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𝑴𝒊𝒅𝒏𝒊𝒈𝒉𝒕 𝑫𝒊𝒂𝒓𝒚 ✍️

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𝑨 𝑫𝒊𝒂𝒓𝒚 𝒐𝒇 𝑼𝒏𝒔𝒂𝒊𝒅 𝑾𝒐𝒓𝒅𝒔. 𝑺𝒐𝒎𝒆 𝑺𝒕𝒐𝒓𝒊𝒆𝒔 𝑵𝒆𝒗𝒆𝒓 𝑬𝒏𝒅. 🌙✍️

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0 Rᴇᴘᴏʀᴛs ᴀʀᴇ Bʟᴏᴄᴋᴇᴅ ʙʏ @teleprotectorbot 267 Cʜᴀɴɴᴇʟs ᴀʀᴇ Sᴀᴠᴇᴅ Fʀᴏᴍ Rᴇᴘᴏʀᴛs ɪɴ Lᴀsᴛ 24 Hᴏᴜʀs

कोई मेरा हो जाए, ऐसी मेरी तक़दीर नहीं… 💔 मैं वो शीशा हूँ, जिसकी कोई तस्वीर नहीं… 🥀 दर्द से है रिश्ता मेरा, खुशियाँ मुझे नसीब नहीं… 😔 मुझे भी कोई याद करे, मैं इतना भी ख़ुशनसीब नहीं… 🖤🥺

0 Rᴇᴘᴏʀᴛs ᴀʀᴇ Bʟᴏᴄᴋᴇᴅ ʙʏ @teleprotectorbot 344 Cʜᴀɴɴᴇʟs ᴀʀᴇ Sᴀᴠᴇᴅ Fʀᴏᴍ Rᴇᴘᴏʀᴛs ɪɴ Lᴀsᴛ 24 Hᴏᴜʀs

गोकुल में बाजी है बधाई, आए नटखट नंदलाल, 🪈 संग विराजें योगमाया जी, हर लें सबके कष्ट-जंजाल। 🙏✨ माखनचोरी, बंशी-धुन और वो पावन बाल-स्वरूप, 🎶 जीवन में भर दे सभी के सुख, समृद्धि और आनंद-धूप। ☀️💫 कान्हा की लीला से महके आप सभी का यह संसार, 🌺🍃 जन्माष्टमी की पावन बेला पर मिले अपरंपार प्यार! ❤️🪔 आप सभी को नटखट नंद किशोर और उनकी प्यारी बहन देवी योगमाया जी के जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🪔✨🌸💛

0 Rᴇᴘᴏʀᴛs ᴀʀᴇ Bʟᴏᴄᴋᴇᴅ ʙʏ @teleprotectorbot 466 Cʜᴀɴɴᴇʟs ᴀʀᴇ Sᴀᴠᴇᴅ Fʀᴏᴍ Rᴇᴘᴏʀᴛs ɪɴ Lᴀsᴛ 24 Hᴏᴜʀs

❖ 🌊 नदी के उस पार 🌅 ❖ नदी के इस पार एक उम्र मैंने गुज़ारी है, कुछ ख़्वाबों की राख बची, कुछ आँखों में चिंगारी है। 🥀 कभी धूप ने राह रोकी, कभी रात बहुत भारी थी, कभी अपने ही साये से पूछा—मेरी बारी कब आने वाली थी? 🌙 कंधों पर कुछ फ़र्ज़ रखे थे, दिल में कुछ अरमान रखे थे, ख़ुद के हिस्से की ख़ुशियाँ छोड़, अपनों के लिए मुस्कान रखे थे। 🤍 हर लहर मुझे ये कहती थी—“तू थककर यहीं ठहर जाएगा,” दिल चुपचाप जवाब देता—“जो चल पड़ा है, वो पार भी जाएगा।” 🌊 कई बार लगा ये सफ़र बस दर्द की कहानी है, फिर किसी सुबह ने समझाया—हर रात के बाद रवानी है। 🌤️ मैं उस पार की रोशनी को दूर से तकता रहा, और अपनी ही परछाईं से हर रोज़ लड़ता रहा। 🕊️ फिर एक दिन नदी के पानी में अपना चेहरा साफ़ दिखाई दिया, थका हुआ था, टूटा नहीं—बस ख़ुद को थोड़ा देर से समझ पाया। 🪞 आज भी नदी बहती है, आज भी रास्ते आसान नहीं, मगर अब डर नहीं लगता, क्योंकि मैं पहले वाला इंसान नहीं। 🌱 अब उस पार पहुँचने की जल्दी भी नहीं रहती है, मंज़िल चाहे जितनी दूर हो, उम्मीद साथ चलती रहती है। ✨ और शायद इसी का नाम ज़िंदगी ने सफ़र रखा है— जिसे हम “उस पार” समझते रहे, वो हमारे भीतर ही पलता रहा है। 🌌 आज नदी के किनारे खड़ा हूँ, आँखों में फिर उजियारा है— अब पार जाना ज़रूरी नहीं… 🌅 क्योंकि जिस दिन मैंने ख़ुद पर भरोसा किया, उसी दिन से हर किनारा मेरा है। 🖤✨ — 𝓘𝓷𝓭𝓻𝓪 ✍🏻 एक मुसाफ़िर-सा क़लम