𝑴𝒊𝒅𝒏𝒊𝒈𝒉𝒕 𝑫𝒊𝒂𝒓𝒚 ✍️
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𝑨 𝑫𝒊𝒂𝒓𝒚 𝒐𝒇 𝑼𝒏𝒔𝒂𝒊𝒅 𝑾𝒐𝒓𝒅𝒔. 𝑺𝒐𝒎𝒆 𝑺𝒕𝒐𝒓𝒊𝒆𝒔 𝑵𝒆𝒗𝒆𝒓 𝑬𝒏𝒅. 🌙✍️
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Kabhi kabhi lagta hai jaise zindagi ruk si gayi hai...
Sab kuch hai mere paas, bas tu nahi… 💔
Tere bina har khushi mein ek kami si mehsoos hoti hai…
Jaise roshni ho par noor na ho, saans ho par zindagi na ho… 🌫️
Roz teri yaadon se baatein karta hoon,
Roz tera intezaar karta hoon… ⏳
Par tu hai ki aati hi nahi… aur main hoon ki thakta hi nahi… 😞
Kitni baar socha bhool jaun tujhe,
Par dil hai ki sirf tera naam jaanta hai… 🖤
Agar tu kabhi laut ke aaye,
To bas gale lagana, kuch kehne ki zarurat nahi…
Tere aane se meri adhoori duniya poori ho jaayegi… 🌌"
@yash 🥺🙂
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Tere aane ki umeed nhi h magar
Kaise keh du ki tera intezaar bhi nhi?❣️
Km h tumhare sath k pal magar
Kaise keh du k vo pal khoobsurat bhi nhi?💖
Tujhe dekh ke andekha kiya h magar
Kaise keh du k tujhe jee bhar kr dekha bhi nhi?💔
Mana k tujhko kho diya h maine maqar
Kaise keh du tujkho paane ki chaah bhi nhi?🤍
Written by
Yash 🤌✨
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Tumhe jo mila hai
Woh kisi ne khoya hoga 🥺
Jiske saath har pal muskurate ho
Koi uske liye roya hoga 😣
Har koi haara h yaaha
Mohabbat mein yaaro 🫠
Jiske saath aap yaadein bana rhe ho
Koi uski yaadein leke soya hoga ❤️🩹
By yash ✨
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Tere bina guzarta hai har ek pal tanha,
Dil ke tukde kar gaye woh jo the apna.
Woh baatein, woh vaade, sab reh gaye khwabon mein,
Ab sirf dard baatein karta hai raaton mein.
@official_yash
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Midnight Diary 🌙
आज किसी ने पूछा,
“तू इतना चुप क्यों रहता है?”
मैं हँस दिया।
कैसे समझाता कि
शोर से नहीं,
धोखे से थक गया हूँ।
अब हर बात पर बोलना ज़रूरी नहीं लगता,
हर रिश्ता निभाना भी नहीं।
कुछ लोग बदल गए,
कुछ उम्मीदें टूट गईं,
और बीच में
मैं थोड़ा सा संभल गया।
रात ने सिखाया है —
कम बोलो,
सही लोगों के लिए बचकर रहो।
बाकी दुनिया
खुद ही समझ जाएगी…
या फिर चली जाएगी।
— Midnight Diary 🖤
@yash
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कभी लौट आओ..." 💔
कभी सोचा ना था, एक दिन यूं होगा,
जिससे दिल लगाया, वही सबसे दूर होगा… 😞
एक सुबह तेरा मैसेज… “कैसा है तू?”
दिल एक पल को थमा — लगा, शायद तू वही है — मेरी तू... 💬❤️
फिर वही दिनभर तेरा ख्याल,
शाम को यारों से तेरा ज़िक्र बेहिसाब… 🌇
सोचा था ये शुरुआत है फिर से मिलने की,
पर वो बस एक लम्हा था, मेरी उम्मीदों के खिलने की। 🌸
धीरे-धीरे तेरी खामोशी गूंजने लगी,
और मैं हर बार तुझसे मिलने की वजह ढूंढने लगा। 😔
फिर एक दिन सन्नाटा मिला —
ना कोई जवाब, ना मुलाकात...
पर खबर आई… तू अब किसी और के साथ। 🥀💔
अब अगर तू लौटे भी —
तो मैं शायद वहीं न मिलूं…
कहीं दूर, ख़ुद में गुम,
तेरी यादों को ही पनाह देता हुआ मिलूं। 🌌
अब वो यश नहीं रहा,
जो हर सुबह तुझमें जीता था…
अब मैं बस खामोशियों में खुद को ढूंढता हूं… 🕯️
कभी लौट आओ... पर तब शायद मैं ही न लौटूं..." 🖤
@yash❤️🩹
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रात थी।
फोन की स्क्रीन जल रही थी,
और जवाब नहीं आ रहा था।
तभी समझ आया —
कुछ लोग online होते हुए भी
कभी मौजूद नहीं होते।
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Mid Night Diary 🌙🖤
कुछ लोग रात से डरते हैं,
और कुछ रात में ही
खुद से मिलने की हिम्मत करते हैं।
दिन भर सबके लिए मज़बूत बने रहते हैं,
और आधी रात को
ख़ामोशी से टूट जाते हैं।
यहाँ शोर नहीं है,
यहाँ सवाल नहीं हैं,
यहाँ बस वो अल्फ़ाज़ हैं
जो किसी से कहे नहीं जा सके।
अगर तुम भी
कम बोलते हो,
ज़्यादा महसूस करते हो
तो यह जगह तुम्हारी है।
इज़्ज़त शब्दों की,
और ख़ामोशी की भी। 🖤
— Mid Night Diary ✍️🌙
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Welcome 🌙
ये group उन लोगों के लिए है
जो बोलते कम हैं
लेकिन महसूस बहुत करते हैं।
यहाँ कोई judge नहीं करेगा,
कोई ज़बरदस्ती reply नहीं है,
और किसी को strong दिखने की ज़रूरत नहीं।
जो दिल में है
लिख सकते हो…
और जो नहीं लिखना चाहते,
वो बस पढ़ सकते हैं।
बस एक बात याद रखना —
इज़्ज़त सबकी,
खामोशी की भी।
🖤
