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_*👉🏻संविदा पर आंगनवाड़ी की भर्ती आई है _
_*👉🏻पदों की संख्या 10684 है*_
अधिक जानकारी के लिए ज्वाइन टेलीग्राम ग्रुप
https://t.me/remacademyy
13 हजार 800 लोगों का विश्वास
_*👉🏻आवदेन सेवायोजन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद जेम पोर्टल के माध्यम से 30 सितंबर तक भरा जाएगा💥💯✅*_
_*👉🏻योग्यता B.A के साथ HOME SCIENCE में 50% होना चाहिए*_
_*👉🏻सैलेरी आपको मिलेगी 10,313 रुपए प्रतिमाह*_
_*👉🏻यह भर्ती मेरिट बेस क्लास 10,12 और ग्रेजुएशन के कूल अंको की प्राप्तांको के प्रतिशत के योग के औसत के आधार पर होगी, जिसकी ज्यादा मेरिट होगी उसका सिलेक्शन होगा💥💯✅*_
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ECCE एजुकेटर @ आंगनवाड़ी केंद्र
पद-10684
मानदेय-10313 ₹/माह
आदेश जारी-
UP बेसिक✍️
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*नई_शिक्षकभर्ती_ट्वीटर_अभियान*
*कल सुबह 11 बजे शिक्षक भर्ती विज्ञापन के लिए ट्वीटर अभियान रखा गया है आप सभी का योगदान से कल ट्वीट अभियान को ट्रेंड कराना है । ट्विटर अभियान सफल होने पर शिक्षक भर्ती का मुद्दा विपक्ष द्वारा विधान सभा सत्र में उठाया जाएगा। आप सभी साथियों को ट्विटर अकाउंट बनाने के लिए कहिए और कल अपने अपने हिस्से के 100-100 ट्वीट करिए ✌️*
" लड़ेगे...
जीतेंगे..."
कल के लिए तैयार रहिए ✊🚩
*#UP_WANT_TEACHER_VACANCY ( कल का hastag यही है )*
*#UP_WANT_TEACHER_VACANCY*
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कई अभ्यर्थी पढ़ाई में अच्छे होने के बावजूद परीक्षा में असफल हो जाते हैं। इसके कई कारण हैं:
■ रिवीजन की कमी जिसके कारण कई बार पढ़े हुई प्रश्न भी छात्रों को एग्जाम हाल में याद नही रहते।
■ फेसबुक/रील्स/इंस्ट्राग्राम/ जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और बाहरी माया मोह में अपना कीमती समय नष्ट करना
■. साल भर टेलीग्राम में मटेरियल इकठ्ठा करने में लगे रहना पर हकीकत में एक किताब का भी अच्छे से याद न होना ।
■. अधिकांश प्रश्न सभी साधारण किताबों में मिल जाते हैं जिससे आसानी से कट ऑफ निकल जाता है। लेकिन उसके बावजूद 100 में 100 प्रश्न करने की चाहत में साधारण प्रश्नो को छोड़ कठिन प्रश्नों में ही में लगे रहना।
■. मैथ, रीजनिंग जैसे महत्वपूर्ण विषय में प्रैक्टिस की कमी। जिससे या तो प्रश्न बनते नही या समय मे हल कर पाने की स्पीड नही रहती जिससे परीक्षा में प्रश्न छूट जाते हैं।
■. प्रैक्टिस से इंग्लिश सब्जेक्ट के कई प्रश्न हल किये जा सकते हैं। लेकिन हिंदी माध्यम से होने के कारण मन मे हींन भावना होना व अंग्रेजी के प्रति डर के कारण मेहनत न करना
■. English , Math में अच्छी पकड़ न होने व आत्मविश्वास की कमी के कारण SSC जैसी भर्तियों की तैयारी न करना व फॉर्म न भरना। जिससे सरकारी नौकरी पाने के अवसर सीमित हो जाते हैं व अभ्यर्थी व्यापमं की वैकेंसी तक ही निर्भर होकर रह जाता है।
■. 12 घंटे किताबों के सामने बैठे रहना लेकिन पढ़ाई करते समय मोबाइल/सोशल मीडिया का उपयोग करने के कारण सही फोकस के साथ 4 घण्टे भी Effective Study न कर पाना।
■. हाई वेटेज और महत्वपूर्ण टॉपिक को गहराई से न पढ़ना। जबकि इन टॉपिक्स से हमेशा प्रश्न आते हैं।
■.. पढ़ाई में अनुशासन की कमी: एग्जाम के 1 हफ्ते पहले जो रात दिन पढ़ाई की अगर साल भर इसी गंभीरता के साथ करें तो ऐसा कोई एग्जाम नही जो न निकले।
■ पिछली गलती से भी न सीखना: एग्जाम के बाद मात्र 4 दिन का पछतावा रहना और फिर उसी ढर्रे में चले जाना व अनावश्यक चीजों में समय बर्बाद करना।
ये सारी वो गलतियाँ हैं जो एक अभ्यर्थी को सफल होने से रोक देती हैं और अंत मे एग्जाम में असफल होने के बाद बस एक पछतावा रह जाता है "काश पढ़ लिया होता"।
एक बार ये बाते जरुर पढ़े और खुद विचार करे....
क्या आप भी अपने जीवन मे ऐसा ही कर रहे ⏺️💯❤️
#रेम एकेडमी
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आने वाले रविवार दिनांक 07 जुलाई, 2024 को CTET के पेपर का आयोजन हो रहा है....
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CTET की तैयारी हेतु महत्वपूर्ण
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अगर CTET के पेपर में अच्छे अंक लाना हो तो.. शायद ये बातें आपके काम आ जाए..
सबसे पहले तो ये बात गांठ बांध लो कि..
*"बालक कभी गलत नही हो सकता,
शिक्षा व्यवस्था ही गलत है.. या आपका पढ़ाने का तरीका..
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*CTET का पूरा पेपर सिर्फ दो चीजों पर टिका होता है वो है..
*सकारात्मक एवं नकारात्मक*
अब हम सबसे पहले जानेंगे कि नकारात्मक तथ्य कौन-कौन से हो सकते हैं..
*नकारात्मक तथ्य----
1. जहां याद करने व रटने की बात हो रही हो तो, दिमाग में बैठा लो कि ये नकारात्मक बिंदु है इसलिए बच्चे को इस ओर नहीं ले जाना है.
2. अगर किसी विकल्प में शिक्षार्थी के लिए दंड का समर्थन किया जा रहा हो तो, तो आपको ऐसे विकल्प का समर्थन नहीं करना है.
3. जहां अलगाव या विद्यार्थियों की योग्यता के आधार पर उनके ग्रुप बनाने की बात हो रही हो, तो आपको ये नहीं करना है.
4. जहां लड़के व लड़कियों में भेदभाव या लड़कों को लड़कियों से उच्चतम बताया जा रहा हो, या लड़कियों को लड़कों से.. तो आपको ऐसे विकल्प के साथ नहीं जाना है. लड़की व लड़का दोनों समान है एक शिक्षक की नजर में..
5. जिस विकल्प में सिलेबस को पूरा करवाने या किताबी ज्ञान पर बल दिया जा रहा हो, तो मान लो कि ये संकीर्ण विचारधारा है और आपको इसका सपोर्ट नहीं करना है.
6. जिस विकल्प में विद्यार्थियों से अनुशासन स्थापना की बात हो रही हो, उस विकल्प के साथ नहीं जाना है.
7. जिस विकल्प में व्याख्यान विधि की बात हो रही हो या विद्यार्थियों को केवल श्रोता बनाने का समर्थन हो तो उस विकल्प के साथ आपको नहीं जाना है.
8. जिस विकल्प में विद्यार्थियों को किसी चीज़ के लिए दोषी ठहराया गया हो तो आपको ऐसे विकल्प की ओर नहीं जाना है.. समझ जाओ कि ये निगेटिव बिंदु है..
9..जिस विकल्प में अंक या ग्रेड देने या केवल परीक्षा पास करने की बात कही जा रही हो तो आपको उसके साथ सहमत नहीं होना है मतलब ये कि ये नकारात्मक विकल्प है.
10. यदि किसी विकल्प में बालक को अनुतीर्ण करने की बात हो रही हो.. या.. उसी कक्षा में रोकने की बात हो रही हो तो समझ जाना कि ये गलत है.. बालक कभी फेल नहीं हो सकता है.. शिक्षा पद्धति में ही दोष है..
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अब बात करते हैं सकारात्मक तथ्यों की..
*सकारात्मक तथ्य --
1. जहां विद्यार्थियों को अधिकाधिक अवसर दिए जा रहे हों.
2. जहां बहुभाषिकता पर बल दिया जा रहा हो.
3. करके सीखने को प्रोत्साहित किया जा रहा हो.
4. जहां विद्यार्थियों को कोई कार्य करने हेतु स्वतंत्रता दी जा रही हो.
5. जहां सभी विद्यार्थियों के समावेशन की बात की जा रही हो..
6. जहां कक्षा कक्षीय जीवन को वास्तविक जीवन से जोड़ा जा रहा हो.
7. जहां विद्यार्थियों में सृजनात्मकता एवं जिज्ञासा विकसित की जा रही हो.
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सकारात्मक तथ्यों वाले ऑप्शंस के साथ ही आपको जाना है..
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*विशेष - कुछ शब्द भी सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों होते हैं..
जैस - "प्रोत्साहित" एवं "हतोत्साहित"..
CTET के पेपर में कई सारे प्रश्नों में ये दोनों शब्द कई बार देखने को मिलेंगे..
प्रोत्साहित शब्द सकारात्मक है, जबकि हतोत्साहित शब्द नकारात्मक है.. बस आपको ध्यान ये रखना है कि ये किस अर्थ में प्रयुक्त हो रहे हैं..
(जैसे - या तो सही चीज को प्रोत्साहित किया जा रहा होगा या फिर सही चीज़ को हतोत्साहित.. या
गलत बात को प्रोत्साहित किया जा रहा होगा या गलत बात को हतोत्साहित) तो किस अर्थ में प्रयोग हो रहा है इनका.. ये ध्यान रखें..
और भी कई शब्द देखने को मिलेंगे जैसे - आंशिक, पूर्ण, केवल..
केवल शब्द का प्रयोग ज़्यादातर नकारात्मक अर्थ में ही प्रयोग होता है.. इस चीज का अवश्य ध्यान रखें.. फिर भी किस परिस्थिति में प्रयोग हो रहा है.. ये ध्यान अवश्य रखें..
* ऊपर बात हो चुकी है सकारात्मक एवं नकारात्मक तथ्यों की..
पूरा पेपर इन्हीं के इर्द-गिर्द घूमेगा..
कई प्रश्न ऐसे होते हैं जिनमें ये पूछकर कन्फ्यूज किया जाता है।
कि कौनसा सही है कौनसा सही नहीं है...
या अलग तरीके से प्रश्न पूछा जाता है तो प्रश्न को ध्यान से पढ़ना है पहले कि पूछा क्या है.. ऑप्शंस पूरे पढ़ें क्योंकि कई बार गलत पूछा होता है और आपको पहला ही ऑप्शन सही लगता है और आप वहीं रूक जाते हैं.. तो इस चीज का ध्यान रखें...
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*CTET में प्रेक्टिस ही काम आती है साथ ही में आपकी सकारात्मक सोच एवं आपका कॉमन सेंस..
*ऊपर लिखी बातों का अवश्य ध्यान रखें.. क्योंकि अधिकतर पेपर इन्हीं बिंदुओं के आसपास रहेगा.. साथ ही में हर टीचिंग एग्जाम में ये तथ्य आपके काम आयेंगे.. इसलिए सही से नोट कर लें
ये जानकारियां उनके लिए है जो CTET क्वालिफाई नहीं कर पा रहे... जिनको पास होने में दिक्कतें आ रही है...।
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