Ras Notes Omendra.... ✍️
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🟡 राजस्थान में आचार संहिता के बावजूद होगी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति, राज्य निर्वाचन आयोग ने दी छूट ✅
⚡️33वें मथुरा दास माथुर अवॉर्ड ( 2025-26 )
⚡️सीनियर वर्ग – अशोक शर्मा (जयपुर)
⚡️जूनियर वर्ग – कुशाग्र ओझा (भीलवाड़ा)
⚡️सब-जूनियर वर्ग – शिफान खान (जयपुर)
RPSC Asst. Prosecution Officer (Home Dept.) भर्ती 2026 : Master Question Paper जारी
🔴 राजस्थान राज्य पात्रता परीक्षा (R-SET) 2026 के प्रवेश पत्र (Admit Card) जारी
नगर निकाय निकाय चुनाव का शोर थमते ही ग्राम पंचायत (सरपंच) चुनाव का शंखनाद ✅
सरपंच-वार्ड पंच की 18 सितंबर को निकलेगी लॉटरी
*विद्या सम्बल योजना 2026*
*👉 विद्या सम्बल योजना के तहत व्याख्याता 1st Grade पद हेतु आवेदन फॉर्म जमा करवाने की अंतिम तिथि आज*
आज के त्योहार
भाद्रपद शुक्ल दशमी-- तेजा दशमी
वीर तेजाजी का जन्म खरनाल नागौर ग्राम के ताहड़जी और राम कुमारी के यहां माघ शुक्ल चतुर्दशी को 1073 ईस्वी में हुआ था जब तेजाजी अपनी पत्नी पेमल को लेने अपने ससुराल पनहेर गए हुए थे उसी दिन मेर लोग लाछा गुजरी की गाय चुरा कर ले गए गुजरी की प्रार्थना पर वह गायों को मुक्त करने जा ही रहे थे कि रास्ते में इन्हें सुरसुरा नामक स्थान पर एक सर्प मिला तेजाजी ने सर्प को डसने से रोकते हुए वचन दिया कि वह गायों को मुक्त करने के बाद स्वयं यहां आएंगे भीषण संघर्ष के बाद तेजाजी ने गाय मुक्त करने में सफलता प्राप्त की परंतु अत्यधिक घायल होने पर भी वह अपने वचन के अनुसार वापस सर्प के पास आए पूरे शरीर पर घाव होने के कारण इन्होंने सर्प के डसने के लिए जिह्वा आगे कर दी। सर्पदंश के कारण सुरसुरा किशनगढ़ में भाद्रपद शुक्ल दशमी को तेजाजी की मृत्यु हो गई ।तेजा दशमी भाद्रपद शुक्ल दशमी के अवसर पर पंचमी से पूर्णिमा तक परबतसर नागौर में विशाल पशु मेला लगता है तेजाजी भी गोगा जी की तरह ही नागों के देवता के रूप में पूजनीय हैं तेजाजी को तलवार धारण किए घोड़े पर सवार योद्धा के रूप में दर्शाया जाता है जिनकी जिह्वा को सर्प डस रहा है।
जोधपुर राजा अभयसिंह के शासनकाल में परबतसर में तेजाजी महाराज का मंदिर बनवाया गया।
07-09-2011 को तेजाजी पर 5 रु का डाक टिकट जारी हुआ।
घोडी - लीलण
सहरिया जनजाति के आराध्य देव -तेजाजी हैं बारां जिले के सीताबाड़ी में सहरिया जनजाति का कुंभ आयोजित होता हैं।
वीर तेजाजी की कर्मस्थली बांसी दुग्गारी बूंदी हैं।
Note :- खेजड़ली वृक्ष मेला जोधपुर भाद्रपद शुक्ल दशमी को आयोजित होता हैं।
@rasnotesomiiii✍️ विक्रम सिंह तारातरा
👉 15 अगस्त 2026 को
👉 कृषि में नवाचार हेतु सम्मानित
👉 राजस्थान सरकार के घुमंतू ब्रांड एंबेसडर
👉 कृषि आयुक्त IAS श्री नरेश गोयल द्वारा सम्मानित
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती 2024 : जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHED) विभाग, राजस्थान में चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति हेतु दस्तावेज सत्यापन का आदेश एवं DV कार्यक्रम जारी
गोगा जी का नाम राजस्थान के पंच पीरों में बड़ी श्रद्धा से लिया जाता है
पाबू,हरभू,रामदे,मांगलिया,मेहा।
पांचो पीर पधारज्यो,गोगाजी जेहा।।
इनके पिता जेवर और माता बाछल थी।
इन्हें गोरखनाथ वह महमूद गजनवी के समकालीन माना जाता है।गोगाजी का अपने मौसेरे भाइयों अरजन-सर्जन के साथ संपत्ति का विवाद चल रहा था।अरजन-सर्जन द्वारा मुसलमान की फौज लाकर गोगाजी की गायों को घर लेने के कारण इनका गोगा जी के साथ भीषण युद्ध हुआ इसमें अरजन-सर्जन के साथ गोगाजी भी वीरगति को प्राप्त हुए।गोगाजी का जन्म स्थल ददरेवा चुरु शीर्ष मेडी तथा इनका समाधि स्थल धुर मेडी गोगामेड़ी हनुमानगढ़ हैं।
गोगा जी की स्मृति में गोगामेड़ी हनुमानगढ़ में मेला व जन्म भाद्रपद कृष्ण नवमी को गोगा नवमी के रूप में मनाया जाता है ।
इस दिन गोगा जी की अश्वारोही भाला लिए योद्धा के प्रतीक के रूप में अथवा सर्प के प्रतीक के रूप में पूजा की जाती है इनका पत्थर पर उत्कीर्ण सर्प मूर्ति युक्त पूजा स्थल गांव में खेजड़ी वृक्ष के नीचे होता है मान्यता है कि गोगाजी को जाहर पीर कहकर पूजने से सर्पदंश का विष प्रभावहीन हो जाता है हिंदू 'नागराज'तो मुस्लिम गोगा पीर के रूप में इनकी पूजा करते हैं।विद्या संबल योजना 2026 : संस्कृत शिक्षा विभाग - जोधपुर संभाग ( बाड़मेर, बालोतरा, जैसलमेर, फलोदी, जोधपुर, जालोर, पाली, सिरोही जिले )
👉स्कूल व्याख्याता (1st ग्रेड) अब संस्कृत शिक्षा विभाग के रिक्त पदों की संख्या
