fa
Feedback
Ras Notes Arnav

Ras Notes Arnav

رفتن به کانال در Telegram

👉Notes of top faculties Assistant Professor #VDO #1stGrade #2ndGrade 👉Pdf 👉Test series with Answer checking facility 👉Full videos 👉 Quizzes 👉Daily Current affairs 👉 Standerd Book 👉 Rankings of Test 👉 Top News Papers cutting https:

نمایش بیشتر
Buy Ad
1 452
مشترکین
+224 ساعت
+107 روز
+2630 روز
آرشیو پست ها
राजस्थान के प्रमुख सम्प्रदाय, संस्थापक, केन्द्र एक नजर 🔰 1. दादू सम्प्रदाय - जयपुर ▪️केन्द्र/पीठ - नारायणा ▪️प्रवर्तक - दादू जी 2. रामानुज सम्प्रदाय - जयपुर ▪️केन्द्र/पीठ - गलताजी ▪️प्रवर्तक - रामानुजाचार्य 3. रामानन्दी सम्प्रदाय - ▪️केन्द्र/पीठ - a. गलताजी - जयपुर - रामानन्द जी b. रेवासा - सीकर - अग्रदास जी c. गलताजी - जयपुर - स्वामी कृष्णदास पयहरी 4. परनामी सम्प्रदाय - जयपुर ▪️केन्द्र/पीठ - आदर्श नगर ▪️प्रवर्तक - महामति प्राणनाथ 5. जसनाथी सम्प्रदाय - बीकानेर ▪️केन्द्र/पीठ - कतरियासर ▪️प्रवर्तक - जसनाथ जी 6. विश्नोई सम्प्रदाय - बीकानेर ▪️केन्द्र/पीठ - मकाम-तालवा ▪️प्रवर्तक - जाम्भेश्वर जी 7. गौड़ीय सम्प्रदाय - a. गोविन्द देवजी मन्दिर - जयपुर - गोरांग महाप्रभु चैतन्य b. मदनमोहन जी मन्दिर - करौली 8. दासी सम्प्रदाय - नागौर ▪️केन्द्र/पीठ - मेड़ता ▪️प्रवर्तक - मीरां बाई 9. निरंजनी सम्प्रदाय - नागौर ▪️केन्द्र/पीठ - डीडवाना व गाड़ा ▪️प्रवर्तक - हरिदास जी 10. लालदासी सम्प्रदाय - केन्द्र/पीठ - a. धौलीधूब - अलवर - ललदास जी b. नगला - भरतपुर - ललदास जी 11. निष्कलंक सम्प्रदाय - डूंगरपुर ▪️केन्द्र/पीठ - साबला ▪️प्रवर्तक - माव जी 12. निम्बाक्र सम्प्रदाय - निम्बकाचार्य 13. वल्लभ सम्प्रदाय - ▪️कुल 5 पीठे है, कोटा, नाथद्वारा, कांकरौली, कामवन ▪️प्रवर्तक - वल्लभाचार्य 14. a. नाथ पंथ - प्रवर्तक - नाथ मुनि b. बैराग पंथ - अजमेर ▪️केन्द्र/पीठ - राताडूंगा ▪️प्रवर्तक - नाथ मुनि c. माननाथी सम्प्रदाय - जोधपुर ▪️केन्द्र/पीठ - महामन्दिर ▪️प्रवर्तक - नाथ मुनि 15. रामस्नेही सम्प्रदाय - केन्द्र/पीठ - a.शाहपुरा - भीलवाड़ा - रामचरण b. रैण - नागौर - दरियावजी c. सिंहथल - बीकानेर - हरि रामदास जी d. खेड़पा - जोधपुर - रामदास जी 16. चरणदासी सम्प्रदाय - डेहरा - चरण दास जी 17. तेरापंथ सम्प्रदाय - पाली ▪️केन्द्र/पीठ - सिरयारी ▪️प्रवर्तक - भीखण जी

photo content

+4
Geography @RasnotesArnav

+9
1351वनस्पति.pdf2.58 MB

वनस्पति @ RasnotesArnav.pdf2.58 MB

लाडो प्रोत्साहन योजना ▪️योजना की शुरुआत - 1 अगस्त 2024 ▪️योजना का उद्देश्य - कन्या भ्रूण हत्या को रोकना व बालिकाओं के प्रति समाजों की मानसिकता बदलना ▪️इस योजना के तहत 21साल की उम्र तक सात किस्तों में लड़कियों को एक लाख रूपये तक की राशि दी जाएगी - किस्त राशि ▪️पहली - जन्म पर - 2500 ₹ ▪️दूसरी - 1वर्ष की आयु व टीकाकरण पूर्ण होने पर - 2500 ₹ ▪️तीसरी - स्कूल में प्रवेश पर - 4000₹ ▪️चौथी - छठी कक्षा में प्रवेश पर - 5000 ₹ ▪️पाँचवी - 10 वीं कक्षा में प्रवेश पर - 11000 ₹ ▪️छठी - 12 वीं कक्षा में प्रवेश पर - 25000₹ ▪️सातवीं - 21 वर्ष आयु पूर्ण होने या स्नातक उत्तीर्ण करने पर - 50000 ₹

🔷 राजस्थान की प्रमुख बावडिया 🔰 ▪️मेड़तणी की बावडी, (झुंझुनूं) ▪️तुलस्यानों की बावडी,(झुंझुनूं) ▪️चेतणदास की बावडी, (झुंझुनूं) ▪️खेतानों की बावडी, (झुंझुनूं) ▪️तापी बावडी, (जोधपुर) ▪️जालाप बावडी, (जोधपुर) ▪️नई सड़क बावडी, (जोधपुर) ▪️मण्डोर बावडी, (जोधपुर) ▪️नापरजी की बावड़ी, (जोधपुर) ▪️गोररूंधा बावडी, (जोधपुर) ▪️व्यास बावडी, (जोधपुर) ▪️चताणियां की बावडी, (जोधपुर) ▪️सुमनोहरा बावडी, (जोधपुर) ▪️अनारा बावडी, (जोधपुर) ▪️नैणसी बावडी, (जोधपुर) ▪️धाय बावडी, (जोधपुर) ▪️ईदगाह बावडी, (जोधपुर) ▪️हाथी बावडी, (जोधपुर) ▪️खरबूजा बावडी, (जोधपुर) ▪️राजाराम की बावडी, (जोधपुर) ▪️व्यास जी की बावडी, (जोधपुर) ▪️शिव बावडी, (जोधपुर) ▪️पाँचवां मंजीसा बावडी, (जोधपुर) ▪️राम बावडी, (जोधपुर) ▪️रघुनाथ बावडी, (जोधपुर) ▪️एक चट्टान बावडी मण्डोर, (जोधपुर) ▪️हाडी रानी की बावड़ी, (टोंक) ▪️दरियाशाह की बावडी, (टोंक) ▪️ढवाजा की बावडी, (टोंक) ▪️धाबाई जी बावडी नानकपुरिया, (बूंदी) ▪️गुलाब बावडी, (बूंदी) ▪️गुल्ला/गुलाब बावडी, (बूंदी) ▪️रानी जी की बावडी, (बूंदी) ▪️भिस्तियों की बावडी, (बूंदी) ▪️चंपा बाग की बावडी , (बूंदी) ▪️साबूनाथ की बावडी, बूंदी ▪️मेघनाथ की बावडी, बूंदी ▪️दमरा बावडी/व्यास बावडी, (बूंदी) ▪️मनोहर बावडी/डाकरा बावडी, (बूंदी) ▪️मानमासी बावड़ी, (बूंदी) ▪️चैनराय के करीले की बावडी,(बूंदी) ▪️नाथ की बावडी, (बूंदी) ▪️श्याम बावडी, (बूंदी) ▪️अनारकली बावडी/भाबलदी बावडी, (बूंदी) ▪️सामरया की बावडी/ दीवान की बावडी, (बूंदी) ▪️मोचियों की बावडी, (बूंदी) ▪️पठान की बावडी, (बूंदी) ▪️नाहरघूस की बावडी, (बूंदी) ▪️माता की बावडी/दावा की बावडी, (बूंदी) ▪️बालचन्द पाड़ा की बावडी, (बूंदी) ▪️जग्गा बावडी, (जयपुर) ▪️बडी बावडी, (जयपुर) ▪️अजबगढ़-भानगढ़ बावडी, (अलवर) ▪️बड़गाँव की बावडी, (कोटा) ▪️शीला तथा पन्ना-मीना बावडी, (अजमेर) ▪️बिनोता की बावड़ी, (चित्तौडगढ) ▪️बाई जी बावड़ी बनेड़ा, (भीलवाडा) ▪️चमना बावड़ी, (भीलवाड़ा) ▪️डगसागर तालाब, (झालावाड़) ▪️आभानेरी की चाँद बावड़ी, (धौलपुर) ▪️कबीर शाह की दरगाह,(करौली) ▪️दूध बावडी (माउंट आबू, सिरोही) ▪️नौलखा बावड़ी, (डूंगरपुर) ▪️प्रतापराव बावड़ी देवलिया, (प्रतापगढ) ▪️चांद बावडीआभानेरी, (दौसा) ▪️त्रिमुखी बावड़ी, (उदयपुर)

Ethics RasnotesArnav .pdf19.80 MB

LDC_भर्ती_परीक्षा_2024_अभ्यर्थियों_के_लिए_नि_शुल्क_यात्रा_के_संबंध.pdf8.57 KB

राजस्थान के प्रमुख शिवजी मन्दिरों के बारे( पार्ट -1) 🔰 🔷 बेणेश्वर महादेव का मंदिर-नेवरपुरा/नवाटापुरा (डूंगरपुर) ▪️ बेणेश्वर का अर्थ होता है-’’डेल्टा की मल्लिका’’ या ’’मृत आत्माओं का मुक्ति स्थल’’। यह मंदिर सोम, माही व जाखम नदियों के त्रिवेणी संगम पर स्थित हैं। ▪️ यहाँ पर विश्व का एकमात्र मिट्टी का बना हुआ पांच तरफ से खण्डित शिवलिंग है। इस शिवलिंग को पुजारी के अलावा अन्य कोई नहीं छू सकता हैं। ▪️ यहाँ पर मेला माघ पूर्णिमा को लगता हैं जिसे आदिवासियों का कुम्भ/भीलों का कुम्भ/ वागड़ का पुष्कर भी कहते हैं ▪️ यहाँ पर आदिवासी अपनें पूर्वजों की अस्थियों का विसर्जन करते हैं। 🔷 एकलिंग जी का मंदिर – कैलाशपुरी (उदयपुर) ▪️एकलिंग जी मेवाड़ के महाराणाओं के ईष्टदेव या कुल देवता थे। ▪️इस मन्दिर का निर्माण 8वीं सदी में बप्पा रावल ने करवाया जिसकों वर्तमान स्वरूप महाराजा रायमल ने दिया। ▪️मेवाड़ के शासक स्वयं को एकलिंग जी का दीवान मानकर शासक किया करते थे मेवाड़ के शासक एकलिंग जी के मन्दिर में तलवार के स्थान पर छड़ी लेकर जाते थे! ▪️एकलिंगजी का मन्दिर राज्य में पाशुपत सम्प्रदाय का सबसे बड़ा मन्दिर है। ▪️इस मन्दिर में शिव की चैमुखी मूर्ति है। पूर्व के मुख में सूर्य, उत्तर के मुख में ब्रह्मा, दक्षिण के मुख में शिव तथा पश्चिम के मुख में विष्णु के दृष्य हैं। ▪️इस मन्दिर के पास लकुलीश मन्दिर हैं। 🔷 घुष्मेश्वणर महादेव का मन्दिर- सिवाड़ (सवाई माधोपुर) ▪️देश के 12 ज्योर्तिलिंग में विख्यात है। इस मन्दिर में शिवलिंग सदैव जल में डूबा हुआ रहता है जिसके कारण भक्तों के दर्शन शीषे के माध्यम से होते है। ▪️यहाँ के पर्वत कैलाश पर्वत के अनुभव कराते हैं। 🔷 मण्डलेश्वर शिव मन्दिर अर्थूना (बांसवाड़ा) ▪️अर्थूना को ग्रन्थों में उत्थूनक कहा गया है। ▪️यह लकुलीश सम्प्रदाय का परमार कालीन राजस्थान का प्रसिद्ध मन्दिर है। ▪️शिल्पकला की दृष्टि से आबू तथा यहाँ के मन्दिरों मे काफी समानता हैं। 🔷 राजराजेश्वतर/सिद्धेश्वर शिव मन्दिर (जयपुर) ▪️यह मन्दिर आम जनता के लिए केवल शिवरात्री के दिन खुलता हैं। ▪️मोती डूंगरी के महलों में इस मन्दिर का निर्माण 1864 में जयपुर के नरेश रामसिंह ने करवाया था। ▪️यह जयपुर के राजाओं का निजी मन्दिर हैं। 🔷 देव सोमनाथ मन्दिर- डूंगरपुर ▪️12वी सदी में निर्मित, यह 3 मंजिला देव सोमनाथ मन्दिर सोम नदी के किनारे स्थित हैं। ▪️इसका निर्माण केवल पत्थरों से बिना चूना, मिट्टी व सीमेन्ट के किया गया है। ▪️विेशेष - वागड़ के सोमपुरों की सिलावटी हस्तकला का यह अभूतपूर्व उदाहरण है। 🔷 गेपरनाथ महादेव मंदिर - कोटा ▪️2008 में भूस्खलन के कारण यह मन्दिर चर्चा में रहा, इस मन्दिर में शिवलिंग/गर्भगृह जमीन की सतह से 300 फीट नीचे हैं। ▪️इस मन्दिर में स्थित शिवलिंग पर सदैव एक जलधारा बहती है। 🔷 कंसुआ का शिव मंदिर- कोटा ▪️इस मन्दिर की दीवार पर कुटिया लिपी में 8वीं सदी का शिवगण मौर्य का शिलालेख मिला है। ▪️इस मंदिर की विशेषता है कि सूर्य की पहली किरण मंदिर के 7-8 मीटर अन्दर स्थित शिवलिंग पर गिरती है। ▪️इस मन्दिर में 1008 मुखी शिवलिंग भी है। 🔷 सोमनाथ मन्दिर – भानगढ़ (अलवर) ▪️गुजरात के सोमनाथ मन्दिर की प्रकृति का राज्य में यह एकमात्र मन्दिर है। 🔷 चार-चैमा का शिवालय- चार चैमा (कोटा) ▪️यह कोटा राज्य का सबसे प्राचीन शिव मन्दिर है। इस मन्दिर का निर्माण चैथी सदी के आसपास हुआ था, इसलिए इसे गुदा कालीन मंदिर भी कहते है। 🔷 शीतलेश्वर महादेव मन्दिर - झालरापाटन (झालावाड़) ▪️चन्द्रभागा नदी के किनारे स्थित इस मंदिरदिर को चन्द्रमोली मन्दिर भी कहते हैं। ▪️महामारू शैली में बना यह राजस्थान का पहला समयाकिंत मन्दिर है जिस पर लिखा है 689। ▪️यह एक अर्द्धनारीश्वनर मन्दिर है। अर्द्धनारीश्वसर का अर्थ है आधा शिव आधी पार्वती। 🔷 कपालीश्वर महादेव मन्दिर – इन्द्रगढ़ (बूँदी) ▪️यह मन्दिर चाखण नदी के किनारे है। ▪️विशेष- शैव सम्प्रदाय के आचार्य मत्स्येन्द्र नाथ की राज्य में एकमात्र प्रतिमा इन्द्रगढ़ से मिली है। 🔷 समेद्धश्वर महादेव मन्दिर(चितौड़) ▪️इस मन्दिर का निर्माण मालवा के राजा भोज ने करवाया लेकिन पुनर्निर्माण महाराणा मोकल ने करवाया इसलिए इसे ’’मोकल जी का मन्दिर’’ भी कहते है। ▪️मध्यकाल में पूर्ण विकसित परमार मूर्तिकला का चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में एकमात्र उदाहरण है। 🔷 मातृकुण्ड़िया का मन्दिर-राश्मि गाँव (चित्तौड़गढ़) ▪️बनास नदी के किनारे स्थित मातृकुण्डिया को ’’मेवाड़ का हरिद्वार’’ कहते हैं। ▪️यहाँ स्थित कुण्ड़ में मृत व्यक्ति की अस्थियों का विसर्जन किया जाता है। ▪️हरिद्वार की तरह यहाँ भी लक्ष्मण झूला लगा हुआ हैं।

अंग्रेजों की भारत में भू-राजस्व प्रणालियां 🔰 1 इजारेदारी प्रथा ▪️ सूत्रपात :- 1772 में वॉरेन हेस्टिंग्स द्वारा ▪️ विशेषता :- इसमें भूमि को पंचवर्षीय ठेके पर देने की व्यवस्था थी। 2 स्थायी बंदोबस्त ▪️सूत्रपात :- 1793 में लॉड कार्नवालिस द्वारा ▪️विशेषता :- इस व्यवस्था के अंतर्गत जंमीदारों को भूमि का स्वामी बना दिया गया। ▪️ जंमीदारों को किसानों से वसूल किये गए भू-राजस्व की कुल रकम का 10/11 भाग कंपनी को देना था तथा 1/11 भाग स्वयं रखना था। 3 रैयतवाड़ी व्यवस्था ▪️ सूत्रपात :- 1820 में टॉमस मुनरों द्वारा ▪️ विशेषता :- • इस व्यवस्था में किसानों को भूमि का मालिक बना दिया गया था । ▪️ कंपनी सीधे किसानों से लगान वसूलती थी। 4 महालबाड़ी पद्धति ▪️सूत्रपात :- लॉर्ड हेस्टिंग्स द्वारा ▪️विशेषता :- • भू-राजस्व का बंदोबस्त गांव के प्रधान के साथ किया जाता था। ▪️ लगान का निर्धारण गांव के उत्पादन के आधार पर किया जाता है।

क्या नोट्स को और ऑर्गनाइज़ करने की आवश्यकता है ?
Anonymous voting

Math Notes RasNotesArnav.pdf65.93 MB

राजस्थान के प्रमुख मीरा मंदिर 🔰 क्र.सं. मन्दिर स्थान (1) कुडकी गाँव या मीरगढ़ दुर्ग में निर्माणकर्ता रतनसिंह (ii)चारभुजा नाथ या मीरा मंदिर मेड़ता सिटी राव दूदा (¡¡¡)कृष्ण मंदिर या मीरा मंदिर चित्तौड़गढ़ दुर्ग राणा सागा (iv)जगत शिरोमणि या मीरा मंदिर आमेर मिर्जाराजा मानसिंह (v) हरिहर मंदिर या मीरा मंदिर कैलाशपुर (उदयपुर) राणा कुम्भा

आपने ras एग्जाम का
Anonymous voting

NOTES 📝 यहाँ से शुरू हैं । NOTES पर क्लिक करे ।

Rajasthan History RasNotesArnav.pdf3.89 MB

विश्व आर्थिक मंच द्वारा प्रकाशित “ यात्रा और पर्यटन विकास सूचकांक 2024 “ रिपोर्ट में भारत 119 देशों में से 39वें स्थान पर है। वर्ष 2022 में भारत ने 14.3 मिलियन अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक आगमन दर्ज किया, जो एशिया और प्रशांत क्षेत्र में 15.66% हिस्सेदारी के साथ वैश्विक बाज़ार हिस्सेदारी के 1.47% का प्रतिनिधित्व करता है, और यात्रा और पर्यटन प्राथमिकता, सुरक्षा और स्वास्थ्य और स्वच्छता में सुधार नोट किया गया।

photo content

photo content