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Obunachilar
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देखते हैं अब क्या मुकाम आता है साहब..!!
सूखे पत्ते को इश्क़ हुआ है बहती हवा से..!!!
एक वक्त था जब मैं भी बेहद डरा करता था तुझे खोने से
एक वक्त ये आज है मुझे फ़र्क़ नहीं पड़ता तेरे होने या ना होने से ।
अब समझ लेता हूँ मीठे लफ़्ज़ों की कड़वाहट,
हो गया है ज़िन्दगी का तज़ुर्बा थोड़ा थोड़ा।
#_____________thakur✍
लुटा के हम अपनी ज़िन्दगी तुझपे बस इतना ही जान सके,
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मोहब्बत एक वहम है और वहम का कोई इलाज नहीं!!
#thakur
लिखना था कि
खुश हैं तेरे बगैर भी यहां हम,
मगर कमबख्त...
आंसू हैं कि कलम से
पहले ही चल दिए।
तुम्हें पाने की जिद्द थी और अब है भुलाने का ख्वाब ।
ना तो जिद्द ही पूरी हुई,और ना पूरा हुआ मेरा ख्वाब ।।
