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I.A.S.(हिंदी माध्यम)

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Nirman Ias (Facebook) photo source #Subsidy #उर्वरक_सब्सिडी #GS_Mains_Paper_III =>खाद सब्सिडी में अमूल-चूल परिवर्तन ;अब किसानों को "आधार" पर मिलेगी खाद - - रसोई गैस के बाद अब किसानों को उनके आधार कार्ड पर खाद मिलेगी। यह योजना पहली मार्च से देश के 30 राज्यों में चालू हो जाएगी। -इससे जहां खाद की चोरी रुकेगी और किसानों को उनकी जरूरत भर खाद की आपूर्ति होगी, वहीं सरकारी खजाने को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की सीधी बचत होने का अनुमान है। सब्सिडी के भुगतान का तरीका भी बदल दिया गया है। =>मौजूदा सब्सिडी व्यवस्था में परिवर्तन - बदली हुई व्यवस्था में खाद कंपनियों को उत्पादन पर सब्सिडी देने के बजाय किसानों को होने वाली असल आपूर्ति के आधार पर दी जाएगी। - किसानों को खाद खरीदने के लिए पहचान के तौर पर आधार कार्ड देना जरूरी होगा। - हालांकि फिलहाल किसानों की सहूलियत के लिए आधार कार्ड न होने पर किसान क्रेडिट कार्ड और वोटर कार्ड दिखाने पर भी खाद मिल जाएगी। किसान के खाद खरीदने के बाद ही कंपनी के खाते में उतनी सब्सिडी की राशि मिल पाएगी। लेकिन यह व्यवस्था रसोई गैस से थोड़ी अलग होगी। खाद की सब्सिडी को सीधे किसान के खाते में भेजने को लेकर कई तरह की मुश्किलों को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। - दरअसल, किसान की उचित परिभाषा और किसानों को उसकी खेती के लिए खाद की जरूरतों को तय करने का कोई सर्वमान्य मानक नहीं है। - लिहाजा इसमें किसानों को पूरी छूट दी गई है। बाद में चलकर आधार नंबर के साथ किसान के खेत का रकबा व सॉइल हेल्थ कार्ड में दी गई सलाह के अनुरूप ही खाद की आपूर्ति की जा सकती है। - देश में ढाई लाख से अधिक खाद बिक्री करने वाली दुकानों पर "प्वाइंट ऑफ सेल" (पीओएस) मशीनें लगाकर दुकानदारों को प्रशिक्षण दे दिया गया है। - इस नई प्रणाली से खाद कंपनियों के बीच खाद बेचने को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा होनी तय है। खाद खरीदते समय किसानों को उनकी जमीन और फसल विशेष के लिए खाद की जरूरत का ब्योरा भी दिया जाएगा। इसके आधार पर वह खाद की खरीद कर सकता है। - देश में फिलहाल कुल 2.42 करोड़ टन यूरिया की जरूरत होती है, जिसमें 55 लाख टन यूरिया का आयात करना पड़ता है। इसी तरह मिश्रित खाद में 1.23 करोड़ टन खाद की जरूरत पड़ रही है, जिसमें से 86 लाख टन खाद आयातित होती है। - घरेलू उत्पादन कम है। हालांकि घरेलू उत्पादन को देखते हुए लगता है कि जल्दी ही यूरिया का आयात और घट सकता है या बंद भी हो जाए। जबकि कुल 75 हजार करोड़ रुपये की खाद सब्सिडी दी जा रही है। एक अनुमान के मुताबिक इसमें 30 फीसद तक की बचत हो सकती है।

Nirman Ias (Facebook) photo source #Women =>पुलिस बल में महिलाओं की स्थिति दयनीय, देश में 7.28 फीसदी भागीदारी - देश में महिलाओं के विरुद्ध अपराध के बढ़ते ग्राफ के बीच भारत में पुलिस बल की उनकी उपस्थिति महज 7.28 फीसद तथा नक्सल प्रभावित तेलंगाना में सबसे कम 2.47 फीसद है. - केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार आतंकवाद प्रभावित जम्मू कश्मीर में पुलिस बल में बस 3.05 फीसद महिलाएं हैं. जम्मू कश्मीर में उनकी स्वीकृत संख्या 80,000 से अधिक है. - सरकार का यह आंकड़ा देश में महिलाओं के विरुद्ध अपराध के तेजी से बढ़ते ग्राफ के बीच आया है. - वर्ष 2015 में महिलाओं के विरुद्ध 3,29,243 अपराध हुए थे जो वर्ष 2016 में बढ़कर 3,38,954 हो गये. - केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों एवं संघशासित प्रदेशों को 2009, 2012 और 2016 पत्र लिखकर उन्हें महिला पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाकर 33 फीसद करने की सलाह दी थी लेकिन उसके बाद भी स्थिति दयनीय है. - सभी राज्यों एवं संघशासित प्रदेशों से महिला कांस्टेबलों एवं उपनिरीक्षकों के अतिरिक्त पद सृजित करने और महिलाओं की भर्ती कर उन रिक्तियों को भरने का अनुरोध किया गया है. - तमिलनाडु पुलिस में महिलाकर्मियों की स्वीकृत संख्या 60,700 है. सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य उत्तर प्रदेश में पुलिसबल में महिलाएं बस 3.81 फीसद हैं. उसमें उनकी स्वीकृत संख्या करीब 3,65,000 है. #IAS #UPSC

03-03-2018 - THE INDIAN EXPRESS - SHASHI THAKUR https://shashidthakur23.wordpress.com/ Download following from the link at the bottom: a. Last 33 Months Hindu Papers b. Last 17 Months Indian Express Papers c. Last 15 Months DAINIK JAGRAN Papers d. Last 17 Months JANSATTA Papers Click below: https://shashidthakur23.wordpress.com/ 03-03-2018 - DAINIK JAGRAN - SHASHI THAKUR https://shashidthakur23.wordpress.com/ 03-03-2018 - JANSATTA - SHASHI THAKUR https://shashidthakur23.wordpress.com/

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Nirman Ias (Facebook) photo source #Subsidy #उर्वरक_सब्सिडी #GS_Mains_Paper_III =>खाद सब्सिडी में अमूल-चूल परिवर्तन ;अब किसानों को "आधार" पर मिलेगी खाद - - रसोई गैस के बाद अब किसानों को उनके आधार कार्ड पर खाद मिलेगी। यह योजना पहली मार्च से देश के 30 राज्यों में चालू हो जाएगी। -इससे जहां खाद की चोरी रुकेगी और किसानों को उनकी जरूरत भर खाद की आपूर्ति होगी, वहीं सरकारी खजाने को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की सीधी बचत होने का अनुमान है। सब्सिडी के भुगतान का तरीका भी बदल दिया गया है। =>मौजूदा सब्सिडी व्यवस्था में परिवर्तन - बदली हुई व्यवस्था में खाद कंपनियों को उत्पादन पर सब्सिडी देने के बजाय किसानों को होने वाली असल आपूर्ति के आधार पर दी जाएगी। - किसानों को खाद खरीदने के लिए पहचान के तौर पर आधार कार्ड देना जरूरी होगा। - हालांकि फिलहाल किसानों की सहूलियत के लिए आधार कार्ड न होने पर किसान क्रेडिट कार्ड और वोटर कार्ड दिखाने पर भी खाद मिल जाएगी। किसान के खाद खरीदने के बाद ही कंपनी के खाते में उतनी सब्सिडी की राशि मिल पाएगी। लेकिन यह व्यवस्था रसोई गैस से थोड़ी अलग होगी। खाद की सब्सिडी को सीधे किसान के खाते में भेजने को लेकर कई तरह की मुश्किलों को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। - दरअसल, किसान की उचित परिभाषा और किसानों को उसकी खेती के लिए खाद की जरूरतों को तय करने का कोई सर्वमान्य मानक नहीं है। - लिहाजा इसमें किसानों को पूरी छूट दी गई है। बाद में चलकर आधार नंबर के साथ किसान के खेत का रकबा व सॉइल हेल्थ कार्ड में दी गई सलाह के अनुरूप ही खाद की आपूर्ति की जा सकती है। - देश में ढाई लाख से अधिक खाद बिक्री करने वाली दुकानों पर "प्वाइंट ऑफ सेल" (पीओएस) मशीनें लगाकर दुकानदारों को प्रशिक्षण दे दिया गया है। - इस नई प्रणाली से खाद कंपनियों के बीच खाद बेचने को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा होनी तय है। खाद खरीदते समय किसानों को उनकी जमीन और फसल विशेष के लिए खाद की जरूरत का ब्योरा भी दिया जाएगा। इसके आधार पर वह खाद की खरीद कर सकता है। - देश में फिलहाल कुल 2.42 करोड़ टन यूरिया की जरूरत होती है, जिसमें 55 लाख टन यूरिया का आयात करना पड़ता है। इसी तरह मिश्रित खाद में 1.23 करोड़ टन खाद की जरूरत पड़ रही है, जिसमें से 86 लाख टन खाद आयातित होती है। - घरेलू उत्पादन कम है। हालांकि घरेलू उत्पादन को देखते हुए लगता है कि जल्दी ही यूरिया का आयात और घट सकता है या बंद भी हो जाए। जबकि कुल 75 हजार करोड़ रुपये की खाद सब्सिडी दी जा रही है। एक अनुमान के मुताबिक इसमें 30 फीसद तक की बचत हो सकती है। #IAS #UPSC #MPPSC #RPSC #CGPSC #UPPSC

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