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■ राजस्थान में भू-जल संसाधन रिपोर्ट 2020🔰
🔹 कुल ब्लॉक की संख्या - 295
🔶 2017 एवं 2020 की रिपोर्ट के तुलनात्मक तथ्य :―
🔶 2017 में राज्य में 45 सुरक्षित भू-जल ब्लॉक थे, जो 2020 में 37 रह गए है।
🔷 2017 में 185 भू-जल ब्लॉक अत्यधिक दोहित श्रेणी में थे , जो 2020 में बढकर 203 हो गए है।
🔷 2017 और 2020 की रिपोर्ट में उल्लिखित है कि राज्य में तीन ब्लॉक लवणीय है―
(1) तारानगर , चुरू
(2) खाजूवाला , बीकानेर
(3) रावतसर , हनुमानगढ़
🔶 भू-जल का सर्वाधिक दोहन क्रमशः जयपुर , जोधपुर ,अलवर में हो रहा है।
🔷 जिलों के संदर्भ में देखे तो राज्य के 29 जिलें अतिदोहित क्षेत्र में है, बांसवाड़ा, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और डूंगरपुर में भू-जल की स्थिति ठीक है।
🔷 रिपोर्ट के अनुसार 2017 में भूजल का दोहन लगभग 139 प्रतिशत था, जो 2020 में लगभग 134 प्रतिशत यानी 5 प्रतिशत कम दर्ज हुआ है।
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केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान – अविकानगर जिला टौंक
केन्द्रीय सूखा क्षेत्र अनुसंधान संस्थान – जोधपुर
राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केन्द्र – सेवर जिला भरतपुर
राष्ट्रीय ऊँट अनुसंधान केंद्र – जोहड़बीड़, बीकानेर
सुदूर संवेदन केन्द्र – जोधपुर
अखिल भारतीय खजूर अनुसंधान केन्द्र – बीकानेर
राष्ट्रीय मरु बागवानी अनुसंधान केन्द्र – बीकानेर
राजस्थान कृषि विपणन अनुसंधान संस्थान – जयपुर
केन्द्रीय पशुधन प्रजनन फार्म – सूरतगढ़ जिला गंगानगर
राजस्थान राजस्व अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान – अजमेर
राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् – उदयपुर
राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान, जयपुर
माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं सर्वेक्षण संस्थान – उदयपुर
राष्ट्रीय मसाला बीज अनुसंधान केन्द्र – अजमेर
अरबी फारसी शोध संस्थान – टौंक
राजकीय शूकर फार्म – अलवर
एमएसएमई विकास संस्थान (एमएसएमई-डीआई), जयपुर
राष्ट्रीय मृदा सर्वेक्षण ब्यूरो का उदयपुर स्थित पश्चिम क्षेत्रीय केंद्र
सेन्ट्रल इंस्टिटयूट ऑफ प्लास्टिक्स इंजीनियरिंग एण्ड टेक़्नोलॉजी (सिपेट)
केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान – अविकानगर, मालपुरा टौंक
बकरी विकास एवं चारा उत्पादन परियोजना (स्विट्जरलैंड के सहयोग से) – रामसर, अजमेर
केन्द्रीय ऊन विकास बोर्ड – जोधपुर
राज्य स्तरीय भेंस प्रजनन केन्द्र – वल्लभनगर उदयपुर
भेड़ रोग अनुसंधान प्रयोगशाला – जोधपुर
भेड़ एवं ऊन प्रशिक्षण संस्थान – जयपुर
राष्ट्रीय घोड़ा अनुसंधान केन्द्र – बीकानेर
सौर वेधशाला – उदयपुर
शुष्क वन अनुसंधान संस्थान ARID FOREST RESEARCH INSTITUTE (AFRI) – जोधपुर
राष्ट्रीय बीज मसाला अनुसंधान केन्द्र, तबीजी, अजमेर
राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र, बीकानेर
राष्ट्रीय आयुर्वेद शोध संस्थान – जयपुर
केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग शोध संस्थान (सीरी) – पिलानी
सिरेमिक विद्युत अनुसंधान एवं विकास केंद्र , सीईआरडीसी, बीकानेर
भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण पश्चिमी क्षेत्रीय केंद्
Defence Laboratory, Jodhpur (DLJ) – रक्षा प्रयोगशाला जोधपुर (डीएलजे)
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राजस्थान की कौनसी एकमात्र लोक देवी है जिसकी पूजा खंडित प्रतिमा के रूप में की जाती है?
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चाकसू स्थित शीतला माता के मंदिर का निर्माण किसने करवाया था?
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किस लोक देवी के मंदिर में सावन भादो नामक दो कड़ाईया रखी गई है?
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राजस्थान में चूहों वाली देवी के रूप में कौनसी लोक देवी प्रसिद्ध है?
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राजस्थान को प्रमुखतः कितने भौतिक विभागों में विभक्त कर सकते हैं?
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निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
(1) अरावली पर्वत श्रेणियाँ विश्व की प्राचीनतम है।
(2) अरावली प्रदेश अधात्विक खनिजों में सम्पन्न है। (3) अरावली राजस्थान में एक जल विभाजक का कार्य करते हैं। सही उत्तर का चयन नीचे दिए गये कूट से कीजिए-
