ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
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रोज़ रात आते हो तुम ख्वाबों में मेरे
जो कभी दिन में आये तो भरम ही लगता है
एक बार देखूं , सौ बार देखूं
तुम्हे जितना देखूं , कम ही लगता है।।🥹🫠
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धर्म शौर्य और सौहार्द्र की धरती ,
किस्मत ने मेहरबान लिख दी
जाने कौनसे कर्म अच्छे लगे , कलम वाले को
जो क़िस्मत में जन्मभूमि हिंदुस्तान लिख दी 🇮🇳
HAPPY REPUBLIC DAY 🇮🇳🙏
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कुछ नशा तिरंगे की आन का है,🇮🇳👌
कुछ नशा मातृभूमि की शान का है,✌️
हम लहराएंगे हर जगह ये तिरंगा,🇮🇳
नशा ये हिन्दुस्तान की शान का है।👍
-Happy Republic Day ❤️ 🇮🇳
🌻🌹🌻🌻🌹🌻
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तारीफ़ करेगा हर कोई , तुम्हारे खूबसूरत दिल की
मगर उसे रखने का हक सिर्फ़ हमारा होगा
ग़ज़लों से उकेर देंगे हम चेहरा तुम्हारा
चाहेंगे सब
मगर उसे देखने देखने का हक सिर्फ़ हमारा होगा ।। ❤️🙈
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वन-वन घूमे , फिर भी रहे हर्षाए हैं
हुआ जहां रौशन , जगमग दीप जलाए हैं...
खुशी हैं इतनी कि सब के दिल भर आए हैं
बैठे हैं हम पलके बिछाए , मेरे राम आए हैं...
जय श्री राम 🚩
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हुस्न के दीवाने जाने कितने चलते फिरते हैं
मगर आप व्यवहार की भी सुंदरता रखिए
यहां सब चेहरे पे नहीं मरते हैं।। ❤️
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कल कुछ और थे , कुछ और आज हैं
किसी के ज़िंदगी में आने पे यूं बदले बदले
मेरे अल्फाज़ है
देखूं आईना तो हूं वही
मगर ये शख्स वही नहीं है
इतनी जल्दी बदल जाना उसूलों से
संभल मेरे दिल , ये सही नहीं है 🥲
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कुछ पल जो साथ बिताओगे मेरे
होश जो आयेगा , मैं ज़रूरत बन जाऊंगी
पसंद और इश्क़ का ख़्याल नहीं मुझे
मगर यकीन मानो आदत बन जाऊंगी
सजदे में उठेंगे हाथ तुम्हारे
मैं इबादत बन जाऊंगी
जो रहे सिर्फ़ मेरे ,
खुदा की बख्शी बरकत बन जाऊंगी
मां के सामने लेना तुम नाम मेरा
वो हां , कहेंगी और मैं इजाज़त बन जाऊंगी
हर शाम मुस्कुराना तुम साथ मेरे
यकीन मानो मैं आदत बन जाऊंगी ।। ❤️
#the_elixir 🌙
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Repost from Gulzar poetry (गुलज़ार कविता)
दुआ मांगी थी आशियाने की
चल पड़ीं आंधियां ज़माने की
मेरा गम न कोई समझ पाया
क्यूकि आदत थी मुस्कराने की.... 🥀
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जो दिल ने चाहा पहली बार आसान हो या मुश्किल ,
जब करने की ठानी तो कहां सवाल जवाब देखे
लोग करते रहे इश्क़ चांद तारों से
हमने आसमान सी ऊंचाइयां पाने के ख्वाब देखे
🥹🌈
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Repost from Gulzar poetry (गुलज़ार कविता)
क्या अजीब खेल है इस मोहब्बत का भी,
किसी को हम न मिले और कोई हमें न मिला।
~ शिवम आर्या🍁
#cvmwrites
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I just wish
जितनी आज आसमान में पतंगे हो
ज़िंदगी में आपकी उतनी उमंगे हो
Happy Makar Sankranti to u and your family. 🪁🪁🌸❤️
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इक रोज़ कलम लाएंगी बदलाव की सूरत
शब्दों से खतरनाक शरारा नहीं होता
तहज़ीब , अदब और सलीका भी तो कुछ है
हर झुका हुआ शख़्स बेचारा नहीं होता ।। ❤️
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Mahngi sasti nahi bas har chiz tumse judi chahiye
Haayyee ! Ye January ki sardi
Mujhe bas tumhara hoodie chahiye 🙈😄❄️
