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MISSION सफलता 2.O

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अक्टूबर 2026 में 6 राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति की है:
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अक्टूबर 2026 में 6 राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति की है:

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◽सर्वोच्च न्यायालय में तीन न्यायाधीशों की नियुक्ति • न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल- मुख्य न्यायाधीश, गुजरात उच्च न्यायालय। • न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय- मुख्य न्यायाधीश, दिल्ली उच्च न्यायालय। • न्यायमूर्ति अपारेश कुमार सिंह- मुख्य न्यायाधीश, तेलंगाना उच्च न्यायालय

Hindi Sandhi pdf.pdf6.48 MB

• 102वां संशोधन (2018): राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) को संवैधानिक दर्जा दिया गया (अनुच्छेद 338B जोड़ा गया). • 103वां संशोधन (2019): सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10% EWS आरक्षण का प्रावधान किया गया. • 104वां संशोधन (2019): लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में SC और ST सीटों के आरक्षण को अगले 10 वर्षों (2030 तक) के लिए बढ़ाया गया. साथ ही, एंग्लो-इंडियन (आंग्ल-भारतीय) समुदाय के मनोयन के कोटे को समाप्त कर दिया गया. • 105वां संशोधन (2021): राज्यों को अपनी खुद की ओबीसी (OBC) सूची तैयार करने की शक्ति वापस दी गई. • 106वां संशोधन (2023): इसे 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' कहा जाता है. इसके तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई (33%) सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है

संविधान संशोधन🦋🌸 • 1वां संशोधन (1951): इसके द्वारा 9वीं अनुसूची जोड़ी गई ताकि भूमि सुधार कानूनों को न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) से बचाया जा सके. इसके अलावा भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Art 19) पर 'उचित प्रतिबंध' के नए आधार जोड़े गए. • 7वां संशोधन (1956): भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन किया गया. राज्यों के पुराने चार वर्गों (Part A, B, C, D) को समाप्त करके 14 राज्य और 6 केंद्र शासित प्रदेश (UTs) बनाए गए. साथ ही, दो या दो से अधिक राज्यों के लिए एक ही 'साझा उच्च न्यायालय' (Common High Court) का प्रावधान किया गया. • 10वां संशोधन (1961): दादरा और नगर हवेली को भारत संघ में शामिल कर केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया. • 12वां संशोधन (1961): गोवा, दमन और दीव को भारत संघ में शामिल किया गया. • 21वां संशोधन (1967): सिंधी भाषा को 8वीं अनुसूची में 15वीं आधिकारिक भाषा के रूप में जोड़ा गया. • 24वां संशोधन (1971): संसद को यह शक्ति दी गई कि वह मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) सहित संविधान के किसी भी भाग में संशोधन कर सकती है. राष्ट्रपति को संविधान संशोधन विधेयक पर मंजूरी देने के लिए बाध्य कर दिया गया. • 26वां संशोधन (1971): रियासतों के भूतपूर्व राजाओं को मिलने वाले प्रिवी पर्स (Privy Purse) और विशेष विशेषाधिकारों को समाप्त कर दिया गया. • 36वां संशोधन (1975): सिक्किम को भारतीय संघ का पूर्ण (22वां) राज्य बनाया गया (नोट: 35वें संशोधन द्वारा यह सहयोगी राज्य बना था). • 42वां संशोधन (1976): इसे "लघु संविधान" (Mini Constitution) कहा जाता है. • प्रस्तावना (Preamble) में तीन नए शब्द — समाजवादी (Socialist), पंथनिरपेक्ष (Secular) और अखंडता (Integrity) जोड़े गए. • नागरिकों के लिए 10 मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties) जोड़े गए (भाग IV-A, अनुच्छेद 51A). • 5 विषयों (शिक्षा, वन, वन्यजीव संरक्षण, नाप-तौल, और न्याय प्रशासन) को राज्य सूची से समवर्ती सूची (Concurrent List) में डाला गया. • 44वां संशोधन (1978): जनता पार्टी सरकार द्वारा 42वें संशोधन के कई विवादास्पद प्रावधानों को पलटने के लिए लाया गया: • संपत्ति के अधिकार (Right to Property) को मौलिक अधिकारों से हटाकर अनुच्छेद 300A के तहत एक कानूनी/विधिक अधिकार बनाया गया. • राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) के संदर्भ में "आंतरिक अशांति" शब्द को बदलकर "सशस्त्र विद्रोह" (Armed Rebellion) किया गया. • यह प्रावधान किया गया कि आपातकाल के दौरान भी अनुच्छेद 20 और 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) को निलंबित नहीं किया जा सकता. • 52वां संशोधन (1985): दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) पारित किया गया और संविधान में 10वीं अनुसूची जोड़ी गई. • 61वां संशोधन (1989): मतदान (Voting) करने की आयु को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दिया गया (अनुच्छेद 326 में संशोधन). • 69वां संशोधन (1991): केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली को विशेष दर्जा देते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) दिल्ली बनाया गया और वहाँ 70 सदस्यीय विधानसभा का प्रावधान किया गया. • 71वां संशोधन (1992): 8वीं अनुसूची में तीन और भाषाएँ — कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली जोड़ी गईं (नियम याद रखने की ट्रिक: नमक). • 73वां संशोधन (1992): पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया. इसके तहत भाग-IX और 11वीं अनुसूची जोड़ी गई (जिसमें कुल 29 विषय हैं). • 74वां संशोधन (1992): शहरी स्थानीय निकायों (नगरपालिकाओं) को संवैधानिक दर्जा मिला. भाग-IX-A और 12वीं अनुसूची जोड़ी गई (जिसमें 18 विषय हैं). • 86वां संशोधन (2002): शिक्षा के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाया गया. इसके तहत अनुच्छेद 21A जोड़ा गया (6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा). साथ ही 11वां मौलिक कर्तव्य भी जोड़ा गया. • 91वां संशोधन (2003): मंत्रिपरिषद के आकार को सीमित किया गया. मंत्रियों की कुल संख्या (प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री सहित) लोकसभा या विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती. • 92वां संशोधन (2003): 8वीं अनुसूची में चार और भाषाएँ — बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली जोड़ी गईं (ट्रिक: BDMSS). (अब कुल 22 भाषाएँ हो गईं). • 97वां संशोधन (2011): सहकारी समितियों (Cooperative Societies) को संवैधानिक दर्जा दिया गया. भाग IX-B जोड़ा गया. • 99वां संशोधन (2014): राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) की स्थापना की गई थी, लेकिन 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने इसे असंवैधानिक घोषित कर रद्द कर दिया (यह इकलौता ऐसा संशोधन है जिसे कोर्ट ने पूरी तरह निरस्त किया). हाल के अत्यंत महत्वपूर्ण संशोधन (Most Recent): • 101वां संशोधन (2016): देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) व्यवस्था को लागू किया गया.

राष्ट्रपति की मुख्य शक्तियाँ और उनसे संबंधित अनुच्छेद🌸🦋 • कार्यकारी शक्ति (Executive Power): भारत सरकार के सभी कार्यकारी कार्य औपचारिक रूप से राष्ट्रपति के नाम पर किए जाते हैं। (अनुच्छेद 53) • सैन्य शक्ति (Military Power): राष्ट्रपति भारत के सशस्त्र बलों (सेना, नौसेना और वायुसेना) के सर्वोच्च कमांडर होते हैं। (अनुच्छेद 53) • नियुक्ति की शक्ति (Appointment Power): वह प्रधानमंत्री, मंत्रियों, राज्यों के राज्यपालों और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति करते हैं। (अनुच्छेद 75, 155, 324) • विधायी शक्ति (Legislative Power): राष्ट्रपति संसद का सत्र बुला सकते हैं, उसे स्थगित कर सकते हैं और संसद में विधेयक पारित होने के लिए उनकी स्वीकृति अनिवार्य है। (अनुच्छेद 85, 111) • क्षमादान की शक्ति (Pardoning Power): राष्ट्रपति को किसी भी अपराधी की सजा को क्षमा, कम या निलंबित करने का अधिकार है। (अनुच्छेद 72) • अध्यादेश जारी करने की शक्ति (Ordinance Power): संसद के सत्र में न होने पर राष्ट्रपति को अस्थायी कानून (अध्यादेश) जारी करने की शक्ति प्राप्त है। (अनुच्छेद 123) • वित्तीय शक्ति (Financial Power): धन विधेयक (Money Bill) राष्ट्रपति की पूर्व सहमति के बाद ही लोकसभा में पेश किया जा सकता है। (अनुच्छेद 110, 112) • न्यायिक शक्ति (Judicial Power): वह सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति करते हैं और सुप्रीम कोर्ट से कानूनी सलाह ले सकते हैं। (अनुच्छेद 124, 217, 143) • आपातकालीन शक्ति (Emergency Power): राष्ट्रपति को देश में राष्ट्रीय, राज्य (राष्ट्रपति शासन) और वित्तीय आपातकाल लगाने का अधिकार है। (अनुच्छेद 352, 356, 360)

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