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मनुस्मृति और आधुनिक तकनीक: चेतावनी और सच्चाई

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मनुस्मृति और आधुनिक तकनीक: चेतावनी और सच्चाई https://youtube.com/shorts/ecOyeMD4huM?si=dbNQmk5wFoasvSOD "हमारे यहाँ मनु जी की बात कहकर मैं प्रवचन को विराम दे रहा हूँ। जवाहरलाल विश्वविद्यालय के नादान बच्चों ने मनुस्मृति को जला दी, समझ गए? नादान बच्चे ठहरे! मनुस्मृति पूरी हमको समय मिले तो 'मनु दर्शन' नामक कम से कम 50-60 पृष्ठों का एक छोटा सा ग्रंथ, निबंध लिखूँगा समय मिले तक। ​अभी हमने क्या संकेत किया? केवल हम मनुस्मृति का इतना सा वचन बोलते हैं, पूरा वचन भी नहीं। मनुस्मृति के 11वें अध्याय, 63वें श्लोक का छोटा सा अंश— "महायन्त्रप्रवर्तनम्"। मनु जी ने क्या कहा? विश्वयुद्ध को मोल लेना हो तो, महामारी को मोल लेने हों तो, निर्धनता को मोल लेना हो तो, आर्थिक विपन्नता और अनावश्यक विषमता को मोल उद्भाषित करने हों तो... ​...और वृष्टि के, सुवृष्टि के स्रोत को विलुप्त करना हो तो, विविध स्थावर-जंगम प्राणियों की प्रजातियों को विलुप्त करना हो तो, महायंत्रों का आविष्कार और प्रयोग करो! अब चुनौती मैं दे रहा हूँ, सावधान! महायंत्रों का प्रचुर आविष्कार और प्रयोग भी होता रहेगा... ​...भाषा समझ में आ रही है ना? महायंत्रों का प्रचुर आविष्कार और प्रयोग भी होता रहेगा, और कोई दिव्य वस्तु और दिव्य व्यक्ति भी शेष रहेगा— ईश्वर के संकल्प से बीज रक्षा तो होगी, लेकिन कोई दिव्य वस्तु और व्यक्ति भी शेष रहेगा, कल्पना मत कीजिए! फिर से सुनिए, यह सब बातें कहीं से निकलती नहीं, केवल हम लोगों के यहाँ से निकलती हैं। हमारी भावना हजारों मुख से यह बात निकले! फिर से सुनिए— महायंत्रों का प्रचुर आविष्कार और प्रयोग भी होता रहेगा, और कोई दिव्य वस्तु और दिव्य व्यक्ति भी शेष रह जाए, असंभव!" #हिन्दूराष्ट्र #गो_हत्या_बंद
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जीवन में संतुलन का महत्व
जीवन में संतुलन का महत्व
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मंदिर कोई कंपनी नहीं, जिसे रिटायर अफसर चलाए - मंदिर हमारी आस्था है, इसे धर्माचार्य ही चलाएंगे! आज देश के करोड़ों सनातनी एक ही सवाल पूछ रहे हैं - आर्मी चीफ को मंदिर का CEO बनाने का क्या औचित्य है? सनातन धर्म के सबसे बड़े आचार्य शंकराचार्य जी को क्यों नहीं? आर्मी चीफ को मंदिर संचालित करने का क्या अनुभव है? सेना के शौर्य को हम नमन करते हैं, उनका कार्य देश की सीमा की रक्षा है। पर मंदिर चलाना, मठ चलाना, परम्परा और पूजा-पद्धति चलाना - ये धर्म का विषय है, मैनेजमेंट का नहीं। देश में चार शंकराचार्य हैं - यही सनातन धर्म के स्तंभ हैं। इनके पास हजारों मठ, मंदिर और गौशालाओं को चलाने का सदियों का अनुभव है। फिर आज मंदिरों की जिम्मेदारी इन्हें क्यों नहीं दी जा रही? उनके अनुभव पर प्रश्न चिन्ह क्यों? हमारी मांग स्पष्ट है: देश के सभी प्रसिद्ध मंदिरों और मठों की जिम्मेदारी चारों शंकराचार्य जी की सर्वसम्मति से तय की गई व्यवस्था को सौंपी जानी चाहिए। मंदिरों को किसी पार्टी का कार्यालय मत बनाइए। मंदिरों का प्रबंधन सरकार या पार्टी नहीं, चारों शंकराचार्य तय करेंगे - तभी सनातन की गरिमा बचेगी। क्या ये करोड़ों सनातनियों का अपमान नहीं है कि धर्माचार्यों को बाहर रखा जाए? मैं पूज्य चारों शंकराचार्य जी के साथ हूँ। ये लड़ाई किसी व्यक्ति की नहीं, करोड़ों सनातनियों के सम्मान की है। जय सनातन! जय गौ माता! #Shankaracharya #SanatanDharma #CharoShankaracharya #MandirMamla #SanatanKiGarima #GauSansad #GauriganjAmethi #Dharmacharya #HinduMandir
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​लोग सच्चे गुरु को दुश्मन क्यों मानते हैं?
​लोग सच्चे गुरु को दुश्मन क्यों मानते हैं?
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​लोग सच्चे गुरु को दुश्मन क्यों मानते हैं? अपना गुरु ही सबसे बड़ा दुश्मन हो जाता है अगर वो अहंकार पे चोट मारे तो। समझ गए? ​गुरु बनाते हैं या दुश्मन? उसी गुरु को चेले पसंद करते हैं जो गुरु झूठ बोलने का, चोरी करने का, दुराचार करने का... हां-हां, हमको रुपया देते रहो, सब ठीक है। ​जो गुरु जीवन को चेक करते हैं, निरीक्षण करते हैं— "यह अहंकार छोड़ो, आलस्य छोड़ो, प्रमाद छोड़ो, सबके हित के लिए जीवन यापन करो।" वो गुरु चेलों के द्वारा त्याग दिए जाते हैं। प्रायः चेले उनका दुश्मन बन जाते हैं। ​गुरु का सबसे बड़ा तप क्या है? यह भी मैं कह दूं। कान खोलकर सुन लीजिए। हम किसी... हम माने निश्चलानंद नहीं, जो जिनको भी यह ज्ञान-विज्ञान प्राप्त है। हम किसी से 1 मिनट बात कर लें, तो उसका अर्थ क्या होता है? यह तो वृंदावन में भी साथ में थे ना विद्यार्थी जीवन में यह सब। ​तीन-तीन साल प्रतीक्षा करने पर मैंने 5 मिनट समय दिया है लोगों को। शंकराचार्य होने के बाद मैं सुलभ आपको दिख रहा हूं, समझ गए? मुझसे समय लेना... बहुत तीन-तीन साल प्रतीक्षा करने पर 5 मिनट का समय! नहीं तो जब हम घूमने जाते हैं, उस समय कोई बात करनी हो भगवान की, तो चर्चा करो। मेरे पास 2 मिनट समय नहीं। ​तो सिद्ध महा... "यस्य ज्ञानमयं तपः"। महापुरुषों का अनुग्रह क्या है? चंदा-चिट्ठा बटोरने के लिए नहीं, उनका अनुग्रह यह है कि किसी जीव को जीव समझ लें! उनकी दृष्टि में सब भगवत्स्वरूप होते हैं। किसी जीव को जीव दृष्टि से निहार दें, उसके उद्धार का व्रत ले लें, सबसे बड़ा उनका तप है। समझ गए? समझ गए? ​गुरु दक्षिणा लेने के लिए घूमना, रुपया लेने के लिए घूमना अलग चीज है। वो गुरु बहुत सुखी रहते हैं, उनको करोड़ों रुपये लोग दे देते हैं, अरबों रुपये दे देते हैं। "जैसे भी कमाओ, कमाते रहो। हमारा जरा ध्यान रखो।" समझ गए ना? ​लेकिन जो जी- जीवन को चेक करते हैं— "झूठ क्यों बोलते हो? अहंकार छोड़ो।" उन गुरु के यह चेले शत्रु प्रायः बन जाते हैं। ​इसलिए मैंने कहा, सबसे बड़ा गुरुओं का तप क्या है? "इस व्यक्ति का उद्धार करना है"—यह संकल्प कर लें! सबसे बड़ा गुरु का तप यह है। ​भगवान में मन को लगाकर... थोड़ी देर के लिए मन को उचटाकर आपके कल्याण की बात सोचना, यह गुरु का सबसे बड़ा तप है या नहीं? #हिन्दूराष्ट्र #गो_हत्या_बंद
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*श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव, श्रीगोवर्द्धन मठ, पुरी
*श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव, श्रीगोवर्द्धन मठ, पुरी
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​दाहिने ओर (ऊंचे सिंहासन पर भगवा वस्त्रों में): पुरी के गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी महाराज। ​बीच
​दाहिने ओर (ऊंचे सिंहासन पर भगवा वस्त्रों में): पुरी के गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी महाराज। ​बीच में (सूट और नेपाली टोपी में): नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेन्द्र वीर विक्रम शाह। ​बाईं ओर (सफेद पोशाक में): पुरी के गजपति महाराज दिव्यसिंह देव।
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Govardhan Peeth strongly objects to the permission granted for the liquor shop. Several mathas, including Govardhan Peeth, be+1
Govardhan Peeth strongly objects to the permission granted for the liquor shop. Several mathas, including Govardhan Peeth, besides temples, schools and residential localities, are sit-uated within 30 to 50 metres of the proposed location.
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#हिन्दूराष्ट्र #गो_हत्या_बंद
#हिन्दूराष्ट्र #गो_हत्या_बंद
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Puri Shankaracharya Dharmendra Pradhan Meet: जन्माष्टमी पर संबलपुर सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने गोवर्धन पीठ में जगद्गुरु शंकराचा
Puri Shankaracharya Dharmendra Pradhan Meet: जन्माष्टमी पर संबलपुर सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने गोवर्धन पीठ में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का लिया आशीर्वाद। सनातन परंपरा और सामाजिक दायित्वों पर हुई चर्चा। देखिए UBC News Hindi की पूरी रिपोर्ट। @dpradhanbjp #DharmendraPradhan #PuriGovardhanPeeth #SwamiNischalanandaSaraswati #PuriJagannathDham #Janmashtami2026
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https://www.instagram.com/reel/Dc1AF-BuZxR/?igsi=ZnZpYXFyYmIzd2Vh
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43. He is the supreme embodiment of *Sthitaprajna*—living completely in the present moment while fully conscious of past, present, and future. 44. His life remains one of the ultimate guides for human action and spiritual wisdom. 🌸🙏🏻 Jai Shri Krishna 🙏
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