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भाटिया आश्रम नोट्स

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📈 Аналитический обзор Telegram-канала भाटिया आश्रम नोट्स

Канал भाटिया आश्रम नोट्स (@exam2929) языкового сегмента Хинди является активным участником. Сейчас сообщество объединяет 14 898 подписчиков, занимая 2 424 место в категории Блоги и 54 515 место в регионе Индия.

📊 Показатели аудитории и динамика

С момента создания невідомо проект демонстрирует стремительный рост, собрав аудиторию из 14 898 подписчиков.

Согласно последним данным от 08 сентября, 2024, канал показывает стабильную активность. За последние 30 дней изменение числа участников составило 0, а за последние 24 часа — 0, при этом общий охват остаётся высоким.

  • Статус верификации: Не верифицирован
  • Уровень вовлечённости (ER): Средний показатель вовлечённости аудитории составляет 0%. В первые 24 часа после публикации контент обычно набирает N/A% реакций от общего числа подписчиков.
  • Охват публикаций: В среднем каждый пост получает 0 просмотров. В течение первых суток публикация набирает 0 просмотров.
  • Реакции и взаимодействия: Аудитория активно поддерживает контент: среднее количество реакций на один пост — 0.

📝 Описание и контентная политика

Автор описывает ресурс как площадку для выражения субъективного мнения:
suratgarh

Благодаря высокой частоте обновлений (последние данные получены 09 сентября, 2024) канал поддерживает актуальность и высокий уровень охвата публикаций. Аналитика показывает, что аудитория активно взаимодействует с контентом, что делает его важной точкой влияния в категории Блоги.

14 898
Подписчики
Нет данных24 часа
Нет данных7 дней
Нет данных30 день
Архив постов
अरे दरिंदो.... इन गहनों के लिए तुमने दो मासूमो को कितने घाव दिए है.... शारीरिक घाव तो मिट जायेंगे...लेकिन तुमने उनसे उनकी ममता छीन ली....!! मां के बिना बच्चे एक रात भी नही सो पाते , उन्हें जीवन भर के लिए मगरूम कर दिया😢 केवल कुछ दिन के नशे के लिए ... धिक्कार है ऐसे नशा करने वाले पर.. धिक्कार है ऐसे नशा बेचने वालो पर . ऐसे तस्करो को सरंक्षण भी दिया जाता है पुलिस के द्वारा....इसलिए आज दिन तक इन चीज़ों पर रोक नही लगी 😢 हम तो 4 दिन सोशल मीडिया पर फोटू और वीडियो लगायेंगे,एक समय के बाद हम तो भूल जायेंगे.... लेकिन उस परिवार पर क्या गुजरती होगी...जिसने अपना परिवार खोया है ....😢 नशा: - सबसे घातक... इसी की वजह से लोग ऐसी बड़ी बड़ी वारदातों को अंजाम देते है.... नशा करने वाले लोग किसी के नही होते है ..ना तो उनका कोई परिवार होता है ना उनका कोई समाज...... इसी कारण नशे में हुए अंधे... चोरी करते है ,लूटपाट करते है .. गहनों और पैसों के लिए घर परिवार के लोगो तक की हत्या कर देते है ..... ऐसे लोग इंसान के नाम पर कलंक है .. ऐसे निर्मम हत्या करते उनके हाथ तक नहीं कांपते... वो इंसान नही नरभक्षी कहलाने योग्य है..ऐसे लोगो की ना घर में जरूरत है और ना ही समाज में .... पूर्णत बहिष्कार करना चाइए....ताकि थोड़ा खौफ पैदा होना भी जरूरी है... गलती करने से पहले एक हजार बार सोचे..!! में यहां एक नही सभी समाज की बात कर रही हु ...सभी तो जागृत होना बेहद जरूरी है .... परिवार से ही बच्चे सीखते है ...इसलिए उनको अच्छा सिखाया जावे...ओर इन सब चीजों से दूर रहने की हिदायत दी जावे .... आज कल के युवा .. पता नही मुझे तो नाम भी नहीं आते बोलने में वैसे वैसे चीज़ों का नशा करते है .... स्मेक, गांजा,बीड़ी, सिगरेट, दारू, अमल, डोडा...इन सबके बिना तो उनकी आंख ही नही खुलती हु फिर नशे की धुत में और लालच के चक्कर में ऐसी घटनाओं को अंजाम देते है .… मेरा तो कहना नशे से दूरी बनाएं रखे ताकि घर परिवार की इज्जत बनी रहे समाज में .. और तस्करों का भी पूर्ण रूप से बहिष्कार होना चाइए सबके बड़े गुनहगार तो वो है ... धन्यवाद

✅मिर्जेवाला गांव ( श्रीगंगानगर ) चर्चा में क्यों ✅यहां राज्य की पहली सरकारी सैनेटरी नैपकिन फैक्ट्री लगाई गई ✅राजीविका ( राजस्थान ग्रामीण आजीविका परिषद ) द्वारा संचालित इस फैक्ट्री के संचालन से उत्पादन तक का सारा जिम्मा महिलाओं को सौंपा गया ✅ इस फैक्ट्री को नई किरण राजिविका महिला सर्वांगीण विकास सहकारी समिति लिमिटेड नाम दिया गया

🚹 पळकती प्रीत काव्यकृति 🚹 ✅ वर्ष 2023 के लिए राजस्थानी भाषा से किया गया है इस रचना का चयन ✅ लेखक गजेसिंह राजपुरोहित (जोधपुर) को साहित्य अकादमी द्वारा किया जाएगा सम्मानित ✅ ज्ञातव्य है कि साहित्य अकादमी की ओर से प्रतिवर्ष संविधान में शामिल 22 भाषाओं के अलावा अंग्रेजी और राजस्थानी भाषाओं की भी सर्वश्रेष्ठ रचनाओं का चयन कर पुरस्कृत किया जाता है। ⚡️ डॉ राजपुरोहित की काव्यकृति ‘ पळकती प्रीत ’मध्यकालीन प्रेमाख्यान पर आधारित है, जिसमें मूमल - महेन्द्र, ढोला-मारु जैसे सुप्रसिद्ध इग्यारह प्रेमाख्यानों को प्रबंध काव्य में रचा गया है। 🧣 रोचक तथ्य: ✅ साहित्य अकादमी पुरस्कार ज्ञानपीठ पुरस्कार के बाद भारत सरकार द्वारा प्रदान किया जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान है। ✅ चूंकि ज्ञानपीठ अवार्ड 22 भाषाओं के अलावा सिर्फ अंग्रेजी भाषा के लिए ही दिया जाता है। 📌 अतः यह अवार्ड किसी राजस्थानी भाषा की रचना के लिए देश का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान है।

jr.acc_TRA2023_15time _rollnolist_20122023.pdf8.57 KB