PRASHASANAM INSTITUTE
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PI में आपका स्वागत है। अपने सपनों को साकार करने तक ..... आइए चलते हैं बुनियाद से बुलंदियो तक।
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पाठ्यक्रम इस विषयसूची व समय सारणी के अनुसार प्रारंभ हो चुका है आप जितना लेट प्रारंभ करेंगे उतना ही नुकसान होगा क्योंकि अब सिलेबस चालू करेंगे.....
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पाठ्यक्रम इस विषयसूची व समय सारणी के अनुसार प्रारंभ हो चुका है आप जितना लेट प्रारंभ करेंगे उतना ही नुकसान होगा क्योंकि अब सिलेबस चालू करेंगे.....
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Prashasanam Institute की फैकल्टी के बारे में फैमस टीचर राकेश यादव सर के विचार।
*सिंधु नदी के पानी को तरसा पाकिस्तान:* आर्मी चीफ भारत के खिलाफ जंग की साजिश रचने में जुटे, LoC पर 35 ड्रोन यूनिट तैनात
https://dainik.bhaskar.com/jJrP7F2rd4b
समूह में जुड़े सभी साथियों को सूचित किया जा रहा है कि कृपया जो भी अभ्यर्थी प्रशासनम् इंस्टीट्यूट पर अध्यायन के इच्छुक हैं वह सभी अपना रजिस्ट्रेशन करवा लीजिए।
बैच 25 जून से प्रारंभ किए जा रहे हैं।
शुरुआती 50/100 अभ्यर्थियों को फीस में 50% तक छूट प्रदान की जायेगी।
नोट: ऑफर सीमित समय के लिए।
🌼🪴🏵 खजुराहो के गौरवशाली मंदिर 🏵🪴🌼
👉खजुराहो का प्राचीन नाम-- खर्जूरवाहक/खजूर वाहिका।
👉नामकरण--खजूर के वृक्षों का सघन क्षेत्र होने के कारण।
👉अन्य नाम-- पत्थरों पर तराशी गयी नगरी।
👉विस्तृत उल्लेख-- इब्नबतूता (मोरक्को)
👉अवस्थित-- राजनगर तहसील, छतरपुर जिला।
👉प्रसिद्ध-- मंदिरों के लिए।
👉मंदिर निर्माण की शैली-- विशुद्ध नागर शैली।
👉मूल रूप से निर्मित मंदिरों की संख्या--85. (वर्तमान में केवल 25 ही शेष हैं)
🏵नोट🏵-- कई किताबों में बताया गया है कि अब केवल 22 मंदिर शेष हैं। मैंने जो डेटा लिया है वो रायसेन जिले की आधिकारिक वेबसाइट से लिया है। इसे पब्लिकेशन की तुलना में ज्यादा विश्वसनीय मानिये।
👉संबंधित-- हिन्दू धर्म (शैव व वैष्णव) व जैन धर्म।
👉निर्माता-- चंदेल शासक। (MPPSC Pre. 2014)
👉निर्माणकाल-- 950-1050 ईस्वी।
👉खोज--टी0 एस0 बर्ट, 1930.
👉विश्व धरोहर स्थल घोषित--1986.
👉मंदिर निर्माण प्रारंभ-- मतंगेश्वर मंदिर से (निर्माता-- हर्षवर्मन,925 ईस्वी ) (MPPSC Pre. 2023)
🏵नोट--(1) ध्यान यह रखना है कि खजुराहो के मंदिरों में सबसे प्राचीन मंदिर चौसठ योगिनी मंदिर है क्योंकि इसे चंदेलों से पहले ही बनवाया जा चुका था लेकिन यह विवरण नहीं मिलता है कि इसे किसने व कब बनवाया था।🕒❓
🏵नोट--(2)चंदेलों द्वारा खजुराहो में निर्मित पहला मंदिर मतंगेश्वर मंदिर है। (MPPSC Pre. 2023)
🏵नोट--(3) मध्यप्रदेश में तीन स्थानों पर चौसठ योगिनी मंदिर हैं।
🪴खजुराहो--निर्माण--जानकारी नहीं मिलती है।
🪴मुरैना--निर्माण--देवपाल (कच्छपघात वंशीय राजा)
🪴जबलपुर--निर्माण--युवराज देव प्रथम (कल्चुरी वंश के शासक)
👉मुख्य विशेषता-- कामुक मूर्तियों के लिए विश्व प्रसिद्ध।
👉मंदिरों का विभाजन-- दिशाओं में स्थिति के आधार पर 03 भागों में है---
🌻पश्चिमी समूह__संख्या में सर्वाधिक मंदिर।
__कंदरिया महादेव मंदिर, चौसठ योगिनी मंदिर, चित्रगुप्त मंदिर, विश्वनाथ मंदिर, लक्ष्मण मंदिर, चतुर्भुज मंदिर, पार्बती मंदिर, नंन्दी मंदिर, मतंगेश्वर मंदिर, वराह मंदिर, जगदम्बा देवी मंदिर आदि।
🌻🌻पूर्वी समूह__मुख्यतः जैन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध।
__ पार्श्वनाथ मंदिर, घटाई मंदिर, आदिनाथ मंदिर, वामन मंदिर, जवारी मंदिर, ब्रह्म मंदिर आदि।
🌻🌻🌻दक्षिणी समूह__संख्या में सबसे कम मंदिर।
__दूल्हा देव मंदिर, चतुर्भुज मंदिर आदि।
👉दर्शनीय-- मंदिर, अभिलेख, कामुकता वाली मूर्तियां, तालाब आदि।
👉अभिलेख-- चंदेल कालीन शासकों के।
👉विशेष-- खजुराहो को वर्ष 2009 में भारत के 07 आश्चर्यों में शामिल किया गया था।
🏵नोट🏵--खजुराहो के सभी महत्वपूर्ण मंदिरों की जानकारी आप सभी को एक दो दिन में अलग से दे दी जाएगी जैसे किस मंदिर को किस शासक ने बनवाया? वह मंदिर किस वास्तु शैली में बना है? वह मंदिर किस देवी या देवता से संबंधित है? उस मंदिर की सबसे अनोखी विशेषता क्या है❓आदि चीजें।
🏵क्या आप ये भी जानते हैं❓
👉खजुराहो के उत्तरी समूह में कोई भी मंदिर स्थित नहीं है।
👉खजुराहो के सर्वाधिक मंदिर शैव संप्रदाय से संबंधित हैं।
🪵स्त्रोत--🪵
🌼District Chhatarpur Website.
🌼UNESCO Website.
🌼Madhy Pradesh Tourism Board Website/Patrika.
🌼Other Competative Exam Books.
धन्यवाद।
🙏❤🙏
PRASHASANAM INSTITUTE, BHIND (MP)
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