UPPCS BY DORAEMON FAMILY
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और हाँ… आज जिन साथियों का Mains नहीं हुआ, उनसे कोई बड़ी-बड़ी बातें नहीं कहूँगा। बस इतना—आपकी मेहनत बेकार नहीं गई है। इस रिजल्ट ने सिर्फ एक दरवाजा बंद किया है, आपकी पूरी जिंदगी नहीं।
Doraemon Family है… तो एक-दूसरे को गिरने नहीं देंगे। ❤️
आज मन भारी है तो भारी रहने दीजिए।
बस हार मत मानिए।
कल फिर से शुरुआत करेंगे।
थोड़ी धीमी सही… लेकिन करेंगे। 🫂❤️
— DORA ❣️
⚠️ मैसेज थोड़ा लंबा है… लेकिन आज की स्थिति को देखते हुए, इसे थोड़ा समय देकर पूरा पढ़िएगा। शायद इसमें आपकी अपनी कहानी का कोई हिस्सा भी मिल जाए।
आज UPPCS Mains का रिजल्ट आने के बाद जैसे हर तरफ एक अजीब-सा सन्नाटा है…
जिसने Mains दिया था, वह भी परेशान है।
जिसने नहीं दिया, वह भी परेशान है।
जो आने वाली Prelims की तैयारी कर रहा है, उसके मन में भी तरह-तरह के सवाल चल रहे हैं।
और सच कहूँ तो… हम भी परेशान हुए हैं।
आज दिनभर कई विद्यार्थियों के मैसेज आए, कई लोगों से बातें हुईं।
कुछ लोगों का दर्द देखकर लगा कि उनका दुख शब्दों में समझाना भी मुश्किल है।
कई बार इंसान महीनों नहीं, सालों की मेहनत लेकर अंतिम पड़ाव तक पहुँचता है… और फिर वहीं आकर सब कुछ खत्म-सा लगता है।
ऐसे समय में हम क्या ही कह सकते हैं?
बस सांत्वना दे सकते हैं।
कुछ देर उनकी बात सुन सकते हैं।
और इतना कह सकते हैं कि अभी कहानी खत्म नहीं हुई है।
आज कुछ ऐसे विद्यार्थी भी परेशान हैं जो पहली बार Prelims देने वाले हैं, या पहले Prelims में असफल हो चुके हैं।
उनके मन में भी डर बैठ गया है—
"अगर मेरा Prelims नहीं हुआ तो?"
"अगर हुआ और Mains में नहीं हुआ तो?"
"इतनी मेहनत के बाद भी अगर कुछ नहीं हुआ तो?"
कुछ साथियों ने तो आज परीक्षा छोड़ देने तक की बात कह दी।
लेकिन उनसे बस एक बात कहूँगा—
ऐसा मत करना। बिल्कुल मत करना।
एक परीक्षा आपके जीवन से बड़ी नहीं है।
एक रिजल्ट आपकी पूरी क्षमता का प्रमाण नहीं है।
और एक असफलता आपकी पूरी कहानी का अंत नहीं है।
एक गलती हममें से बहुत लोग करते हैं…
नए विद्यार्थी तो करते ही हैं, कई पुराने विद्यार्थी भी अंतिम समय में अपने Sources बदलने लगते हैं।
जो पढ़ रहे हैं, अचानक लगता है कि शायद पर्याप्त नहीं है।
फिर कोई दूसरी किताब…
कोई दूसरी मैगजीन…
कोई दूसरा नोट्स…
कोई दूसरा शिक्षक…
फिर तीसरा…
और अंत में पढ़ाई कम, Sources के पीछे भागना ज्यादा हो जाता है।
सच यह है कि इस परीक्षा के लिए "पर्याप्त" नाम की कोई अंतिम वस्तु नहीं है।
हम जितना पढ़ते हैं, उतना ही लगता है कि और पढ़ना बाकी है।
एक समय हम भी इसी चक्कर में पड़े थे।
हमें भी लगता था कि शायद कहीं कुछ छूट रहा है।
शायद किसी और के पास हमसे बेहतर सामग्री है।
लेकिन धीरे-धीरे समझ आया कि समस्या हमेशा Sources की कमी नहीं होती…
कई बार समस्या अपने Source पर भरोसा न कर पाने की होती है।
इसलिए जो पढ़ रहे हो, उसे बार-बार मजबूत करो।
हर बार दिशा मत बदलो।
और साथियों… परीक्षा सिर्फ किताबों और प्रश्नों की लड़ाई नहीं है।
किसी पर घर का दबाव है।
किसी पर समाज का।
किसी लड़की पर शादी का दबाव है।
किसी के ऊपर आर्थिक जिम्मेदारियाँ हैं।
किसी को परिवार की उम्मीदों का बोझ उठाना है।
किसी को अपने ही लोगों के सवालों का जवाब देना पड़ता है।
हर किसी की अपनी लड़ाई है।
आज आपमें से बहुत से लोग अपनी बातें हमसे इसलिए साझा करते हैं क्योंकि शायद आपको लगता है कि एक दोस्त या एक भाई की तरह कोई आपकी बात सुन लेगा।
हम सुनते हैं।
समझने की कोशिश करते हैं।
लेकिन एक सच और है…
आपकी बातें सुनते-सुनते कई बार हम भी भीतर से परेशान हो जाते हैं।
आप सबकी तरह हमारे मन में भी बहुत कुछ चलता है।
हम भी थकते हैं।
हम भी परेशान होते हैं।
हम भी कई बार सोचते हैं कि अपनी बातें आखिर किससे कहें?
फिर भी कोशिश रहती है कि जब कोई अपना परेशान होकर आए, तो कम से कम उसे थोड़ा संभाल सकें।
इसलिए आज बस इतना कहना है—
अभी थोड़ा रुक जाइए।
अगर बहुत थक गए हैं तो कुछ दिन आराम करिए।
अपने दिमाग को शांत होने दीजिए।
आज कोई बड़ा फैसला मत लीजिए।
न खुद को दोष दीजिए,
न अपनी पूरी मेहनत को बेकार समझिए।
थोड़ा समय दीजिए खुद को…
फिर शांत दिमाग से बैठिए और देखिए कि आगे कौन-कौन से रास्ते खुले हैं।
UPPCS एक रास्ता है।
जिंदगी में रास्ते सिर्फ एक नहीं होते।
हो सकता है आपका अगला प्रयास यहीं हो।
हो सकता है कोई दूसरा Exam आपका इंतजार कर रहा हो।
हो सकता है जिस सफलता को आप आज बहुत दूर समझ रहे हैं, वह कुछ समय बाद आपके सामने हो।
हमें यह भी स्वीकार करना होगा कि हर व्यक्ति का चयन हर परीक्षा में नहीं होता।
लेकिन इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं कि हमें कोशिश करना छोड़ देना चाहिए।
हार और रुक जाना—दो अलग बातें हैं।
हार मिली है तो थोड़ा बैठ जाओ।
साँस लो।
खुद को संभालो।
फिर उठो… और आगे बढ़ो।
किसी को आज हमारी जरूरत नहीं है तो भी ठीक है,
लेकिन खुद को अपनी जरूरत जरूर है।
अपने लिए थोड़ा समय निकालिए।
अपनों से बात करिए।
मन हल्का करिए।
और फिर वापस लग जाइए।
क्योंकि अभी बहुत कुछ बाकी है। ❤️
उत्तर प्रदेश के मे दाऊजी महाराज का लक्खी मेला (हाथरस)
उत्तर प्रदेश विशेष (UP Special) के अंतर्गत यदि 'लक्खी मेला' पूछा जाए, तो यह ब्रज क्षेत्र के हाथरस जिले से संबंधित है।
• स्थान: हाथरस (उत्तर प्रदेश)।
• मुख्य देवता: भगवान कृष्ण के बड़े भाई श्री दाऊजी महाराज (बलराम जी) को समर्पित।
• महत्व: इसे 'प्रांतीय लक्खी मेला' का दर्जा प्राप्त है। यह भाद्रपद/आश्विन मास (सितंबर-अक्टूबर के दौरान) आयोजित होने वाला एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मेला है, जिसमें ब्रज क्षेत्र के लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं।
🙏🏻🌺 जय श्री दाऊजी महाराज 🌺🙏🏻
आज ब्रज में आनंद छायौ है,
बलदेव के आँगन में दाऊजी महाराज कौ जन्मोत्सव मनायौ है। ❤️
रोम-रोम में बसौ ब्रज,
मन में बसौ दाऊजी कौ नाम।
दाऊजी महाराज की कृपा सौं
सबके घर-आँगन में सुख, शांति अर समृद्धि छाई रहै। 🙏🏻
जाकी छाँव में ब्रज निश्चिंत रहै,
जाकी कृपा सौं बिगड़ौ काम बनि जाय,
ऐसे हमारे दाऊजी महाराज कौ जन्मोत्सव
ब्रजवासियन अर समस्त भक्तन कूँ घणी-घणी बधाई। 🌸
दाऊजी महाराज सबकी लाज राखैं,
सब पे अपनी कृपा की छाँव धरैं। ❤️
🌿 जय दाऊजी महाराज!🌿
जिन साथियों का इस बार नहीं हुआ, उनके लिए बस एक बात ❤️ कहानी अभी बाकी है… 🔥 अगला लक्ष्य — PCS 2026 🚀 और साथ में आने वाला RO/ARO 2026 भी मिलकर फोड़ेंगे! 💪🔥 इस बार नहीं तो अगली बार सही, Doraemon Family मैदान में है… हार मानने के लिए नहीं! ❤️
🎉 UPPCS Mains 2025 क्वालीफाई करने वाले सभी साथियों को ढेरों बधाई! ❤️ मेहनत के इस पड़ाव को पार करने के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएँ। अब अगला लक्ष्य Final Selection है। 🔥 Doraemon Family को आप सभी पर गर्व है। ❤️
दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को वर्ष 2024 के लिए प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है।
मुख्य विवरण
• सम्मानित व्यक्ति: अनंत नाग (कन्नड़ और भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता)
• घोषणा की तिथि: 16 सितंबर 2026
• पुरस्कार वितरण समारोह: 22 सितंबर 2026 को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान
• स्थान: केवडिया, गुजरात
• योगदान: उन्होंने अपने शानदार फिल्मी सफर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है और भारतीय सिनेमा पर गहरी छाप छोड़ी है।
