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जब सोच में मोच आती है
तो हर रिश्ते में खरोच आते हैं
दूसरों में कमी निकालने से पहले
शुरुआत खुद से करें.......
थोड़ा थक सी गई हूं
इसलिए ज्यादा बोलना छोड़ दिया है
लेकिन इसका मतलब यह नहीं
रिश्ता निभाना छोड़ दिया है
अजीब सी दूरियां आ जाती है
लेकिन इसका मतलब यह नहीं
कि मैंने बात करना छोड़ दिया है
हां मैं अकेला महसूस करती हूं
अपनों की इस भीड़ में
पर ऐसा नहीं कि
मैंने अपनापन पर छोड़ दिया है
यादें तो करती हूं मैं सभी को
परवाह भी करती हूं
लेकिन कितना करती हूं
यह बताना छोड़ दिया है.......
#silent
मेरी जिंदगी में मेरे दोस्तों ने मुझको खूब हँसाया........
एक दिन ऐसा आया की वही मेरे चेहरे पर खामोशी लाया......
