ru
Feedback
📖☬ 𝙂𝙎 𝘿𝙖𝙧𝙨𝙝𝙖𝙣 𝙃𝙪𝙗 ☬📖 for BPSC/TRE-4/BSSC/BIHAR DAROGA/BIHAR POLICE....

📖☬ 𝙂𝙎 𝘿𝙖𝙧𝙨𝙝𝙖𝙣 𝙃𝙪𝙗 ☬📖 for BPSC/TRE-4/BSSC/BIHAR DAROGA/BIHAR POLICE....

Открыть в Telegram

🎯 मेहनत को सफलता में बदलने का प्रयास। For Bpsc (Pre mains interview) ,BSSC & Other competitive exam ..

Больше
1 552
Подписчики
+224 часа
+107 дней
+830 дней
Архив постов
📌 राष्ट्रीय मखाना बोर्ड — पहली बैठक (National Makhana Board First Meeting) 📅 बैठक कब और कहाँ हुई? राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की पहली बैठक 12 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में कृषि मंत्रालय के कार्यालय में आयोजित की गई। 🧑‍💼 बैठक का नेतृत्व किसने किया? बैठक की अध्यक्षता कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव, डॉ. देवेश चतुर्वेदी द्वारा की गई। इसमें बिहार कृषि विभाग के प्रधान सचिव, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों तथा अनुसंधान केंद्रों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 🗂️ बैठक के मुख्य निर्णय (Key Decisions) ✅ 1. गुणवत्तापूर्ण मखाना बीज उपलब्ध कराना देश के किसानों को उच्च गुणवत्ता वाला मखाना बीज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए विभिन्न राज्यों की बीज आवश्यकताओं का संकलन करना शामिल है। ✅ 2. बीज आपूर्ति और प्रशिक्षण बिहार के सबौर कृषि विश्वविद्यालय और अन्य शोध संस्थानों को प्रमाणित और गुणवत्ता युक्त बीजों की आपूर्ति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई। राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र (एनआरसी मखाना), दरभंगा सहित अन्य विश्वविद्यालयों को किसानों और प्रशिक्षकों को आधुनिक तकनीकों पर प्रशिक्षण देने का कार्य सौंपा गया। ✅ 3. मखाना मूल्य श्रृंखला का विकास बैठक में मखाना की उन्नत खेती, प्रसंस्करण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन (Marketing) को बढ़ावा देने के उपायों पर भी जोर दिया गया। ✅ 4. अनुसंधान एवं बुनियादी ढांचा बोर्ड ने मखाना क्षेत्र में: अनुसंधान को बढ़ावा कटाई और प्रसंस्करण तकनीक में सुधार बुनियादी ढांचे का विकास जैसे निर्णय को भी मंज़ूरी दी। ✅ 5. बजट एवं योजना विभिन्न घटकों के लिए बजट आवंटन और मखाना उत्पादन बढ़ाने, तकनीकी हस्तांतरण, बाजार विस्तार, स्टार्ट-अप एवं उद्यमिता को प्रोत्साहन देने पर भी चर्चा हुई। 📌 राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना का संदर्भ 15 सितंबर 2025 को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की औपचारिक स्थापना की थी। यह बोर्ड मखाना (fox nut) क्षेत्र के समग्र विकास, उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और निर्यात के लिए केंद्रीय मखाना विकास योजना (2025-26 से 2030-31 तक) के तहत काम करेगा। 📌 राष्ट्रीय मखाना बोर्ड — उद्देश्य National Makhana Board का मुख्य उद्देश्य है: ✅ किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज और तकनीकी प्रशिक्षण देना ✅ आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना ✅ मूल्य संवर्धन और बेहतर विपणन (Branding & Marketing) सुनिश्चित करना ✅ मखाना की निर्यात संभावनाओं को मजबूत करना ✅ बिहार समेत देश के मखाना किसानों की आय बढ़ाना

🌾 सब्जी/मसाला क्लस्टर योजना — मुख्य बातें 1.यह योजना बिहार सरकार द्वारा चलाई जा रही है, जिसमें टमाटर, मिर्च और लहसुन की खेती को सब्सिडी (अनुदान) के साथ प्रोत्साहित किया गया है। 2.इस योजना को लागू करते समय किसानों को “क्लस्टर” (गुट / समूह) के रूप में काम करना होगा: हर क्लस्टर में कम से कम 3 किसान शामिल होंगे, और क्लस्टर की कुल खेती की भूमि 6 हेक्टेयर निर्धारित है। 3.खेती की लागत और सब्सिडी (अनुदान) — टमाटर और मिर्च (हाइब्रिड) की खेती की अनुमानित लागत ₹ 0.60 लाख प्रति हेक्टेयर है। लहसुन की खेती के लिए लागत ₹ 1.00 लाख प्रति हेक्टेयर तय की गई है। 4.इन लागतों पर किसानों को कुल 50% सब्सिडी दी जाएगी — जिसमें 40% + 10% (टॉप-अप) शामिल है। 5.सब्सिडी की रकम DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से DBT-in-Cash या DBT-in-Kind रूप में दी जाएगी। 6.भुगतान दो किस्तों में: पहली किस्त रोपण सामग्री/INM-IPM सामग्री की क्रय के लिए (60%), और दूसरी किस्त खेती के भौतिक सत्यापन (field verification) के बाद (40%) दी जाएगी। 7.योजना लाभार्थी — जो किसान इसका लाभ ले सकते हैं: छोटे एवं सीमांत किसान। मालिकाना जमीन न रखने वाले (lease/sharecropped land) किसान भी आवेदन कर सकते हैं। लाभ एवं उद्देश्य: सब्जी/मसाला (टमाटर, मिर्च, लहसुन) उत्पादन को बढ़ावा देना। किसानों की आय में वृद्धि और खेती की लागत कम करना। समूह/cluste­r आधारित खेती से छोटे किसानों को भी बड़े पैमाने पर खेती का फायदा मिलना। कुल मिलाकर, राज्य में हorti-क्षेत्र (फल, सब्जी, मसाले) को बढ़ावा देना, कृषि विविधीकरण (crop diversification) करना। लागू जिले: इस योजना का लाभ बिहार के 26 जिलों में मिलेगा — इनमें अररिया, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, पूर्वी चंपारण, गया, जमुई, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नालंदा, नवादा, पटना, पूर्णिया, रोहतास, समस्तीपुर, शेखपुरा और वैशाली शामिल हैं।

अभया ब्रिगेड — क्या है -अभया ब्रिगेड को 2025 में Bihar Police ने शुरू किया है। -यह हर जिले और हर थाने (पुलिस स्टेशन) में बनेगी। -टीम की कमान एक महिला सब-इंस्पेक्टर (Sub-Inspector) के हाथ होगी। साथ में एक महिला कांस्टेबल और दो पुरुष कांस्टेबल होंगे। 🎯 उद्देश्य / काम -अभया ब्रिगेड का मकसद है स्कूल, कॉलेज, कोचिंग-केंटर तथा उन इलाकों पर विशेष निगरानी रखना, जहाँ छात्र-छात्राओं — विशेषकर लड़कियों — की सुरक्षा चिंतित होती है। ये टीम “हॉट-स्पॉट्स” (जहाँ ज्यादा शिकायतें होती हैं) चिन्हित करेगी, वहाँ गश्त करेगी और अगर कोई छेड़-छाड़ या गंद-मनचला पाए तो तुरंत कार्रवाई करेगी। इन टीमों को तेज़–तर्रार कार्रवाई के लिए स्कूटी या वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। 🛡️ मकसद — क्यों ज़रूरी थी कई बार स्कूल/कॉलेज आदि के आसपास ईव-टीजिंग, छेड़-छाड़, असुरक्षा की शिकायतें आती रही हैं — अभया ब्रिगेड इसी समस्या से निपटने के लिए है। इससे लड़की-छात्राओं को सुरक्षित माहौल मिलेगा, और पुलिस-जनता के बीच भरोसा मजबूत होगा। 📝 वर्तमान स्थिति बिहार में पहले से काम कर रही Shakti Suraksha Dal के कर्मचारियों के अनुभव और आंकड़ों की मदद से, हॉट-स्पॉट्स की पहचान हो चुकी है। अब अभया ब्रिगेड को उन हिस्सों में तैनात किया जा रहा है जो सबसे संवेदनशील माने गए थे — स्कूल, कॉलेज, कोचिंग आदि।