Не попадитесь на канал ботавода! Telemetrio находит и помечает такие каналы 👉 Хотите видеть метку — оформите подписку 👈
काम संहिता🙏
Открыть в Telegram
सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
Больше2 477
Подписчики
Нет данных24 часа
+237 дней
+3630 дней
2 878
Просмотры поста
~ 53824 часа
Нет данных48 часов
116.19%
Коэффициент вовлеченности
Нет данных
Постов в день
Архив постов
2 477
🔴 पुरुषत्व को अकड़ और अहङ्कार का
पर्यायवाची शब्द कह सकते हैं ।
पागलखानों में
हम पुरुषों की सङ्ख्या ज्यादा है,
स्त्रियों की बहुत कम l
कारागृहों में
हम पुरुषों की सङ्ख्या बहुत ज्यादा है,
स्त्रियों की न के बराबर l
मानसिक रोग
हम पुरुषों को जितनी सरलता से पकड़ते हैं,
स्त्रियों को नहीं l
हम पुरुष जितनी आत्म हत्याएँ करते हैं,
स्त्रियाँ नहीं --
हालाँकि स्त्रियाँ कहती बहुत हैं --
करती नहीं l
स्त्रियाँ अक़्सर कहती रहती हैं --
आत्म हत्या कर लेंगे l
कभी-कभी गोली भी खाती हैं l
लेकिन गिनती की --
सुबह ठीक हो जाती हैं l
मरना नहीं चाहतीं l
अगर मरने की बात भी करती हैं,
तो वह भी जीवन की
किसी गहन आकाँक्षा के कारण --
जीवन को जैसा चाहा था,
वैसा नहीं है l
इसलिए मरने को भी तैयार हो जाती है l
लेकिन मरना चाहती नहीं l
स्त्री जीवन से बड़ी गहरी बन्धी है l
हम जरा-सी बात में मरने को तैयार हो जाते हैं l
फिर जब हम कुछ करते हैं
तो पूरी सफलता से ही करते हैं,
फिर वह मरता ही है l
फिर हम ऐसा नहीं करते कि
अधूरे उपाय करें,
वह गणित हमारा पूरा है,
वैज्ञानिक है ;
हम मरने का सारा इन्तज़ाम कर के मरते हैं l
स्त्री मरने की बात करे,
बहुत ध्यान न दें ;
कोई चिन्ता करने की बात नहीं l
पुरुष मरने की बात करे,
थोड़ा सोचें l
अक़्सर तो ऐसा होता है पुरुष मर जायेगा,
मरने की बात न करेगा l
स्त्री मरने की बात करती रहेगी,
और जीती रहेगी l
स्त्रियों को शारीरिक बीमारियाँ भी
पुरुषों से कम होती हैं,
क्योंकि अगर मन थोड़ा शान्त और स्वस्थ हो
तो शरीर स्वस्थ और शान्त होता है।
स्त्रियाँ पुरुषों से ज्यादा जीती हैं l
पाँच साल औसत ज्यादा l
अगर पुरुष सत्तर साल जीयेगा,
तो स्त्रियाँ पचहत्तर साल जीयेगी l
इसलिए मैं कहता हूँ कि
विवाह की व्यवस्था में हमें फर्क कर देना चाहिए l
अभी हम कहते हैं कि
लड़का तीन-चार साल बड़ा होना चाहिए लड़की से l
यह बिलकुल उलटा है l
लड़की बड़ी होनी चाहिए --
चार-पाँच साल बड़ी,
लड़के से l
दोनों क़रीब-क़रीब साथ-साथ मरेंगे l
नहीं तो विधवाओं से पृथ्वी भर जाती है l
हम पायेंगे,
विधुर व्यक्ति कम पायेंगे,
विधवाएँ ज्यादा पायेंगे l
जगह-जगह मन्दिरों में बैठी हुई मिलेंगी हमें l
उसका कारण है कि
वे पाँच-सात ज्यादा जीने वाली हैं l
उचित यह होगा कि
लड़कियाँ पाँच-सात साल बड़ी हों,
तो मरने के वक़्त दो चार महीने के फासले पर
दोनों विदा हो जायेंगे,
ठीक होगा जीवन l
लेकिन यह हमारी ही अकड़ है l
हम विवाह में भी उम्र ज्यादा रखना चाहते हैं,
ताकि बड़ा मालूम पड़ें l
हमें हर चीज में उससे बड़ा होना चाहिए,
उम्र में भी बड़ा होना चाहिए,
हालाँकि बड़ा हम कभी हो नहीं पाते
कितनी ही उम्र हो जाये l
जब भी हम किसी स्त्री के प्रेम में पड़ते हैं,
तो हम उसी स्त्री में माँ को खोजने लगते हैं,
बड़ा हम हो नहीं पाते l
छोटी से छोटी बच्ची भी बड़ी होती है,
क्योंकि छोटी बच्ची भी जो पहला खेल खेलती है
वह माँ बनने का खेलती है,
इससे कम का उसका काम नहीं l
छोटे गुडडों को सजाती है,
बिठाती है,
माँ बनती है l
छोटी से छोटी बच्ची माँ है,
और बूढ़े से बढ़ा व्यक्ति भी बच्चा होता है --
पुरुष बच्चा होता है l
लेकिन अकड़, अहङ्कार !
तो बड़ा होना चाहिए हर बात में l
स्त्री लम्बी हो तो दूल्हे के मन को दुःख लगता है l
बड़ी बेचैनी मालूम पड़ती है l
पुरुष स्त्री से लम्बा ही होना चाहिए l
हर चीज में उसे बड़ा होना चाहिए l
कहीं हीनता की कोई ग्रन्थि काम कर रही है पुरुष में l
औऱ मनोवैज्ञानिक कहते हैं,
वह हीनता की ग्रन्थि यह है कि
स्त्री जीवन को जन्म देने में समर्थ है
और पुरुष समर्थ नहीं है,
यह हीनता की ग्रन्थि है l
इससे एक Inferiority Complex है l
स्त्री बच्चे को पैदा कर सकती है l
जीवन को जन्म दे सकती है l
परमात्मा उसका सीधा उपयोग करता है l
वह सीधी माध्यम है l
पुरुष सांयोगिक मालूम होता है l
पुरुष को विदा किया जा सकता है l
एक Injection भी पुरुष का काम कर देगा l
उसकी कोई इतनी अनिवार्यता नहीं है l
लेकिन माँ को विदा नहीं किया जा सकता l
क्योंकि माँ भीतर से जन्मायोगी --
उसका खून,
उसकी हड्डी,
माँस-मज्जा,
नये जन्म को निर्मित करेगा --
नये जीवन को गति देगा l
स्त्रियाँ बड़ी तृप्त मालूम होती हैं,
और जब वे माँ बन जाती हैं
तब तो बड़ी तृप्ति उनको घेर लेती है
क्योंकि एक अर्थ में वे
परमात्मा का उपकरण बन गयीं ll
🔥⭕️🔥
2 477
प्रेम में सम्भोग से भागे नहीं
बल्कि पूर्णता से भोगें
क्योंकि
भोगे बिना हम उस से मुक्त नहीं हो सकेंगे
जिस प्रकार
भूख भोजन से ही पूर्ण होती है
हवा पानी भोजन की ही तरह सेक्स
नर नारी की क़ुदरती ज़रूरत है
इस का भोग करें
इस से भागे नहीं
इस का दमन न करें
इस से जङ्ग न लड़ें
अन्यथा कुण्ठा से भर जायेंगे
मानसिकता विकृत हो जायेगी
अपने वास्तविक स्वरूप से भटक जायेंगे
2 477
कुछ स्त्रियों को पुरुष का वीर्य पीना अच्छा लगता है, वीर्य पीना लाभदायक भी है परंतु अगर पुरुष अस्वस्थ है तो विर्यपान हानिकारक होगा,इसलिए जिस पुरुष को जानती हो उसी का वीर्य पिया करिए।
2 477
शरबती होंठों से मैं ये
जाम पीना चाहता हूं
बस तेरी बाहों में
खुशी से जीना चाहता हूं
❤️❤️
2 477
पद्म नयन मादक अधर,
छूते केश नितम्ब
अनुपम रूप सुलक्षणी,
कद काठी से लम्ब,
कोमलांगना हंसनी,
तेरा रूप अनूप
अधर तुम्हारे रसभरे,
चमके शबनम धूप,
काजल करधन आलता,
माँग सजा सिंदूर
पायल बिंदी चूड़ियाँ,
लगे रूप से हूर ,
जब-जब मुस्काये अधर,
अनुपम लगे अपार
श्वेत धवल दंतावली ,
चमके मुक्ताहार ,
नयन तुम्हारे बाण-से,
नागिन -जैसें केश
लगे अप्सरा स्वर्ग की,
मनहर तेरा भेष,
नैन तुम्हारे दोहरे ,
अधर तुम्हारे गीत
नैन अधर जब हो निकट,
मधुर मिलन मनमीत
कमल नयन गजगामिनी,
लगती परी समान
केश घटा काले सघन,
मदिर मधुर मुस्कान,
कजरारे तेरे नयन,
मदन बाण संधान
उर मेरा पुलकित हुआ,
प्रणय काम उत्थान,
नर्म रेशमी बाल हैं,
आँखें गहरी झील
लगे अप्सरा स्वर्ग की,
रूप रंग से शील..!!
2 477
Dear Men,
Remember how beautiful,
smooth and sculpted her body was
at the beginning of your marriage
She is still the same beautiful woman
with the same spirit that
I have always loved
The difference is that
she gave you children today
and gave you life.
The price for that was
the loss of her beauty and grace
Do not complain about your wife
because of her fat increased and
do not think that she likes it !
But the mother's affection inside her
makes her turn a blind eye
to all of that and her only concern is
her child and your happiness
Remember that this tummy was
once the warm home
Who hugged your children for 9 months
with all their pain, fatigue and weight,
to seal them with the pain of childbirth.
A thousand mercy to our #mothers ❤️
2 477
🌹❤️ विवाह ❤️🌹
एक मित्र पूछ रहे हैं: मेरे एक वक्तव्य में मैंने कहा है कि शादी जैसी आज है, विवाह जैसा आज है, वह विवाह इतना विकृत है कि उस विवाह से गुजर कर मनुष्य के चित्त में विकृति ही आती है, सुकृति नहीं।
यह बात सच है कि विवाह एक अति सामान्य, अति जरूरी स्थिति है।
और साधारणतः अगर विवाह वैज्ञानिक हो तो व्यक्ति विवाह के बाद ज्यादा सरल, ज्यादा शांत और सुव्यवस्थित होगा।
लेकिन विवाह अगर गलत हो--जैसा कि गलत है--तो विवाह के पहले से भी ज्यादा परेशानियां, अशांतियां और चित्त की रुग्णताएं बढ़ेंगी।
जैसे मेरा कहना है, जो विवाह प्रेम से फलीभूत नहीं हुआ है, ज्योतिषी से पूछ कर हुआ है, जो विवाह मां-बाप ने तय किया है, स्वयं विवाह करने वालों के प्रेम से नहीं निकला है--वह विवाह विकृत करेगा, सुकृत नहीं करेगा। वह विवाह नई परेशानियों में ले जाएगा बजाय पुरानी परेशानियां हल करने के।
और इसलिए सारी दुनिया में विवाह की पूरी की पूरी व्यवस्था रुग्ण हो गई है, बीमार हो गई है, सड़ गई है। और जब तक हम विवाह की व्यवस्था नहीं बदलते...और भी बहुत बातें हैं, समाज को जो सड़ा रही हैं और पागलपन पैदा कर रही हैं। लेकिन उनमें से बहुत बुनियादी बातों में से एक विवाह है। जब तक हम उसे नहीं बदलते, तब तक परिवार का वह रूप प्रकट नहीं हो सकेगा जो व्यक्ति को शांति देता हो, प्रेम देता हो, आनंद देता हो, गति देता हो, बल देता हो--और सबसे बड़ी बात--जो व्यक्ति के जीवन में अध्यात्म देता हो।
अभी तो जो परिवार है वह रोग देता है, बीमारी देता है, लड़ाई देता है, कलह देता है, अशांति देता है, तनाव देता है। और यह सब भी आदमी झेलने को राजी हो सकता है अगर दो व्यक्तियों के बीच कोई बहुत गहरे प्रेम का संबंध हो। इस सबको झेला जा सकता है।
लेकिन अगर बीच में प्रेम का संबंध भी न हो और यह सब झेलना पड़े, तो विवाह व्यक्ति को तोड़ता है, बनाता नहीं।
और इसीलिए परिवार को छोड़ कर भागने वाले लोगों की संख्या निरंतर बढ़ती चली गई।
चाहे वे संन्यास के नाम से भागते हों, वह परिवार से छुटकारा पाने का उपाय है। चाहे वे अपराध के नाम से भागते हों और जेल में सड़ जाते हों, वह भी परिवार से भागने का उपाय है। चाहे वे समाज-सेवा के नाम से चौबीस घंटे घर के बाहर घूमते हों, वह भी परिवार से भागने का उपाय है।
हजार तरकीब से आदमी परिवार से भागने का उपाय कर रहा है।
होना तो यह चाहिए कि परिवार इतना सुखद हो कि सब तरफ से भाग कर आदमी परिवार की शरण में आए। लेकिन हालतें ऐसी हैं कि परिवार से बचने के लिए न मालूम कितने उपाय आदमी करता है।
जितने लोग शराब पीते हैं, उसमें अधिक लोग परिवार से, परिवार को भूलने, छुटकारा पाने के लिए। लोग सिनेमाघरों में बैठे हुए हैं, परिवार से छूटने के लिए। लोग पागल तक हो जाते हैं, वह भी एक बचाव है परिवार से छूट जाने के लिए।
... 🌹❤ दिल ❤🌹
🌹🌹 विश 🌹🌹
🌹🌹🌹🙏🌹🌹🌹
2 477
यौन क्रियाओं का सुख उठाने में पीछे रह जाते हैं ।
क्योंकि इस राशि के लोग मनचले होते हैं ।
ये अपने साथी की सन्तुष्टि से ज्यादा
अपनी सन्तुष्टि पर ध्यान देते हैं ।
यही कारण है कि
इनकी सेक्स जीवन नीरस होती है ।
इस राशि की लड़कियों को
अन्धेरा बहुत पसन्द लगता है ।
कर्क राशि वाली महिलाएँ
आसानी से सेक्स के प्रति उत्तेजित नहीं होतीं ।
सेक्स के प्रति सबसे संवेदनशील भाग
उनके वक्ष होते हैं ।
उनके वक्षों को स्पर्श कर उन्हें सम्भोग के लिए
आसानी से प्रेरित किया जा सकता है ।
कन्या राशि
कन्या राशि की स्त्रियाँ अपने अन्दर
सेक्स के प्रति चाहत को जल्दी दर्शाती नहीं हैं ।
इनके अन्दर सेक्स की भूख काफी होती है ।
लिहाजा फोरप्ले या ओरल सेक्स में
ज्यादा समय नष्ट नहीं करती हैं ।
कन्या राशि वालों के पेट पर एक चुम्बन
उनके अन्दर सेक्स की तीव्र इच्छा पैदा करता है ।
उनका पेट सेक्स के प्रति
सबसे संवेदनशील भाग होता है ।
पेट पर स्पर्श और मसाज से
उन्हें उत्तेजित किया जा सकते है ।
तुला राशि
तुला राशि का स्वामी शुक्र है,
जो काम शाक्ति को बढ़ाने वाला ग्रह कहलाता है ।
इस राशि की स्त्रियाँ आसानी से आकर्षित हो जाती हैं ।
यौन क्रिया की चरमसीमा तक पहुँचने में
इन्हें दिक्कत नहीं होती ।
यह सम्भोग के दौरान बातें करना पसन्द नहीं करतीं ।
तुला राशि वाली महिलाओं की पीठ का निचला हिस्सा
काफी संवेदनशील होता है ।
तुला राशि वाली महिलाओं को सेक्स के लिए
उत्तेजित करने के लिए जाँघ के ऊपर के भाग में
स्पर्श करने से उत्तेजना पैदा होती हैं ।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वाली महिलाएँ
सेक्स के प्रति काफी आकर्षित होती हैं ।
वृश्चिक राशि वाली महिलाएँ
सेक्स के लिए सबसे ज्यादा संवेदनशील होती हैं ।
धीरे धीरे स्पर्श एवं मसाज से
वो बहुत जल्द उत्तेजित हो उठती हैं ।
यही कारण है कि
वृश्चिक राशि वाली महिलाओं को
सेक्स की चरम सीमा तक पहुँचने में
काफी समय लगता है ।
धनु राशि
धनु राशि वाली महिलाएँ
धार्मिक विचारों वाली होती हैं ।
इस राशि की महिलाओं को
एकान्त में रोमांस करना पसन्द होता है ।
इस राशि की लड़कियाँ रोमांटिक सङ्गीत,
सेक्सी कहानियों तथा सेक्सी फिल्मों से
सेक्सी बातों से आकर्षित हो जाती हैं ।
धनु राशि वाली महिलाएँ लम्बे समय तक
सम्भोग से पुर्व खेलना पसन्द करती हैं ।
उनके लिए जाँघ
सबसे ज्यादा संवेदनशील अङ्ग होता है।
जाँघ पर स्पर्श करने से
वो काफी तेजी से उत्तेजित हो जाती हैं ।
मकर राशि
मकर राशि वाली महिलाओं के पैर
सबसे ज्यादा संवेदनशील होते हैं ।
पैर के किसी भी भाग पर स्पर्श और चुम्बन से
वो जल्द उत्तेजित हो उठती हैं ।
मकर राशि की स्त्रियाँ सेक्स करने के दौरान
बात करना पसन्द नहीं करते हैं ।
इस राशि की लड़कियों को
सेक्स के चरमता तक ले जाने के लिये
इनकी आँखों और भावों को जानना बहुत जरूरी होता है ।
कुम्भ राशि
कुम्भ राशि वाली महिलाओं की
कोहनी और कन्धे पर
छोटा सा स्पर्श उन्हें उत्तेजित कर देता है ।
कुम्भ राशि की स्त्रियों का स्वामी शनि होने पर
लड़कियों को रात को नहा कर सेक्स करने में
आनन्द मिलता है ।
इस राशि को लड़कियों को
चरम आनन्द तक ले जाने के लिये
हल्का गुलाबी रङ्ग का बिस्तर होने से
वह जल्द आकर्षित हो जाती हैं ।
मीन राशि
इस राशि की लडकियों को
आँखों में आँखें डाल कर
देखना अच्छा लगता है ।
उपहार लेना पसन्द करती हैं ।
थोड़ी ज़बरदस्ती की शरारतें व
कुछ नया करना अच्छा लगता है ।
मीन राशि वाली महिलाओं के
पैर के निचले हिस्से में स्पर्श,
चुम्बन या मसाज से
सेक्स के प्रति उत्तेजना बढ़ती है ।
धीरे-धीरे एड़ी से सेक्स की शुरुआत करें तो
उन्हें सम्भोग के लिए
आसानी से आकर्षित किया जा सकता हैं ।
ऋषि वात्स्यायन
Note :
जिन जिन मित्राणियों/मित्रों ने
उन् लोगों का नाम लिखना
मैं मुनासिब नहीं समझता हूँ
मुझसे मेरे घर आ कर
मतलब मेरे इनबॉक्स में
सम्भोग क्रिया में
पूर्ण सन्तुष्टि के बारे में
जानना चाहा है
उन सभी के लिए
यह लेख लिखा है
अब आप लोग
अपनी अपनी
चन्द्र राशि के अनुसार
क्रीड़ा करने का प्रयास करें
उम्मीद है अब पहले से ज़्यादा
सम्भोग का आनन्द प्राप्त कर सकेंगे ।
जैसा होगा सूचित अवश्य करियेगा ।
2 477
राशियों के आधार पर स्त्रियों का सेक्स व्यवहार....
प्रेम, सम्भोग और सेक्स की चाहत सभी में होती है ।
लेकिन बहुत से मनुष्यों को ज्ञात नहीं है कि
अलग-अलग राशियों वाले लोगों में
यह चाहत भी अलग-अलग होती है ।
राशि के हिसाब से
व्यक्ति का यौन व्यवहार बदलता रहता है ।
सेक्स से आपसी रिश्तों में मजबूती आती है
और प्यार बढ़ता है ।
लेकिन शादी के कुछ सालों में ही
सेक्स उबाऊ लगने लगता है ।
इसलिए जरूरी है कि
सेक्स अधिक आनन्दित एवं गहन हो ।
कई बार ऐसा देखा जाता है
विवाह के कुछ समय बाद
पति अधिक दिनों तक अपने पत्नी या
जीवन साथी से दूर रहता है
जो उचित नहीं होता है ।
इसमें कारण कुछ भी हो
यह दूरी कई बार बहुत गम्भीर परिणाम लाते हैं ।
काम वासना भी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है ।
कई बार अपनी सम्भोग की चाहत की समस्या
महिलाएँ घर परिवार में नहीं बता पातीं और
अन्दर ही अन्दर घुटन भरी ज़िन्दगी जीती हैं ।
वे तड़प तड़प कर जीती हैं ।
जिससे महिलाओं में
अधिक गुस्सा, बैचेनी, चिड़चिड़ापन,
कभी कभी अचानक शरीर के तापमान में अधिक वृद्धि,
किसी काम में मन ना लगना आदि
और भी कई समस्याएँ हो सकती हैं ।
सम्भोग से जुड़ी कुछ चीजों को ले कर
आपसी समझ होना बेहद जरूरी है ।
एक दूसरे के बारे में जाने-समझे बिना
शारिरीक सम्बन्ध बनाने से
उसका अधिक हानि होती है ।
घर परिवार तक टूट जाते हैं ।
एक दूसरे को जितना ज्यादा जानेंगे,
उतने ही अच्छे सम्बन्ध बना रहता है ।
उतना ही जीवन में ख़ुशियाँ भरी रहती हैं ।
ऐसी ही कुछ बातों पर ध्यान देना,
चिन्तन मनन करना बहुत जरूरी है,
जींस से शारीरिक रिस्ता लम्बा एवं
आनन्द पुर्वक व्यथित हो ।
सेक्स के दौरान बहुत सी बातों की ध्यान रखनी
अत्यन्त जरूरी होता है ।
यदि पुरुष महिला साथी राशि अनुसार
शारीरि सम्बन्ध बनाये तो
जीवन दोनों के लिए और भी बेहतर होगा ।
मेष राशि
मेष राशि वाली महिलाओं का
माथा और मुख काफी संवेदनशील होता है ।
इन जगहों पर चुम्बन लेने से
वो सेक्स के प्रति काफी जल्दी उत्तेजित हो जाती हैं ।
उनके बालों पर धीरे-धीरी स्पर्श,
उनके होंठों व गाल पर चुम्बन और
कान पर स्पर्श
उन्हें सेक्स के प्रति उत्तेजित करता है ।
मेष राशि वाली महिलाओं को
सेक्स की तरफ आकर्षित करने के लिए
लाल रङ्ग का प्रयोग करना चाहिये ।
वृषभ राशि
इस राशि की महिलाएँ
स्वभाव से बहुत ही खुश मिजाज की होती हैं ।
सम्भोग के दौरान इस राशि की महिलाएँ
सेक्स की चरम सीमा तक काफी देर से पहुँचती हैं ।
इन्हें सेक्स के लिए मनाना काफी कठिन होता है ।
वृषभ राशि वाली महिलाओं की गर्दन
सेक्स के प्रति काफी संवेदनशील होती है ।
उन्हें सेक्स के प्रति उत्तेजित करना हो तो
उनकी गर्दन पर चुम्बन से शुरुआत करना चाहिते ।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों का स्वामी बुध होता है ।
इसलिए इस राशि की महिलाओं को
आकर्षण बहुत पसन्द होता है और
यह हमेशा सेक्स के लिये सक्रिय रहती है ।
इनको लुभाने के लिए उस जगह पर ले जाएँ
जहाँ उनकी बहुत सी प्यार भरी यादें जुड़ी होंती हैं ।
मिथुन राशि वाली महिलाओं के हाथ,
खास तौर से हथेली काफी संवेदनशील होती हैं ।
उनकी उँगलियों, हथेली, हाथ पर चुम्बन लेने से
वो सेक्स के प्रति आसानी से उत्तेजित हो उजाती हैं ।
उनकी उँगलियों को मुँह में चूसना,
उँगलियों से खेलना और उनके कन्धों पर चुम्बन लेना
उन्हें तेजी से उत्तेजित करता है ।
सिंह
सिंह राशि के जातकों का स्वामी सूर्य है ।
इसलिए इन स्त्रियों को
दिखावा बहुत अच्छा लगता है ।
जब तक उत्तेजित माहौल नहीं बनाता,
तब तक यह इसको नकारती रहती हैं ।
इन लड़कियों का मिजाज
कुछ परिवर्तित करने के लिये इनको
सर्वप्रथम आलिंगन करना उचित होता है ।
कई बार सम्भोग के दौरान
ये इतने ज्यादा उत्तेजित हो जाते हैं,
कि इन्हें किसी भी बात का खयाल नहीं रहता है ।
ये अपने साथी को खुद पर हावी नहीं होने देते हैं ।
रात को नहा कर कपड़ों पर हल्का ईथर लगा कर
अपने साथी के सेक्सी अङ्गों का स्पर्श करना चाहिये ।
तभी वह सेक्स के लिये सक्रिय होगी ।
सिंह राशि वाली महिलाओं की पीठ
सेक्स के प्रति सबसे संवेदनशील जगह होती है ।
अगर उनकी पीठ पर सुनहरा स्पर्श करते हैं,
तो वो आसानी से सेक्स के प्रति उत्तेजित हो जाती हैं ।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातक ज्यादा भावुक एवं
मानसिक तौर पर संवेदनशील होने की वजह से
2 477
सर्वे/रिसर्च
💐💐💐
इस जगह यौन संबंध बनाना ज्यादा पसंद करते हैं लोग
💐💐💐💐
अपने पार्टनर से यौन संबंध बनाने वाले ज्यादातर लोग यही सोचते हैं कि किस जगह सेक्स करने में सबसे अधिक आनंद आएगा। कई लोग बेडरूम में सेक्स करने को सबसे बेहतर बताते हैं तो वहीं कई जोड़े घर के अन्य जगहों पर यौन संबंध बनाना पसंद करते हैं। अब इसी संदर्भ में एक नया सर्वे सामने आया है।
यह सर्वे ब्रिटेन में रहने वाले हजारों लोगों से उनकी राय जानकर किया गया है। सर्वे के अनुसार, ब्रिटिश नागरिकों को बेडरूम के बजाए सोफे पर यौन संबंध बनाना ज्यादा अच्छा लगता है। तकरीबन 63 फीसद लोग अपने पार्टनर के साथ घर के सोफे पर सेक्स का आनंद ले चुके हैं।
इसके अलावा सर्वे में एक बड़ी तादाद ऐसे जोड़ो की भी सामने आई जो घर के अन्य जगहों पर भी सेक्स करने की इच्छा रखते हैं। सर्वे में भाग लेने वाले एक पुरुष ने बताया, 'हालांकि अभी भी बड़ी संख्या में जोड़े बेडरूम में ही यौन संबंध बनाते हैं लेकिन पसंद के आधार पर बात करें तो उन्हें सोफे पर संबंध बनाना ज्यादा सहज और सरल लगता है।'
इसके अलावा एक अन्य सर्वे में कनाडा के लोगों ने घर के बेडरूम के बजाए होटल में यौन संबंध बनाने को ज्यादा पसंदीदा बताया है। सर्वेक्षण के मुताबिक, 'तकरीबन 53.5 फीसद कनाडाई लोगों ने कहा कि जब वे होटल में होते हैं, तो उस वक्त उनकी यौन उत्तेजना कई गुना अधिक बढ़ जाती है।'
2 477
#यौन_ऊर्जा_अन्वेषण
यौन ऊर्जा की खोज और
उसके रुपान्तरण में
सबसे बड़ी समस्या मनुष्यों को
इसके बारे में ज्ञात ना होना है ।
मनुष्यों को अपने शरीर और
की उर्जा के बारे ही ज्ञान नहीं रहता है ।
जैसे ही यौन ऊर्जा के बारे सुनते हैं
मनुष्य यौन पर
ध्यान केन्द्रित करने लग जाते हैं ।
उसके मानसपटल पर
उसी की छवि घूमने लग जाती है ।
और इसमें मनुष्य सेक्स के बारे में
अपनी सभी सीमाओं, अवरोधों और
विश्वासों को सामने लाने लगता हैं ।
मनुष्य फिर
सिर्फ सेक्स अङ्ग देखने लग जाता है ।
मनुष्य की सेक्स के प्रति धारणा
बहुत ही सङ्कोचित और कुण्ठित है ।
वह सेक्स को
बहुत निम्न स्तर की सोच से सोचता है ।
उसका सोच का दायरा बहुत छोटा है ।
जिस धारणा में रूढ़िवादी सोच और
गाली के सिवाय और कुछ भी नहीं है ।
यौन सम्बन्ध विकास का मूल है ।
यही प्रगति है ।
यही लक्ष्य है ।
विना यौन ऊर्जा के
मनुष्य एक शव समान है ।
उसका कोई अस्तित्व नहीं है ।
जब शव के साथ शक्ति अर्थात
उसकी उर्जा समाहित होती है तो
वह शिव अर्थात चैतन्य बन जाता है ।
उसमें ऊर्जा का सञ्चार होने लगता है ।
यौन अक्सर मनुष्य जीवन के
बाकी हिस्सों से जुड़ा नहीं होता है ।
और बाद में जब इसकि आवश्यकता होती है
तो मनुष्य इससे जोड़ नहीं सकता है ।
क्यों कि वह पहले इसका विरोध करते,
इसको गाली करते रहता है और
इससे दूर भागते रहता है ।
मनुष्य इस सत्यता को हमेशा
झूठ साबित करने में लगे रहता है ।
वह सेक्स ऊर्जा को
एक शक्ति के रुप में नहीं देखता है ।
वह इसको सेक्स के रूप में ही देखते रहता है ।
वह अपनी सोच परिवर्तन नहीं करता है ।
यदि मनुष्य
इस परिप्रेक्ष्य का विस्तार करने के लिए
इच्छुक और तत्पर दिखाता है तो
सम्भावनाओं की एक अन्तहीन दुनिया का
पता लगाया जा सकता है ।
वृहद सोच की दृष्टि से देखने लगे तो
सोच और परिस्थिती बदल सकती है ।
बस थोड़ा सा सोच बदलने की जरूरत है ।
फ़िर..... फ़िर जीवन में आनन्द और बहार
दोनों की शुरूआत निश्चित है ।
मनुष्यों को
यौन को अलग तरह से देखने की जरूरत है ।
बिलकुल अलग दृष्टि से देखना होगा ।
वास्तव में मनुष्य
अन्वेषण और विकास की यात्रा की
शुरुआत में से ही सेक्स उर्जा और
इसके गुणों, कार्य को समझ कर
चलने की आवश्यकता है ।
काम को समझ कर आगे चलने के लिए
लगभग तैयार रहना होगा ।
यौन को यौन अङ्गों के रुप में देखना छोड़ कर
इसे अलग दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता है ।
इसे ऊर्जा के रूप में, जीवन-शक्ति के रूप में,
एक रचनात्मक शक्ति के रूप में देखने की जरूरत है ।
मनुष्य धीरे-धीरे
सोच और सुरक्षा का निर्माण कर सकता हैं ।
फिर मनुष्यों को ऐसे अनुभव होना शुरू हो जाता हैं
जो उन सीमाओं और विश्वासों से दूर हो कर
इसके बारे में वह जान सकता है और
गहरायी से सोच सकता है ।
उसके सही और गलत के बारे बोल सकता है
और स्वीकार कर सकता हैं ।
जागरूकता और चेतना के साथ
वह अपने शरीर, अपने दिमाग, अपने दिल और
अपनी आत्मा की दुनिया में यात्रा कर सकता हैं ।
उसको समझ सकता है ।
इरादे और उद्देश्य के साथ वह अपने आप में
सनसनी, भावना, भावना, ऊर्जा और आनन्द में
उद्यम के दरवाजे स्वयं खोल सकता है ।
वह सम्भोग के अविश्वसनीय रूप से
सङकीर्ण लक्ष्य के बारे में सोचना बन्द कर देता है ।
फ़िर वह खुला हो कर सोचना और
इसके मन्थन में डूब कर परा तक चला जाता है ।
वह उन अद्भुत तरीकों के बारे में
खोज करने लग जाता है ।
जिन्हें वह अपने साथ,
दूसरे के साथ और
दूसरों के साथ आसानी से जोड़
और शक्ति का आभाष कर सकता हैं ।
आनन्द के चरमता तक जाने का रहस्य
प्राप्त कर सकता है ।
यौन के प्रति
मनुष्य क्या विकल्प चुनता या खोजता हैं ।
और उन्हें वह कहाँ से बनाता हैं ।
विस्तार करता है या सङ्कुचन ही रहने देता है ।
भयग्रस्त या प्रेम करता है ।
उसको यौन अङ्ग के रुप में देखता है या
एक शक्ति ऊर्जा के रुप में लेता है ।
यह प्रामाणिकता के आधार पर
अनुभव, जीवन और सम्बन्ध बनाने के बारे
अधिक सोचने लगता है ।
खुशी और आनन्द, जीवन शक्ति और
सम्भावना के जीवन के लिए जागना अत्यन्त जरुरी है ।
🔥♨️🔥
2 477
एक पुरुष चाहिए
जिसके समक्ष ...
मैं सिर्फ़ तन से नहीं
मन से भी नग्न हो सकूँ
उतार फेंकूँ सारे मुखौटे
भूला सकूँ स्त्री होने का दम्भ
रो सकूँ ज़ार ज़ार
जिसे कह सकूँ
पीड़ा अनुभव करता हूँ
चाहता हूँ बिल्कुल माँ की तरह
तुम फेर दो हाथ बालों पर गालों पर
सिर्फ़ चमकता
दमकता बदन ही नहीं
एक पुरुष चाहिए
जिसे प्रेम करते हुए
पूजा भी कर सकूँ
वासना से नहीं श्रद्धा से
जिसके चरणों को चूम सकूँ
जिसके स्पर्श मात्र से
पुलकित हो उठे रोम रोम मेरा
कर दूँ पूर्ण समर्पण
विगलित हो अस्तित्व मेरा
मैं नारी बन जाऊँ
वो पुरुष बन जाएँ
उसमें मैं नज़र आऊँ
वो मुझमें नज़र आएँ
हम शङ्कर का अद्वैत हो जाएँ
एक पुरुष चाहिए
जिसे मैं उस तरह प्रेम कर सकूँ
जिस तरह एक स्त्री प्रेम करती है
#सभी_पुरषों_को_समर्पित 🙏🏼
2 477
सेक्स के बारे में रोचक तथ्य....
#कामसूत्र_प्राचीन_भारतीय_काम_कला
सेक्स को हम लोग एक खास रूप में देखते है, अगर देखा जाए , तो हमारे जीवन की बहुत सारी खुशिया (Positive ) कही न कही सेक्स की लाइफ पर निर्भर करती है, इसलिए दोस्तों हमें इस खास चीज के बारे कुछ खास बाते पता होनी ही चाहिय जिससे हमारे जीवन की खुशिया बनी रहे तो आइए हम आपको सेक्स से जुड़े कुछ आश्चर्यजनक तथ्य बताते हैं, उम्मीद है कि यह आपके लिए दिसचस्प होगा।
1. एक दिन में लगभग 100 करोड़ से भी ज्यादा लोग सेक्स करते है |
2. सेक्स करने से इन्सान के सिर का दर्द और तनाव भी खत्म हो जाता है |
3. इस दनिया के 25% मर्द केवल सेक्स के बारे में सोच रहे होंगे | (उनमे से आप भी हो सकते है |)
दिल की धड़कन बढ़ने के कारण
4. सेक्स के चरम सीमा पर मर्द और औरत दोनों के दिल की धडकन(Heart beating) 140 प्रति मिनट तक हो जाती है |
5. औरते 45 साल की उम्र तक लगभग 3000 बार सेक्स कर लेती है | (A normal women )
6. मर्दों के लिंग 40 साल की उम्र तक 10 Secound में ही खड़े हो जाते है |
शीघ्रपतन(स्खलन) का कारण
7. दुनिया के 30% मर्दों का शीघ्रपतन हो जाता है | इनके शीघ्रपतन का कारण चिंता ,यौन शोषण ,नकारात्मक छवि ,प्रारंभिक यौन अनुभव माना जाता है |
स्पर्म (शुक्राणु) के बारे में जानकारी
8. एक मर्द अपने जीवन में लगभग 17 लीटर वीर्य निकाल देता है |
9. शरीर में जहां वीर्य होता है, उसका तापमान -196.9 डिग्री सेल्सियस होता है|
10. 30-50 करोड़ शुक्राणु एक बार हस्तमेथुन करने से बाहर निकलते है|
11. ग्रीक के लोग सबसे ज्यादा सेक्स करते है , ये लोग साल में लगभग 138 बार सेक्स करते है |
12. दुनिया में जितने आदमी है , उतने शुक्राणु एक छोड़ी सी कैप्सूल में आ सकते है , और मर्द के लिंग में इतने शुक्राणु होते है , कि उनको लगभग 400 मीटर तक फैलाकर रखा जा सकता है |
13. लगभग 20% अमेरिकन अपने सहकर्मी के साथ सेक्स करते है |
दिल की बीमारी के उपचार
14. जो लोग हफ्ते में केवल 1 या 2 बार ही सेक्स करते है , उन मर्दों को दिल की बीमारी की संभावना 30% कम हो जाती है |
15. दुनिया की 65% औरते और 90% मर्द समय समय पर हस्तमेथुन करते रहते है | 16 अमेरिका में सबसे ज्यादा सेक्स बेडरूम में नहीं बल्कि कार में किया जाता है |
17. सेक्स करने से पहले चॉकलेट खाने से उत्तेजना बाद जाती है |
18. लगभग 70 प्रतिशत औरते मासिकधर्म के दोरान सेक्स करने से इंकार कर देती है|
ओरल सेक्स क्या है ?
19. जब अपने पार्टनर के मुह में डाल कर सेक्स किया जाता है , तो वह ओरल सेक्स कहलाता है| ओरल सेक्स केवल इन्सान ही नहीं बल्कि जानवर भी करते है (For Example : भालू , भेड़िया और चमगादड़ आदि ).
20. औरते सबसे ज्यादा सेक्स अंधेरे में करना पसंद करती है |
21. सुबह के समय सेक्स करना सेहत के लिए बहुत लाभदायक होता है |
22. सेक्स करने से 360 कैलोरी बर्न होती है।
23. जो महिलाएँ रोमांटिक नावेल पढ़ती है वह सेक्स का ज्यादा मजा लेती हैं।
24. सेक्स एक अच्छी नीद के लिए दवा की तरह काम करती है |
जानवरों की सेक्स लाइफ
25. एक शेर दिन में 50 बार तक सेक्स कर सकता है |
26. चूहे दिन में लगभग 20 बार सेक्स कर सकते है |
27. नर घड़ियाल का लिंग हर समय सेक्स करने के लिए तैयार रहता है |
28. साँप 2 sex ऑर्गन वाला जीव है।
29. दरियाई घोड़ा सेक्स के लिए माहौल बनाने में गोबर का इस्तेमाल करते हैं।
30. एक नर टिड्डा सेक्स के दौरान मादा टिड्डा के सिर को काट देते हैं। लेकिन सिर कटने के बाद भी दोनों सेक्स को जारी रखते हैं।
सेक्स के दोरान दिमाग कैसे होता है ?
31. जब इन्सान सेक्स करता है , तो उसके दिमाग की बनावट बिल्कुल एक शराब पिए हुए शराबी के दिमाग की तरह होती है |
2 477
सपना है आँखों में
पर नींद कहीं और है..........
दिल तो है जिस्म में
मगर धड़कन कहीं और है.....
कैसे बयाँ करें अपना हाल ए दिल
जी तो रहे हैं हम यहाँ
मगर ज़िंदगी कहीं और है........
मस्ती शबाब भरी हो के तो
खयालों की निशानी हो गई...
हलक से घूँट जो उतरे तो
यूं मदहोश हो दीवानी हो गई...
सुरूर मोहब्बत का जब
ले आया हमें ही उनके सामने...
तो मस्तानी आँखों में
उनकी दिल की कहानी खो गई..
सुनो ना यार
तेरे वक़्त पर मेरा
कोई हक नहीं पर
मेरा वक़्त तेरे सिवा
किसी और का नहीं.....
सुनो तो सही....
एक ही बार बहकती है नज़र....
इश्क़ सौ बार नहीं होता
ये दिल का सौदा है ज़नाब.....
जो बार बार नहीं होता
मेरी ख्वाहिशें हज़ारों हैं
पर ज़रुरत सिर्फ़ तुम हो.....
सिर्फ़ और सिर्फ़ तुम्हारा
2 477
तंत्र सेक्स.....
स्खलन करने की कला में महारत हासिल करने के लिए जोड़ों को सशक्त बनाने और शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक स्तर पर एक-दूसरे के साथ गहराई से जुड़ने के लिए तंत्र सेक्स एक गहन विज्ञान है ।
स्त्री और पुरुष दो ऊर्जा सकारात्मक और नकारात्मक ध्रुव है । उन दो ध्रुवों का सही मिलन एक गहनता पूरा करता है और बिजली पैदा करता है । इस बिजली की समझ तभी संभव है, जब सहवास की अवधि अधिक समय तक रहता है ।
ऊर्जा के इस विद्युत प्रवाह का अनुभव करने वाला एक जोड़ा जीवन का भरपूर आनंद लेता है । वह भोग को गहराई से भोगता है । कामवासना केवल आनंद का साधन ही नहीं है । यह आध्यात्मिक उन्नति का एक गुण साधन अर्थात मार्ग भी है ।
2 477
प्रेम की भावनाएं
सराय जैसी नहीं हैं
कि
कोई भी आया ,रूका और चला गया.....!❤️
प्रेम की भावनाएं
महल जैसी हैं
जिसमें
या तो कोई आ नहीं सकता
और
यदि आ जाए तो
फिर जीवन भर
जा नहीं सकता.........❤️❤️
2 477
कामवासना एक अनियन्त्रित ऊर्जा...
कामवासना तो एक अनियन्त्रित ऊर्जा है ।
इसके नियन्त्रण के लिए सम्भोग नितान्त आवश्यक है ।
Контент доступен для пользователей 18+
Авторизовавшись на сервисе, вы подтверждаете, что вам исполнилось 18 лет.
