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देखा किताब ए इश्क़ के औराक़ खोल कर...!!
अव्वल भी तेरा नाम था , आख़िर भी तेरा नाम ...!!
ओ मेरे माधव में श्रृंगार तेरे नाम का करना चाहती हूं प्रीत छोड़ दुनिया की तेरे रंग में रहना चाहती हूं 😘😍🙏मेरे कान्हा
जहां इंतजार है वहां मीरा और रुक्मणी का रूप है
जहां प्रेम है वहां राधा कृष्ण का स्वरूप है मेरे कान्हा
