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Obunachilar
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जाने किस तरह से छूते हैं लोग के
बीमार हुए जा रहे हैं,
हमें छुआ था उसने तो इश्क हुआ था,, 🤔
जब मेरी इतनी मोहब्बत, तुम्हें मेरी ना कर सकी,
तो, तुम, किसी और की मोहब्बत की, कदर क्या करोगे !!
कुछ ठोकरों के बाद , नज़ाक़त आ गई मुझ मे...
मैं अब दिल के मशवरों पे , भरोसा नहीं करती....!!
कुछ ठोकरों के बाद , नज़ाक़त आ गई मुझ मे...
मैं अब दिल के मशवरों पे , भरोसा नहीं करता....!!
कैसे अजीब लोग बसे हैं तेरी दुनियां में ऐ खुदा...
शौक ए दोस्ती भी रखते हैं और याद भी नहीं करते...
*गेरों ने नसीहत दी,, और दिया अपनो ने धोखा.*
*ये दुनिया है साहब, यहाँ चाहिए हर किसी को मौका..*
*यूं ही छोटी सी बात पर*
*ताल्लुकात बिगड जाते है*
*मुद्दा होता है "सही क्या" है*
*और लोग "सही कौन" पर उलझ जाते है*
उसके पास रहती हूं तो शहज़ादी सी रखता है...!
बदतमीज़ी तो दूर, उसे " तू " कह बुलाना नही आता ...।।
एक वक्त था जब उन्हें हमारी ख़ामोशी मार देती थी
और एक आज का वक्त है उन्हें हमसे दूर रहने से भी कुछ फर्क नहीं पड़ता
तुम जो चाहो तो मुझे छोड़ के जा सकती हो,,
तुमसे पहले भी किसी को नहीं रोका मैने ...!!
हो गयी हो कोई भूल तो दिल से माफ़ कर देना
सुना है सोने के बाद हर किसी की सुबह नहीं होती 😊
