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💎CTET संस्कृत Paper 2 के लिए tips and tricks 💎
CTET Paper 2 में संस्कृत को हल करना काफी आसान हो सकता है अगर आप इसे "भाषा" के बजाय "तकनीक" से हल करें। यहाँ कुछ बेहतरीन शॉर्ट ट्रिक्स दी गई हैं: 1. "कीवर्ड" (Keyword) पहचानें (Pedagogy के लिए) संस्कृत शिक्षण शास्त्र (Pedagogy) में कुछ शब्द हमेशा सही उत्तर की ओर इशारा करते हैं और कुछ गलत की ओर। सकारात्मक शब्द - इन्हें चुनें: * अवसर (Avasara): जहाँ छात्र को अवसर दिया जाए। * सृजनात्मकता (Srijanatmakta): रचनात्मकता। * विभिद-सन्दर्भेषु (Vividha-Sandarbheshu): अलग-अलग संदर्भों में भाषा का प्रयोग। * छात्रकेन्द्रित (Chhatrakendrit): बाल-केंद्रित शिक्षा। * बहुभाषिकता (Bahubhashikta): इसे हमेशा एक 'संसाधन' (Resource) के रूप में देखें। नकारात्मक शब्द (Negative Keywords) - इनसे बचें: * केवलम् / मात्रम् (Kevalam): सिर्फ या केवल। * कण्ठस्थीकरणम् (Kanthasthikarana): रटना या याद करना। * दण्डम् (Dandam): सजा देना। * व्याकरण-नियमा: (Vyakarana-Niyamah): नियमों पर बहुत ज्यादा जोर देना। 2. गद्यांश/पद्यांश (Passage) हल करने की ट्रिक * पहले प्रश्न पढ़ें: पूरा पैराग्राफ पढ़ने में समय बर्बाद न करें। पहले प्रश्न पढ़ें, फिर उसमें से एक 'मुख्य शब्द' चुनें। * कीवर्ड खोजें: उस मुख्य शब्द को पैराग्राफ में ढूँढें। जहाँ वह शब्द मिलेगा, उसके आस-पास की 1-2 लाइनों में ही आपका उत्तर होगा। * शीर्षक (Title): यदि शीर्षक पूछा जाए, तो पैराग्राफ की पहली और आखिरी दो लाइनें पढ़ें। जो शब्द बार-बार आए, वही शीर्षक है। 3. प्रत्यय (Suffix) की जादुई ट्रिक संस्कृत व्याकरण में प्रत्यय से 2-3 सवाल पक्के होते हैं। बस शब्द का आखिरी हिस्सा देखें: * अगर शब्द के पीछे त्वा (tva) है \rightarrow क्त्वा प्रत्यय (जैसे: पठित्वा)। * अगर शब्द के पीछे तुम् (tum) है \rightarrow तुमुन् प्रत्यय (जैसे: पठितुम्)। * अगर शब्द के पीछे य (ya) है \rightarrow ल्यप् प्रत्यय (जैसे: विहस्य)। * अगर शब्द के पीछे ता (ta) है \rightarrow तल् प्रत्यय (जैसे: मानवता)। 4. विभक्ति पहचानने का आसान तरीका * अस्य (asya): इसका मतलब है 'का/की/के' (जैसे: बालकस्य = बालक का)। * ए (e): इसका मतलब है 'में/पर' (जैसे: बालके = बालक में)। * एन (ena): इसका मतलब है 'से/के द्वारा' (जैसे: बालकेन = बालक से)। 5. सबसे बड़ा विकल्प (The Longest Option) अगर आप किसी पेडागोजी प्रश्न में बुरी तरह फंस गए हैं और समझ नहीं आ रहा, तो अक्सर वह विकल्प सही होता है जो सबसे विस्तृत (Longest) और सकारात्मक अर्थ वाला होता है। (यह ट्रिक तभी अपनाएं जब कुछ समझ न आए)। 6. संधि और समास का जुगाड़ * दीर्घ संधि: शब्द के बीच में आ (ा), ई (ी), ऊ (ू) की मात्रा हो (जैसे: विद्यालय)। * गुण संधि: शब्द के ऊपर एक मात्रा (ए या ओ) हो (जैसे: उपेन्द्र, महोदय)। * वृद्धि संधि: शब्द के ऊपर दो मात्राएँ (ऐ या औ) हों (जैसे: सदैव)।Join: @L2Classes
💎CTET के इन तीन मनोवैज्ञानिकों (Piaget, Vygotsky, Kohlberg) से हर साल 5 से 8 नंबर के सवाल आते हैं। इन्हें समझने की "शॉर्टकट ट्रिक" 💎👇🏻
1. जीन पियाजे (Jean Piaget) - "नन्हा वैज्ञानिक" पियाजे कहते हैं कि बच्चा जैसे-जैसे बड़ा होता है, उसका दिमाग विकसित होता है। 👉ट्रिक कीवर्ड: परिपक्वता (Maturation), स्वयं से सीखना, खोजबीन। 👉4 अवस्थाएं (याद करने की ट्रिक: S P C F) 👉S (Sensorimotor - 0-2 वर्ष): इंद्रियों (आंख, कान, नाक) से सीखना। (वस्तु स्थायित्व/Object Permanence)। 👉P (Pre-operational - 2-7 वर्ष): बच्चा अहंकारी होता है (Ego-centric), उसे लगता है सब उसे देख रहे हैं। जीववाद (सजीव-निर्जीव में फर्क न कर पाना)। 👉C (Concrete - 7-11 वर्ष): तर्क करना शुरू (Logic), लेकिन सिर्फ सामने रखी चीजों पर। 👉F (Formal - 11+ वर्ष): अमूर्त सोच (Abstract thinking) - बिना देखे भी चीजों के बारे में सोचना। 2. लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) - "समाज और सहारा" वाइगोत्स्की मानते हैं कि बच्चा अकेले नहीं, समाज और बड़ों की मदद से सीखता है। 👉ट्रिक कीवर्ड: समाज (Social), संस्कृति (Culture), भाषा (Language), परस्पर अंतःक्रिया। * तीन मुख्य शब्द: * ZPD: वह अंतर जो बच्चा खुद कर सकता है और जो किसी की मदद से कर सकता है। * Scaffolding (पाड़/ढांचा): शुरुआत में दी जाने वाली अस्थायी मदद (जैसे साइकिल सिखाते समय पीछे से पकड़ना)। * MKO: वह व्यक्ति जिसे बच्चे से ज्यादा ज्ञान हो (शिक्षक या माता-पिता)। 3. लॉरेंस कोहलबर्ग (Kohlberg) - "सही और गलत" इन्होंने नैतिकता (Morality) के बारे में बताया। * ट्रिक कीवर्ड: नैतिक दुविधा (Hienz की कहानी), सही और गलत का निर्णय। * 3 स्तर (Levels): * पूर्व-पारंपरिक: डर से नियम मानना (दंड और आज्ञाकारिता) या 'जैसे को तैसा'। * पारंपरिक: अच्छा लड़का/अच्छी लड़की बनने के लिए नियम मानना या समाज के नियमों का पालन करना। * उत्तर-पारंपरिक: खुद के नियम बनाना, मानवता के लिए नियमों को बदल देना। 👉पियाजे –विकास/अवस्था/स्वयं | उम्र के साथ अपने आप | 👉वाइगोत्स्की – समाज/मदद/सहयोग | दूसरों के साथ मिलकर | 👉कोहलबर्ग –नैतिकता/नियम/दुविधा | समाज के नियमों और विवेक से | एक बोनस टिप: अगर प्रश्न में "निजी भाषण" (Private Speech) आए, तो उत्तर वाइगोत्स्की होगा। अगर "अहं-केंद्रित वाक्" (Egocentric Speech) आए, तो उत्तर पियाजे होगा। Join- @L2Classes
