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{यूरोपीय का आगमन }
(भूमिका )
. भारत से यूरोप के व्यापारिक संबंध प्राचीन काल से ही रहे है
* 1453 में उस्मानिया सल्तनत का अधिकार कुस्तुन्तुनिया (तुर्की) पर हो गया और यँहा पर ओटोमन साम्रज्य की स्थापना हुई !
* जिसके पश्चचात ओटोमन शासको द्वारा यूरोप के लिए सारे व्यापारिक मार्ग बंद कर दिए और ये सभी मार्ग तुर्के के अधीन आ गया !
* इसी समय मे यूरोप में दिक सूचक यंत्र आ आविष्कार हुआ जिसे समुद्री यात्रा अत्यंत सुगम हो गयी और नये नये व्यापारिक मार्ग खोजे जाने लगे
~ कुछ महत्वपूर्ण खोजे ~
* अमेरिका -1492 क्रिस्टोफर कोलबन्स (स्पेन )
* आस्ट्रेलिया 1770 जेम्स कुक (इंग्लैंड)
* भारत 1498 वास्कोडिगामा (पुर्तगाल)
* न्यूजीलैंड 1642 ऐबल तस्मान (डच)
{यूरोपीय के भारत आने के क्रम }
पुर्तगाली ~डच ~ ब्रिटिश ~डेनिस ~ फ्रांसीसी
{यूरोपीय बनने के क्रम }
पुर्तगाली -ब्रिटिश -डच -डेनिस- फ्रांसीसी
{पुर्तगाली }
* भारत आने वाला पहला पुर्तगाली यात्री वास्कोडिगामा था जो 1498 में कालीकट केरल आया था
* इस समय कालीकट के शासक जमोरिन थे जमोरिन ने वास्कोडिगामा को स्वागत किया था
* कालीकट पहुँचने में वास्कोडिगामा की सहायता एक गुजराती पथ प्रदर्शक अब्दुल माणिक ने की थी
* इस यात्रा के दौरान वास्कोडिगामा ने काली मिर्च एवं मशाले खरीदे जिस पर पुर्तगाल में जाने के पश्चात उन्हें 60 गुणा लाभ प्राप्त हुआ
* 1499 में अपनी पहला यात्रा समाप्त के पश्चात वास्कोडिगामा वापस पुर्तगाल पहुंचा
* अगले ही वर्ष 1502 ईसी में दूसरा पुर्तगाली यात्री पैड्रोज केब्राल भारत आया
* 1502 ईसी में वास्कोडिगामा भारत पुर्तगाली व्यापार के अनुमति के लिए दुबारा आया
* अनुमति मिलने के पश्चात पहली पुर्तगाली फैक्ट्री कोचीन (केरल) में स्थापित की गयी और 1503 में ही पहला पुर्तगाली वायसराय फ्रांसिस्को डी अलमेड़ा भारत आया {दूसरा पुर्तगाली फैक्ट्री कुन्नूर में लगी }
{फ्रांसिस्को डी अल्मोड़ा (1503-1509A D)}
* भारत आने वाला पहला पुर्तगाली वायसराय फ्रांसिस्को डी अलमैडा था
* अलमेडा के समछय भारत मे दो मुख्य चुनौतियों थी
(1) भारत मे पुर्तगाली को व्यापारी स्थापित देना
(2) भारत मे पहले से व्यापार कर रहे तुर्की मिस्र इत्यादि से प्रतिद्वंद्वीता
* अलमेडा ने नौ सैन्य शक्ति को बढ़ाया और समुद्र में पुर्तगाली की स्थिति मजबूत कर दी
* अलमेडा ने भारत में Blue Water Policy (शांत जल की नीति ) प्रारंभ किया
* इस समय भारत मे पुर्तगाली के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी थे मिस्र अरबी तुर्की इत्यादि
* 1508 में चौल के युद्ध मे हिन्द महासागर गुजरात के शासक अलमेडा को पराजित कर दिया परन्तु 1509 हिन्द महासागर में अलमेडा ने एक
गठबंधन सेना (मिस्र तुर्की गुजरात) को पराजित किया
* इस युद्ध के पश्चात पुर्तगाली हिन्द महासागर में सबसे शक्तिशाली होकर उभरे
【अल्फोंसो दी अल्बुकर्क (1509-1515)】
* भारत मे अल्बुकर्क दूसरा शक्तिशाली वायसरॉय था
* अल्बुकर्क को भारत मे पुर्तगाली साम्रज्य का वास्तविक संस्थापक कहा जाता है क्योंकि अल्बुकर्क ने भारत मे पुर्तग़ाली व्यापार का विस्तार किया था
* 1510 में अल्बुकर्क ने बीजापुर के शासक यूसुफ आदिल शाह से गोवा को जीता था
* अल्बुकर्क के काल मे ही भारत मे ईसाई धर्म प्रचारको का भी आगवन हुआ
* इनके काल मे पहली बार भारत मे ईसाई स्कूल की स्थापना प्रारंभ हुई
* अल्बुकर्क ने अलमेडा की blue water policy को प्रतिबंधित कर दिया
* उल्लेखनीय है कि अल्बुकर्क विजय नगर साम्रज्य के महान शासक कृष्ण देव राय की समकालीन थे और अल्बुकर्क ने विजय नगर साम्रज्य से अच्छी संबंध पर बल दिया कृष्ण देव राय ने पुर्तगालियों को कर्नाटक के भटकल में एक किला बनाने की अनुमति ई थी
* अल्बुकर्क ने भारतीय को भी अपनी सेना में नियुक्त किया था
* इस प्रकार कहा जा सकता है कि अल्बुकर्क ने भारत मे पुर्तगाली साम्रज्य की नींव मजबूत करने की सहायक की
* अल्बुकर्क ने पुर्तगालियो को भारतीय महिला से विवाह करने के लिए प्रोत्साहित किया
* अल्बुकर्क ने ही भारत मे पुर्तगाली बसितयों बसाने पर जोर दिया
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Repost from Current Affairs By Utkarsh Classes
6 March 2025 Current Affairs | Current Affairs Today | Kumar Gaurav Sir
https://www.youtube.com/live/SBJNGV0AU_E?si=narQHNXqWygdsl8o
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प्रिय विद्यार्थियों
आपको सूचित किया जाता है कि Rajeev Sir G. K. & G.S का सभी बैच 04 March से खुला रहेगा।
धन्यवाद
Rajeev Sir
