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अगर मौका मिला कभी, तो कागज़ पर
अपनी थकान लिखूँगा, मज़बूत कंधों के
पीछे छुपा, वो छोटा सा इंसान लिखूँगा।
वो जो हर मुश्किल में मुस्कुरा कर कहता है,
"सब ठीक है," उस एक झूठ के पीछे दबे,
हज़ारों बेबस तूफान लिखूँगा।
नहीं लिखूंगा मैं सिर्फ अपनी जीत के चर्चे
दनिया में, मैं तो हार कर भी मुस्कुराया,
वो लहूलुहान स्वाभिमान लिखूँगा।
लिखूँगा वो रातें, जब तकिया गवाह था मेरी
सिसकियों का, पर सुबह उठकर फिर
से पहना, वो चट्टान जैसा इंसान लिखूँगा।
Bruce Almighty
Swapped
The Sheep Directives
Hoppers
Are You There God It's Me Margarate
