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RB Classes Notes & PDF

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UP Police सिपाही भर्ती के आवेदन May के पहले सप्ताह में आने की संभावना......
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Embedded Figure Worksheet By Rakesh Sir

❣️😊 RB Classes❣️😊 26 April 2025 Current Affairs PDF✨🤝 🆘 For Any Query Please 🫰 Call us 8787200068

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❣️😊 RB Classes❣️😊 25 April 2025 Current Affairs PDF✨🤝 🆘 For Any Query Please 🫰 Call us 8787200068

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❣️😊 RB Classes❣️😊 24 April 2025 Current Affairs PDF✨🤝 🆘 For Any Query Please 🫰 Call us 8787200068

👉=(पंचायती राज की स्थापना ) 73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से पंचायती राज प्रणाली को संवैधानिक दर्जा मिला। 👉 इसे 24 अप्रैल 1993 से लागू किया गया। इसलिए हर साल 24 अप्रैल को 'राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस' मनाया जाता है। 👉 73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 संविधान में भाग IX जोड़ा गया – अनुच्छेद 243 से 243-(O) तक। ग्यारहवीं अनुसूची (11th Schedule) जोड़ी गई – जिसमें पंचायतों के लिए 29 विषय शामिल हैं। 👉 पंचायती राज की संरचना (तीन-स्तरीय ढाँचा) ग्राम पंचायत (ग्राम स्तर) पंचायत समिति / जनपद पंचायत (खंड स्तर) जिला परिषद (जिला स्तर) 👉 पंचायती राज प्रणाली को भारत में संवैधानिक दर्जा प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिम्हा राव के कार्यकाल के दौरान मिला था। भारत में सबसे पहले लागू – राजस्थान राजस्थान देश का पहला राज्य था जिसने पंचायती राज प्रणाली को व्यवहार में लागू किया। 👉 तारीख: 2 अक्टूबर 1959 स्थान: नागौर जिले के बागड़ी गाँव से इसकी शुरुआत हुई। यह पहल बलवंत राय मेहता समिति की सिफारिशों के आधार पर की गई थी। 👉🔹 मुख्य भूमिका में उस समय के मुख्यमंत्री श्री मोहनलाल सुखाड़िया ने इस प्रणाली को लागू करने में अहम भूमिका निभाई थी। 👉 इस ऐतिहासिक दिन की शुरुआत प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू की उपस्थिति में हुई थी। 📚 पंचायती राज से संबंधित प्रमुख समितियाँ (Samitiya) ✅ 1. बलवंत राय मेहता समिति (1957) ➡️ सबसे महत्वपूर्ण समिति, पंचायती राज की नींव इसी समिति ने रखी। बिंदु विवरण : गठन- 1957, योजना आयोग द्वारा अध्यक्ष- बलवंत राय मेहता उद्देश्य- सामुदायिक विकास कार्यक्रम और राष्ट्रीय विस्तार सेवा कार्यक्रम की समीक्षा मुख्य सिफारिशें : त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था: ग्राम पंचायत पंचायत समिति (खंड स्तर) जिला परिषद पंचायत समिति को असली कार्यकारी इकाई माना गया। सीधा चुनाव ग्राम पंचायत में हो, अन्य दो स्तरों पर अप्रत्यक्ष चुनाव। योजना निर्माण में ग्रामसभा की भागीदारी। 📌 नतीजा: इसी समिति की सिफारिशों के आधार पर राजस्थान में 1959 में पंचायती राज प्रणाली लागू की गई। 👉 ✅ 2. अशोक मेहता समिति (1977) ➡️ पंचायतों को और सशक्त बनाने के लिए गठित की गई। बिंदु विवरण: गठन - 1977, जनता पार्टी सरकार द्वारा अध्यक्ष - अशोक मेहता उद्देश्य - पंचायती राज संस्थाओं के कमजोर होने के कारणों की समीक्षा: मुख्य सिफारिशें द्विस्तरीय प्रणाली: मंडल पंचायत (ग्रामों का समूह) जिला पंचायत पंचायतों को संवैधानिक दर्जा देने की सिफारिश। राजनीतिक दलों को चुनाव में भाग लेने की अनुमति। नियोजन की मुख्य इकाई जिला परिषद। 📌 नतीजा: कुछ सिफारिशें लागू हुईं, लेकिन संवैधानिक दर्जा नहीं दिया गया। 👉✅ 3  . एल.एम. सिंघवी समिति (1986) ➡️ पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा देने पर फोकस बिंदु विवरण अध्यक्ष-- डॉ. एल.एम. सिंघवी मुख्य सिफारिशें पंचायती राज को संविधान में स्थान दिया जाए। ग्राम सभा को वैधानिक संस्था का दर्जा मिले। पंचायत चुनाव नियमित रूप से हों। राज्य निर्वाचन आयोग की स्थापना। 📌 नतीजा: इन्हीं सिफारिशों के आधार पर 73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 लाया गया। 👉4 . PK Thungon समिति (1988) 🔷 पूरा नाम: पंखज खांडू थुंगन (पूर्व केंद्रीय मंत्री, अरुणाचल प्रदेश से) 🔹 गठन वर्ष: 1988 🔹 गठित करने वाली संस्था: केंद्र सरकार 🔹 उद्देश्य: 👉 भारत में स्थानीय स्वशासन (Local Self-Government) को मजबूत करने और प्रभावी बनाने के उपाय सुझाना। 👉 73वें और 74वें संविधान संशोधन की तैयारी में यह समिति बहुत महत्वपूर्ण रही। ✨ मुख्य सिफारिशें: सिफारिश विवरण ✅ संवैधानिक दर्जा पंचायती राज संस्थाओं को संविधान में दर्ज किया जाए। ✅ त्रिस्तरीय प्रणाली ग्राम पंचायत – पंचायत समिति – जिला परिषद को अनिवार्य किया जाए। ✅ वित्तीय शक्तियाँ पंचायतों को स्वतंत्र वित्तीय स्रोत और कर लगाने का अधिकार मिले। ✅ नियमित चुनाव पंचायतों के चुनाव हर 5 साल में अनिवार्य रूप से कराए जाएँ। ✅ राज्य वित्त आयोग राज्यों में पंचायतों को वित्तीय सहायता के लिए आयोग गठित किया जाए।

President By Dhirendra Sir

#NationalPanchaytiRajDiwas #24April
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