ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
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آرشیو پست ها
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मुड़े मुड़े है मेरी किताब - ए - ग़ज़ल के पन्ने ,
मेरे पीछे जाने कौन पढ़ता है इन्हे ...... ❤️✍
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काबिल नहीं थे लोग , हमने वहां भी इकरार किया ,
उम्मीद नहीं थी लौटने की , हमने वहां भी इंतजार किया ... ✍
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किसी के हिस्से शख्स आ गया
किसी के हिस्से तस्वीरें
किसी की अधूरी रही मन्नतें
किसी की खिल उठी तकरीरें ..... 💙✍
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क्या फसाने है ज़िन्दगी के भी ,
अच्छे पल पेनड्राइव में
और बुरी यादें दिल में ...... 🙂✍
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दिनभर दुनियादारी का हिसाब और रात को तेरे इश्क़ का ,
ख़्याल पहले लोगों की जलन का फिर इस दिल के रिस्क का ...... 🙂✍
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साथ निभाना कुछ यूं तुम ,
जैसे स्याही कागज़ को नहीं छोड़ती .... ✒️📜
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कैसे चाहतें काम होगी मेरी उम्र के साथ ,
एक उम्र में ज़िद ओर मन्नतों का खूबसूरत तोहफा हो तुम..... ❤️✍
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आज जो जा रहे हो यूं छोड़ कर ,
मेरा नाम सुनके भी ,
मुस्कुराहट और आंसू साथ पाओगे तुम ..... 🙂✍
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हालातों के साथ कुछ यूं बदल गए
.
आज़ाद कर दिया उन्हे भी ,
जिनके जाने से हमारी जान जाया करती थी ।। 🙂✍
