uz
Feedback

Firibgarlarga uchmang! Telemetrio bunday kanallarni topadi va belgilaydi 👉 Belgini ko‘rmoqchi bo‘lsangiz, obuna bo‘ling

CGPSC IQ

CGPSC IQ

Kanalga Telegram’da o‘tish

cgpsc; SSB Daily current affairs English, Hindi, PDF And YouTube videos 🩸 with Anil 🩸 contact - @anilkaush Mains writing group https://t.me/cgpscq

Ko'proq ko'rsatish
Mamlakat belgilanmaganToif belgilanmagan
694
Obunachilar
+524 soatlar
+267 kun
+14030 kun
Postlar arxiv
Cgpsc iq 13 August current affairs Teligram -https://t.me/cgpscvyapmiq हरेली तिहार माह: सावन महीने की अमावस्या प्रतीक: गेड़ी , कृषि औजार, नीम की पत्तियां। किल ठोकना विशेष व्यंजन: गुड़ चीला। महत्त्व यह छत्तीसगढ़ का प्रथम लोक-पर्व है। यह समृद्ध कृषि विरासत, औजारों की पूजा और पशुधन सत्कार का प्रतीक है। इसके जरिए किसान प्रकृति और पर्यावरण के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करते हैं। SASCI 2026-27 योजना के तहत ₹50 करोड़ की प्रोत्साहन राशि पाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है। उद्देश्य: राज्य में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) इकोसिस्टम के विकास और बायोफ्यूल अवसंरचना को बढ़ावा देना। नवा रायपुर 60वीं अखिल भारतीय DGP-IGP कॉन्फ्रेंस। अरुण देव गौतम DGP रतनपुर गोद लिया मिनी माता की पुण्यतिथि जन्म तिथि एवं स्थान: 13 मार्च 1913, असम उपलब्धियां छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद संसद में 'स्पृश्यता (अपराध) अधिनियम, 1955' को पारित कराने में महत्वपूर्ण और सक्रिय भूमिका निभाई महिला उत्थान एवं समाज सेवा के क्षेत्र में राज्य स्तरीय "मिनीमाता सम्मान" प्रदान किया जाता है। छत्तीसगढ़ का पहला बहुउद्देशीय बांध (हसदेव बांगो परियोजना, माचाडोली-कोरबा) का नामकरण 'मिनीमाता बांगो बांध' किया गया है। वर्तमान विधानसभा भवन का नामकरण स्व. मिनीमाता के नाम पर किया गया है GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवॉर्ड प्राप्त -छत्तीसगढ़ सरकार (शासकीय खरीदी में कीर्तिमान हेतु)। उद्देश्य: सरकारी खरीदी में पूर्ण पारदर्शिता लाना। छोटे एवं स्थानीय उद्यमों (MSMEs) को वित्तीय प्रोत्साहन और अवसर देना। प्रमुख आंकड़े कुल खरीदी: ₹3,935 करोड़ (वित्तीय वर्ष 2025-26) वार्षिक वृद्धि: 113% राजस्व बचत: ₹130 करोड़ (प्रतिस्पर्धी निविदाओं से) छोटे उद्यमों को आवंटन: ₹1,800 करोड़ के ऑर्डर छत्तीसगढ़ में मानव-हाथी संघर्ष हाथियों के प्राकृतिक आवास और मानव बस्तियों के बीच टकराव से होने वाले जान-माल के नुकसान को मानव-हाथी संघर्ष कहते हैं। Deta छ.ग. में हाथियों की मौजूदगी अब 16 जिलों तक दर्ज है। राज्य में 400+ हाथियों की उपस्थिति बताई गयी है। विशेष रूप से उत्तर छत्तीसगढ़ - सरगुजा, सूरजपुर, रायगढ़, कोरबा, जशपुर क्षेत्र मानव-हाथी संघर्ष का प्रमुख क्षेत्र। लेमरू एलीफेंट रिजर्व कोरबा जिले के अंतर्गत हसदेव अरण्य वन क्षेत्र क्षेत्रफल 1,995 वर्ग किलोमीटर कारण आवास और कॉरिडोर का टूटना: सड़क, रेलवे, कारखाने और नहर निर्माण से जंगल छोटे टुकड़ों में बंट गए हैं। संसाधनों की कमी: वनों के नष्ट होने से हाथियों के लिए भोजन-पानी कम हो गया है। अवैध शिकार: हाथी दांत और मांस के लिए हाथियों को मारा जाना। प्रभाव जान-माल की हानि हाथियों की आबादी में गिरावट ग्रामीणों में आक्रोश और सामाजिक तनाव बचाव प्रयास प्रोजेक्ट एलीफेंट (1992) राष्ट्रीय विरासत पशु (2010) हाथी मितान योजना रेडियो-कॉलर ट्रैकिंग कुमकी हाथी एवरेस्ट' रॉकेट इंजन बनाया -बेंगलुरु स्थित अंतरिक्ष स्टार्टअप 'एस्ट्रोबेस स्पेस टेक्नोलॉजी विशेषता: यह भारत का पहला निजी क्षेत्र का विकसित रॉकेट इंजन है पोलावरम विवाद शामिल- आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, तेलंगाना छत्तीसगढ़ पर प्रभाव: इसके निर्माण से छत्तीसगढ़ के 18 गांवों के जलमग्न (डूब में आने) होने की बात कही गयी है। नदी: गोदावरी नदी जलविद्युत क्षमता: परियोजना में 960 MW की जलविद्युत क्षमता प्रस्तावित है। Cgpsc IQ श्रुति श्रेणी: अगली पीढ़ी का अपतटीय गश्ती पोत निर्माता: गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड , कोलकाता। प्रेसिडेंट कलर्स पुडुचेरी पुलिस राष्ट्रपति द्वारा विशिष्ट सेवा भारत का पहला तितली अभयारण्य कन्नूर, केरल।

अकेले चलना सीखों क्योंकि सहारा कितना भी सच्चा हो एक दिन औकात दिखा ही देता है.!

photo content

हिन्दी current 13 अगस्त

================================================================================ CGPSC IQ ================================================================================ 🌸 विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा 2026 🌸 — आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी को समर्पित — 📍 स्थान: माँ दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण, जगदलपुर (बस्तर) 🗓️ शुभारंभ: 12 अगस्त 2026 (हरेली अमावस्या - पाट जात्रा पूजा विधान) ⏳ अवधि: 75 दिवसीय ऐतिहासिक पर्व -------------------------------------------------------------------------------- प्रमुख पूजा विधान -------------------------------------------------------------------------------- 🔹 12 अगस्त (बुधवार) : पाट जात्रा पूजा विधान (ठुरलू खोटला रस्म - रथ निर्माण हेतु औजार निर्माण) 🔹 24 सितंबर (गुरुवार) : डेरी गड़ाई पूजा विधान 🔹 10 अक्टूबर (शनिवार) : काछनगादी पूजा विधान 🔹 11 अक्टूबर (रविवार) : कलश स्थापना पूजा विधान 🔹 12 अक्टूबर (सोमवार) : जोगी बिठाई पूजा विधान 🔹 13 से 18 अक्टूबर : प्रतिदिन नवरात्रि पूजा एवं रथ परिक्रमा 🔹 18 अक्टूबर (रविवार) : बेल पूजा विधान (सुबह 11 बजे) 🔹 19 अक्टूबर (सोमवार) : महाअष्टमी पूजा एवं निशा जात्रा पूजा विधान 🔹 20 अक्टूबर (मंगलवार) : कुंवारी पूजा, जोगी उठाई एवं मावली परघाव 🔹 21 अक्टूबर (बुधवार) : भीतर रैनी पूजा एवं रथ परिक्रमा 🔹 22 अक्टूबर (गुरुवार) : बाहर रैनी पूजा एवं रथ परिक्रमा 🔹 23 अक्टूबर (शुक्रवार) : काछन जात्रा (सुबह) एवं मुरिया दरबार (दोपहर) 🔹 24 अक्टूबर (शनिवार) : कुटुम्ब जात्रा (ग्राम्य देवी-देवताओं की विदाई) 🔹 27 अक्टूबर (मंगलवार) : मावली माता की डोली विदाई (पर्व का समापन) -------------------------------------------------------------------------------- विशेष उपस्थिति: मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक एवं समस्त सेवादार। -------------------------------------------------------------------------------- CGPSC IQ ================================================================================

🍀☘🌲🪴🍃
🍀☘🌲🪴🍃

CGPSC_12_August_Current_Affairs.pdf0.70 KB

CGPSC_IQ_Current_Affairs.pdf0.25 KB

12 August current affairs (english).pdf1.68 KB