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5 जुलाई तक वैकेंसी जारी होने की संभावना
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31 मार्च 2015 के बाद NIOS DELED 18 माह उत्तर प्रदेश TET परीक्षा में शामिल नहीं होंगे
इलाहाबाद उच्च न्यायालय का जजमेंट का आधार पर TET परीक्षा में शामिल नहीं होंगे
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📄 43th BPSC PYQ TEST
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📄 46th BPSC PYQ TEST
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🔰📚 जो भी लोग 72th BPSC का तैयारी कर रहे है वे लोग साइंस के नीचे 👇 दिए गए बुक्स को अच्छे से करके जाए सीधे इसी से BPSC प्रश्न पूछ रहा है——
1) NCERT 9th
2) NCERT 10th
3) NCERT BIOLOGY 11-12
4) NCERT CHEMISTRY 11-12
For Practice- Chapter wise Mcq and GC.
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BPSC की परीक्षाओं में (ऊतक) से लगातार सवाल पूछे जाते रहे हैं।
## BPSC PYQs और महत्वपूर्ण संभावित प्रश्न
### प्रश्न 1: नारियल का भूसा या रेशा किस ऊतक का बना होता है?
(A) पैरेन्काइमा
(B) कॉलेन्काइमा
(C) स्क्लेरेन्काइमा
(D) फ्लोएम
> उत्तर: (C) स्क्लेरेन्काइमा
> BPSC Fact: स्क्लेरेन्काइमा की कोशिकाएं मृत, लंबी और पतली होती हैं। इसकी भित्ति लिग्निन के कारण बहुत मोटी होती है, जो पौधों को कठोरता और मजबूती देती है।
>
### प्रश्न 2: निम्नलिखित में से कौन-सा एक 'तरल संयोजी ऊतक' (Fluid Connective Tissue) है?
(A) अस्थि
(B) रक्त (रुधिर)
(C) कंडरा
(D) उपास्थि
> उत्तर: (B) रक्त (रुधिर)
> BPSC Fact: रक्त के तरल भाग को प्लाज्मा कहते हैं, जिसमें RBC, WBC और प्लेटलेट्स तैरते रहते हैं। यह शरीर में गैसों, पचे हुए भोजन और हॉर्मोन का संवहन करता है।
>
### प्रश्न 3: दो अस्थियों (हड्डियों) को आपस में जोड़ने वाले संयोजी ऊतक को क्या कहा जाता है?
(A) कंडरा (Tendon)
(B) स्नायु (Ligament)
(C) उपास्थि (Cartilage)
(D) मांसपेशियों का रेशा
> उत्तर: (B) स्नायु (Ligament)
> BPSC Fact: स्नायु बहुत लचीला और मजबूत होता है जो हड्डियों को हड्डियों से जोड़ता है। इसके विपरीत, कंडरा (Tendon) मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़ता है। (यह अंतर BPSC का पसंदीदा सवाल है)।
>
### प्रश्न 4: पौधों में जल और खनिज लवणों का ऊर्ध्वाधर (Upward) परिवहन किस जटिल ऊतक द्वारा होता है?
(A) फ्लोएम
(B) जाइलम
(C) स्टोमेटा
(D) कॉर्क
> उत्तर: (B) जाइलम
> BPSC Fact: जाइलम नलिकाकार संरचनाओं (ट्रैकीड और वाहिका) से पानी और खनिज का परिवहन करता है। जबकि फ्लोएम पत्तियों से बने भोजन को पौधे के बाकी हिस्सों तक पहुँचाता है।
>
### प्रश्न 5: पौधों के तने या जड़ की परिधि (Girth/मोटाई) में वृद्धि निम्नलिखित में से किसके कारण होती है?
(A) शीर्षस्थ विभज्योतक
(B) अंतर्विष्ट विभज्योतक
(C) पार्श्व विभज्योतक (कैंबियम)
(D) स्थायी ऊतक
> उत्तर: (C) पार्श्व विभज्योतक (कैंबियम)
> BPSC Fact: शीर्षस्थ विभज्योतक लंबाई बढ़ाता है और पार्श्व विभज्योतक तने या मूल (जड़) की मोटाई बढ़ाता है।
>
### प्रश्न 6: पेड़ की छाल (कॉर्क) को हवा और पानी के लिए अभेद्य (Impermeable) बनाने वाले रासायनिक पदार्थ का नाम क्या है?
(A) लिग्निन
(B) सुबरिन
(C) क्युटिन
(D) सेल्यूलोज
> उत्तर: (B) सुबरिन
> BPSC Fact: जैसे-जैसे पेड़ की उम्र बढ़ती है, बाहरी परत कॉर्क कोशिकाओं में बदल जाती है। इनकी भित्ति पर सुबरिन नामक पदार्थ जमा हो जाता है।
>
### प्रश्न 7: मानव शरीर में वसा (Fat) का संचय करने वाला ऊतक कौन-सा है?
(A) एरिओलर ऊतक
(B) वसामय ऊतक (Adipose Tissue)
(C) उपास्थि
(D) रेखित पेशी
> उत्तर: (B) वसामय ऊतक (Adipose Tissue)
> BPSC Fact: यह त्वचा के नीचे और आंतरिक अंगों के बीच पाया जाता है। यह वसा की गोलिकाओं से भरा होता है और शरीर में ऊष्मीय कुचालक (Insulator) का काम करता है।
>
### प्रश्न 8: निम्नलिखित में से कौन-सा ऊतक जीवन भर बिना थके लयबद्ध होकर प्रसार एवं संकुचन करता रहता है?
(A) रेखित पेशी
(B) अरेखित पेशी
(C) कार्डिक (हृद) पेशी
(D) कंकाल पेशी
> उत्तर: (C) कार्डिक (हृद) पेशी
> BPSC Fact: हृदय की पेशियां अनैच्छिक होती हैं और ये कोशिकाएं बेलनाकार, शाखाओं वाली तथा एक-केंद्रकीय होती हैं।
>
परीक्षा के लिए टिप: BPSC में अक्सर मिलान करने वाले (Match the following) सवाल आते हैं, जैसे एक तरफ 'जाइलम, फ्लोएम, कंडरा, स्नायु' दे देगा और दूसरी तरफ उनके कार्य।
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शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का बयान, जुलाई में TRE-4 का निकलेगा विज्ञापन, शिक्षा विभाग बीपीएससी को भेजेगा अधियाचना
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### प्रश्न 1: निम्नलिखित में से कौन-सा जीव 'जंतु जगत का सबसे बड़ा संघ (Phylum)' है?
(A) एनीलिडा (Annelida)
(B) आर्थोपोडा (Arthropoda)
(C) मोलस्का (Mollusca)
(D) कशेरुकी (Vertebrata)
* उत्तर: (B) आर्थोपोडा
* व्याख्या: जैसा कि हमने ऊपर देखा, आर्थोपोडा जंतु जगत का सबसे बड़ा संघ है, जिसमें जुड़े हुए पैर वाले जीव जैसे झींगा, तितली, मकड़ी और बिच्छू आते हैं।
### प्रश्न 2: निम्नलिखित में से कौन-सा स्तनधारी (Mammal) अंडे देता है, बच्चे नहीं?
(A) कंगारू (Kangaroo)
(B) प्लेटिपस (Platypus)
(C) ह्वेल (Whale)
(D) चमगादड़ (Bat)
* उत्तर: (B) प्लेटिपस
* व्याख्या: स्तनधारी आमतौर पर बच्चों को जन्म देते हैं, लेकिन प्लेटिपस और इकिड्ना इसके अपवाद हैं जो अंडे देते हैं। यह प्रश्न BPSC में कई बार घुमाकर पूछा गया है।
### प्रश्न 3: प्रवाल (Corals) और जेलीफिश निम्नलिखित में से किस संघ (Phylum) के अंतर्गत आते हैं?
(A) पोरीफेरा
(B) सीलेंटरेटा (Coelenterata)
(C) निमेटोडा
(D) एनीलिडा
* उत्तर: (B) सीलेंटरेटा
* व्याख्या: सीलेंटरेटा वर्ग के जीव जलीय होते हैं और इनमें एक देहगुहा पाई जाती है, जिसके उदाहरण हाइड्रा, प्रवाल और जेलीफिश हैं।
### प्रश्न 4: मगरमच्छ (Crocodile) के हृदय में कितने कक्ष (Chambers) होते हैं?
(A) दो
(B) तीन
(C) चार
(D) पाँच
* उत्तर: (C) चार
* व्याख्या: सरीसृप (Reptiles) का हृदय आमतौर पर त्रिकक्षीय (3-chambered) होता है, लेकिन मगरमच्छ इसका सबसे बड़ा अपवाद है जिसके हृदय में चार कक्ष होते हैं।
### प्रश्न 5: 'पादप जगत का उभयचर' (Amphibians of the Plant Kingdom) किसे कहा जाता है?
(A) थैलोफाइटा
(B) ब्रायोफाइटा
(C) टेरिडोफाइटा
(D) जिम्नोस्पर्म
* उत्तर: (B) ब्रायोफाइटा
* व्याख्या: ब्रायोफाइटा वर्ग के पौधों को पादप वर्ग का उभयचर कहा जाता है क्योंकि ये भूमि और जल दोनों पर निर्भर रहते हैं और इनमें संवहन ऊतक नहीं पाए जाते हैं।
### प्रश्न 6: लाइकेन (Lichen), जो कि वायु प्रदूषण का एक अच्छा सूचक है, किन दो के बीच का सहजीवी अंतर्संबंध है?
(A) कवक और जीवाणु
(B) कवक और नील-हरित शैवाल (सायनोबैक्टीरिया)
(C) शैवाल और ब्रायोफाइटा
(D) जीवाणु और वायरस
* उत्तर: (B) कवक और नील-हरित शैवाल
* व्याख्या: कवक (फंजाई) की कुछ प्रजातियां नील-हरित शैवाल के साथ स्थायी अंतर्संबंध बनाती हैं, जिसे सहजीविता (Symbiosis) कहते हैं और इन्हीं जीवों को लाइकेन कहा जाता है।
### प्रश्न 7: द्विनाम पद्धति (Binomial Nomenclature) के जनक कौन हैं, जिन्होंने जीवों को वैज्ञानिक नाम देने की प्रथा शुरू की?
(A) चार्ल्स डार्विन
(B) रॉबर्ट व्हिटेकर
(C) अरस्तू
(D) कैरोलस लीनियस
* उत्तर: (D) कैरोलस लीनियस
* व्याख्या: 18वीं शताब्दी में कैरोलस लीनियस ने सबसे पहले वैज्ञानिक नामपद्धति की शुरुआत की थी, जिसमें जीनस और स्पीशीज़ का उपयोग किया जाता है।
BPSC के लिए स्मार्ट स्टडी टिप:
आप देख सकते हैं कि परीक्षाओं में बहुत गहराई में जाकर थ्योरी नहीं पूछी जाती, बल्कि जो अपवाद (Exceptions) हैं (जैसे मगरमच्छ का 4-chambered हृदय या अंडे देने वाले स्तनधारी) या जो सबसे बड़े/मुख्य वर्ग हैं, वहीं से सवाल बनते हैं।
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5. स्तनपायी (Mammalia): ये भी समतापी हैं और हृदय चार कक्षीय होता है. सबसे बड़ा लक्षण—इनमें नवजात के पोषण के लिए दुग्ध ग्रंथियाँ (Mammary glands) पाई जाती हैं और त्वचा पर बाल व तेल ग्रंथियां होती हैं. ये सीधे शिशुओं को जन्म देते हैं.
* अपवाद (BPSC Special): इकिड्ना और प्लेटिपस ऐसे स्तनधारी हैं जो बच्चे नहीं बल्कि अंडे देते हैं. कंगारू अपने अविकसित बच्चे को मार्सुपियम नामक थैली में रखता है. ह्वेल मछली और चमगादड़ भी स्तनधारी (Mammals) ही हैं, मछली या पक्षी नहीं.
## 5. नामपद्धति (Binomial Nomenclature)
दुनियाभर में जीवों को एक ही नाम से पहचान दिलाने के लिए कैरोलस लीनियस (Carolus Linnaeus) ने द्विपद नामपद्धति की शुरुआत की.
* इसमें पहला नाम जीनस (Vansh) का होता है (जो अंग्रेजी के बड़े अक्षर से शुरू होता है) और दूसरा नाम स्पीशीज़ (Jati) का होता है (जो छोटे अक्षर से शुरू होता है). इन्हें तिरछा (Italics) लिखा जाता है.
* *जैसे:* मनुष्य का वैज्ञानिक नाम *Homo sapiens* है, जहाँ *Homo* जीनस है और *sapiens* स्पीशीज़.
* कैरोलस लीनियस को ही 'वर्गिकी का पिता' (Father of Taxonomy) भी कहा जाता है और इनकी प्रसिद्ध पुस्तक का नाम 'सिस्टेमा नेचुरी' (Systema Naturae) है.
शॉर्टकट टिप: परीक्षा से पहले केवल "पाँच जगत के मुख्य लक्षण", "पादपों के संवहन ऊतक वाले वर्ग", और "कशेरुकी प्राणियों के हृदय के कक्ष (Chambers) व अपवाद" को एक बार सरसरी तौर पर दोहरा लें. आपके प्रतियोगी परीक्षा के अधिकांश प्रश्न यहीं से हल हो जाएंगे!
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| 3. टेरिडोफाइटा (Pteridophyta) | इनका शरीर जड़, तना, पत्ती में विभाजित होता है और इनमें जल व भोजन के संवहन के लिए संवहन ऊतक (Vascular tissue) पाए जाते हैं. | मार्सीलिया, फ़र्न. |
| 4. जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) | 'जिम्नो' = नग्न, 'स्पर्मा' = बीज. अर्थात् इनके बीज नग्न (Uncovered) होते हैं, फल के अंदर बंद नहीं होते. ये पौधे बहुवर्षी और सदाबहार होते हैं. | पाइनस, साइकस. |
| 5. एंजियोस्पर्म (Angiosperms) | 'एंजियो' = ढका हुआ. इन्हें पुष्पी पादप (Flowering Plants) भी कहते हैं. इनके बीज फलों के अंदर ढके होते हैं. | गेहूँ, धान, मटर, आम. |
> परीक्षा के लिए एक और बिंदु: थैलोफाइटा, ब्रायोफाइटा, और टेरिडोफाइटा में जननांग अप्रत्यक्ष होते हैं और ये बीज उत्पन्न नहीं कर सकते, इसलिए इन्हें क्रिप्टोगैम (Cryptogams) कहते हैं. जबकि जिम्नोस्पर्म और एंजियोस्पर्म बीज उत्पन्न करते हैं, इसलिए इन्हें फैनरोगैम (Phanerogams) कहते हैं.
>
## 4. जंतु जगत का वर्गीकरण (Classification of Animals)
जंतु जगत को उनकी शारीरिक जटिलता के आधार पर 10 मुख्य संघों (Phylums) में बांटा गया है. परीक्षा की दृष्टि से इनके मुख्य 'की-वर्ड्स' (Key words) याद रखें:
1. पोरीफेरा (Porifera): शरीर पर अनेक छिद्र (Pores) पाए जाते हैं. इन्हें सामान्यतः स्पांज कहा जाता है और ये अचल जीव होते हैं. *उदाहरण: साइकॉन, स्पांजिला*.
2. सीलेंटरेटा (Coelenterata): ये जलीय जंतु हैं जिनमें एक देहगुहा (Coelom) पाई जाती है. *उदाहरण: हाइड्रा, जेलीफिश, कोरल (प्रवाल)*.
3. प्लेटीहेल्मिन्थीज (Platyhelminthes): इनका शरीर चपटा होता है, इसलिए इन्हें चपटे कृमि (Flatworms) कहते हैं. वास्तविक देहगुहा नहीं होती. *उदाहरण: प्लेनेरिया, लिवरफ्लूक, टेपवर्म*.
4. निमेटोडा (Nematoda): इनका शरीर गोल और बेलनाकार होता है, इसलिए इन्हें गोल कृमि कहते हैं. ये अक्सर परजीवी होते हैं और बीमारी फैलाते हैं. *उदाहरण: एस्केरिस (गोल कृमि), फाइलेरिया कृमि*.
5. एनीलिडा (Annelida): इनका शरीर सिर से पूँछ तक खंडों में बंटा (Segmented) होता है. इनमें वास्तविक देहगुहा होती है. *उदाहरण: केंचुआ (Earthworm), जोंक (Leech)*.
6. आर्थोपोडा (Arthropoda) — BPSC का पसंदीदा: यह जंतु जगत का सबसे बड़ा संघ है. इनमें जुड़े हुए पैर (Jointed legs) पाए जाते हैं और इनका परिसंचरण तंत्र खुला (Open circulatory system) होता है. *उदाहरण: झींगा, तितली, मक्खी, मकड़ी, बिच्छू, केकड़ा*.
7. मोलस्का (Mollusca): इनका शरीर कोमल होता है और अधिकांश में शरीर के ऊपर एक कठोर कवच (Shell) पाया जाता है. *उदाहरण: घोंघा (Snail), ऑक्टोपस, सीप*.
8. इकाइनोडर्मेटा (Echinodermata): 'इकाइनोस' = काँटा, 'डर्मा' = त्वचा. यानी इनकी त्वचा काँटों से ढकी होती है. ये केवल समुद्र में पाए जाते हैं. *उदाहरण: स्टारफिश (तारा मछली), समुद्री अर्चिन*.
9. प्रोटोकॉर्डेटा (Protochordata): इनमें जीवन की कुछ अवस्थाओं में एक छड़ जैसी संरचना पाई जाती है जिसे नोटोकॉर्ड (Notochord) कहते हैं. *उदाहरण: बैलैनाग्लोसस*.
10. वर्टीब्रेटा (Vertebrata) — कशेरुकी: इनमें वास्तविक मेरुदंड (Spinal cord / Backbone) और अंतःकंकाल पाया जाता है.
### कशेरुकी (Vertebrata) के 5 मुख्य वर्ग
वर्टीब्रेटा को आगे 5 सबसे महत्वपूर्ण वर्गों में बांटा गया है जहाँ से परीक्षाओं में सबसे ज्यादा सवाल आते हैं:
1. मत्स्य (Pisces/Fishes): ये मछलियाँ हैं जिनकी त्वचा शल्कों से ढकी होती है. ये पानी में घुली ऑक्सीजन के लिए क्लोम (Gills) से सांस लेती हैं. इनका हृदय द्विकक्षीय (2-chambered) होता है और ये असमतापी (Cold-blooded) होती हैं.
2. जल-स्थलचर (Amphibia): ये जल और थल दोनों पर रह सकते हैं. इनमें शल्क नहीं होते, बल्कि त्वचा पर श्लेष्म ग्रंथियां होती हैं. इनका हृदय त्रिकक्षीय (3-chambered) होता है. *उदाहरण: मेंढक, टोड, सैलामेंडर*.
3. सरीसृप (Reptilia): ये रेंगकर चलने वाले जीव हैं. इनका शरीर शल्कों से ढका होता है और ये फेफड़ों से सांस लेते हैं. इनका हृदय भी त्रिकक्षीय (3-chambered) होता है, लेकिन अपवाद स्वरूप मगरमच्छ (Crocodile) का हृदय चार कक्षीय (4-chambered) होता है (यह BPSC में कई बार पूछा गया है). *उदाहरण: साँप, कछुआ, छिपकली, मगरमच्छ*.
4. पक्षी (Aves): ये समतापी (Warm-blooded) प्राणी हैं. इनका हृदय चार कक्षीय (4-chambered) होता है. इनके आगे वाले पैर पंखों में बदल जाते हैं और शरीर परों से ढका होता है.
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यह बिल्कुल स्वाभाविक है कि यह अध्याय आपको कठिन लग रहा है। जीव विज्ञान (Biology) के इस विषय में बहुत सारे वैज्ञानिक नाम और जटिल वर्गीकरण हैं, जिससे अक्सर छात्र परेशान हो जाते हैं। लेकिन BPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से यह चैप्टर सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में मुख्य रूप से लक्षणों के आधार (Basis of classification), पाँच जगत (Five Kingdoms), और पादप व जंतु जगत की मुख्य विशेषताओं से सीधे सवाल पूछे जाते हैं। आइए इसे एकदम आसान भाषा और मुख्य परीक्षा-उपयोगी बिंदुओं (Exam-oriented points) में समझते हैं।
## 1. वर्गीकरण का आधार और इतिहास (Basis of Classification)
संसार में करोड़ों जीव हैं, जिन्हें एक-एक करके पढ़ना असंभव है. इसलिए वैज्ञानिकों ने उनके रूप और कार्य (Laxan and behavior) के आधार पर उन्हें समूहों में बांटा.
* अरस्तू (Aristotle): इन्होंने सबसे पहले जीवों को उनके रहने के स्थान (स्थल, जल और वायु) के आधार पर बांटा था. लेकिन यह तरीका सही नहीं था, क्योंकि समुद्र में रहने वाले जीव जैसे शार्क, ऑक्टोपस और ह्वेल एक-दूसरे से बहुत अलग हैं.
* चार्ल्स डार्विन (Charles Darwin): इन्होंने 1859 में अपनी पुस्तक "दि ओरिजिन ऑफ स्पीशीज" (The Origin of Species) में 'जैव विकास' (Evolution) की अवधारणा दी. वर्गीकरण का सीधा संबंध इसी विकास से है.
* वर्गीकरण का पदानुक्रम (Hierarchy): जीवों को छोटे से छोटे समूहों में बांटते हुए हम सबसे निचली और आधारभूत इकाई तक पहुँचते हैं जिसे जाति (Species) कहते हैं.
> परीक्षा के लिए क्रम याद रखें (बड़े से छोटा): > जगत (Kingdom) \rightarrow फ़ाइलम/डिवीजन (Phylum/Division) \rightarrow वर्ग (Class) \rightarrow गण (Order) \rightarrow कुल (Family) \rightarrow वंश (Genus) \rightarrow जाति (Species).
>
## 2. व्हिटेकर का 'पाँच जगत' वर्गीकरण (Five Kingdom Classification)
राबर्ट व्हिटेकर (1969) ने सभी सजीवों को पाँच मुख्य जगत (Five Kingdoms) में विभाजित किया. BPSC में इसके मुख्य लक्षणों से सीधे प्रश्न बनते हैं:
### i. मोनेरा (Monera)
* लक्षण: ये प्रोकैरियोटी (Prokaryotic) जीव हैं, जिनमें न तो संगठित केंद्रक (Nucleus) होता है और न ही झिल्लीदार कोशिकांग. ये सभी एककोशिक होते हैं.
* उदाहरण: जीवाणु (Bacteria), नील-हरित शैवाल (Cyanobacteria), माइकोप्लाज्मा.
### ii. प्रोटिस्टा (Protista)
* लक्षण: ये यूकैरियोटी (Eukaryotic) हैं (यानी केंद्रक विकसित होता है) लेकिन ये भी एककोशिक होते हैं. इनमें चलने के लिए बाल जैसी संरचनाएं पाई जाती हैं जिन्हें *सीलिया* या *फ्लैजेला* कहते हैं.
* उदाहरण: अमीबा (Amoeba), पैरामीशियम, युग्लीना.
### iii. फंजाई / कवक (Fungi)
* लक्षण: ये विषमपोषी (Heterotrophic) यूकैरियोटी जीव हैं. ये सड़े-गले कार्बनिक पदार्थों पर निर्भर रहते हैं, इसलिए इन्हें मृतजीवी (Saprophytes) भी कहते हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात—इनकी कोशिका भित्ति (Cell wall) काइटिन (Chitin) नामक जटिल शर्करा की बनी होती है.
* उदाहरण: यीस्ट, मोल्ड, मशरूम.
* नोट (BPSC Special): कवक जब नील-हरित शैवाल के साथ मिलकर सहजीविता (Symbiosis) बनाते हैं, तो उसे लाइकेन (Lichen) कहा जाता है. यह वायु प्रदूषण का सूचक भी होता है.
### iv. प्लांटी (Plantae) — पादप जगत
* इसमें कोशिका भित्ति वाले बहुकोशिक यूकैरियोटी जीव आते हैं जो प्रकाश-संश्लेषण (Photosynthesis) द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाते हैं (स्वपोषी).
### v. एनिमेलिया (Animalia) — जंतु जगत
* इसमें बिना कोशिका भित्ति वाले बहुकोशिक यूकैरियोटी जीव आते हैं जो भोजन के लिए दूसरों पर निर्भर रहते हैं (विषमपोषी).
## 3. पादप जगत का वर्गीकरण (Classification of Plants)
पादप जगत को मुख्य रूप से 5 भागों में बांटा गया है, इन्हें सरल से जटिल के क्रम में समझें:
| पादप वर्ग | मुख्य लक्षण | उदाहरण |
|---|---|---|
| 1. थैलोफाइटा (Thallophyta) | इनका शरीर जड़, तना, पत्ती में विभाजित नहीं होता (केवल थैलस जैसा). इन्हें सामान्यतः शैवाल कहते हैं और ये जल में पाए जाते हैं. | यूलोथ्रिक्स, क्लैडोफोरा, स्पाइरोगाइरा. |
| 2. ब्रायोफाइटा (Bryophyta) | इन्हें पादप वर्ग का उभयचर (Amphibians of Plant Kingdom) कहा जाता है. शरीर में जल के संवहन के लिए विशिष्ट ऊतक (Vascular tissues - Xylem/Phloem) नहीं होते हैं. | मॉस (फ्यूनेरिया), मार्केशिया. |
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