𝐑𝐚𝐣𝐚𝐬𝐭𝐡𝐚𝐧 𝐍𝐞𝐰 𝐆𝐊 2024
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मेरा मुझ में कुछ नहीं, जो कुछ है सो तेरा।
तेरा तुझकौं सौंपता, क्या लागै है मेरा॥
अर्थ : - मेरे पास अपना कुछ भी नहीं है। मेरा यश, मेरी धन-संपत्ति, मेरी शारीरिक-मानसिक शक्ति, सब कुछ तुम्हारी ही है। जब मेरा कुछ भी नहीं है तो उसके प्रति ममता कैसी? तेरी दी हुई वस्तुओं को तुम्हें समर्पित करते हुए मेरी क्या हानि है? इसमें मेरा अपना लगता ही क्या है?
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कई रसूखदारों के नाम सामने आने लगे। तब पीड़ित युवतियों के बयान, अन्य सबूतों के आधार पर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 1994 में आरोपियों में से एक पुरुषोत्तम ने जमानत पर छूटने के बाद आत्महत्या कर ली। केस का पहला फैसला मुकदमा दर्ज होने के 6 साल बाद 1998 में आया। तत्कालीन जिला जज कन्हैयालाल व्यास ने 8 आरोपियों को उम्रकैद से दंडित किया।
इस फैसले से कुछ समय पहले प्रकरण के आरोपी फारूक चिश्ती को मानसिक रोग सिजोफ्रेनिया होने की बात सामने आई। इसकी वजह से उसके खिलाफ मुकदमा टला। बाद में उसकी अलग से सुनवाई हुई। जिला न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील पेश की थी, जहां से सजा कम कर 10 साल कारावास कर दी गई। सजा कम होने बाद मुल्जिमों सहित राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अलग-अलग अपील दायर की। जिसका निस्तारण करते हुए 10 साल की सजा यथावत रखी गई।
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गैंग में हो सकते हैं कई मेंबर
पुलिस के मुताबिक, लड़कियों को ब्लैकमेल करने वाले आरोपियों की गैंग में कई और सदस्य शामिल हैं। पुलिस अलग-अलग जगहों पर दबिश दे रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने 6 अन्य आरोपियों को भी पकड़ा है। जल्द ही पुलिस पूरे मामले का खुलासा करेगी।
जानिए पीड़िता को कैसे जाल में फंसाया
पीड़ित छात्रा के पिता की रिपोर्ट के मुताबिक, थाना इलाके के एक कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाली 11वीं क्लास की छात्रा को उसकी सहेली ने अक्टूबर 2023 में लड़कों से दोस्ती करने की सलाह दी थी। उसने छात्रा को एक लड़के की इंस्टाग्राम आईडी भेजी। हालांकि फ्रेंड रिक्वेस्ट को छात्रा ने ब्लॉक कर दिया था।
इसके बाद सहेली ने छात्रा को इरफान की इंस्टाग्राम आईडी दी। इरफान की फ्रेंड रिक्वेस्ट को छात्रा ने कबूल कर लिया। दोनों के बीच बातचीत होने लगी। इरफान ने छात्रा को विश्वास में ले लिया। इसके बाद उसने छात्रा की इंस्टाग्राम आईडी और पासवर्ड ले लिया।
इरफान ने छात्रा के कुछ फोटो एडिट किए और उसी की आईडी से उसकी कुछ सहेलियों को भेज दिए। इस पर सहेलियों ने उसे ब्लॉक कर दिया। छात्रा की आईडी से इरफान ने कुछ चैट भी किए। इनको आधार बनाकर वह छात्रा को ब्लैकमेल करने लगा और पैसों की डिमांड करने लगा।
छात्रा घर से पैसे चोरी कर इरफान को देने लगी। इरफान जब भी पैसे लेने जाता तो उसके साथ उसका कोई दोस्त भी होता। दोस्ती के दौरान आरोपी ने छात्रा की न्यूड फोटो ले ली थी।
मार्च 2024 में छात्रा पैसे देने आई तो इरफान के साथ अरबाज भी था। इरफान ने ब्लैकमेल कर अरबाज के सामने ही छात्रा का रेप किया और फोटो-वीडियो बनाए। तब तक छात्रा इरफान को 5 लाख रुपए दे चुकी थी। रेप के बाद आरोपियों ने 10 लाख रुपए की मांग की।
घर से लगातार पैसे चोरी होने की बात सामने आई तो पिता ने बेटी से सख्ती से पूछा। उसने पिता को सब कुछ बता दिया। इसके बाद पिता ने इरफान, अरबाज समेत 6 लोगों के खिलाफ पॉक्सो की धाराओं में मामला दर्ज करवाया।
कई लड़कियों के संपर्क में हैं आरोपी
जांच में सामने आया है कि अरबाज और इरफान के संपर्क में कई स्कूली छात्राएं हैं। पुलिस को दोनों के मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) में कई ऐसे नंबर मिले हैं, जिन पर लगातार बातचीत हो रही थी।
इरफान और अरबाज के अलावा इस मामले में कई और नाम सामने आ रहे हैं। पुलिस रिमांड में दोनों से पूछताछ कर रही है।
जरूरत पड़ी तो आरोपियों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाएंगे: देवनानी
मामले में विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने अजमेर एसपी सहित पुलिस के आला अफसरों से इस संबंध में बात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा दोषियों को सख्त सजा दिलवाई जाएगी। जरूरत पड़ी तो दोषियों की सम्पत्ति पर बुलडोजर चलाने से परहेज नहीं करेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि अजमेर में ब्लैकमेल कांड की पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी। आरोपी चाहे कितने भी प्रभावशाली हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि बच्चों का विशेष ध्यान रखें। उनसे नियमित बातचीत करें, भावनात्मक सपोर्ट करें। बच्चे को यदि कोई असामाजिक तत्व परेशान कर रहा है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
बीजेपी ने जताया विरोध, कहा- गहनता से जांच हो
मामले में सोमवार को बीजेपी ने विरोध जताया है। जिला अध्यक्ष रमेश सोनी के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने एसपी देवेंद्र विश्नोई को ज्ञापन दिया। जिला अध्यक्ष सोनी ने बताया कि नाबालिग पीड़िता के साथ हुई घटना गंभीर है। यह प्रकरण 1992 के ब्लैकमेल कांड की पुनरावृत्ति प्रतीत होता है। इस मामले में गहनता से जांच कर अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जाए ताकि पूर्व में हुए ब्लैकमेल कांड की तरह अजमेर को यह कलंक नहीं झेलना पड़े।
जिला अध्यक्ष ने एसपी से यह भी कहा कि ऐसे अपराध अधिकतर अवैध कैफे और रेस्टोरेंट में किए जा रहे हैं। इन पर भी संबंधित विभाग के साथ मिलकर कार्रवाई की जाए।
वकीलों ने भी किया प्रदर्शन
गैंगरेप मामले में अजमेर के वकीलों ने कलेक्ट्रेट पर सोमवार को प्रदर्शन किया। बताया कि क्रिश्चियनगंज थाना क्षेत्र में वर्ग विशेष के युवाओं की ओर से नाबालिग लड़कियों को सोशल मीडिया से झांसे में लेकर उनकी तस्वीरों को एडिट कर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। अजमेर में पहले भी ऐसा ही ब्लैकमेल कांड चर्चित रहा है। सभी अधिवक्ताओं ने जिला कलेक्टर से मुलाकात की है और ज्ञापन दिया है।
अजमेर में ही हुआ था 1992 कांड
साल 1992 में अजमेर में स्कूल-कॉलेज की लड़कियों को टारगेट करते हुए ऐसा ही ब्लैकमेल और गैंगरेप कांड हुआ था। 1992 में पूरे स्कैंडल का भांडा फूटा था। स्कूल-कॉलेज की लड़कियों की न्यूड फोटो और जेरोक्स कॉपी बाजार में जगह-जगह पहुंचने लगी। ब्लैकमेल होने वाली लड़कियों की एक लंबी चेन बनती चली गई। करीब डेढ़ सौ से ज्यादा लड़कियों को इस जाल में फंसाया गया था।
