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उसने जो मुझसे स्नेह किया है, इसलिए मैं उसको छुड़ाऊँगा;
मैं उसको ऊँचे स्थान पर रखूँगा, क्योंकि उसने मेरे नाम को जान लिया है।
जब वह मुझ को पुकारे, तब मैं उसकी सुनूँगा;
संकट में मैं उसके संग रहूँगा,
मैं उसको बचाकर उसकी महिमा बढ़ाऊँगा।
भजन संहिता 91.14-15
