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इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने घोषणा की है कि वह अगले साल मार्च तक हिंद महासागर में अपना स्थायी सैन्य अड्डा स्थापित करेगा। यह घोषणा 23 जून, 2020 को एलिरेज़ा तंगसिरी द्वारा की गयी। एलिरेज़ा तंगसिरी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के नौसेना कमांडर है।
नेवी कमांडर ने जानकारी दी कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निर्देशों के अनुसार हिंद महासागर में स्थायी सैन्य ठिकाना स्थापित करने का कदम उठाया जा रहा है।
इस्लामिक रेवोलुशनरी गार्ड कॉर्प्स
इस्लामिक रेवोलुशनरी गार्ड कॉर्प्स ईरान के सशस्त्र बल की एक शाखा है, इसकी स्थापना 1979 की क्रांति के बाद 22 अप्रैल, 1979 को की गयी थी। इसकी स्थापना अयातुल्ला खोमीनी के आदेश पर की गयी थी। ईरान के संविधान के अनुसार इस्लामिक रेवोलुशनरी गार्ड कॉर्प्स का कार्य विदेशी हस्तक्षेप से इस्लामिक प्रणाली की सुरक्षा करना है। वर्तमान में इस्लामिक रेवोलुशनरी गार्ड कॉर्प्स में 1,20,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत्त हैं। इसे सऊदी अरब, बहरीन तथा अमेरिका द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है।
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21 जून, 2019 को संघर्ष प्रभावित राखीन राज्य के आठ टाउनशिप में और चिन राज्य की एक बस्ती में म्यांमार सरकार द्वारा मोबाइल इंटरनेट सेवाओं बंद कर दिया गया था। सितंबर 2019 से फरवरी 2020 के बीच 5 राज्यों में प्रतिबंध हटा दिए गए लेकिन बाद में फिर से प्रतिबन्ध लागू कर दिए गए। राखीन राज्य की मॉंगडा बस्ती में प्रतिबंध 2 मई, 2020 को हटा दिया गया था। शेष टाउनशिप में 1 अगस्त, 2020 तक इन्टरनेट बंद रहेगा।
जनवरी, 2019 से म्यांमार सरकार अराकान सेना (राखीन सशस्त्र समूह) के साथ लड़ाई में संलग्न है।
म्यांमार सरकार की आलोचना
सूचना के अभाव में भोजन, पानी से लेकर चिकित्सा सहायता आदि जैसी आवश्यक सेवाओं की कमी हो जाती है, एक वैश्विक महामारी के समय, इंटरनेट सेवाओं का निलंबन भी इन टाउनशिप में रहने वाले लोगों के लिए और मुश्किलें खड़ी कर देता है।
म्यांमार सरकार के इस कदम से सरकार को घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। म्यांमार के दूरसंचार कानून के अनुच्छेद 77 के अनुसार, सरकार आपातकालीन स्थिति के दौरान सेवा को निलंबित कर सकती है। विभिन्न मानवाधिकार संगठन अब अनुच्छेद के संशोधन पर बल दे रहे हैं क्योंकि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं है।
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एक लाख करोड़ रूपये से अधिक के ऋणों की मंजूरी के साथ पावर फाइनेंस कार्पोरेशन का वित्त वर्ष 2019-20 सफलता के साथ समाप्त
बिजली क्षेत्र में भारत के अग्रणी एनबीएफसी और ऊर्जा मंत्रालय के तहत एक केन्द्रीय पीएसयू, पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (पीएफसी) ने कोविड-19 के प्रकोप सहित कई चुनौतियों के बावजूद वित्त वर्ष 2019-20 (अप्रैल-मार्च) सफलतापूर्वक समाप्त किया।
ऋण देने वाली संस्था ने पिछले वित्त वर्ष में लगभग 68,000 करोड़ रुपये के ऋण की अदायगी करने के साथ 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण की मंजूरी दी। वर्ष की विशेष बात यह रही कि कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन के बावजूद मार्च 2020 के अंतिम सप्ताह में 11,000 करोड़ रुपये के ऋण की अदायगी की गई। आईटी के मजबूत बुनियादी ढांचे के साथ, पीएफसी ने काफी बड़ी अदायगी करने का अद्भुत कार्य किया हांलाकि कर्मचारी घर से काम कर रहे थे।
वर्ष के दौरान, पीएफसी ने अपने एक डिवीजन के कार्य से जुड़े राजस्व में 16% की वृद्धि दर्ज की, जबकि उसने वित्तीय संस्थानों द्वारा अदा की जा रही ब्याज दर में 16 बीपीएस की कमी की। कंपनी का शुद्ध एनपीए 4.55% से घटकर 3.8% हो गया, जो ऋणदाता के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है। इसके अलावा, कंपनी ने अपनी ऋण परिसम्पत्ति में 10% की वृद्धि दर्ज की, वित्तीय संस्थानों द्वारा अदा की जा रही ब्याज दर में 16% बीपीएस की कमी, और वित्तीय संस्थान द्वारा ऋण देने की दर में से जमा दर को घटाने से प्राप्त दर में 16 बीपीएस की वृद्धि हुई। इसके अलावा, वित्त वर्ष के दौरान, पीएफसी ने दो रुकी हुई परियोजनाओं - रतन इंडिया अमरावती और जीएमआर छत्तीसगढ़ का 2,700 करोड़ रुपये से समाधान किया।
चुनौतीपूर्ण वातावरण के बावजूद, वाईओवाई का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2019 के 6953 करोड़ रुपये के मुकाबले वित्त वर्ष 20 के लिए 6788 करोड़ रुपये रहा, जिसमें कॉर्पोरेट टैक्स दर में बदलाव के कारण डीटीए का एक बार का प्रभाव शामिल नहीं था। वित्त वर्ष 20 के पिछले 45 दिनों में विनिमय दर में 6% की असाधारण भिन्नता के कारण लाभ भी प्रभावित हुआ है
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केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये, इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी (आईसीआरएस) द्वारा विकसित मोबाइल ऐप ‘ईब्लडसर्विसेस’ की आज नई दिल्ली मेंशुरूआत की। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष भी हैं।
इस एप्लीकेशन को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2015 में शुरू की गई डिजिटल इंडिया योजना के अंतर्गत सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ एडवांस कंप्यूटिंग (सीडैक) की ई-रक्तकोष टीम ने विकसित किया है। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा,“माननीय प्रधानमंत्री की सभी लोगों को आर्थिक दृष्टि से मजबूत बनाने की दूरदर्शिता को ध्यान में रखते हुए, डिजिटल इंडिया अब हर व्यक्ति के दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है। यह रक्तदान ऐप इस बात का एक प्रमुख उदाहरण है कि डिजिटल इंडिया योजना किस प्रकार रक्त सेवाओं तक पहुँचने की आवश्यकता को पूरा कर रही है।” उन्होंने कहा कि "कई लोगों को परिवार में स्वास्थ्य संबंधी कुछ परिस्थितियां होने के कारण नियमित रूप से रक्त संबंधी सेवाओं की आवश्यकता होती है। इस ऐप के माध्यम से, एक समय में चार यूनिट रक्त की मांग की जा सकती है और ब्लड बैंक इसे ले जाने के लिए व्यक्ति का 12 घंटे तक इंतजार करेगा। यह एप्लीकेशन ऐसे लोगों के लिए आईआरसीएस एनएचक्यू रक्त यूनिटोंका अनुरोध करना आसान बनाता है। "उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब देश इस तरह की महामारी का सामना कर रहा है, मोबाइल ऐप उन सभी लोगों को सहायता प्रदान करेगा, जिन्हें रक्त की सीधे आवश्यकता है।
ऐप के माध्यम से एक बार अनुरोध करने के बाद, मांगी गई इकाइयां आईआरसीएस, एनएचक्यू ब्लड बैंक के ई-रक्तकोष डैशबोर्ड में दिखाई देती हैं और यह निर्दिष्ट समय के भीतर सुनिश्चित डिलीवरी की अनुमति देता है। इस सुविधा से रक्त की मांग करने वाले के लिए रक्त प्राप्त करना आसान हो जाएगा और सेवा में पूर्ण पारदर्शिता और एकल खिड़की के उपयोग का अतिरिक्त लाभ होगा।
डॉ. हर्षवर्धन ने स्वेच्छा से रक्तदान करने वाले उन सभी लोगों की प्रशंसा की जिन्होंने वर्तमानकोविड-19 के प्रकोप के दौरान रक्तदान किया। रेड क्रॉस ने स्वैच्छिक रक्तदाताओं को या तो परिवहन प्रदान करके या रक्त संग्रह करने वाली मोबाइल वैन में रक्तदान करने की सुविधा प्रदान की।
लोगों को स्वैच्छिक रक्तदाता बनने का आग्रह करते हुए, डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान 65 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति द्वारा एक वर्ष में चार बार किया जा सकता है। “नियमित रक्तदान से मोटापा, हृदय संबंधी समस्याओं और कई अन्य बीमारियों से बचा जा सकता है। इतना ही नहीं, रक्तदान भी एक आध्यात्मिक मार्ग है जिसके द्वारा मानव जाति की सेवा की जा सकती है।”
शुरूआत के बाद, डॉ. हर्षवर्धन ने इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के प्रबंधन समूह की बैठक की अध्यक्षता की। आईआरसीएसके प्रयासों की सराहना करते हुए, डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, "आईआरसीएस कोविड-19 महामारी के दौरान विशेष रूप से रक्त दाताओं के लिए रक्तदान शिविरों का आयोजन करके, रक्तदाताओं को पास जारी करके सुरक्षित रक्त की पर्याप्त रक्त आपूर्ति बनाए रखने मेंसरकार के साथ प्रमुख भूमिका निभा रहा है।" देश भर में सभी 89 आईआरसीएस ब्लड बैंकों और 1100 शाखाओं ने लॉकडाउन अवधि के दौरान आयोजित किए गए लगभग 2000 रक्तदान शिविरों और घर में किए गए रक्तदान के माध्यम से 1,00,000 से अधिक यूनिट रक्त एकत्र किया है। इसके अलावा, एनएचक्यू ब्लड बैंक के साथ पंजीकृत 38,000 से अधिक स्वैच्छिक रक्तदाताओं से संपर्क किया गया है और उन्हें रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया गया है।
एनएचक्यू ब्लड बैंक ने 2896 यूनिट रक्त एकत्र करने वाले 55 रक्तदान शिविर आयोजित किए। लॉकडाउन अवधि के दौरान कुल 5221 यूनिटरक्त एकत्र किया गया। 7113 रोगियों को रक्त जारी किया गया है, जिसमें 2923 थैलेसेमिया रोगियों के साथ-साथ सरकारी अस्पताल जैसे एम्स दिल्ली (378 यूनिट) और लेडी हार्डिंग (624 यूनिट) शामिल हैं।
इसके अलावा, आईआरसीएसने 3,00,00,000 से अधिक पका हुआ भोजन बांटा हैऔर 11,00,000 से अधिक परिवारों को राशन प्रदान किया है
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डॉ. हर्षवर्धन ने इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के ‘ईब्लडसर्विसेस’ मोबाइल ऐप की शुरूआत की
इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी को कोविड-19 संकट के दौरान रिकॉर्ड 1,00,000+ यूनिट रक्त का प्रबंध करने के लिए बधाई दी
डॉ. हर्षवर्धन ने संभावित जीवन रक्षक एप्लीकेशन के लिए प्रधानमंत्री की ‘डिजीटल इंडिया’ योजना की सराहना की
केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये, इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी (आईसीआरएस) द्वारा विकसित मोबाइल ऐप ‘ईब्लडसर्विसेस’ की आज नई दिल्ली मेंशुरूआत की। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष भी हैं।
इस एप्लीकेशन को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2015 में शुरू की गई डिजिटल इंडिया योजना के अंतर्गत सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ एडवांस कंप्यूटिंग (सीडैक) की ई-रक्तकोष टीम ने विकसित किया है। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा,“माननीय प्रधानमंत्री की सभी लोगों को आर्थिक दृष्टि से मजबूत बनाने की दूरदर्शिता को ध्यान में रखते हुए, डिजिटल इंडिया अब हर व्यक्ति के दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है। यह रक्तदान ऐप इस बात का एक प्रमुख उदाहरण है कि डिजिटल इंडिया योजना किस प्रकार रक्त सेवाओं तक पहुँचने की आवश्यकता को पूरा कर रही है।” उन्होंने कहा कि "कई लोगों को परिवार में स्वास्थ्य संबंधी कुछ परिस्थितियां होने के कारण नियमित रूप से रक्त संबंधी सेवाओं की आवश्यकता होती है। इस ऐप के माध्यम से, एक समय में चार यूनिट रक्त की मांग की जा सकती है और ब्लड बैंक इसे ले जाने के लिए व्यक्ति का 12 घंटे तक इंतजार करेगा। यह एप्लीकेशन ऐसे लोगों के लिए आईआरसीएस एनएचक्यू रक्त यूनिटोंका अनुरोध करना आसान बनाता है। "उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब देश इस तरह की महामारी का सामना कर रहा है, मोबाइल ऐप उन सभी लोगों को सहायता प्रदान करेगा, जिन्हें रक्त की सीधे आवश्यकता है।
ऐप के माध्यम से एक बार अनुरोध करने के बाद, मांगी गई इकाइयां आईआरसीएस, एनएचक्यू ब्लड बैंक के ई-रक्तकोष डैशबोर्ड में दिखाई देती हैं और यह निर्दिष्ट समय के भीतर सुनिश्चित डिलीवरी की अनुमति देता है। इस सुविधा से रक्त की मांग करने वाले के लिए रक्त प्राप्त करना आसान हो जाएगा और सेवा में पूर्ण पारदर्शिता और एकल खिड़की के उपयोग का अतिरिक्त लाभ होगा।
डॉ. हर्षवर्धन ने स्वेच्छा से रक्तदान करने वाले उन सभी लोगों की प्रशंसा की जिन्होंने वर्तमानकोविड-19 के प्रकोप के दौरान रक्तदान किया। रेड क्रॉस ने स्वैच्छिक रक्तदाताओं को या तो परिवहन प्रदान करके या रक्त संग्रह करने वाली मोबाइल वैन में रक्तदान करने की सुविधा प्रदान की।
लोगों को स्वैच्छिक रक्तदाता बनने का आग्रह करते हुए, डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान 65 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति द्वारा एक वर्ष में चार बार किया जा सकता है। “नियमित रक्तदान से मोटापा, हृदय संबंधी समस्याओं और कई अन्य बीमारियों से बचा जा सकता है। इतना ही नहीं, रक्तदान भी एक आध्यात्मिक मार्ग है जिसके द्वारा मानव जाति की सेवा की जा सकती है।”
शुरूआत के बाद, डॉ. हर्षवर्धन ने इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के प्रबंधन समूह की बैठक की अध्यक्षता की। आईआरसीएसके प्रयासों की सराहना करते हुए, डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, "आईआरसीएस कोविड-19 महामारी के दौरान विशेष रूप से रक्त दाताओं के लिए रक्तदान शिविरों का आयोजन करके, रक्तदाताओं को पास जारी करके सुरक्षित रक्त की पर्याप्त रक्त आपूर्ति बनाए रखने मेंसरकार के साथ प्रमुख भूमिका निभा रहा है।" देश भर में सभी 89 आईआरसीएस ब्लड बैंकों और 1100 शाखाओं ने लॉकडाउन अवधि के दौरान आयोजित किए गए लगभग 2000 रक्तदान शिविरों और घर में किए गए रक्तदान के माध्यम से 1,00,000 से अधिक यूनिट रक्त एकत्र किया है। इसके अलावा, एनएचक्यू ब्लड बैंक के साथ पंजीकृत 38,000 से अधिक स्वैच्छिक रक्तदाताओं से संपर्क किया गया है और उन्हें रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया गया है।
एनएचक्यू ब्लड बैंक ने 2896 यूनिट रक्त एकत्र करने वाले 55 रक्तदान शिविर आयोजित किए। लॉकडाउन अवधि के दौरान कुल 5221 यूनिटरक्त एकत्र किया गया। 7113 रोगियों को रक्त जारी किया गया है, जिसमें 2923 थैलेसेमिया रोगियों के साथ-साथ सरकारी अस्पताल जैसे एम्स दिल्ली (378 यूनिट) और लेडी हार्डिंग (624 यूनिट) शामिल हैं।
इसके अलावा, आईआरसीएसने 3,00,00,000 से अधिक पका हुआ भोजन बांटा हैऔर 11,00,000 से अधिक परिवारों को राशन प्रदान किया हैडॉ. हर्षवर्धन ने इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के ‘ईब्लडसर्विसेस’ मोबाइल ऐप की शुरूआत की
इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी को कोविड-19 संकट के दौरान रिकॉर्ड 1,00,000+ यूनिट रक्त का प्रबंध करने के लिए बधाई दी
डॉ. हर्षवर्धन ने संभावित जीवन रक्षक एप्लीकेशन के लिए प्रधानमंत्री की ‘डिजीटल इंडिया’ योजना की सराहना की
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प्रधानमंत्री 26 जून को ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान’ का शुभारंभ करेंगे
कोविड-19 महामारी का सामान्य कामगारों, विशेषकर प्रवासी श्रमिकों पर अत्यंत प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक अपने-अपने राज्य वापस लौट चुके हैं। कोविड-19 को फैलने से रोकने की चुनौती प्रवासियों और ग्रामीण श्रमिकों को बुनियादी सुविधाएं एवं आजीविका के साधन उपलब्ध कराने की आवश्यकता के कारण और भी अधिक बढ़ गई। ऐसी स्थिति में भारत सरकार ने विभिन्न सेक्टरों में विकास को नई गति प्रदान करने के लिए आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की। देश के पिछड़े क्षेत्रों में बुनियादी ढांचागत सुविधाएं तैयार करने पर विशेष जोर देते हुए रोजगार सृजन के लिए 20 जून, 2020 को ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ का शुभारंभ किया गया।
उत्तर प्रदेश में लगभग 30 लाख प्रवासी श्रमिक अपने-अपने घर वापस लौट चुके हैं। उत्तर प्रदेश के 31 जिलों में 25,000 से भी अधिक प्रवासी श्रमिक अपने घर वापस आ चुके हैं। इनमें 5 आकांक्षी जिले भी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश की सरकार ने उद्योग और अन्य संगठनों के साथ साझेदारी करते हुए एक अनूठी पहल ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान’ की परिकल्पना की है जिसके तहत भारत सरकार और राज्य सरकार के कार्यक्रमों में सामंजस्य स्थापित किया गया है। यह अभियान रोजगार प्रदान करने, स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर मुहैया कराने के लिए औद्योगिक संघों और अन्य संगठनों के साथ साझेदारी करने पर विशेष रूप से केंद्रित है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 26 जून, 2020 को सुबह 11 बजे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की उपस्थिति में वीडियो-कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस अभियान का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के संबंधित मंत्रालयों के मंत्री भी वर्चुअल लॉन्चिंग में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश के छह जिलों के ग्रामीणों के साथ संवाद करेंगे। कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सामाजिक दूरी बनाए रखने के मानदंडों का पालन करते हुए उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के गांवों के लोग साझा सेवा केंद्रों (कॉमन सर्विस सेंटर) और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
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प्रधानमंत्री ने कोरियाई युद्ध की 70वीं वर्षगांठ पर दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति और वहां की जनता को शुभकामनाएं दी
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 1950 में हुए कोरियाई युद्ध की 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर कोरियाई प्रायद्वीप में शांति की खोज में अपने प्राणों की आहुति देने वाले बहादुरों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में इस अवसर पर आयोजित स्मारक समारोह के दौरान प्रधानमंत्री का एक वीडियो संदेश दिखाया गया। समारोह का आयोजन दक्षिण कोरिया के देशभक्तों और सेवानिवृत्त सैनिक कार्य मंत्रालय द्वारा किया गया था और इसकी अध्यक्षता दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति श्री मून जे-इन ने की। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में, दक्षिण कोरिया के युद्ध के प्रयास में भारतीय योगदान को याद किया जो 60 पैराफील्ड अस्पताल की तैनाती के रूप में किया गया था। अस्पताल ने युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण सेवाएं दी और सैनिकों और नागरिकों दोनों को आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान की। प्रधानमंत्री ने कोरियाई लोगों को युद्ध की राख से एक महान देश के निर्माण में उनके लचीलेपन, कड़ी मेहनत और संकल्प के लिए बधाई दी और कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता को सुरक्षित रखने के लिए दक्षिण कोरिया की सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कोरियाई प्रायद्वीप में स्थायी शांति के लिए सरकार और भारत की जनता की ओर से शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर आयोजित समारोह में राष्ट्रपति मून के अलावा, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री, अन्य कैबिनेट मंत्री, उन देशों के राजदूत जिन्होंने युद्ध के दौरान दक्षिण कोरिया को सहायता प्रदान की थी, और कोरिया के गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
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हाल ही में किस देश ने चीन, वियतनाम और कोरिया से कुछ प्रकार के विशिष्ट इस्पात उत्पादों के आयात पर एंटी-डंपिंग शुल्क (Anti-Dumping Duty) लगाने की घोषणा की है?
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Current Affairs Quiz 25 Jun 2020 दैनिक सामान्य ज्ञान क्विज
https://www.simplifiedshiksha.com/current-affairs-quiz-25-jun/
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किस अभिनेत्री को आयुष मंत्रालय द्वारा योग के अभ्यास को बढ़ावा देने हेतु शामिल किया गया है
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किस देश द्वारा हाल ही में अपने बाइडू नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (बीडीएस) के लिए अंतिम उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया?
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भारत के बाहर विश्व का पहला योग विश्वविद्यालय विवेकानन्द योग विश्वविद्यालय(वायु)किस देश मे खोला गया है?
