ru
Feedback
Jain classes problem solving

Jain classes problem solving

Открыть в Telegram

Only Questions and solutions......... other msgs are not allowed...... Otherwise he/she will be removed from the group👈

Больше
Страна не указанаКатегория не указана
340
Подписчики
Нет данных24 часа
Нет данных7 дней
Нет данных30 дней
Архив постов
Bhai ghr ni hu abhi Jaake bhej dunga

Morning wali Class h kya

Thanks though!!

बचपन में हम एक खेल खेलते थे, जिसके बोल इस प्रकार थे 👇👇 परंतु उसका अर्थ यह है अटकन बटकन दही चटाकन, लहुआ लाटा बन के काटा, तुहूर, तुहूर पानी गिरता, सावन में करेला फुट्या चल चल बेटा गंगा जाबो, गंगा ले गोदावरी जाबो, पाका पाका बेल खाबो, बेल के डारा टुटगे, भरे कटोरा फुटगे,, इन सभी शब्दों का अर्थ देखिएगा *1- ( अटकन )* अर्थ- जीर्ण शरीर हुआ जीव जब भोजन उचित रूप से निगल तक नहीँ पाता अटकने लगता है-- *2- ( बटकन )* अर्थ- मृत्युकाल निकट आते ही जब पुतलियाँ उलटने लगती हैं- *3- ( दही चटाकन )* अर्थ - उसके बाद जब जीव जाने के लिए आतुर काल में होता है तो लोग कहते हैँ गंगाजल पिलाओ *4- ( लउहा लाटा बन के काटा )* अर्थ- जब जीव मर गया तब श्मशान भूमि ले जाकर लकड़ियों से जलाना अर्थात जल्दी जल्दी लकड़ी लाकर जलाया जाना *6- ( तुहुर-तुहुर पानी गिरय )* अर्थ- जल रही चिता के पास खड़े हर जीव की आँखों में आंसू होते हैं *7- ( सावन में करेला फुटय )* अर्थ- अश्रुपूरित होकर कपाल क्रिया कर मस्तक को फोड़ना | *8- ( चल चल बेटा गंगा जाबो )* अर्थ- अस्थि संचय पश्चात उसे विसर्जन हेतु गंगा ले जाना । *9- ( गंगा ले गोदावरी जाबो )* अर्थ- अस्थि विसर्जित के लिए तीर्थ यात्रा कर घर लोटना। *11- ( पाका-पाका बेल खाबो )* अर्थ- घर में पक्वान्न (तेरहवीं अथवा दस गात्र में) खाना और खिलाना धन संपत्ति बिना महन्त के मिलना। *12- ( बेल के डारा टुटगे )* अर्थ- हमारे परिवार के एक सदस्य कम हो गया। *13- ( भरे कटोरा फुटगे )* अर्थ- उस जीव का इस संसार से नाता छूट गया । भरे पूरे परिवार बिखर गया। *_यह प्रतीकात्मक बाल गीत इतना बड़ा सन्देश देता रहा और अर्थ समझने में इतने वर्ष लग गए।_* ✍️

Niche walr 4ro ki position fix ho hi gyi

Answer to bata iska

4 ka varg kr de Or 828 mai bhag de de 12 sesh bchega fir 12+2 kr de 14 ho jayega

Mujhe v pta h vo toh

amount =p(1+r/100)t

Photo from Jain Classes Jaipur

ans (3, 16,437)

Shi krlo book m