शायराना!🤗
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तलब करें तो ये आँखें भी इन को दे दूँ मैं मगर ये लोग इन आँखों के ख़्वाब माँगते हैं ~ अब्बास रिज़वी @sayarilover
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Hey guys!
Check out this profile... I started new journey... Kindly show your support... Follow and likes🙏🏻
https://www.instagram.com/matrix_of_dailylife?stkn=MW8xcjViMmVxcHVyNQ==
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नींद पागल हुई, आँख बोझिल हुई,
स्वप्न को भी नज़र लग गई आपकी !!
मुस्कुराना ग़लत, है या रोना ग़लत?
कौन छंटनी करे, पुण्य की पाप की?
गीत होठों पे सज-धज के बैठे रहे,
भाव सारे तुम्हें टेर कर सो गए !!
मेरी आहों को जब भी ज़रूरत पड़ी,
शब्द ढोंगी से मुंह फेर कर सो गए !!
मैंने टोका तो शब्दों ने ये कह दिया
क्या ज़रूरत है अब वार्तालाप की?
~ गुनवीर "राना "
@sayarilover
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वो इश्क ही क्या जो किसी के चेहरे से हो..
मजा तो तब है , जब " मोहब्बत " किसी की बातों से हो
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तक़रीबन 5.4 इंच कद है उसका..।।
मेरी दुनिया ज़ादा बड़ी नहीं है जनाब..।।
@i_harshitt_09
@sayarilover
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जब भी मौका मिले अपनी गलती की माफ़ी माँग लिया करो,
ज़िंदगी हर बार माफ़ी माँगने का भी मौका नहीं देती ।
@i_harshitt_09
@sayarilover
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किसी को मनाने से पहले ये जान लेना कि वह तुमसे नाराज है या परेशान ।
that hit me hard... ।💯
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पता नहीं लबों से लब कैसे लगा लेते हैं लोग
तुमसे नजरें भी मिल जाये तो होश नहीं रहता ।
@sayarilover...
Unknown
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तुम मेरी सोच हो तो तुम्हें
कोई और सोचे ही तो क्यों सोचे!
जब तुम मेरी चाहत हो
तो तुम्हें कोई और चाहें ही तो क्यों चाहें!
तुम मेरा आईना हो तो तुम्हें
कोई और देखे ही तो क्यों देखे!
तुम मेरी दुआ हो तो तुम्हें
कोई और मांगे क्यों ही तो क्यों मांगे!
हद_है जब तुम पर मेरा हक है
तो और कोई हक जताये ही तो क्यों जताये!
@i_harshitt_09
@sayarilover
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शेर-ओ-शायरी क्या कोई बच्चों का खेल है..!!
जल जातीं हैं जवानियाँ लफ़्ज़ों की आग में......!!
@i_harshitt_09
@sayarilover
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मिठाइयों का हो ओवर फ्लो
मस्ती हो कभी ना लो
रंग और गुलाल का सुरूर छाया रहे
पॉकेट में भरी माया रहे
गुड लक की हो बौछार
आया होली का त्यौहार
@sayarilover
@i_harshitt_09
HaPpY HoLi To EvErYoNe
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जहाँ जरूरत नही मेरी
वहाँ जाना भी नही हैं
वो रूठा है तो रूठा रहे
मुझे मनाना भी नही है
मोहब्बत मेरी है मुझमें रहेगी
मुझे वैसे भी तुझे पाना नही है
तेरे तेवर सलामत रहे सदा यूँ ही
मेरी जान अभी गुजरा जमाना नही है
रूह तेरी है तेरी रहेगी सदा
दिल को मगर और तड़पाना नही हैं!!
@i_harshitt_09
@sayarilover
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एक सुरूर सा मुझ पर चढ़ा कर गया है.....
कोई बेवजह मुझको हसा कर गया है
हँसते हँसते आ गए आँखो में आँशू
कुछ ऐसे वो मुझको रुला कर गया है
जाने वो लौट कर फिर कब आयेगा....
शायद वो लोगो से ये बता कर गया है..,.
ना जाने वो मुझ पर क्या कर गया....
अपनी मोहब्बत का मुझ पर असर कर गया है ....
तोहफे मैं मुझे वो अपनी यादें दे गया
सितम वो मुझ पर बेशुमार कर गया है....
मोहब्बत की है जनाब मोहब्बत मैं हमे तबाह कर गया है ....
@sayarilover
@i_harshitt_09
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इस बार जब रावण उठा ले आये सीता को
मंदोदरी तुम तलवार उठाना
स्त्री तुम स्त्री का साथ निभाना
देनी पडे़ इसबार अग्निपरीक्षा सीता को
धरति मां तू तब ही फट जाना
स्त्री तुम स्त्री का साथ निभाना
लगे जो छिन्टे सीता के आंचल को
उर्मिला तुम बड़ी बहन बनकर ढाल बन जाना
स्त्री तुम स्त्री का साथ निभाना
इस बार जब सीता निकाली जाये अयोध्या से
कोशल्या तुम उसकी मां बन जाना
स्त्री तुम स्त्री का साथ निभाना
पाले इसबार सीता अकेले ही लव कुस को
सुनैना तुम भी हाथ बन्टाना
स्त्री तुम स्त्री का साथ निभाना
स्त्री तुम स्त्री का साथ निभाना
स्त्री तुम स्त्री का साथ निभाना!!!
इस बार जब रावण उठा ले आये सीता को
मंदोदरी तुम तलवार उठाना
स्त्री तुम स्त्री का साथ निभाना
देनी पडे़ इसबार अग्निपरीक्षा सीता को
धरति मां तू तब ही फट जाना
स्त्री तुम स्त्री का साथ निभाना
लगे जो छिन्टे सीता के आंचल को
उर्मिला तुम बड़ी बहन बनकर ढाल बन जाना
स्त्री तुम स्त्री का साथ निभाना
इस बार जब सीता निकाली जाये अयोध्या से
कोशल्या तुम उसकी मां बन जाना
स्त्री तुम स्त्री का साथ निभाना
पाले इसबार सीता अकेले ही लव कुस को
सुनैना तुम भी हाथ बन्टाना
स्त्री तुम स्त्री का साथ निभाना
स्त्री तुम स्त्री का साथ निभाना
स्त्री तुम स्त्री का साथ निभाना!!!
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Happy women's day 🤗
@sayarilover
@i_harshitt_09
Type YES If You Agree
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वह कहता था, वह सुनती थी,
जारी था एक खेल कहने-सुनने का।
खेल में थी दो पर्चियाँ। एक में लिखा था ‘कहो’, एक में लिखा था ‘सुनो’।
अब यह नियति थी या महज़ संयोग? उसके हाथ लगती रही वही पर्ची जिस पर लिखा था ‘सुनो’।
वह सुनती रही। उसने सुने आदेश। उसने सुने उपदेश। बन्दिशें उसके लिए थीं। उसके लिए थीं वर्जनाएँ। वह जानती थी, ‘कहना-सुनना’ नहीं हैं केवल क्रियाएं।
राजा ने कहा, ‘ज़हर पियो’ वह मीरा हो गई।
ऋषि ने कहा, ‘पत्थर बनो’ वह अहल्या हो गई।
प्रभु ने कहा, ‘निकल जाओ’ वह सीता हो गई।
चिता से निकली चीख, किन्हीं कानों ने नहीं सुनी, वह सती हो गई।
घुटती रही उसकी फरियाद, अटके रहे शब्द, सिले रहे होंठ, रुन्धा रहा गला।
उसके हाथ कभी नहीं लगी वह पर्ची, जिस पर लिखा था, ‘कहो’।
Happy women's day♀🌹👩
@sayarilover
@i_harshitt_09
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खूबसूरत है तू जन्म लेती हुई..,
खूबसूरत है तू जन्म देती हुई...!!
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Happy Women's day
@sayarilover
@i_harshitt_09
