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Free Download Nagin Ka Badla Tiger Hindi Novel Pdf
फार बूटो चला रहा था। प्राणनाथ आहूजा और डॉन पिछली सीट पर बैठे थे । फॉन्टसा कार इस समय महरौली की दिशा में दौड़ी चली जा रही थी। उसी जगह, जहां सपेरों की बस्ती में पहली बार आहूजा ने शुरू सपेरे के झोपड़े में कदम रखकर इससे अपनी बीबी को इसवाने की साजिश रची थी। इस वक्त सुबह के दस बज रहे थे। सपेरों की बस्ती पहुंचने पर छूटो ने कार रोक दी। वे तीनों नीचे उतर आये। आहूजा आगे चला और वे दोनों उसके पीछे। ठीक कब्र के सामने शुरू का झोपड़ा था। दरवाजे पर वही पुराना टीन-टप्पर का दरवाजा, जो कि इस समय खुला हुआ था। सामने ही शुरु दिखाई दे गया। जो झोपड़े में पड़ा अपना कबाड़ जैसा सामान समेट रहा था। “झुमरू !” प्राणनाथ आहूजा ने पुकारा। आहूजा पर नजर पड़ते ही उसकी बांछें खिल गई। स्वागत वाले अंदाज में दोनों हाथ फैलाते हुए बोला- “आजो सेठ-अंदर आओ” आहूजा भीतर दाखिल हुआ। उसके पीछे डॉन और बूटो को दाखिल होते देखकर झुमके चेहरे ने मुस्कराहट की जगह उलझन ग्रहण कर ली। यह मेरे मित्र है !” आहूजा उसका मंतव्य समझकर “ओह! अच्छा-अच्छा पधारिये !” जमीन पर एक चटाई फैलाते हुए शुरू बोला, फिर वह आहूजा की तरफ कैसे दोबारा आने का कष्ट किया सेठ ?
Name: Nagin Ka Badla
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 255
Size: 25.6 MB
Novel Type: Crime, Thriller & Suspense
Writer: Tiger
https://www.comixtream.com/free-download-nagin-ka-badla-tiger-hindi-novel-pdf/
#Crime_Novels #Hindi_Novels #Thriller_and_Suspense_Novels #Tiger_Novels
| 2 | Matn yo'q... | 500 |
| 3 | Free Download Hum Kanoon Bechte Hai Tiger Hindi Novel Pdf
” मैं तुम्हें यह समझा रहा हूं कपिल मोहन काह कि वक्त रहते अपनी इस संस्था पर ताला डाल ६- बरना हवालात मे बन्द ता बहुत मजबूत होते हैं। इनके पीछे से शायद आपको कोई वकील ने निकाल सके।” “मैं समझ गया आपकी बात और अब बाप मेरी बात समझ लीजिए।” “फरमाइये।”
“मिस्टर इंस्पेक्टर तुमने सिर्फ दा पुलिस को नौकरी की है और कानून के बारे में मेरा तजुर्बा तुम्हारी नौकरी के दस सों से कहीं बड़ा है। कानून की इस लड़ाई में हर कदम पर तुम मेरे सामने बोने साबित होने इसी लिए कहता हूं मेरे पीछे पढ़ने के बजाय अपने बाकी कामों की तरफ वो दो ।” “नहीं मिस्टर मोहन यादव एक बार जिसके -इसके पर तक पहुंचकर पोछे पड़ जाता दिखाता है।” “शौक से, मैं तुम्हारा स्वागत करता मिलूंगा।” इंस्पेक्टर विजय ने उस पर भरी निगाह डाली और बाहर निकल गया। कपिल मोहन होंठों ही होंठों में बुदबुदाया “जिस कानून की तुम हिफाजत करते हो इंस्पेक्टर से मैं बचपन मे बेचना का रहा • तुम्हारे इस कानून को चाबी वाला बाकई साबित करके दिखाना है मुझे और मैं ग्रावित करके रहूंगा।” हम कानून बचते हैं कानून के द्वारा सताये गये ऐसे अपराधियों की कहानी, जिनके आपका दिल सहानुभूति से भर उठेगा।
Name: Hum Kanoon Bechte Hai
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 244
Size: 21 MB
Novel Type: Crime, Thriller & Suspense
Writer: Tiger
https://www.comixtream.com/free-download-hum-kanoon-bechte-hai-tiger-hindi-novel-pdf/
#Crime_Novels #Hindi_Novels #Thriller_and_Suspense_Novels #Tiger_Novels | 544 |
| 4 | Matn yo'q... | 485 |
| 5 | Free Download Kale Coat Wala Tiger Hindi Novel Pdf
* “लेकिन इतनी बड़ी बिल्डिंग का आप करेंगे क्या ? ” “उसमें मैं एक बहुत बड़ा शो-रूम खोलूंगा।” “किस चीज का ?”
“कानून का।”
“ शो-रूम में क्या बेचेंगे आप?”
“कानून की धाराएं। हर धारा का अलग रेट । माल की गारंटी।”
मैं कुछ समझा नहीं ।”
“मिस्टर शर्मा। मेरी नजर में इस दुनिया का सबसे बढ़िया कारोबार कानून का है। संसार में ऐसे लोगों की न कभी कमी हुई है और न ही होगी, जो या तो किसी दूसरे की गर्दन कानून के शिकंजे में फंसाना चाहते हैं, या फिर अपनी फंसी हुई गर्दन को बाहर निकालना चाहते हैं । मेरी सेवाएं ऐसे ही लोगों के लिए होंगी।”
” लेकिन इस तरह का शो-रूम ? ”
“आज तक ऐसा शो-रूम न किसी ने देखा होगा, न सुना होगा। मैं दुनिया को दिखा दूंगा कि कानून भी दूसरी चीजों की तरह बिकने वाली चीज है, जिसे कोई भी खरीद सकता है। कोई भी बेच सकता है।”
शर्मा की गर्दन धीरे-धीरे सहमति में हिलने लगी। उसे अब विश्वास हो गया कि बहुत जल्द शहर में कुछ ऐसा होने वाला था जिसने कई लोगों की नींद हराम कर देनी थी । और उससे पैदा होना था एक ऐसा जलजला, जिसने न जाने कितनों को अपनी चपेट में ले लेना था।
काले कोट वाला
एक ऐसे वकील की कहानी, जिसने कानून की हर धारा की बिक्री के लिए एक विशाल शो-रूम खोला। उसमें अलग-अलग काउंटर बनवाए, सैकड़ों कर्मचारी रखे। टाइगर की कलम से निकला एक अविस्मरणीय उपन्यास ।
Name: Kale Coat Wala
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 289
Size: 49 MB
Novel Type: Crime, Thriller & Suspense
Writer: Tiger
https://www.comixtream.com/free-download-kale-coat-wala-tiger-hindi-novel-pdf/
#Crime_Novels #Hindi_Novels #Thriller_and_Suspense_Novels #Tiger_Novels | 570 |
| 6 | Matn yo'q... | 513 |
| 7 | Free Download Qatal Ki Daawat Tiger Hindi Novel Pdf
“महाजन साहब !” वह अजनबी लड़की कहने लगी- “मैं यह बात बहुत ही अच्छी तरह से जानती हूं कि कल आपको कोर्ट में पेश किया जाएगा तथा आप पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाएगा। ”
‘आप और क्या जानती हैं ?” मनोज ने हैरानी से पूछा । “जिस इंस्पेक्टर के पास आपके केस की फाइल है, वह पक्का औरतखोर है। अगर कोई बेहद खूबसूरत कुंआरी लड़की एक रात के लिए उसे मिल जाए तो वह आपके केस को इस हद तक कमजोर बना सकता है कि आप पहली ही पेशी में बाइज्जत बरी हो सकते हैं । ”
“जब आप इतना कुछ जानती हैं तो यह भी जरूर जानती होंगी कि मैं ऐसा कोई भी इंतजाम नहीं कर सकता । ” “जानती हूं।” वह मुस्कराकर बोली – “आप जरा एक नजर मुझ पर डालिए और बताइए कि क्या वह लड़की मैं .नहीं हो सकती ?”
“य…य…ये आप क्या कह रही हैं ? मैं तो आपको जानता तक नहीं ।
“जिन्हें आप जानते हैं—क्या उनमें से कोई आपके लिए यह काम कर सकती है ?” लड़की ने मनोज के चेहरे पर नजरें गड़ाकर पूछा ।
मनोज के मुंह से बोल न फूटा । वह अविश्वासपूर्ण नजरों से उस बला की खूबसूरत लड़की को देखने लगा।
Name: Qatal Ki Daawat
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 277
Size: 35 MB
Novel Type: Crime, Thriller & Suspense
Writer: Tiger
https://www.comixtream.com/free-download-qatal-ki-daawat-tiger-hindi-novel-pdf/
#Crime_Novels #Hindi_Novels #Thriller_and_Suspense_Novels #Tiger_Novels | 676 |
| 8 | Matn yo'q... | 571 |
| 9 | Free Download Ichhadhari Tiger Hindi Novel Pdf
महेन्द्रगढ़ की बरसों से सुनसान पड़ी हवेली में-बीस साल पहले एक खूनी कांड हुआ था। और अब -ठीक बीस साल बाद। उसी हवेली में एक-एक करके वो सभी किरदार जमा होने लगे-जो किसी ना किसी रूप में उस कांड से सम्बंधित थे।
जेल से भागे हुए पांच कैदी -राणा ठाकुर, सूरजभान, जंगी, मदन और शेरा ।
और इन पांचों से प्रतिशोध लिया एक ऐसे नौजवान ने जिसे ‘इच्छाधारी’ रूप मिला हुआ था।
Name: Ichhadhari
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 227
Size: 25.8 MB
Novel Type: Crime, Thriller & Suspense
Writer: Tiger
https://www.comixtream.com/free-download-ichhadhari-tiger-hindi-novel-pdf/
#Crime_Novels #Hindi_Novels #Thriller_and_Suspense_Novels #Tiger_Novels | 675 |
| 10 | Matn yo'q... | 578 |
| 11 | Free Download Insaf Ka Shahenshah Tiger Hindi Novel Pdf
“क”कौन हो तुम?”
“इंसाफ का शहंशाह !” इन्सान मशीन के होंठों से फुफकार भरा स्वर उभरा।
“सजा देने के लिए मैंने ही बुलाया था तुम दोनों को यहां वह फोन दिनेशसिंह ने नहीं, मैंने किया था।”
“त” “तुमने किया था ?” मनोहर वागले का स्वर कंपकंपा उठा- “क””काहे के वास्ते लोहे के बाप ?”
“तुम्हारा इंसाफ करने के वास्ते कुत्तो !” इन्सानी रोबोट की गुर्राहट ने उनके दिल हिला- कर रख दिए “गौर से देखो इस मंदिर को यहां पहले भी तू आया था दिनेशसिंह के साथ तेरे हाथ में तब यही त्रिशूल था जो आज मेरे हाथ में है। दृश्य पुराना ही है। कुछ किरदार रहे नहीं कुछ बदल गए हैं। मसलन पुजारीजी, दीपचन्द जिनकी पीठ में विल घोपा था तूने क्योंकि उस दिन यह त्रिशुल तेरे हाथ में था आज सीन में यही परिवर्तन हुआ है कि यह त्रिशूल तेरे बजाय मेरे हाथ में है। और मनोहर में त्रिशूल का वार तेरी पीठ पर नहीं करूंगा, तेरे सीने पर वार करूंगा।” “नहीं बाप ऐसा नहीं करने का।” मनोहर भय से दो कदम पीछे को खिसका, उसी के साथ वरुण भी ।
और इंसाफ का माह हाथ में त्रिशूल लेकर आगे बढ़ता चला गया।
Name: Insaf Ka Shahenshah
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 290
Size: 25 MB
Novel Type: Crime, Thriller & Suspense
Writer: Tiger
https://www.comixtream.com/free-download-insaf-ka-shahenshah-tiger-hindi-novel-pdf/
#Crime_Novels #Hindi_Novels #Thriller_and_Suspense_Novels #Tiger_Novels | 663 |
| 12 | Matn yo'q... | 537 |
| 13 | Free Download Mahasangram Antim Yudh Shivendra Suryavanshi Hindi Novel Pdf
देवताओं और दैत्यों के युद्ध में, देवताओं को हानि से बचाने के लिये, महादेव ने ‘नागदंत कथा’ का सृजन किया। यही नागदंत कथा आगे जाकर ‘समुद्र-मंथन’ का पर्याय बनी और इसी समुद्र-मंथन के पश्चात्, उससे निकले ‘हलाहल’ से, एक दिव्य पुरुष ‘नीलाभ’ की उत्पत्ति हुई। महादेव ने इस नागदंत कथा की सुरक्षा का भार उठाने के लिये, सप्ततत्वों से बनी सप्तपुस्तकों का निर्माण किया। यह सभी सप्तपुस्तकें पृथ्वी के अलग-अलग दुर्गम भागों में छिपा दी गईं। ब्रह्मांड अनंत है और इस अनंत ब्रह्मांड में करोड़ों-अरबों आकाशगंगाएं हैं। इन्हीं आकाशगंगाओं में कुछ ग्रह ऐसे भी हैं? जहां पर पृथ्वी की ही भांति जीवनधारा बहती है। ब्रह्मांड के सृजन का रहस्य मनुष्य ही नहीं, अपितु अनंत ब्रह्मांड में छिपे असंख्य जीव भी जानना चाहते हैं। इन्हीं जीवों में से कुछ अंतरिक्ष के जीव, ब्रह्मांड का सृजन करने वाली दिव्य शक्तियों को लेने के लिये पृथ्वी तक आ पहुंचे। परंतु इन दिव्य शक्तियों की सुरक्षा का भार ब्रह्मांड रक्षकों के हाथों में था। कहते हैं कि महाविनाश के बाद नवसृजन की शुरुआत होती है और उस महाविनाश से पहले महासंग्राम की पटकथा लिखी जाती है। कुछ ऐसी ही पटकथा अंतरिक्ष के जीवों और ब्रह्मांड रक्षकों के मध्य लिखी गई, जिससे एक ऐसे महासंग्राम की उत्पत्ति हुई
Name: Mahasangram : Antim Yudh
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 369
Size: 13.5 MB
Series: Ring of Atlantis Part 8
Novel Type: Fantasy
Writer: Shivendra Suryavanshi
https://www.comixtream.com/free-download-mahasangram-antim-yudh-shivendra-suryavanshi-hindi-novel-pdf/
#Fantasy_Novels #Hindi_Novels #Shivendra_Suryavanshi_Novels | 564 |
| 14 | Matn yo'q... | 460 |
| 15 | Free Download Devyudh Mahasangram Gatha Shivendra Suryavanshi Hindi Novel Pdf
जब ब्रह्मदेव ने महादेव से पृथ्वी का भविष्य जानने की इच्छा व्यक्त की, तो महादेव ने उन्हें क्षीरसागर में स्थित रुद्रासन के पास भेज दिया। ब्रह्मदेव जब रुद्रासन को ढूंढते हुए क्षीरसागर में पहुंचे, तो वहां उन्हें सप्तकणों से निर्मित सप्तपुस्तकें दिखाई दीं। उन सप्तपुस्तकों में अलग-अलग प्रकार से भविष्य को देखने की शक्तियां थीं। ब्रह्मदेव ने उन सप्तशक्तियों की सहायता से, पृथ्वी का भविष्य देखने की कामना व्यक्त की। परंतु पृथ्वी का भविष्य देखकर ब्रह्मदेव अत्यंत चिन्तित हो गये, क्योंकि पृथ्वी के भविष्य में एक देवयुद्ध छिपा था, जिसमें पृथ्वी का महाविनाश संलिप्त था। ब्रह्मदेव ने पृथ्वी को महाविनाश से बचाने के लिये, उन सभी सप्तपुस्तकों को पृथ्वी के 7 सबसे सुरक्षित स्थानों पर छिपा दिया। ब्रह्मदेव को विश्वास था कि जब भविष्य में ब्रह्मांड रक्षक इन पुस्तकों को प्राप्त कर लेंगे, तो देवयुद्ध से होने वाले महाविनाश को टाला जा सकेगा। इसके बाद शुरु हुई एक समयचक्र की एक ऐसी कथा श्रृंखला जिसमें देवता तो क्या ब्रह्मांड के कई ग्रह भी उलझ गए।
Name: Devyudh : Mahasangram Gatha
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 344
Size: 10.5 MB
Series: Ring of Atlantis Part 7
Novel Type: Fantasy
Writer: Shivendra Suryavanshi
https://www.comixtream.com/free-download-devyudh-mahasangram-gatha-shivendra-suryavanshi-hindi-novel-pdf/
#Fantasy_Novels #Hindi_Novels #Shivendra_Suryavanshi_Novels | 483 |
| 16 | Matn yo'q... | 387 |
| 17 | Free Download Kaala Moti Brahamkan Shakti Shivendra Suryavanshi Hindi Novel Pdf
सप्तशक्ति- ब्रह्मांड के निर्माण के लिये ईश्वर ने पहले सप्तशक्तियों का निर्माण किया। ये सप्तशक्तियां थीं- वायु, जल, अग्नि, पृथ्वी, आकाश, ध्वनि और प्रकाश। इन सभी सप्तशक्तियों ने मिलकर ब्रह्मांड में उपस्थित सभी ग्रहों की रचना की। परंतु अभी भी जीवन की उत्पत्ति संभव नहीं हो सकी थी। जीवन की उत्पत्ति के लिये ब्रह्मदेव ने एक कण की रचना की, जिसे बाद में ब्रह्मकण के नाम से जाना गया। इस ब्रह्मकण में जीवन की उत्पत्ति के अलावा इन सभी सप्तशक्तियों को नियंत्रित करने की शक्ति भी थी। ब्रह्मांड की रचना के बाद ब्रह्मदेव ने इस ब्रह्मकण को एक काले मोती में समाहित कर समुद्र की अथाह गहराइयों में कहीं छिपा दिया? परंतु एक दिन एक नीली जलपरी की गलती से ‘काला मोती’ ग्रीक देवता पोसाइडन के हाथ लग गया। इसके बाद शुरु हुई रहस्य व रोमांच से भरी ऐसी कहानी, जिसने पृथ्वी ही नहीं वरन् ब्रह्मांड के कई ग्रहों को अपनी चपेट में ले लिया।हिमालय की गुफाओं से निकलकर, अटलांटिस की धरती के रहस्यों की परतों को खोलने वाली, देवताओं के द्वारा रची गयी ऐसी महागाथा, जिसे आप बार बार पढना चाहेंगे। यह कहानी है सन राइजिंग नामक एक ऐसे पानी के जहाज की जो किसी कारणवश रास्ता भटक कर बरमूडा ट्रायंगल के खतरनाक क्षेत्र में फंस जाता है। कहानी के कुछ पात्र भयानक मुसीबतों से जूझते हुए अटलांटिस की धरती पर पहुंच जाते हैं जहां पर उनका इंतजार कर रहा होता है इस ब्रम्हांड का सबसे बड़ा तिलिस्म। 28 दरवाजे वाले इस तिलिस्म में मौजूद हैं – सप्ततत्व, 12 राशियां, ग्रीक गॉड, रोमन योद्धा, ब्रह्मांड के सबसे खतरनाक जीव, अनोखे ग्रह, और विज्ञान की अनोखी दुनिया।
Name: Kaala Moti : Brahamkan Shakti
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 369
Size: 4.6 MB
Series: Ring of Atlantis Part 6
Novel Type: Fantasy
Writer: Shivendra Suryavanshi
https://www.comixtream.com/free-download-kaala-moti-brahamkan-shakti-shivendra-suryavanshi-hindi-novel-pdf/
#Fantasy_Novels #Hindi_Novels #Shivendra_Suryavanshi_Novels | 369 |
| 18 | Matn yo'q... | 333 |
| 19 | Free Download Devshakti Adbhut Divyastra Shivendra Suryavanshi Hindi Novel Pdf
शक्ति- एक ऐसा शब्द जिसे प्राप्त करने के लिये, मनुष्य, देवता, दैत्य ही नहीं अपितु अंतरिक्ष के जीव भी सदैव लालायित रहते हैं। शक्ति का पर्याय स्वामित्व से जुड़ता है, इसलिये ब्रह्मांड के सभी जीव शक्ति को प्राप्त कर, स्वयं को श्रेष्ठ दिखाना चाहते हैं। वन में मौजूद एक सिंह भी, अन्य वन्य प्राणियों के समक्ष अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने से नहीं चूकता। ठीक उसी प्रकार कुछ देवता भी मनुष्यों के समक्ष, अपना शक्ति प्रदर्शन कर, उनमें भय की भावना उत्पन्न करते रहते हैं। जैसे देवराज इंद्र के द्वारा जलप्रलय लाना या सूर्यदेव के द्वारा सूखे की स्थिति उत्पन्न कर देना। यह सब भी शक्ति प्रदर्शन के अद्वितीय उदाहरण हैं। दैत्यों ने हमेशा त्रिदेवों से ही शक्ति प्राप्त कर, उनका प्रयोग देवताओं के ही विरुद्ध किया है। इन शक्तियों को प्राप्त करने के लिये, मनुष्यों ने भी घोर तप किये हैं। कुछ ऐसी ही देवशक्तियों को, पृथ्वी की सुरक्षा के लिये, देवताओं ने पृथ्वी के अलग-अलग भागों में छिपा दिया, जिससे समय आने पर कुछ दिव्य मानव, उन देव शक्तियों को धारण कर, पृथ्वी की सुरक्षा का भार उठा सकें। ऐसे ही देवशक्ति धारक कुछ विलक्षण मनुष्य बाद में ब्रह्मांड रक्षक कहलाये।डेल्फानो ग्रह समाप्त होने के बाद, वहां के राजा गिरोट ने अपनी सबसे अद्वितीय रचना समयचक्र को पृथ्वी पर फेंक दिया, जो कि ब्लैक होल के सिद्धांतों पर कार्य करती थी। यह समयचक्र पृथ्वी पर आने के 20 वर्षों तक सुप्तावस्था में रहा। एक दिन अचानक ही यह समयचक्र अपनी शक्तियों से, समय के कई आयामों को बांधने की कोशिश करने लगा। इस समयचक्र के पास समय और ब्रह्मांड में यात्रा करने की अद्भुत शक्तियां थीं, पर इसी अद्भुत शक्तियों को प्राप्त करने के लिये कुछ अंतरिक्ष के जीव भी पृथ्वी पर आ गये। उन जीवों के पास दूसरी आकाशगंगा की अनोखी शक्तियां थीं, जो हमारे विज्ञान की कल्पनाओं से भी परे थीं। इसी के साथ शुरु हुआ एक अनोखा टकराव, जिससे अनगिनत प्रश्नों की एक श्रृंखला खड़ी हो गई
Name: Devshakti: Adbhut Divyastra
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 308
Size: 3.9 MB
Series: Ring of Atlantis Part 5
Novel Type: Fantasy
Writer: Shivendra Suryavanshi
https://www.comixtream.com/free-download-devshakti-adbhut-divyastra-shivendra-suryavanshi-hindi-novel-pdf/
#Fantasy_Novels #Hindi_Novels #Shivendra_Suryavanshi_Novels | 339 |
| 20 | Matn yo'q... | 335 |
