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Umang Tutorials

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📈 Аналитический обзор Telegram-канала Umang Tutorials

Канал Umang Tutorials (@umangtutorials) языкового сегмента Хинди является активным участником. Сейчас сообщество объединяет 10 120 подписчиков, занимая 19 625 место в категории Образование и 39 851 место в регионе Индия.

📊 Показатели аудитории и динамика

С момента создания невідомо проект демонстрирует стремительный рост, собрав аудиторию из 10 120 подписчиков.

Согласно последним данным от 24 июня, 2026, канал показывает стабильную активность. За последние 30 дней изменение числа участников составило 66, а за последние 24 часа — 9, при этом общий охват остаётся высоким.

  • Статус верификации: Не верифицирован
  • Уровень вовлечённости (ER): Средний показатель вовлечённости аудитории составляет 21.88%. В первые 24 часа после публикации контент обычно набирает N/A% реакций от общего числа подписчиков.
  • Охват публикаций: В среднем каждый пост получает 2 214 просмотров. В течение первых суток публикация набирает 0 просмотров.
  • Реакции и взаимодействия: Аудитория активно поддерживает контент: среднее количество реакций на один пост — 8.
  • Тематические интересы: Контент сосредоточен на ключевых темах, таких как अनुच्छेद, वर्ष, भारत, संग्रह, आयोग.

📝 Описание и контентная политика

Автор описывает ресурс как площадку для выражения субъективного мнения:
Download Official Application - https://play.google.com/store/apps/details?id=com.fxenmu.fwewgu For Paid E-books and Notes https://umangtutorials.akamai.net.in/ebooks

Благодаря высокой частоте обновлений (последние данные получены 25 июня, 2026) канал поддерживает актуальность и высокий уровень охвата публикаций. Аналитика показывает, что аудитория активно взаимодействует с контентом, что делает его важной точкой влияния в категории Образование.

10 120
Подписчики
+924 часа
+147 дней
+6630 день
Архив постов
भारत_का_संविधान_Class_Notes_by_Umang_tutorials.pdf22.66 MB

photo content

application software.pdf2.43 MB

https://youtu.be/wlchybcVjV0 Lecture number 23 Application Software Today 6:00 Pm

एक बार जरूर देखें और उसके बाद पसंद आये तो अवश्य लें ।
एक बार जरूर देखें और उसके बाद पसंद आये तो अवश्य लें ।

Extremely sorry Teachmint Platform me sab ok hone ke baad aap sabko link share karunga Wha aap weekly test bhi free me de sakte hai

photo content

आपके टीचर Umang tutorials ने आपको क्लासरूम जॉइन करने के लिए इन्वाइट किया है: Hostel Warden 2022विषय: Computer क्लासरूम आईडी: 1817919979 👇👇👇 नीचे दिए गए लिंक का इस्तेमाल करके माय लर्निंग ऐप: Teachmint पर क्लासरूम में एनरोल करें: https://www.teachmint.com/enroll/1817919979/62446494a8fbc7058b54321b?utm_source=app?utm_medium=android

RRB NTPC UPDATED RESULT

Bilaspur All Level list.pdf2.28 MB

Langugae tranlator software.pdf1.73 MB

महामहिम राष्ट्रपति महोदय जी ने जल संरक्षण के उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले की छिंदिया ग्राम पंचायत को सम्
महामहिम राष्ट्रपति महोदय जी ने जल संरक्षण के उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले की छिंदिया ग्राम पंचायत को सम्मानित किया (तृतीय राष्ट्रीय जल पुरस्कार में प्रदेश की उपलब्धि) छिंदिया ग्राम पंचायत को पूर्वी क्षेत्र श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ पंचायत के लिए द्वितीय पुरस्कार मिला । Umang Tutorials

Philosophy (दर्शन शास्त्र).pdf3.80 MB

software 20.pdf1.12 MB

वेदों की संख्या चार हैं - ऋग्वेद :-यह ऋतुओं का संग्रह है। ऋग्वेद 10 डलों में विभाजित है। इसमें देवताओं की स्तुति में 1028 श्लोक हैं, जिसमें 11 बालाखिल्य श्लोक हैं। ऋग्वेद में 10462 मन्त्रों का संकलन है। ऋग्वेद का पहला तथा 10वां मंडल क्षेपक माना जाता है। नौवें मंडल में सोम की चर्चा है। प्रसिद्ध गायत्री मन्त्र ऋग्वेद के तीसरे मंडल से लिया गया है। जिसमें सवितृ नामक देवता को सम्बोधित किया गया है। आठवें मंडल की हस्तलिखित ऋचाओं को खिल कहा जाता है। सरस्वती ऋग्वेद में एक पवित्र नदी के रूप में उल्लिखित है। सरस्वती के परवाह-क्षेत्र को देवकृत योनि कहा गया है। सामवेद :- यह गीति-रूप मन्त्रों का संग्रह है और इसके अधिकांश गीत ऋग्वेद से लिए गए है। सामवेद से संबंधित श्लोक तथा मन्त्रों का गायन करने वाले पुरोहित उद्गात्री कहलाते थे। सामवेद का संबंध संगीत से है तथा इसमें संगीत के विविध पक्षों का उल्लेख हुआ है। इसमें कुल 1549 श्लोक है जिनमें से 75 को छोड़कर सभी ऋग्वेद से लिए गए हैं। सामवेद में मन्त्रों की संख्या 1810 है। इसकी तीन शाखाएं हैं - कौथम, जैमिनीय एवं राणायनीय। यजुर्वेद :- इसमें यज्ञानुष्ठान के लिए विनियोग वाक्यों का समावेश है। यजुर्वेद में अनुष्ठानों तथा कर्मकांडों में प्रयुक्त होने वाले श्लोकों तथा मंत्रों का संग्रह है। इसका गायन करने वाले पुरोहित अध्वर्य कहलाते थे। यजुर्वेद गद्य तथा पद्य दोनों में रचित है। इसके दो पाठान्तर हैं - कृष्ण यजुर्वेद एवं शुक्ल यजुर्वेद। यजुर्वेद में कृषि तथा सिंचाई की प्रविधियों की चर्चा है। अथर्ववेद :- यह तंत्र-मन्त्रों का संग्रह है। अर्थर्ववेद की रचना अथर्वा ऋषि ने की थी। अर्थर्ववेद की दो शाखाएं हैं - शौनक एवं पिप्लाद। अर्थर्ववेद के अधिकांश मन्त्रों का संबंध तंत्र-मंत्र या जादू-टोना से है। रोग निवारण औषधियों की चर्चा भी इसमें मिलती है। अर्थर्ववेद के मन्त्रों को भारतीय विज्ञान का आधार भी माना जाता है। अर्थर्ववेद में सभा तथा समिति को प्रजापति की दो पुत्रियां कहा गया है। सर्वोच्च शासक को अर्थर्ववेद में एकराट कहा गया है। सूर्य का वर्णन एक ब्राह्मण विद्यार्थी के रूप में अर्थर्ववेद में हुआ है।

वर्ष 1904 में सहकारी क्रेडिट सोसायटी अधिनियम पारित किया गया था जिसका उद्देश्य जमा और ऋण के माध्यम से लोगों को सोसायटी निर्माण
वर्ष 1904 में सहकारी क्रेडिट सोसायटी अधिनियम पारित किया गया था जिसका उद्देश्य जमा और ऋण के माध्यम से लोगों को सोसायटी निर्माण के लिये प्रेरित करना था, जिसमें मुख्य रूप से कृषक वर्ग को साहूकारों (जो साहूकार आमतौर पर अत्यधिक ब्याज दर वसूलते थे) के चंगुल से बचाने के लिये अपनाया गया था।

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Operating system (computer lecture 21).pdf5.20 MB

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