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MPPSC 2026 PRE + MAINS NOTES #MPPSC MAINS 2025 MP PSC TEST SERIES CURRENT AFFAIRS MP CURRENT AFFAIRS

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Ko'proq ko'rsatish

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MPPSC 2026 PRE + MAINS NOTES #MPPSC MAINS 2025 MP PSC TEST SERIES CURRENT AFFAIRS MP CURRENT AFFAIRS (@mp_psc_notes) Hind til segmentidagi kanali faol ishtirokchi. Hozirda hamjamiyat 13 663 obunachidan iborat bo'lib, Taʼlim toifasida 14 921-o'rinni va Hindiston mintaqasida 29 104-o'rinni egallagan.

📊 Auditoriya ko‘rsatkichlari va dinamika

невідомо sanasidan buyon loyiha tez o‘sib, 13 663 obunachiga ega bo‘ldi.

12 Oktabr, 2026 dagi oxirgi ma’lumotlarga ko‘ra kanal barqaror faollikka ega. Oxirgi 30 kunda obunachilar soni -97 ga, so‘nggi 24 soatda esa 0 ga o‘zgardi va umumiy qamrov yuqori darajada qolmoqda.

  • Tasdiqlash holati: Tasdiqlanmagan
  • Jalb etish (ER): Auditoriya o‘rtacha 8.36% darajada jalb etiladi. Nashrdan keyingi dastlabki 24 soatda kontent odatda umumiy obunachilar sonining 4.84% ini tashkil etuvchi reaksiyalarni to‘playdi.
  • Post qamrovi: Har bir post o‘rtacha 1 144 marta ko‘riladi; birinchi sutkada odatda 662 ta ko‘rish yig‘iladi.
  • Reaksiyalar va o‘zaro ta’sir: Auditoriya faol: har bir postga o‘rtacha 1 ta reaksiya keladi.
  • Tematik yo‘nalishlar: Kontent 2025, ऑफर, परीक्षा, स्टेशनरी, अमेजॉन kabi asosiy mavzularga jamlangan.

📝 Tavsif va kontent siyosati

Muallif resursni shaxsiy fikrni ifoda etish maydoni sifatida ta’riflaydi:
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Yuqori yangilanish chastotasi (oxirgi ma’lumot 13 Oktabr, 2026 da olingan) sababli kanal doimo dolzarb va katta qamrovli bo‘lib qoladi. Analitika auditoriya kontent bilan faol hamkorlik qilishini, uni Taʼlim toifasidagi muhim ta’sir nuqtasiga aylantirishini ko‘rsatadi.

13 663
Obunachilar
Ma'lumot yo'q24 soatlar
-57 kun
-9730 kun
Postlar arxiv
Environment Vision IAS PT 365 2023.pdf23.50 MB

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योजना मैगजीन - मार्च 2023.pdf ┈┈┈┈┈┈┈┈┈┈┈┈┈ Join 🔜 @pdf_bhandar Join 🔜 @pdf_bhandar ━━━━━━━━━━━━━

तू अपनी ख़ूबियां ढूंढ़ कमियां निकालने के लिए लोग हैं  अगर रखना ही है कदम तो आगे रख, पीछे खींचने के लिए लोग हैं। सपने देखने ही हैं तो ऊंचे देख, नीचा दिखाने के लिए लोग हैं। अपने अंदर जुनून की चिंगारी भड़का, जलने के लिए लोग हैं। अगर बनानी है तो यादें बना, बातें बनाने के लिए लोग हैं। प्यार करना है तो खुद से कर, दुश्मनी करने के लिए लोग हैं। रहना है तो बच्चा बनकर रह, समझदार बनाने के लिए लोग हैं। भरोसा रखना है तो ख़ुद पर रख, शक करने के लिए लोग हैं। तू बस संवार ले खुद को आईना दिखाने के लिए लोग हैं। खुद की अलग पहचान बना भीड़ में चलने के लिए लोग हैं। तू कुछ करके दिखा दुनिया को बस कुछ करके दिखा, तालियां बजाने के लिए लोग हैं। ✍👍✌️🎯🏆 अपनी उपयोगिता के अनुसार चैनल अभी JOIN करें मुख्य ग्रुप @MPEXAMGURUJIofficial 🔰@MP_PATWARI_NOTES 🔰 @MP_PSC_NOTES 🔰 @MP_CPCT_NOTES 🔰 @ROJGAR_NIRMAN 🔰 @MPPSCTESTSERIES0 🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯 SHARE & SUPPORT👍✌️🎯

रॉलेट एक्ट कानून सर सिडनी रौलेट की अध्यक्षता वाली सेडिशन समिति की शिफारिशों के आधार पर बनाया गया था। अंग्रेज सरकार ने 1916 में न्यायाधीश सिडनी रौलट की अध्यक्षता में एक समिति गठित की, जिसका कार्य भारत में क्रांतिकारी आतंकवाद को कुचलने के लिए एक प्रभावी योजना का निर्माण करना था। रॉलेट एक्ट का सरकारी नाम अराजक और क्रांतिकारी अपराध अधिनियम, 1919 (The Anarchical and Revolutionary Crime Act of 1919) था जिसे ब्रिटिश संसद ने 18 मार्च, 1919 में पारित किया था। रॉलेट एक्ट को 'काला कानून' भी कहा जाता है। रॉलेट एक्ट, 1919 के माध्यम से ब्रिटिश सरकार का मुख्य उद्देश्य क्रांतिकारी गतिविधियों को कुचलने के नाम पर भारतीयों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को समाप्त करना था। इस एक्ट की मुख्य बातें निम्नलिखित थी - · बिना वारंट के तलाशी,गिरफ़्तारी तथा बंदी प्रत्यक्षीकरण के अधिकार को रद्द करने की शक्ति । · अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मौलिक अधिकारों पर अंकुश लगाया गया । · 2 साल तक बिना किसी ट्रायल के राजनीतिक कैदियों को हिरासत में रखने की अनुमति। · अदालत में बिना मुकदमा चलाए जेल में बंद करने का अधिकार। · राजद्रोह के मुकदमे की सुनवाई के लिए एक अलग न्यायालय की स्थापना। · मुकदमे के फैसले के बाद किसी उच्च न्यायालय में अपील करने का अधिकार नहीं। · अपराधी को उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने वाले का नाम जानने का अधिकार नहीं। · जजों को बिना जूरी की सहायता से सुनवाई करने का अधिकार। · प्रेस की स्वतंत्रता का दमन। · अपनी इच्छा अनुसार किसी व्यक्ति को कारावास देने अधिकार। · देश से निष्कासित कर देने अधिकार। 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में इस एक्ट का विरोध करने के लिए एक सभा का आयोजन किया गया जिसकी परिणति निर्दोष लोगो पर गोली चलाने के जनरल डायर के आदेश से हुई और जलियांवाला बाग हत्याकांड हुआ।

#पर्यावरण ■ यूरेशियन ऊदबिलाव ने जगाई जम्मू-कश्मीर धारा की उम्मीद- ✅तीन यूरेशियन ऊदबिलाव को हाल ही में जम्मू और कश्मीर में चिनाब जलग्रहण क्षेत्र की नीरू धारा में देखा गया था। ● यूरेशियन ऊदबिलाव: ✅यह एक अर्ध-जलीय मांसाहारी स्तनपायी है। ✅वैज्ञानिक नाम: Lutra lutra ● वितरण: ✅इसमें सभी पैलेआर्कटिक स्तनधारियों का सबसे व्यापक वितरण है। ✅इसकी श्रेणी में तीन महाद्वीपों के हिस्से शामिल हैं: यूरोप, एशिया और अफ्रीका। ✅भारत में, यह उत्तरी, पूर्वोत्तर और दक्षिणी भारत में होता है। ● पर्यावास: ✅यह विभिन्न प्रकार के जलीय आवासों में रहता है, जिनमें हाइलैंड और तराई की झीलें, नदियाँ, नाले, दलदल, दलदली जंगल और तटीय क्षेत्र शामिल हैं। ✅भारतीय उपमहाद्वीप में, यूरेशियन ऊदबिलाव ठंडी पहाड़ी और पहाड़ी धाराओं में पाए जाते हैं। ● विशेषताएं: ✅इसकी मोटी पूंछ और छोटे पैरों के साथ एक लंबा सुडौल शरीर है। ✅शिकार का पता लगाने में मदद के लिए इसमें थूथन के चारों ओर संवेदनशील मूंछें होती हैं। ✅इसमें फर की दो परतें होती हैं: एक मोटी जलरोधक बाहरी परत और 50,000 बाल/सेमी 2 के साथ एक गर्म भीतरी परत ✅इसमें देखने, सूंघने और सुनने की तीव्र समझ होती है। ● संरक्षण की स्थिति: ✅IUCN: खतरे के करीब ✅वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972: अनुसूची II ✅CITES: परिशिष्ट I ● प्रीलिम्स टेक अवे: ✅यूरेशियन ऊदबिलाव ✅संरक्षण की स्थिति स्रोत- द हिंदू

#worldgeography #studyforcivilservices #uppsc #uppcs #roaro #pcs ऑरेंज नदी ✍️ - ऑरेंज नदी दक्षिणी अफ्रीका की एक नदी है। ✍️ - यह दक्षिण अफ्रीका की सीमा में अवस्थित सबसे लंबी नदी है। ✍️ - ऑरेंज रिवर बेसिन लेसोथो से दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से उत्तर में बड़े पैमाने पर फैला हुआ है। ✍️ - इसका उद्गम स्थल लेसोथो में ड्रेकेन्सबर्ग पहाड़ों से होता है। ✍️ - यह नदी दक्षिण अफ्रीका और लेसोथो के मध्य एवं दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया के मध्य अंतरराष्ट्रीय सीमा का निर्माण करती है। जाम्बेजी नदी ✍️ - ज़ाम्बेजी अफ्रीका की चौथी सबसे लंबी नदी है और अफ्रीका की सबसे लंबी पूर्व की ओर बहने वाली नदी है। ✍️ - नदी अंगोला, ज़ाम्बिया, नामीबिया, बोत्सवाना, ज़िम्बाब्वे और मोज़ाम्बिक की सीमाओं को पार करती है/बनाती है। ✍️ - करीबा और कहोरा बासा बांध, अफ्रीका की दो सबसे बड़ी पनबिजली परियोजनाएँ ज़ाम्बेजी नदी पर स्थित हैं।

गांधी द्वारा स्थापित आश्रम – फीनिक्स आश्रम – साउथ अफ्रीका 1904 टालस्टाय फार्म – साउथ अफ्रीका 1910 साबरमती आश्रम – अहमदाबाद 19
गांधी द्वारा स्थापित आश्रम – फीनिक्स आश्रम     –   साउथ अफ्रीका 1904 टालस्टाय फार्म        –   साउथ अफ्रीका 1910 साबरमती आश्रम    –   अहमदाबाद 1915 वर्धा सेवाग्राम आश्रम –  महाराष्ट्र 1936 🍀✅✅💫

#Patwari Exam 17/03/2023 Second shift ज्ञानोदय इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी ग्राम कनावटी नीमच में परीक्षा का आयोज
#Patwari Exam 17/03/2023 Second shift ज्ञानोदय इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी ग्राम कनावटी नीमच में परीक्षा का आयोजन नहीं हुआ संबंधित परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड द्वारा जारी होंगे JOIN NOW @MPEXAMGURUJIOFFICIAL @MP_PATWARI_NOTES

भारत का विधि आयोग ✍️- भारतीय विधि आयोग न तो एक संवैधानिक निकाय है और न ही वैधानिक निकाय। यह भारत सरकार के आदेश से गठित एक कार्यकारी निकाय है। इसका प्रमुख कार्य है, कानूनी सुधारों हेतु कार्य करना। ✍️-स्वतंत्रता के बाद वर्ष 1955 में पहला विधि आयोग स्थापित किया गया था। भारत के तत्कालीन अटॉर्नी जनरल एम.सी. सीतलवाड की अध्यक्षता में प्रथम विधि आयोग का गठन किया गया था। ✍️-भारत के 21वें विधि आयोग का गठन 1 सितंबर 2015 को 3 वर्ष की अवधि के लिए किया गया था। आम तौर पर प्रत्येक विधि आयोग का गठन 3 वर्ष की अवधि के लिए होता है। ✍️-22वें विधि आयोग का गठन 21 फरवरी 2020 को किया गया था। ✍️-सबसे पहली बार प्रथम विधि आयोग वर्ष 1834 में 1833 के चार्टर एक्ट के तहत लॉर्ड मैकाले की अध्यक्षता में गठित किया गया था जिसने दंड संहिता और दंड प्रक्रिया संहिता को संहिताबद्ध करने की सिफ़ारिश की। ✍️-इसके बाद द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ विधि आयोग, जो क्रमशः वर्ष 1853, 1861 और 1879 में गठित किये गए थे, ने 50 वर्ष की अवधि में उस समय प्रचलित अंग्रेजी क़ानूनों के पैटर्न पर, जिन्हें कि भारतीय दशाओं के अनुकूल किया गया था, की व्यापक किस्मों से भारतीय विधि जगत को समृद्ध किया।

17 march 1st shift . Haddu khan ke baare me ques aaya Burhanpur naam kis basis PR rakha hai Lepakshi painting kis state se sa
17 march 1st shift . Haddu khan ke baare me ques aaya Burhanpur naam kis basis PR rakha hai Lepakshi painting kis state se sambandhit hai Pm dhruv scheme ka sambandh kisse hai 2016 tk india me international water tribunal kitne Bane hai Maikal satpura vindhya ka milan kis jagah pr hai madhya pradesh mw Ruchi श्रीवास्तव ka sambandh kis khel se hai Join @MPEXAMGURUJIOFFICIAL

म.प्र.करेन्‍ट अफेयर्स 2023.pdf

कड़ी धूप में निकले हैं तब भूभल से घबराना क्या सागर में जब कूदे तब डूबे डूबे चिल्लाना क्या दुनियाँ में जब आयें हैं तब दुःख से पिण्ड छुड़ाना क्या आफत ,चिन्ता ,मौत ,निराशा से भगना भय खाना क्या मिले सफलता या असफलता इस में मन उलझाना क्या आगे कदम बढ़ा देने पर पीछे उसे हटाना क्या?

महत्वपूर्ण बौद्ध मुद्राएँ 1. . ध्यान मुद्रा- यह दो हाथों की सहायता से की जाती है, जिन्हें गोद में रखा जाता है और दाएँ हाथ को बाएँ हाथ पर फैली हुई उँगलियों (अंगूठे ऊपर की ओर और दोनों हाथों की अन्य उंगलियाँ एक-दूसरे पर टिकी होती हैं) के साथ किया जाता है। बुद्ध शाक्यमुनि, ध्यानी बुद्ध अमिताभ और औषधि बुद्ध की विशिष्ट मुद्रा। 2. धर्मचक्र मुद्रा इसे 'धर्म चक्र की शिक्षा' के संकेत के रूप में भी कहा जाता है जो बुद्ध के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक का वर्णन करता है जब उन्होंने ज्ञान प्राप्त करने के बाद सारनाथ में अपने पहले धर्मोपदेश में धर्मचक्र मुद्रा का प्रदर्शन किया था। यह दोनों हाथों की मदद से किया जाता है, जो छाती के खिलाफ होते हैं, बायीं ओर अंदर की ओर, दाहिनी ओर बाहर की ओर ढके होते हैं। 3. भूमिस्पर्श मुद्रा इस इशारे को "पृथ्वी को छूने" के रूप में भी जाना जाता है जो बुद्ध के जागरण के क्षण का प्रतिनिधित्व करता है क्योंकि वह दावा करता है कि पृथ्वी उनके ज्ञानोदय की गवाह है। यह दाहिने हाथ की मदद से किया जाता है, जो दाहिने घुटने के ऊपर होता है, कमल के सिंहासन को छूते हुए हथेली को अंदर की ओर रखते हुए जमीन की ओर पहुंचता है। 4. कर्ण मुद्रा यह इशारा बुराई को दूर करने का प्रतीक है जो तर्जनी और छोटी उंगली को ऊपर उठाकर और अन्य उंगलियों को मोड़कर किया जाता है। यह बीमारी या नकारात्मक विचारों को कम करने में मदद करता है। 5. वितर्क मुद्रा यह बुद्ध की शिक्षाओं की चर्चा और प्रसारण को दर्शाता है। यह अन्य अंगुलियों को सीधा रखते हुए अंगूठे और तर्जनी की युक्तियों को एक साथ जोड़कर किया जाता है, जो कि अभय मुद्रा और वरदा मुद्रा के समान है लेकिन इस मुद्रा में अंगूठा तर्जनी को छूता है। 6. अभय मुद्रा यह निर्भयता या आशीर्वाद का इशारा है जो सुरक्षा, शांति, परोपकार और भय को दूर करने का प्रतिनिधित्व करता है। यह दाहिने हाथ की मदद से झुकी हुई भुजा के साथ कंधे की ऊंचाई तक उठाकर किया जाता है और हथेली का चेहरा उँगलियों के साथ बाहर की ओर होता है जबकि बायाँ हाथ खड़े होने पर नीचे लटकता है। यह इशारा बुद्ध शाक्यमुनि और ध्यानी बुद्ध अमोघसिद्धि की विशेषता है। 7. उत्तरबोधि मुद्रा यह दिव्य सार्वभौमिक ऊर्जा के साथ स्वयं को जोड़कर सर्वोच्च ज्ञान को दर्शाता है। यह दोनों हाथों की मदद से किया जाता है, जो हृदय पर तर्जनी उंगलियों को छूने और ऊपर की ओर इशारा करते हुए और शेष उंगलियों को आपस में जोड़कर रखा जाता है। 8. अंजलि मुद्रा इसे 'नमस्कार मुद्रा' या 'हृदयंजलि मुद्रा' भी कहा जाता है, जो अभिवादन, प्रार्थना और आराधना के भाव का प्रतिनिधित्व करती है। यह हाथों की हथेलियों को आपस में दबाकर किया जाता है जिसमें हाथों को हृदय चक्र पर रखा जाता है और अंगूठे उरोस्थि के खिलाफ हल्के से आराम करते हैं।

🔆अंतर्राष्ट्रीय संगठन और उनके मुख्यालय ✅संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी): न्यूयॉर्क ✅संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी): नैरोबी ✅विश्व खाद्य कार्यक्रम: रोम ✅कृषि विकास के लिए अंतर्राष्ट्रीय कोष: रोम ✅अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक संगठन: जिनेवा ✅यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन : बर्न ✅विश्व स्वास्थ्य संगठन: जिनेवा ✅संयुक्त राष्ट्र महिला: न्यूयॉर्क ✅एशियाई विकास बैंक : मनीला ✅बैंक ऑफ इंटरनेशनल सेटलमेंट: बेसल ✅अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन: मॉन्ट्रियल ✅अंतर्राष्ट्रीय शांति ब्यूरो: जिनेवा ✅पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन: वियना ✅संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन: रोम ✅प्रकृति के लिए वर्ल वाइड : ग्रंथि ✅संयुक्त राष्ट्र ड्रग्स और अपराध कार्यालय: वियना

जैव विविधता संरक्षण की दिशा में भारत में शुरू किए गए कार्यक्रम: ✅ केंद्रीय बजट 2023 : इसमें सात प्राथमिकताओं/सप्तऋषियों में से एक के रूप में "हरित विकास" का उल्लेख किया गया है। ✅हरित भारत के लिए राष्ट्रीय मिशन: इसका उद्देश्य निम्नीकृत भूमि पर वन आवरण को बढ़ाना और मौजूदा वन भूमि की रक्षा करना है। ✅द ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम: यह कंपनियों, व्यक्तियों और स्थानीय निकायों द्वारा पर्यावरण की दृष्टि से स्थायी और उत्तरदायी कार्यों को प्रोत्साहित करता है। ✅ द मैंग्रोव इनिशिएटिव फॉर शोरलाइन हैबिटेट्स एंड टैंजिबल इनकम (मिष्टी): जलवायु परिवर्तन को कम करने में मैंग्रोव और तटीय पारिस्थितिक तंत्र के महत्व के कारण यह महत्वपूर्ण है। ✅धरती की बहाली, जागरूकता, पोषण और सुधार के लिए पीएम कार्यक्रम (PM-PRANAM): इसका उद्देश्य सिंथेटिक उर्वरकों और कीटनाशकों के इनपुट को कम करना है, जो कृषि को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। ✅अमृत धरोहर योजना: यह आर्द्रभूमि के इष्टतम उपयोग को प्रोत्साहित करने और स्थानीय समुदायों के लिए जैव विविधता, कार्बन स्टॉक, पर्यावरण-पर्यटन के अवसरों और आय सृजन को बढ़ाने की उम्मीद है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा प्रवासी जलपक्षी को सुरक्षित रखने के लिए उत्तर प्रदेश में रामासर आर्द्रभूमि हैदरपुर की जल निकासी को रोकने के लिए हाल ही में किया गया हस्तक्षेप उत्साहजनक है।