ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
رفتن به کانال در Telegram
1 133
مشترکین
-124 ساعت
اطلاعاتی وجود ندارد7 روز
+330 روز
آرشیو پست ها
1 132
कतरा कतरा अपनी रूह का यूं न जलाइए ,
ज़िंदगी का जो हिस्सा रहा है अब उसे बचाइए ,
मेरी बात मानिए
आप उसे भूल जाइए ..... 🍂
1 132
Repost from 💓सुकूँन 🍁
कभी शिद्दत से गर्मी, कभी बारिश की फुहारें ,
ये मई महीना, ये मोहब्बत, समझ से बाहर है हमारे!
~🏃♂️
1 132
व्यर्थ करते हो अभिमान अपने पौरुष पर,
नारी 'शक्ति' बल से नहीं समर्पण से रीझती है!
सुप्रभात🌼
~🌟✨
1 132
तेरी किताब में एक नाम महज़ हूं मैं
तो मैं तुझे एक कहानी बनने की मोहलत क्यूं दूं ,
दो कश लगाऊं और भूल जाऊं तुझे.... ?
खैर ! मैं तुझे इतना भी वक्त क्यूं दूं .... 🍁
1 132
ये जो आंखो में तुम ख्वाब लिए फिरते हो,
ये जो नासमझी से भरे चंद जवाब लिए फिरते हो!
देखना एक दिन तुम्हे वीरान कर देगी,
ये मोहब्बत में, जिसके लिए तुम गुलाब लिए फिरते हो!
~❤️♾
1 132
कुछ पा लेने की राह पर रोज़ भागते हुए भूल ही जाता है कि अपने खोए हुए हिस्से को बचा लेना ही असली पाना है ।।
Just completed 'October Junction' by Divyprakash Dubey 🌸
1 132
ज़माना भर देखने पर भी मेरे जहन से ये इरादे नहीं जाते
आम सी लड़की हूं मैं ,
और आम सी लड़कियों के लिए शहजादे नहीं आते ..... 🌙
1 132
मैं तुम्हें फिर मिलूंगी ,
इस बार तुम्हारी सी हो के...
तुम फ़िक्र बनना
मैं मिलूंगी इम्तिहान बनके
तुम ज़िक्र बनना
मैं मिलूंगी तुम्हारी जान बनके
तुम बनना समंदर
मैं मिलूंगी गहराई बेहिसाब बनके
तुम बनना रात अंधेरी
मैं मिलूंगी तुम्हे मेहताब बनके
ये दूरी बस इस एक ज़िंदगी निभानी है
तुम बनना क़िस्मत फिर
मैं मिलूंगी तुम्हे मेहरबानी बनके
ग़ज़ल के आख़िर में ,
मैं यही कहूंगी , तुम जो पढ़ रहे हो आज मुझे यूं खो के
मैं तुम्हें फिर मिलूंगी
इस बार तुम्हारी सी हो के....❤️
1 132
कर्तव्यों के उगते सूरज सा तू
और दिन भर की थकान के बाद सुकून भरी रात सी मैं,
हम मिलेंगे क्षण भर, एक पहर
किसी शाम की तरह .... ❤️
1 132
ये कैसा ख्याल है तेरा, जो मेरा हाल बदल देता है
तू दिसम्बर की तरह है, जो पूरा साल बदल देता है..!
~🪶
1 132
माँ❤️
बाजरों में घूमते हुए एक कोने पर नज़र मेरी पड़ी।
उदासियों से तपी हुई धूप में एक बूढ़ी माँ थी खड़ी।
नज़र पड़ी, मेरे हाथ पर मेरी,दोपहर दो बजा रही थी घड़ी।
मैं जा पहुँचा वहीं समीप,जहां वो बूढ़ी मां थी खड़ी।
कहने लगी मुझसे वो माँ, जीवन मे है संकट की घड़ी।
बेटी थी मैं कभी अपने घर की सबसे बड़ी।
मैंने कहा आइए आपको सड़क उस पार कर देता हूँ।
मग़र वो वही खड़े रहने की ज़िद पर थी अड़ी।
हर रोज़ उस समय, बेटा उसका वहाँ से है गुजरता।
उसे देखने हर रोज़, वो माँ होती है वहाँ खड़ी।
खुशियों का देहांत करके उदासियों में एक माँ अपने बच्चों के लिए वहां खड़ी।
मेरी आँखों ने नमी भरी और महससू किया क्यों होती है माँ इस जगत में सबसे बड़ी!
~अभिराइट्स❤️🪶
1 132
हर ठोकर ने दी नई समझदारी मुझे ,
ये मां का आंचल हैं जहां मेरा बचपना बरक़रार है।।❤️
Wishing a healthy wealthy and happy life for all Mmas
Happy Mother's day 💐
1 132
जो है सब सही है,दुनिया को सच बताना छोड़ दिया!
बहुत तकलीफें बांटी एक रोज़, फिर हमने मुस्कुराना छोड़ दिया!
~अभिमंद🩵
1 132
यार के ठुकराए लोग , कुछ यूं ज़माने से जुदा हो जाते हैं
मोहब्बत इनके लिए नर्क और जिस्मानी रिश्ते खुदा हो जाते हैं ।। 🍂
1 132
War is official now.As per being a responsible citizen we must follow the government guidelines and spread peace everywhere around us.❤️🌸 Also , Pray ....pray for those who are fighting, pray for those who are planning and most importantly pray for their families. दुआओं में बहुत ताकत होती हैं और जब आप कुछ ना कर पाएं , तो दुआ ज़रूर करें।। JAY HIND || JAY SENA 🇮🇳 #operationsindoor
1 132
मेरी लापरवाहियां चूड़ी पहनाने वाले को भी कलाई थमा देती हैं ,
और उसे मुझे छूने वाली हवा से भी नफ़रत है।।🍂
