ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
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Repost from 💓सुकूँन 🍁
गम:❤️
वो टकरा जाता है हर रोज़ मुस्कुरा कर,
एक हम है, जो भरे अश्क़ों से भी गले लगा लेते है!
~आbhiwrites 🩷
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प्रेम को समझने के लिए हृदय चाहिए होता है,
निभाने के लिए धैर्य और पाने के लिए सौभाग्य.... ❤️
Good morning 🎀
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मरने की तरकीबें बहुत थी, अब ना मैं जीने का इंतज़ार करूं
आसमां अभी काफ़ी पड़ा है, मैं कोशिशें बेशुमार करूं
बंधी रही मैं ख्वाइशों की उम्मीदों से
अब वक्त है मैं हदें पार करूं 🦋
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Repost from 💓सुकूँन 🍁
वो जो आज मेरा सुकून छीन के बैठी है!
कभी मेरे सीने में हमारे घर का नक्शा बनाती थी!!
#Abhiwrites❣
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मैं नहीं आती अब तेरे दर पर ऐ खुदा !
जिनकी दुआयें कुबूल हुई , बंदगी उन्हें मुबारक हो ,
मैं जी लूंगी मेरी मौत भी ,
वो जिन्हें मिला , ज़िंदगी उन्हें मुबारक हो ।।😌🙌
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Repost from 💓सुकूँन 🍁
Is there someone who doesn't need anything?
Is there someone who can cry with you?
Is there someone for whom only love is enough?
Is there someone who is full of emotions?
Is there someone who can read the language of eyes?
~Abhiwrites🩷1 123
बेइमानी हैं तेरे इश्क़ में निभाने की ,
कि किस्मत चाहे भी तो अपनी राहें नहीं मिलती ,
ये दूरियां खा गई मेरी मोहब्बत ,
सुबह के खयाल मिलते हैं तेरे मुझे मगर सोने को तेरी बाहें नहीं मिलती ... 😒
Gud morning ❤️
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नहीं भाता अब, तेरे सिवा किसी और का चेहरा,
तुझे देखना और देखते रहना दस्तूर बन गया है!
सुप्रभात
~🫶💙
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दिल में रखे हैं मैंने खयाल सारे
मगर अब किसी से कुछ कहा भी नहीं जाता ,
एक कहकशां है तेरे बग़ैर रहने की
कि जी भी लेते हैं और रहा भी नहीं जाता ।।🪐🫧
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लौट आयेगी खुशियाँ,अभी कुछ ग़मों का शोर है!
संभल कर रहो मेरे अज़ीज़ों,अभी इम्तिहानों का दौर है!
~सुप्रभात 🌷
🌻
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बुरे वक्त में जो आप से जुदा न हो,
उसे गौर से देखो कहीं खुदा न हो।
Good morning 🌼❤️🔥
~🩷⚡️
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ज़रूरत के वक्त न तुम आए न तुम्हारे जवाब
अब न ये दिलासे , न बयान रखना
मैं चाहूं तो भी न मिलूं तुम्हें अब ,
तुम नज़र न आना मुझे
और अपना खयाल रखना ।। ❤️
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पुरुष भी थक जाते हैं...
बस कहना मुश्किल होता है पुरुषों के पास मायक़ा नहीं होता,
ना कोई ऐसा आंगन,
जहां वे निःसंकोच लौट सकें,
जहां कोई माथा चूमकर कहे - थक गए हो न ? थोड़ा आराम कर लो...!
वे चलते रहते हैं निरंतर, एक पुत्र, एक पति, एक पिता होकर, अपने कंधे पर ज़िम्मेदारी का बोझ लिए, पर कभी...
खुद के लिए ठहर नहीं पाते..!
~✅
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एक तरकीब मिली मुझे रूठा खुदा मनाने की
जब मिली कुछ मोहलत मां के साथ मुस्कुराने की
बिन कुछ कहे दिल के हाल जताने की
भरी पलकें उसके गोद में सर रख सो जाने की
ज़रा सी बची जान , ये ज़िंदगी और सौ बातें ज़माने की
मैं एक पल में भूल जाऊं सब जो मुझे दो घड़ी मिले मां के साथ मुस्कुराने की ❤️
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