1 016
مشترکین
اطلاعاتی وجود ندارد24 ساعت
-57 روز
-2830 روز
آرشیو پست ها
1 015
🪧कुरजां महोत्सव 2025 - फलोदी
⚪मिस फलोदी – वैदेही भारद्वाज
⚪मिसेज फलोदी –वैशाली थानवी
⚪मिस्टर फलोदी – अभिषेक छगानी
⚪थार महोत्सव 2025 - बाड़मेर
⚪थार श्री - धर्मेंद्र डाबी
⚪थार सुंदरी - नक्षत्री चौधरी
🪧ऊंट महोत्सव 2025- बीकानेर
⚪मिस मरवण - महक दस्तरी
⚪मिस्टर बिकाणा - योगेश सेवग
⚪ढोला मरवण - श्रवण कुमार सोनी, संजू सोनी
🪧मरु महोत्सव 2025 - जैसलमेर
⚪मिस्टर पोकरण - गोपाल सिंह भाटी
⚪मिस. पोकरण - अभिलाषा चौधरी
⚪मिस्टर डेजर्ट- धीरज पुरोहित
⚪मिस मूमल - कोमल सिद्ध
⚪मिसेज जैसलमेर - भावना पुरोहित
1 015
🐪 अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव–2026
⌛ अवधि – 9–11 जनवरी 2026
🏛 आयोजक – पर्यटन विभाग व जिला प्रशासन
1 015
प्रमुख कवि और उसकी रचना
[अति महत्वपूर्ण ] 🔰
▪️टाबरा री बाता रचना है -किरण बादल
▪️अलेखू अंबा रचना है -कमल रंगा
▪️पंचरंग चोला पहन सखी री रचना है - माधव हाडा
▪️रांग नम्बर रचना है -अजय अनुरागी
▪️हंसी एक प्रार्थना रचना है -रति सक्सेना
▪️राजस्थानी भाषा का सबसे पहला उपन्यास - कनक सुंदर
▪️पद्मावत ग्रंथ के लेखक - मलिक मोहम्मद जायसी
▪️हम्मीर हठ और सुर्जन चरित ग्रंथ के लेखक - चन्द्रशेखर
▪️अचलदास खींची री वचनिका ग्रंथ के लेखक - शिवदास गाडण
▪️चेतावणी रा चूंगट्या रचना है -केसरी सिंह बारहठ
▪️पाबूजी रो छंद के लेखक -बीठू मेहा
▪️पाबू प्रकाश ग्रंथ के लेखक हैं -आशिया मोडिया
▪️बुद्धि विलास ग्रंथ के लेखक हैं - बखत राम शाह
▪️द अर्ली चौहान डायनेस्टीज ग्रंथ के लेखक - दशरथ शर्मा
▪️अजीतोदय ग्रंथ के लेखक हैं - पंडित जगजीवन
▪️विरूद छतहरी, किरतार बावनौ ग्रंथ के लेखक - दूरसा आढा
▪️गजगुणरूपक ग्रंथ के लेखक - करणीदान
▪️एकलिंग महात्म्य ग्रंथ के लेखक - कान्ह व्यास
▪️विजयपाल रासौ ग्रंथ के लेखक - नल्लसिंह
▪️कुवलमयाला ग्रंथ के लेखक - उद्योतन सूरी
▪️कायम खा रासो ग्रंथ के लेखक हैं - जान कवि
▪️विश्रांत प्रवासी कहानी के लेखक हैं -शिवचंद्र भरतिया
▪️उसने कहा था कहानी के लेखक हैं -चंद्रधर शर्मा गुलेरी
▪️किराये की कोख कहानी के लेखक हैं -आलम शाह खान
▪️बाथा में भूगोल ग्रंथ के लेखक हैं - हरीश भादाणी
▪️मुहूर्त माला, विश्व वल्लभ, राज्याभिषेक पद्धति नामक ग्रंथ के रचयिता - चक्रपाणि मिश्र
▪️गोरा बादल, पद्मिनी चौपाई ग्रंथ के लेखक -हेमरत्न सूरी
▪️राज प्रकाश ग्रंथ के लेखक - किशोर दास
▪️राज रत्नाकर ग्रंथ के लेखक - सदाशिव भट्ट
▪️संगत रासो के लेखक - गिरधर आसिया
▪️राग माला और राग मंजरी ग्रंथ के लेखक - पुंडरीक विट्ठल
▪️राज कल्पद्रुप के रचयिता है - कृष्णानंद व्यास
▪️पृथ्वीराज विजय ग्रंथ के लेखक हैं -जयानक भट्ट
▪️वंश भास्कर ग्रंथ के लेखक -सूर्यमल मिश्रण
▪️साहित्यिक रचना पग फेरों के रचयिता - मणि मधुकर
▪️पाथल और पीथल तथा धरती धोरां री रचना किसकी है - कन्हैयालाल सेठिया
▪️बाता री फुलवारी ग्रंथ के लेखक- विजय दान देथा
▪️वीर सतसई ग्रंथ के लेखक -सूर्यमल मिश्रण
▪️पृथ्वीराज विजय ग्रंथ के लेखक - जयानक भट्ट
▪️हमीर महाकाव्य ग्रंथ के लेखक - नयन चंद्र सूरी
▪️लछिमनगढ़ रासो ग्रंथ के लेखक - खुशाल कवि
▪️विजयपाल रासो ग्रंथ के लेखक - नल्ल कवि
▪️संगत रासो ग्रंथ के लेखक -गिरधर आशिया
▪️खुम्माण रासो ग्रंथ के लेखक - दलपत विजय
▪️छत्रपति रासो ग्रंथ के लेखक - काशी छंगाणी
▪️अमरसार ग्रंथ के लेखक हैं - पंडित जीवाधर
▪️राजविनोद ग्रंथ के लेखक हैं - सदाशिव भट्ट
▪️वंशभास्कर ग्रंथ के लेखक हैं - सूर्यमल मिश्रण
▪️ढोला मारु रा दूहा ग्रंथ के लेखक है - कवि कल्लोल
▪️अजितोदय ग्रंथ के लेखक हैं - जगजीवन भट्ट
▪️हरिकेली नाटक के रचयिता है - विग्रहराज चतुर्थ
▪️मिहिर भोज की प्रशस्ति के रचयिता है -बालादित्य
▪️नाथ प्रशस्ति के रचयिता है- आम्र कवि
▪️मान मोरी लेख के रचयिता थे - पुष्य
▪️जूनागढ़ प्रशस्ति के रचयिता थे - जैता
1 015
3rd Grade तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2025 : कुल उपस्थिति
🔸 लेवल 1st : कुल उपस्थिति 94.24% रही
🔹 लेवल 2nd : कुल उपस्थिति 89.04% रही
7शिफ्ट में आयोजित आज तक के इतिहास की सबसे छोटी तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा संपन्न
1 015
वन विभाग एक नजर में
राज्य पशु : चिंकारा एवं ऊंट
राज्य पक्षी : गोडावण
राज्य वृक्ष : खेजड़ी
राज्य पुष्प : रोहिड़ा
राष्ट्रीय उद्यान : 3
1. रणथंभोर - सवाई माधोपुर क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान
2. केवलादेव घना पक्षी अभ्यारण- भरतपुर
क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा राष्ट्रीय उद्यान
इसे पक्षियों का स्वर्ग कहते हैं
3.मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान- कोटा,चित्तौड़गढ़
वन्यजीव अभयारण्य : 26
क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा वन्य जीव अभ्यारण राष्ट्रीय मरू उद्यान है जिसका विस्तार बाड़मेर व जैसलमेर जिला में है
कंजर्वेशन रिजर्व : 37
बाघ परियोजनाएं : 5
(रणथम्भौर, सरिस्का, मुकुन्दरा हिल्स, रामगढ़ विषधारी एवं धौलपुर–कोटली)
रामसर स्थल : 4
1.केवलादेव नेशनल पार्क - भरतपुर (प्रथम)
2. सांभर झील-जयपुर
3. खींचन- फलोदी, नवीन
4. मेनार -उदयपुर , नवीन
Note - राजस्थान की एकमात्र रामसर सिटी का दर्जा उदयपुर जिले को दिया गया
कुल प्रादेशिक मंडल : 38
वन्यजीव मंडल : 16
* आखेट निषिद्ध क्षेत्र - 33
* मृगवन - 7
जैविक उद्यान -
1. सज्जनगढ़ उदयपुर
2. माचिया सफारी जोधपुर
3. नाहरगढ़ - जयपुर
4. अभेडा- कोटा
5. मरुधरा - बीकानेर (प्रस्तावित )
वन्य जीव अभ्यारण्य - 26
1.राष्ट्रीय मरू उद्यान - जैसलमेर बाड़मेर
2.ताल छप्पर वन्य जीव अभ्यारण - चूरू (काले हिरण के लिए प्रसिद्ध )
3. नाहरगढ़ - जयपुर
4. जमुआ रामगढ़- जयपुर
5. बंध बरेठा - भरतपुर
6. तालाब शाही - धौलपुर
7. रामसागर - धौलपुर
8. वन विहार - धौलपुर
9. केलादेवी - करौली व सवाई माधोपुर
10. सवाई मानसिंह - सवाई माधोपुर
11. सवाई माधोपुर - सवाई माधोपुर
12.शेरगढ़ - बारां
13.भैंसरोड़गढ़ - चित्तौड़गढ़
14.बस्सी- चित्तौड़गढ़
15.सीता माता वन्य जीव अभ्यारण- प्रतापगढ़
उड़ान गिलहरियों के लिए प्रसिद्ध है
16.जयसमंद - सलूंबर
17.फुलवारी नाल- उदयपुर
सोम मानसी वाकल नदिया गुजरती हैं
18.सज्जनगढ़ - उदयपुर
सबसे छोटा वन्य जीव अभ्यारण्य
19. कुंभलगढ़ वन्य जीव अभ्यारण - राजसमंद पाली उदयपुर
भेड़िया के लिए प्रसिद्ध हैं
20. टॉडगढ़ रावली वन्य जीव अभ्यारण- राजसमंद पाली ब्यावर
21. माउंट आबू वन्य जीव अभ्यारण - सिरोही
सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित वन्य जीव अभ्यारण
यह अभ्यारण जंगली मुर्गों के लिए प्रसिद्ध है
22. रामगढ़ विषधारी वन्य जीव अभ्यारण- बूंदी
23. दर्रा - कोटा
24. जवाहरसागर - कोटा
25. चंबल घड़ियाल अभ्यारण- कोटा, बूंदी सवाई माधोपुर, करौली धौलपुर
इस वन्य जीव अभ्यारण का उद्देश्य है घड़ियालों की प्रजाति को सुरक्षित करना व उसकी संख्या में वृद्धि करना
26. सरिस्का - अलवर
राजस्थान में स्थित संरक्षित क्षेत्र- 37
1. बीसलपुर (टोंक)
2. जौड़बीड़ गाड़वाला (बीकानेर)
3. सुंधामाता (जालौर-सिरोही)
4. गुढ़ा विश्नोइयां (जोधपुर)
5. शाकंभरी (सीकर-झुंझुनूं)
6. गोगोलाव (नागौर)
7. बीड़ (झुंझुनूं)
8. रोटू (नागौर)
9. उम्मेदगंज (कोटा)
10. जवाईबांध लेपर्ड I (पाली)
11. बंसीयाल खेतड़ी (झुंझुनू)
12. जवाई बांध लेपर्ड II (पाली)
13. बंसीयाल खेतड़ी बागोर (झुंझुनू)
14. मनसा माता (झुंझुनूं)
15. शाहाबाद (बारां)
16. रणखार (जालौर)
17. शाहाबाद तलहटी (बारां)
18. बीड़घास फुलिया खुर्द (भीलवाड़ा)
19. बांधदर्रा क्रोकोडाइल (उदयपुर)
20. बाड़ाखेड़ा (सिरोही)
21. बांझ अमली (बारां)
22. झालाना आमागढ़ (जयपुर)
23. खरमोर - अरवर गांव (अजमेर)
24. सोरसन-1 (बारां)
25. सोरसन-2 (बारां)
26. सोरसन-3 (बारां)
27. हमीरगढ़ (भीलवाड़ा)
28. क़ुरज़ा- खींचन (फलौदी)
29. रामगढ़ (बारां)
30. बालेश्वर (नीम का थाना सीकर)
31. गंगा भैरव घाटी (अजमेर)
32. बीड़ फतेहपुर (सीकर)
33. बीड़ मुहाना-ए (जयपुर)
34. बीड़ मुहाना-बी (जयपुर)
35. अमरख महादेव (उदयपुर)
36. महासीर (उदयपुर)
37. आसोप (भीलवाड़ा)
👉 राजस्थान में अगस्त 2024 तक कुल 37 संरक्षित क्षेत्र अधिसूचित किए जा चुके हैं।
सुरक्षित क्षेत्र = 37 +2 =39
नवीनतम घोषित (2025)
38 .पोखला परेवर (जैसलमेर )
39. बूचार मेन (जयपुर)
1 015
प्रत्येक परीक्षा में पूछे जाने वाले तथ्य
1. मरू विकास कार्यक्रम 1977-78
2. मेवात क्षेत्र विकास कार्यक्रम 1986-87
3. मगरा क्षेत्र विकास कार्यक्रम 2005-06
4. अरावली विकास कार्यक्रम 1974-75
5. डांग क्षेत्र विकास कार्यक्रम 1994-95
1 015
राजस्थान की मिट्टियों का वर्गीकरण :–
अमेरिका के वैज्ञानिकों के अनुसार राजस्थान की मिट्टियों को मुख्यतः 5 वर्गों में बाँटा गया है
1️⃣ एण्टिसोल्स (Entisols)
🔘 विशेषताएँ – नवीन व अपरिपक्व मिट्टी
सर्वाधिक क्षेत्रफल में विस्तृत
🔘 वितरण – राजस्थान के पश्चिमी भाग के लगभग सभी जिले
🔘 उप-मृदा समूह (i) Psamments (सैमेंट्स ) (ii) Fluvents (फ्लूवेंट्स)
2️⃣ एरिडीसोल्स (Aridisols)
🔘 विशेषताएँ – अर्द्ध-शुष्क व शुष्क जलवायु में पायी जाती है
🔘 वितरण जिले – जोधपुर, पाली, जालौर, नागौर ,डीडवाना-कुचामन, चूरू, सीकर, झुंझुनूं
🔘 उप-मृदा समूह (Great Groups) — Orthids (इसमें Camborthids ,Calciorthids ,Salorthids पाए जाते है )
3️⃣ इन्सेप्टिसोल्स (Inceptisols)
🔘 विशेषताएँ – अपेक्षाकृत विकसित मिट्टी
उप-आर्द्र जलवायु में पायी जाती है
🔘 वितरण जिले — सिरोही, पाली, राजसमंद ,उदयपुर, भीलवाड़ा,सलूम्बर, चित्तौड़गढ़
🔘 उप-मृदा समूह — Ustochrepts (उस्टोक्रेप्ट्स)
4️⃣ अल्फीसोल्स (Alfisols) – जलोढ़ मिट्टी
🔘 विशेषताएँ – उपजाऊ मिट्टी
उप-आर्द्र जलवायु प्रदेश
🔘 वितरण जिले – अलवर, खैरथल-तिजारा , जयपुर, दौसा , डीग, कोटपूतली-बहरोड़ ,भरतपुर, करौली ,टोंक, सवाई माधोपुर, धौलपुर
🔘 उप-मृदा समूह – Haplustalfs (हेप्लूस्ताल्फ्स)
5️⃣ वर्टिसोल्स (Vertisols) – काली मिट्टी
🔘 विशेषताएँ — चिकनी, भारी व दरारें पड़ने वाली मिट्टी।
आर्द्र व अति-आर्द्र जलवायु
🔘 वितरण क्षेत्र — दक्षिण-पूर्वी राजस्थान (हाड़ौती पठार)
🔘 वितरण जिले – कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ ,डूंगरपुर, बांसवाड़ा
🔘 उप-मृदा समूह – Pellusterts (पेल्लूस्टर्ट्स) , Chromusterts (क्रोमस्टर्ट्स)
1 015
*राजस्थान के प्रमुख भौगोलिक संकेतक*
(GI Tag )
1.बगरू प्रिंट
2.बीकानेर भूजिया
3.ब्लू पाॅटरी
4.ब्लू पाॅटरी ( LOGO)
5.कठपुतली
6.कठपुतली (LOGO)
7.कोटा डोरिया
8.कोटा डोरिया (LOGO)
9.मकराना संगमरमर
10.मोलेला मिट्टी कार्य
11.मोलेला मिट्टी कार्य (LOGO)
12.फुलकारी ( हस्तशिल्प)
राजस्थान, पंजाब , हरियाणा
13.सांगानेरी प्रिंट
14.थेवा कला
15.पोकरण पाॅटरी
16.सोजत मेहंदी
17.पिछवाई - नाथद्वारा
18.जोधपुरी बंधेज
19.कोफ्तागिरी - उदयपुर
20.कशीदाकारी - बीकानेर
21.उस्ता कला - बीकानेर
22.सांगरी फली
23.नागौरी अश्वगंधा
*नागौरी पान मेथी भारतीय मसाला बोर्ड की शेड्यूल लिस्ट में शामिल*😇😇
1 015
राजस्थान का एकीकरण
(RAS Mains Patwari, VDO, CET परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण)
➡️प्रथम चरण - (मत्स्य संघ)दिनांक 18-3-1948 - अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली व नीमराणा ठिकाना
➡️द्वितीय चरण - (पूर्व राजस्थान संघ)25.03.1948 - बांसवाड़ा, बूंदी, डूंगरपुर, झालावाड़, किशनगढ़, कोटा, प्रतापगढ़, शाहपुरा, टाँक व कुशलगढ़ ठिकाना
➡️तृतीय चरण - (संयुक्त राजस्थान संघ)18.04.1948 - राजस्थान संघ + उदयपुर
➡️चतुर्थ चरण - (वृहत् राजस्थान संघ)30.03.1949 - संयुक्त राजस्थान संघ बीकानेर, जयपुर, जैसलमेर, जोधपुर व लावा ठिकाना
➡️पंचम चरण - (संयुक्त वृहतर राजस्थान)15.05.1949 - वृहत् राजस्थान संघ + मत्स्य संघ
➡️षष्टम चरण - (राजस्थान संघ) 26.01.1950 - संयुक्त वृहत् राजस्थान सिरोही (आबू व दिलवाड़ा तहसील को छोड़कर)
➡️सप्तम चरण - राजस्थान (वर्तमान स्वरूप) 01.11.1956 - राजस्थान संघ अजमेर-मेरवाड़ा, आबू-दिलवाड़ा तहसील, सुनेल टप्पा व सिरौंज
➡️राजस्थान का एकीकरण सात चरणों में पूरा हुआ
➡️यह प्रक्रिया 18 मार्च, 1948 ई. से प्रारंभ हुई, जो 1 नवंबर, 1956 ई. में पूरी हुई। उस समय राजस्थान में कुल 26 जिले थे
▪️राजस्थान के एकीकरण की प्रक्रिया 8 वर्ष 7 माह व 14 दिन में पूरी हुई।
▪️राजस्थान में स्वतंत्रता प्राप्ति के समय 19 रियासतें, 3 ठिकाने (नीमराणा, अलवर, कुशलगढ़, बाँसवाड़ा, लावा 'टोंक') व एक अंग्रेज़ शासित प्रदेश मेरवाड़ा (अजमेर), थे।
▪️बीकानेर नरेश सार्दूलसिंह* सम्मेलन पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले पहले राजा थे। राजस्थान की सबसे पुरानी रियासतों में मेवाड़ व नवीन में झालावाड़ थी जिसका निर्माण अंग्रेज़ों द्वारा किया गया।
▪️क्षेत्रफल की दृष्टि से मारवाड़ व जनसंख्या की दृष्टि से जयपुर सबसे बड़ी रियासत थी जबकि शाहपुर क्षेत्रफल व जनसंख्या दोनों ही दृष्टि से सबसे छोटी रियासत थी।
▪️धार्मिक आधारों पर टोंक एकमात्र मुस्लिम तथा धौलपुर व भरतपुर जाटों की रियासतें थीं।
▪️राजस्थान में अधिकतर रियासतें राजपूतों की ही थीं।
➡️राजस्थान के एकीकरण के दौरान 25 मार्च, 1948 को दूसरे चरण में पहली बार 'राजस्थान' शब्द जुड़ा।
➡️एकीकरण के दौरान 30 मार्च, 1949 को वृहत्त राजस्थान संघ में अधिकांशः रियासतों के विलय हो जाने के कारण 30 मार्च को ‘राजस्थान दिवस ' के रूप में मनाते है।
