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Obunachilar
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काश,,
आखिरी रोजे की इक तस्वीर पेश हो जाये,,
मैं तुझे देखूं चाँद के बहाने और मेरी ईद हो जाये....!!
कुछ फन कुचलने का हुनर भी सीख ऐ-दिल,
साँप के खौंफ से हर बार जंगल तो नहीं छोड़ा जाता !
तुम्हें तलब कहूं, ख्वाहिश कहूं, या ज़िंदगी,..!!
तुमसे तुम तक का सफर है मेरी ज़िंदगी ..!!
किसी से मिल ना सको तो ख़ुदा का शुक्र करो,
किसी से मिलकर बिछड़ना बड़ा ही दुःख देता है।
काश चाहने वाले , हमेशा चाहने वाले ही रहते ,
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पर लोग बदल जाते हैं अक्सर मोहब्बत हो जाने के बाद .!!!
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#thakur_sahab
ये जो मेरे हालात हैं ना एक दिन सुधर जायेंगे मगर,
तब तक कई लोग मेरे दिल से उतर जायेंगे...✍
तकदीर के लिखे पर कभी शिकवा ना किया कर ए बंदे,
तू इतना अकलमंद नही जो खुदा के इरादे समझ सके…
चलती हुई "कहानियों" के जवाब तो बहुत हैं मेरे पास
लेकिन खत्म हुए "किस्सों" के लिए खामोशी ही बेहतर है...
