शुरू होता है वहाँ पर भगनासा है उसे चाटें , अब अपनी जीभ को योनि के अंदर डालें और योनि के अंदर का स्वाद लेने की कोशिश करें। अब इसे इस तरह से लें, आप इसके योनि को खाना चाहते हैं। उसके योनि को पूरा भर दो। और पूरी तरह से चूसो। थोड़ी देर बाद लड़की के योनि से सफेद पानी निकलने लगेगा। अगर पानी चाटना अच्छा न लगे आपको तो टिशू से साफ करें।
लड़की के योनि में शहद डालें। अब लड़की के योनि के स्वाद का आनंद लें। सेक्स करना हो तो उसके योनि को जरूर चूसें। योनि को तब तक चूसें जब तक कि योनि से पानी न निकल न जाए। हर लड़की का सबसे ज्यादा मजा उसकी खुद की योनि को चाटने में होता है। पर ध्यान रहे योनि साफ हो। आप योनि पर चॉकलेट रख कर ,आइसक्रीम रखकर भी मजा बढ़ाने के लिए चाट सकते हैं।
कई बार लड़कियां बिल्कुल भी उत्तेजित नहीं होती हैं, जब लड़कियां उत्तेजित नहीं होती हैं तो आपको लड़की की योनि चाटना चाहिए। जिस तरह पुरुष थोड़े समय में उत्तेजित हो जाते हैं, लड़कियां नहीं करती हैं, लड़कियां सेक्स करने के लिए उत्तेजित होने में थोड़ा अधिक समय लेती हैं।
इसलिए, लड़कियों को उत्तेजित करने के लिए, आपको लड़की की योनि को जीभ से चाटना चाहिए। लड़की की योनि को जीभ से चाटते समय, आपको हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि आपकी जीभ पर कोई भी मसालेदार पदार्थ न हो। यदि आपकी जीभ पर कोई रासायनिक पदार्थ है, तो यह महिला की योनि में जलन पैदा करता है। अगर आप कुछ खाये हैं तो मुँह साफ कर ले।
योनि चाटने से औरत को स्वर्गीय सुख मिलता है, जब मर्द औरत की योनि चाटता है तो औरत की योनि से पानी निकलने लगता है। एक बार जब महिला की योनि से पानी निकलने लगता है, तो आपको यह समझना होगा कि महिला सेक्स करने के लिए पूरी तरह से तैयार है, जब पुरुष अपनी जीभ महिला की योनि में डालता है, तो महिला को लगता है कि कोई अभी भी उसकी योनि मार रहा है जब पुरुष अपनी जीभ महिला की योनि में डालता है, फिर महिला को बहुत मज़ा आता है।
महिला को लगता है कि यह क्रिया घंटों तक चलती रहनी चाहिए, महिला की योनि को चाटते समय पुरुषों को अपनी जीभ को अच्छी तरह से हिलाना चाहिए। जितनी देर तुम औरत की योनि चाटोगे, औरत को उतना मज़ा आएगा।
इसलिए हमेशा ज्यादा समय तक योनि को चाटने की कोशिश करते रहें, अगर आप महिला की योनि को थोड़ी देर तक चाटते हैं तो औरत को बिल्कुल भी मजा नहीं आएगा। इसलिए औरत की योनि ज्यादा से ज्यादा समय तक चाटती रही।
जो पुरुष चिड़चिड़े या गुस्सैल होते हैं जब ऐसे पुरुष महिलाओं की योनि को चाटने लगते हैं, तो उनका स्वभाव बदल जाता है, उनकी चिड़चिड़ापन खत्म हो जाता है।
जिन लोगों को नींद नहीं आती है जब ऐसे लोग योनि को चाटना शुरू करते हैं तो ऐसे लोगों को कुछ ही दिनों में इस बीमारी से छुटकारा मिल जाता है, उन्हें अच्छी नींद आने लगती है।
#सावधानियां
कई बार लड़के योनि को चूसकर किसी लड़की का मजा लेना चाहते हैं। वास्तव में योनि को चूसना भी एक अलग प्रकार का आनंद है। लेकिन योनि को चूसते समय थोड़ी सावधानी बरतना आवश्यक है।
सबसे पहले लड़की के बालों को सेफ्टी रेजर या हेयर रिमूवर से साफ करें।
फिर उसके योनि को साबुन से अच्छी तरह धो लें।
यह भी पुष्टि करें कि लड़की को कोई बीमारी नहीं है। फिर आनन्द लें।
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बड़ी उम्र की औरतें मोहब्बत इसलिए नहीं करती कि तुम राम बनकर अहिल्या का उद्धार करोगे..
बड़ी उम्र की औरतें देखती है एक साया जिसकी छाँव में वो उम्र की थकान उतार सकें,वो ढूँढती हैं एक अल्हड़ दोस्त..जिसके साथ सड़क पर भींग सकें..
तुम में कुछ ख़ास है या तुम्हारी कमसिनी लालायित नहीं करती उन्हें वो चाहती हैं...एक हमसफ़र ऐसा हो...जिसकी वो दोस्त और प्रेमिका भी बन सकें...
कभी गुरूर आ जाए खुद पर तो आईने में देख लेना..
परिपक्व खूबसूरती और नादान सुंदरता में कितना फर्क होता हैं।.कभी लगे कि कुछ जीत लिया है तुमने तो झांकना उनके दिल में , खुद की हार पर कितना ख़ुश हो रही हैं वो...बड़ी उम्र की औरतें महज़ एक श्रद्धा की मूरत ढूँढ़ती हैं...।
जिसके गीत गुनगुनाते उम्र गुज़र जाए ।
बड़ी उम्र की औरतें जड़ से गहरी होती हैं...तुम तोड़ने जाओगे...तो ख़ुद की साँसें गँवा दोगे ।
बड़ी उम्र की औरतें भावुक प्रेम करती हैं...मगर इसका मतलब ये क़तई नहीं कि वो समझती नहीं...वो तुम्हारी नादानियाँ दरकिनार करती हैं!!
दरअसल इन्हें नहीं जीना अब छलावे की ज़िंदगी इसलिए अब वो पारदर्शी प्रेम चाहती हैं...
इससे पहले कि वक्त उड़ा ले जाए उनकी बची हुई नादानियाँ ..ये बड़ी उम्र की औरतें चंद लम्हों में सारी जिंदगी जीने की चाहत रखती हैं.।।
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जिसके हिस्से विरह
नहीं आया उसके लिए
प्रेम सिर्फ उपहास की वस्तु है...
❤️🙏
तुम्हारा दिलजित
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सेक्स के दौरान पुरुष द्वारा स्त्री के स्तनों को छूना,सहलाना,दबाना, मसलना, निप्पल को चूसना, दांतों से धीरे-धीरे काटना, उस पर अपना चेहरा रगड़ना प्यार और से**क्स का सर्वाधिक आनंद प्राप्त करने का जरिया होता है।
निप्पल को चाटने और चूसने का काम बारी-बारी से करें!!
निपल्स को चूसने का भी एक तरीका होता, है जैसे समझदार आदमी ही कर सकते है !!
पुरुषों द्वारा इन क्रियाओं के करने से स्त्री को आनंद और उत्तेजना की अनुभूति होती है।
स्त्री के स्तनों को दबाने, मसलने, चूसने और सहलाने से उनके भग में आनंददायक थिरकन का एहसास होता है,
जिसके कारण उनकी कामोत्तेजना बढ़ने लगती है और वे से**क्स करने के लिए तैयार हो जाती है और संतुष्टि प्राप्त करती हैं।
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स्त्रियाँ कुछ गणित सी होती है,
जिनसे सिर्फ प्रेम के गुणा ,
करने का पहाड़ा सुना गया ,
उनकी इच्छाएं सदैव ही ,
नानुकुर से भाग दी गई ।
जिंदगी के गणित ने स्त्रियों को,
कुछ ऐसा उलझाये रखा,
कि वो कभी अपने लिऐ,
जोङ नहीं पायी कुछ,
फुर्सत के लम्हे,
सिर्फ घटाती चली गई,
अपनो के लिए अपनी ,
खूबसूरती और उम्र ।
सच में ,स्त्रियाँ परिवार के,
चारों ओर वृत्तीय परिक्रमण ,
करती रही है और फेल होती रही,
जिंदगी के गणित में बारबार ।❤
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पड़ोसन का नीला दुपट्टा
मोहल्ले में नई बहुत ही खूबसूरत और जवान पड़ोसन रहने आई😀
और उस ने धीरे धीरे मोहल्ले के घरों में आना जाना शुरू किया....
एक दिन वह पड़ोसन सब्ज़ी वाले की दुकान पर वर्मा जी को मिली😀
उसने खुद आगे बढ़कर वर्मा जी को नमस्ते किया😀 वर्मा जी को अपनी क़िस्मत पर बड़ा गर्व हुआ😀पड़ोसन बोली:- वर्मा जी,बुरा ना मानें तो आपसे कुछ समझना था.... 🤔
वर्मा जी तो ख़ुशी से पगला ही गए😀वजह ये भी थी कि पड़ोसन ने आम अनजान औरतों की तरह भैय्या नहींं कहा था,बल्कि वर्मा साहब कहा था !
वर्मा जी ने बड़ी मुश्किल से अपनी ख़ुशी छुपाते हुए बड़े प्यारे अंदाज़ में जवाब दिया:- जी बताइए !
पड़ोसन ने कहा:- मेरे पति अक्सर काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं,मैं इतनी पढ़ी लिखी नहीं हूं🤔 इसलिए स्कूल में बच्चों के दाखिले के लिए आपके साथ की ज़रुरत थी !🤔
वो आगे बोली:- यूं सड़क पर खड़े होकर बातें करना ठीक नहीं है,इसलिए अगर आपके पास वक़्त हो तो मेरे घर चल कर कुछ मिनट मुझे समझा दें,ताकि मैं कल ही बच्चों का दाखिला करा दूँ !🤔
ख़ुशी से पगले हुए वर्मा जी कुछ मिनट तो क्या सदियां बिताने को तैयार थे😀
उन्होंने फ़ौरन कहा:- जी ज़रूर,चलिए !
वर्मा जी पड़ोसन के साथ घर में दाखिल हुए😀अभी सोफे पर बैठे ही थे कि बाहर किसी स्कूटर के रुकने की आवाज़ आई.... 😀
पड़ोसन ने घबराकर कहा:- हे भगवान......🤔
लगता है मेरे पतिदेव आ गए🤔
उन्होंने यहाँ आपको देख लिया तो वो मेरा और आपका दोनों का खून ही कर डालेंगे,कुछ भी नहीं सुनेंगे🤔
आप,आप एक काम कीजिये वो सामने कपड़ों का ढेर है, आप ये नीला दुपट्टा सर पर डाल लें और उन कपड़ों पर इस्त्री करना शुरू कर दें😀
मैं उनसे कह दूँगी कि प्रेस वाली मौसी काम कर रही है😀
वर्मा जी ने जल्दी से नीला दुपट्टा ओढ़कर शानदार घूंघट निकाला😀 और उस कपडे के ढेर से कपडे लेकर प्रेस करने लगे.....😀
तीन घंटे तक वर्मा जी ने ढेर लगे सभी कपड़ों पर इस्त्री कर डाली...😀
आखरी कपडे पर इस्त्री पूरी हुई तब तक पड़ोसन का खुर्रांट पति भी वापस चला गया था😀
पसीने से लथपथ और थकान से निढाल वर्मा जी दुपट्टा फेंक कर घर से बाहर भागे😀
अभी वो निकल कर चार क़दम चले ही थे कि सामने से उनके पडोसी दुबे जी आते दिखाई दिए....
वर्मा जी की हालत देख कर दुबे जी ने पूछा:- कितनी देर से अंदर थे ? 😀
वर्मा जी ने कहा:- तीन घंटों से..😭
क्योंकि उसका पति आ गया था,इसलिए तीन घंटों से कपड़ों पर इस्त्री कर रहा था !😭
दुबे जी ने आह भर कर कहा:- जिन कपड़ों पर तुमने तीन घंटे घूंघट निकाल कर इस्त्री की है उस कपड़ों के ढेर को कल मैंने चार घंटे बैठ कर धोया था 😎
क्या तुमने भी नीला दुपट्टा ओढ़ा था ? 😀
😀😀😀
मौके पे चौका के चक्कर में करना पड़ झाड़ू चौका
🤣🤣🤣😂😂😂
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@everyone
बड़ी उम्र की स्त्रियाँ
प्रेम किसी के साथ जीने के लिये नही करतीं,
वो देखतीं हैं एक साया
जिसकी छांव में वो उम्र की थकान उतार सकें,
वो ढूँढ़तीं हैं एक अल्हड़ दोस्त
जिसके साथ वो सड़क पर भीग सकें,
परिपक्व खूबसूरती और नादान
खूबसूरती में बहुत फ़र्क़ होता है
इसलिये तो वे पूजा की थाली होतीं हैं,
उन्हें कभी तोड़ा नही जा सकता
वो बहुत गहरी होती हैं
वह प्रेमी की हर नादानी को
दरकिनार कर बेहद भावुक प्रेम करती हैं,
वह छलावे की ज़िंदगी से
हटकर पारदर्शी प्रेम चाहती हैं
इससे पहले वक़्त उड़ा ले जाए
उसकी सारी बची नादानियाँ
ये बड़ी उम्र की स्त्रियाँ
चंद लम्हों में सारी ज़िंदगी
जीने की चाहत रखतीं हैं
वोह आप से खुले मे मोहब्बत चाहती है
बस उस यही डर सताता है
की लोग काय कहे गे
वोह चाहती है
कुछ पल अपनी बीती जवानी को
फिर से जी लू
जो प्रेम गली में आया ही नहीं
प्रीतम का ठिकाना क्या जाने...
जिसने कभी प्रीत लगाई नहीं
वो प्रीत निभाना क्या जाने.....
मीरा थी दिवानी मोहन की
संसार दिवाना क्या जाने.....
जिस दिल में न पैदा दर्द हुआ
वो पीर पराई क्या जाने..!! 🙏💖
तुम्हारा दिलजीत
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♥️❤️❤️🌿❤️❤️
40+ उम्र की स्त्रियों के यौवन पर
पुरुष अक़्सर लिख तो देते हैं
कि इस उम्र की स्त्रियों को चाहिए क्या ! .. .
पर कभी पूछा नहीं होगा की सत्य में क्या चाहिए. ..
दरअसल 40+ उम्र की स्त्रियों को
प्रेम चाहिए होता है. .
हवस या हवसी नहीं. ..
लेकिन कुछ पुरुषों को छोड़ अधिकाौश पुरुष
को लगता है
की स्त्रियाँ बस शरीर की लोभ में रहती. .. !!
खैर पुरुष कभी जान भी नहीं पायेंगे. .
सिवाय आँकलन करने के !!
जिस पुरुष ने स्त्री को आत्मिक गहराई तक समझ लिया,
वही पुरुष इस सँसार में पुरुषत्व रखता है...
शायद इसलिए ही कहा गया है कि
स्त्रियों में सारी कलाएँ विराजित हैं
जिस से पुरुष कभी जीत नहीं पायेंगे. !!
❤️❤️❤️🌿❤️❤️
तुम्हारा दिलजीत 💋
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वासना के भिक्षा पात्र में कभी भी प्रेम नहीं समा सकता है । इसीलिए तो स्त्री उस पुरुष को खोजती है जो प्रेम के योग्य हो । उसे वासना नहीं चाहिए ।
उसे शुद्ध प्रेम, वह भी गहराई से करने वाला चाहिए ।
वासना से भरा पुरुष हमेशा स्त्री को वासना का एक साधन ही समझता है । वह उसे पुज्या नहीं भोग्या ही समझता है । वह हर पल वासना की दृष्टि से देखते रहता है । वह उसे प्रेम कि नजर से नहीं देखता है । जबकि स्त्री सदैव प्रेम से भरी रहती है । वह सदैव पूर्ण रहती है ।
स्त्री की निरंतर एक ही खोज चलती रहती है । वह सुन्दर पुरुष को खोज नहीं करती है । वह एक प्रेम करने वाला और उसे समझने वाला पुरूष की खोज करती है । स्त्री की खोज कभी भी नहीं रुकती है । वह सदैव उसे ही खोजती है । जिस पर वह अपने प्रेम की वर्षा करे । स्त्री की इसी निरंतर खोज पर पुरुष उसके चरित्र पर प्रश्न चिन्ह लगा देता है । एक विफल पुरुष और कर भी क्या सकता है । केवल स्त्री पर प्रश्न चिन्ह लगाने के सिवाय ।
स्त्री, पुरुष में वासना नहीं, वह सदैव प्रेम खोजती रहती है । वह प्रेम के गहनता तक उतरना चहाती है । वह रुह तक प्रेम का स्पर्श करना चहाती है । वह अमर प्रेम खोजती है जो एकरुपता से उसे प्रेम करें । प्रेम की बरखा में रंग जाना चहाती है । वह प्रेम से रंगने वाला रंगरेज खोजती है ।और शायद इसीलिए स्त्री प्रेम की चाह में अपना देह सौपती है और पुरुष देह की लालसा में प्रेम करता है।
तुम्हारा दिलजीत
Kontent 18 yoshdan oshgan foydalanuvchilar uchun mavjud
Xizmatga kirish orqali siz 18 yoshdan oshganingizni tasdiqlaysiz.
