Bhim Army Official
📈 Аналитический обзор Telegram-канала Bhim Army Official
Канал Bhim Army Official (@bheem_army) языкового сегмента Хинди является активным участником. Сейчас сообщество объединяет 10 940 подписчиков, занимая 4 709 место в категории Политика и 36 602 место в регионе Индия.
📊 Показатели аудитории и динамика
С момента создания невідомо проект демонстрирует стремительный рост, собрав аудиторию из 10 940 подписчиков.
Согласно последним данным от 21 июля, 2026, канал показывает стабильную активность. За последние 30 дней изменение числа участников составило -258, а за последние 24 часа — 21, при этом общий охват остаётся высоким.
- Статус верификации: Верифицирован (официально подтверждён Telegram)
- Уровень вовлечённости (ER): Средний показатель вовлечённости аудитории составляет 5.50%. В первые 24 часа после публикации контент обычно набирает 2.54% реакций от общего числа подписчиков.
- Охват публикаций: В среднем каждый пост получает 601 просмотров. В течение первых суток публикация набирает 278 просмотров.
- Реакции и взаимодействия: Аудитория активно поддерживает контент: среднее количество реакций на один пост — 13.
- Тематические интересы: Контент сосредоточен на ключевых темах, таких как भीम, आजाद, नमन, मार्च, अध्यक्ष.
📝 Описание и контентная политика
Описание канала не предоставлено.
Благодаря высокой частоте обновлений (последние данные получены 22 июля, 2026) канал поддерживает актуальность и высокий уровень охвата публикаций. Аналитика показывает, что аудитория активно взаимодействует с контентом, что делает его важной точкой влияния в категории Политика.
Загрузка данных...
| Дата | Привлечение подписчиков | Упоминания | Каналы | |
| 22 июля | +13 | |||
| 21 июля | +21 | |||
| 20 июля | 0 | |||
| 19 июля | 0 | |||
| 18 июля | 0 | |||
| 17 июля | 0 | |||
| 16 июля | 0 | |||
| 15 июля | 0 | |||
| 14 июля | 0 | |||
| 13 июля | 0 | |||
| 12 июля | 0 | |||
| 11 июля | 0 | |||
| 10 июля | 0 | |||
| 09 июля | 0 | |||
| 08 июля | +2 | |||
| 07 июля | +1 | |||
| 06 июля | 0 | |||
| 05 июля | 0 | |||
| 04 июля | 0 | |||
| 03 июля | 0 | |||
| 02 июля | 0 | |||
| 01 июля | 0 |
| 2 | आँधियों, मेरा वजूद ना आकना तुम !
मैं जलजला हूँ नाइंसाफ़ के तबूतो के लिए!!
प्रेस कॉन्फ्रेंस आमंत्रण
📅 दिनांक: कल 24 जुलाई 2026
🕛 समय: सुबह 12:00 बजे
📍 स्थान: प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, 1, रायसीना रोड, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, विंडसर प्लेस, नई दिल्ली – 110001
सभी मीडिया बंधुओं से सादर अनुरोध है कि समय पर उपस्थित होकर कार्यक्रम को कवरेज प्रदान करें। जय भीम! | 8 |
| 3 | हम डरकर नहीं, डटकर इतिहास लिखने निकले हैं। | 94 |
| 4 | धरने के तीसरे दिन, धरना स्थल संसद भवन से आज दिनांक 22 जुलाई 2026, रात्रि 08:00 बजे लाइव रहूंगा।
सभी साथी मेरे ऑफिशियल फेसबुक पेज पर लाइव से अवश्य जुड़ें और इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएँ।
👉LIVE लिंक:
https://www.facebook.com/BhimArmyChief
जय भीम, जय मंडल, जय जोहार, जय भारत, जय संविधान | 219 |
| 5 | दिनांक 20 जुलाई को, जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने मन को गहराई तक झकझोर दिया। मैंने जलियांवाला बाग का वह दौर नहीं देखा, लेकिन 20 जुलाई को, जो दृश्य सामने आए, उन्होंने इतिहास के उस काले अध्याय की याद अवश्य दिला दी।
लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि उस अधिकार का उत्तर बल प्रयोग से दिया जाए, तो यह केवल कुछ लोगों पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी आघात है।
इसी पीड़ा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ, मैं 20 जुलाई की रात्रि 11 बजे से संसद भवन परिसर में परम पूज्य बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे शांतिपूर्ण धरने पर बैठा हूँ। जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक मेरा यह लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
आज आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद भाई संजय सिंह जी धरना स्थल पर पहुँचे, उन्होंने मुलाकात कर अपना समर्थन व्यक्त किया तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के इस संघर्ष में एकजुटता दिखाई। उनके इस समर्थन और सहयोग के लिए मैं भाई संजय सिंह जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। जय भीम! | 316 |
| 6 | Нет текста... | 309 |
| 7 | बारिश की हर बूँद स्वीकार है, मगर मासूमों पर अन्याय स्वीकार नहीं, जिन्होंने अन्याय किया वो कितने ही ताकतवर क्यों ना हो, उनके पीछे कितनी बड़ी शक्ति क्यों ना हो, लेकिन जवाब देना ही होगा।
महापुरुषों के विचार ही मेरे संघर्ष की ताक़त हैं। जय भीम, जय भारत। | 319 |
| 8 | ज़ुल्म रहे और अम्न भी हो,
क्या मुमकिन है तुम ही कहो। | 369 |
| 9 | सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना मेरा मक़सद नहीं,
मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए।
हो गई है पीर पर्वत-सी, पिघलनी चाहिए,
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए।
#संसद_मार्च #जंतर_मंत्र
कुछ ही देर बाद, 09:00 बजे "महत्वपूर्ण विषय को लेकर लाइव रहूंगा।"
सभी साथी मेरे ऑफिशियल फेसबुक पेज पर लाइव से अवश्य जुड़ें और इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएँ।
👉LIVE लिंक:
https://www.facebook.com/BhimArmyChief
जय भीम, जय मंडल, जय जोहार, जय भारत, जय संविधान | 455 |
| 10 | कल जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने मन को गहराई तक झकझोर दिया। मैंने जलियांवाला बाग का वह दौर नहीं देखा, लेकिन कल जो दृश्य सामने आए, उन्होंने इतिहास के उस काले अध्याय की याद अवश्य दिला दी।
लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि उस अधिकार का उत्तर बल प्रयोग से दिया जाए, तो यह केवल कुछ लोगों पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी आघात है।
इसी पीड़ा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ, मैं कल रात्रि 11 बजे से संसद भवन परिसर में परम पूज्य बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे शांतिपूर्ण धरने पर बैठा हूँ। जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक मेरा यह लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
आज RLP के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नागौर (राजस्थान) सांसद भाई हनुमान बेनीवाल जी, बांसवाड़ा (राजस्थान) सांसद भाई राजकुमार रोत जी और RJD जहानाबाद (बिहार) सांसद भाई सुरेंद्र प्रसाद यादव जी ने धरना स्थल पर पहुँचकर मुलाकात की और अपना समर्थन व्यक्त किया और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के इस संघर्ष में एकजुटता दिखाई। उनके इस समर्थन और सहयोग के लिए मैं तीनों साथियों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
साथ ही, तीनों सांसद 20 जुलाई को आंदोलन में घायल छात्र-छात्राओं से मुलाकात करेंगे तथा उनकी स्थिति से संबंधित रिपोर्ट मुझे सौंपेंगे। जब तक सरकार छात्र-छात्राओं से सार्थक वार्ता नहीं करती और उनकी न्यायोचित माँगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक हमारा यह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। जय भीम! | 446 |
| 11 | Нет текста... | 447 |
| 12 | https://www.facebook.com/share/v/1BN9jt4qu9/
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| 13 | कल जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने मन को गहराई तक झकझोर दिया। मैंने जलियांवाला बाग का वह दौर नहीं देखा, लेकिन कल जो दृश्य सामने आए, उन्होंने इतिहास के उस काले अध्याय की याद अवश्य दिला दी।
लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि उस अधिकार का उत्तर बल प्रयोग से दिया जाए, तो यह केवल कुछ लोगों पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी आघात है।
इसी पीड़ा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ, मैं कल रात्रि 11 बजे से संसद भवन परिसर में परम पूज्य बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे शांतिपूर्ण धरने पर बैठा हूँ। जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक मेरा यह लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
आज हैदराबाद लोकसभा क्षेत्र से माननीय सांसद भाई असदुद्दीन ओवैसी जी ने धरना स्थल पर पहुँचकर मुलाकात की और अपना समर्थन व्यक्त किया और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के इस संघर्ष में एकजुटता दिखाई। उनके इस समर्थन और सहयोग के लिए मैं ओवैसी जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। जय भीम! | 450 |
| 14 | Нет текста... | 438 |
| 15 | कुर्सी है तुम्हारा ये जनाज़ा तो नहीं है।
कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते।। | 416 |
| 16 | जहाँ संविधान की शपथ ली, आज वहीं संविधान का सम्मान बचाने बैठा हूँ।
मासूमों पर हुए अत्याचार के विरुद्ध अपना कर्तव्य निभा रहा हूँ।
कुर्सी है तुम्हारा ये जनाज़ा तो नहीं है।
कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते।। | 455 |
| 17 | संसद भवन परिसर में परम पूज्य बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे रात्रि 02 बजे भी मेरा शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक संघर्ष निरंतर जारी है। | 502 |
| 18 | ज़ुल्म जब भी हद से आगे बढ़ने लगता है,
वहीं से बदलाव का सूरज निकलने लगता है।
आज जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने मन को गहराई तक झकझोर दिया। मैंने जलियांवाला बाग का वह दौर नहीं देखा, लेकिन आज जो दृश्य सामने आए, उन्होंने इतिहास के उस काले अध्याय की याद अवश्य दिला दी।
लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि उस अधिकार का उत्तर बल प्रयोग से दिया जाए, तो यह केवल कुछ लोगों पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी आघात है।
इसी पीड़ा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ, आज से मैं संसद भवन परिसर में परम पूज्य बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ रहा हूँ। जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई नहीं होती, मेरा यह शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा। | 492 |
| 19 | https://x.com/i/status/2079221793035038801 | 416 |
| 20 | https://www.facebook.com/share/v/1BvpDuwy2U/
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