879
Obunachilar
-124 soatlar
-47 kun
-1730 kun
Postlar arxiv
बदलते हुए लोगो के बारे में आखिर क्या कहूँ मैं?
मैंने तो अपना ही प्यार किसी और का होते देखा हैं..!!😢😢
तेरा चेहरा कितना सुहाना लगता है,
तेरे आगे चाँद पुराना लगता है !
तिरछे तिरछे तीर नजर के आते है,
सीधा सीधा दिल पे निशाना लगता है !
Wo ruth gye hmse ab samne aate nhi...
Hmm kyaa kare dosto galti unki hai issliye hmm manate nhi....
💞🍃एहसास तो मेरे सनम को भी बहुत है....मेरी मोहब्बत का 💕
वो तड़पाता इसलिए है...कि मैं और टूट के चाहूं उसे...!!💞🍃.
आईना देखोगे तो मेरी याद आएगी
साथ गुज़री वो मुलाकात याद आएगी
पल भर क लिए वक़्त ठहर जाएगा,
जब आपको मेरी कोई बात याद आएगी !
मेरी खामोशी से किसी को
फर्क नहीं पड़ता...
और शिकायत के दो लफ्ज़ कहूँ तो
चुभ जाते है...!!
जिसके गलतियो से भी मैंने रिश्ता निभाया था
उसी ने हमें फालतु होने का एहसास दिलाया था💔🥺
